कहते हैं सबूत लाओ ,,,तब लेंगे एक्शन
फरीदाबाद, 30 अप्रैल
(रूपेश कुमार )। हर साल की तरह इस साल भी प्राइवेट स्कूल संचालकों ने गैर जरूरी प्राइवेट प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदवा के बच्चों के मासूम कंधों पर बस्ते का बजन बढ़ा दिया है। इसको लेकर मुख्यमंत्री ने नाराजगी प्रकट करते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने कहा है कि सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी प्राइवेट स्कूलों खासकर सीबीएसई वालों में जाकर प्रत्येक क्लास के बच्चों के बस्ते का वजन माप रहे हैं और एनसीईआरटी की जगह लगाई गई प्राइवेट प्रकाशकों की किताबों को चेक कर रहे हैं। निर्धारित किए गए बस्ते का वजन ज्यादा मिलने पर और प्राइवेट प्रकाशकों की किताबें मिलने पर उस स्कूल के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शिक्षा निदेशक पंचकूला को रिपोर्ट भेज रहे हैं। मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा व लीगल एडवाइजर एडवोकेट बीएस विरदी ने कहा है कि जिला शिक्षा अधिकारी फरीदाबाद इस विषय पर कोई भी उचित कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। मंच ने कई बार उनको पत्र लिखकर प्राइवेट स्कूलों द्वारा बच्चों के बस्ते का वजन बढ़ाने व प्राइवेट प्रकाशकों की किताबें लगाने की जांच करने को कहा है। इस विषय पर उनसे दूरभाष पर भी बात की है लेकिन उनका कहना है कि “पहले सबूत लायो”तब एक्शन लेंगे।
कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। मंच ने बुधवार को एक और पत्र जिला शिक्षा अधिकारी व चेयरमैन FFRC कम मंडल कमिश्नर को लिखा है जिसमें मांग की है कि प्राइवेट स्कूलों में जाकर बच्चों के बस्ते का वजन मापा जाए और बस्ते में रखी प्राइवेट प्रकाशकों की किताबों की जांच की जाए। जांच के बाद अगर बस्ते का वजन निर्धारित किए गए बजन से ज्यादा मिलता है और प्राइवेट प्रकाशकों की किताबें मिलती हैं तो उस स्कूल के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शिक्षा निदेशक पंचकूला को रिपोर्ट भेजी जाए। पत्र की प्रति मुख्यमंत्री,शिक्षा मंत्री,शिक्षा सचिव व शिक्षा निदेशक को भेजी गई है।
*तीसरी से पांचवीं के लिए 2-3 किलो,
*छठी और सातवीं के लिए 4 किलो,
*आठवीं और नौवीं के लिए 4.5 किलो,
*10 वीं से 12 वीं का 5 किलो


