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Thursday, August 6, 2026
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हरियाणा में गुंडा राज – BJP सरकार की नाकामी से पूरा प्रदेश त्राहिमाम : रणदीप सुरजेवाला

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हरियाणा में ‘जंगलराज’ और ‘गैंगस्टरों का राज’: भाजपा सरकार की नाक के नीचे लहूलुहान हो रहा है प्रदेश

चंडीगढ़। हरियाणा प्रदेश में आए दिन हो रही आपराधिक वारदातों को लेकर कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद रणदीप सुरजेवाला ने नायब सैनी सरकार तीखा हमला बोला है। सुरजेवाला ने कहा है कि
हरियाणा में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। नायब सिंह सैनी सरकार के संरक्षण में अपराधियों, गैंगस्टरों और रंगदारी मांगने वालों का खुला तांडव चल रहा है। आज प्रदेश का कोई भी कोना सुरक्षित नहीं बचा है। दिनदहाड़े थानों के सामने गोलियां चल रही हैं, धार्मिक यात्राओं पर फायरिंग हो रही है, और व्यापारियों से करोड़ों की रंगदारी मांगी जा रही है। मनोहर लाल खट्टर से लेकर नायब सैनी तक, भाजपा के राज में हरियाणा ‘अपराध का हब’ बन चुका है। हरियाणा में अब सरकार का नहीं, बल्कि गैंगस्टरों का सिक्का चल रहा है। नायब सैनी की भाजपा सरकार के राज में हरियाणा अपराधियों का अड्डा बन चुका है। दिन-दहाड़े हत्या, रात में फायरिंग, कांवड़ यात्रा पर हमला, व्यापारियों से करोड़ों की रंगदारी – और सरकार आंकड़े छिपाने में लगी है। ये कोई एक-दो घटनाएं नहीं हैं। ये भाजपा सरकार की नाकामी का सबूत हैं। बदमाशों के हौसले आसमान पर हैं और मुख्यमंत्री नायब सैनी कुर्सी बचाने में व्यस्त हैं।

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सांसद रणदीप सुरजेवाला ने प्रदेश में हो रही आपराधिक वारदातों का जिक्र करते हुए कहा कि
दादरी में सिटी थाने के ठीक सामने ताबड़तोड़ 30 राउंड फायरिंग हुई, जिसमें 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जब थाने के सामने ही लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो पूरे प्रदेश की सुरक्षा भगवान भरोसे है।उन्होंने कहा कि हिसार में सावन के पवित्र महीने में कांवड़ियों की भीड़ पर बदमाशों ने अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। विधायक सावित्री जिंदल के अस्पताल के पास हुई इस खूनी वारदात में एक पति-पत्नी और उनकी 12 साल की मासूम बच्ची को गोली लगी। हरियाणा में अब धार्मिक आस्था रखना, त्योहार मनाना और पूजा करना भी जानलेवा हो गया है! सुरजेवाला ने एक और वारदात का जिक्र करते हुए कहा कि करनाल में भगवाड़िया गैस एजेंसी के पास सरेआम स्कूटी सवार युवक की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिसकी कुछ समय पहले ही शादी हुई थी। यमुनानगर के संतपुरा गुरुद्वारा के पास दोपहर के तीन बजे प्रॉपर्टी डीलर शिव कुमार की ईंट मार-मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। अपराधियों में पुलिस और कानून का रत्ती भर भी डर नहीं बचा है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि नायब सैनी सरकार में प्रदेश में रंगदारी उद्योग बन चुका है। हरियाणा भाजपा सरकार ने गैंगस्टरों को खुली छूट दे रखी है, जिससे प्रदेश का हर छोटा-बड़ा व्यापारी खौफ के साए में है। रंगदारी और फिरौती की घटनाओं का जिक्र करते हुए सुरजेवाला ने कहा कि यमुनानगर में प्रॉपर्टी डीलर से गोल्डी बराड़ के नाम पर 3 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई।सिरसा में कपड़ा व्यापारी से लॉरेंस गैंग के नाम पर 1 करोड़ रुपये की मांग और जान से मारने की धमकी मिली।हिसार में विहिप जिलाध्यक्ष और रियल एस्टेट कारोबारी सुरेंद्र जांगड़ा को पुर्तगाल और विदेशी नंबरों से 2 करोड़ रुपये की रंगदारी के लिए दोबारा धमकी दी गई। इससे पहले हिसार के ही क्लॉथ मार्केट में कपड़ा व्यापारी सुभाष से 5 करोड़ मांगे गए थे।सफ़ीदों (जींद) में दो व्यापारियों (मुर्गी फीड फैक्ट्री संचालक और प्रॉपर्टी डीलर) से गैंगस्टर गिल्ली राणा और रोहित गोदारा के नाम पर 6 करोड़ रुपये (5 करोड़ और 1 करोड़) की भारी-भरकम रंगदारी मांगी गई। सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा में हर रोज हत्याएं, लूट और फिरौती हो रही है। व्यापारी और उद्योगपति आज पलायन करने को मजबूर हैं। जेलों में बैठे अपराधी सरेआम विदेशी नंबरों और वॉट्सऐप कॉल के जरिए रंगदारी मांग रहे हैं, और गृह विभाग पूरी तरह सोया हुआ है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कानून-व्यवस्था को संभाल पाने में अपनी नाकामी स्वीकार करें और तुरंत इस्तीफा दें।रंगदारी और फिरौती के मामलों की जांच के लिए तुरंत एक हाई-लेवल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का गठन हो, जो विदेशी नंबरों के नेटवर्क को क्रैक करे।पीड़ित व्यापारियों और आम जनता को तुरंत सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

प्रदेश में हो रही आपराधिक वारदातों पर मुख्यमंत्री नायब सैनी जी,जो गृह मंत्री भी हैं, केवल चुप्पी साधे हुए हैं। प्रदेश के गुंडाराज के लिए मुख्यमंत्री सीधे जवाबदेह भी है और जिम्मेदार भी।

हरियाणा की जनता पूछ रही है – क्या यही है भाजपा का “सुरक्षित हरियाणा”? जहां सड़कें अपराधियों के कब्जे में हैं और सरकार गद्दी बचाने में लगी है?

क्या यही है भाजपा की “कानून के राज” की गारंटी? जहां थाने के सामने गैंगवार हो और सरकार सोई रहे?

मुख्यमंत्री नायब सैनी से 3 सवाल:-

  1. जब प्रदेश की सड़कें अपराधियों के कब्जे में हैं, तो आप गृह मंत्री की कुर्सी पर क्यों बैठे हैं?
  2. कांवड़ियों, महिलाओं, बच्चों की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा?
  3. “सुरक्षित हरियाणा” का नारा कब तक झूठ बोलकर जनता को धोखा दोगे?

प्रदेश की जनता की सुरक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी की ओर से हमारी कुछ मांगें:-

  1. मुख्यमंत्री नायब सैनी तुरंत गृह विभाग से इस्तीफा दें। नैतिक जिम्मेदारी लें।
  2. 7 दिन में SIT बनाकर मामले में अपराधियों को गिरफ्तार किया जाए।
  3. प्रदेश में अवैध हथियार और गैंगस्टरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए।
  4. व्यापारियों, दुकानदार और कारोबारियों को सुरक्षा दी जाए। रंगदारी मांगने वालों के खिलाफ MISA/NSA के तहत कार्रवाई हो।
  5. कांवड़ यात्रा और धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त बल तैनात हो।

बूथ स्तर तक कांग्रेस को मजबूत करें नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्ष: दीपेंद्र हुड्डा

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फरीदाबाद के 6 नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों ने दिल्ली में सांसद दीपेंद्र हुड्डा से की मुलाकात, संगठन को मजबूती देने का लिया संकल्प

फरीदाबाद। प्रदेश कांग्रेस द्वारा फरीदाबाद जिला कांग्रेस के छह नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों ने बुधवार को कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के दिल्ली स्थित आवास पर पहुंचकर उनका आभार व्यक्त किया। इस दौरान सभी नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का संकल्प दोहराया। पूर्व विधायक नीरज शर्मा, बल्लभगढ़ से कांग्रेस की पूर्व प्रत्याशी पराग शर्मा, तिगांव से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी रोहित नागर तथा प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता तरुण तेवतिया के नेतृत्व में पहुंचे ब्लॉक अध्यक्षों में पृथला के नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मण तंवर, मोहना के ब्लॉक अध्यक्ष बंटी हुड्डा, तिगांव के ब्लॉक अध्यक्ष हातम अधाना, एनआईटी के ब्लॉक अध्यक्ष अरुण सिंह, बढ़खल एमसी-1 के ब्लॉक अध्यक्ष राकेश तथा बल्लभगढ़ एमसी-1 की ब्लॉक अध्यक्ष रितु कुंडू शामिल रहे।

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इस अवसर पर सभी ब्लॉक अध्यक्षों ने सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा का मिठाई खिलाकर स्वागत किया और उन्हें विश्वास दिलाया कि वे ब्लॉक स्तर से लेकर बूथ स्तर तक कांग्रेस संगठन को मजबूत करने में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करेंगे तथा पार्टी की नीतियों और जनहित के मुद्दों को प्रत्येक घर तक पहुंचाएंगे।

इस अवसर पर सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस की असली ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं। मजबूत संगठन ही जनता की आवाज को प्रभावी ढंग से उठा सकता है। उन्होंने कहा कि हर ब्लॉक अध्यक्ष की जिम्मेदारी है कि वह अपने क्षेत्र के प्रत्येक बूथ तक संगठन को सक्रिय करे और आमजन की समस्याओं को पार्टी मंच तक पहुंचाए।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस हमेशा जनहित, सामाजिक न्याय और विकास की राजनीति करती आई है। आज जरूरत है कि कार्यकर्ता गांव-गांव और वार्ड-वार्ड तक पहुंचकर लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनें। जनता के विश्वास और कार्यकर्ताओं की मेहनत के बल पर कांग्रेस हरियाणा में और अधिक मजबूत होकर उभरेगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल चुनाव जीतना ही नहीं, बल्कि जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना और उनके अधिकारों की मजबूती से आवाज उठाना है।”

दीपेंद्र हुड्डा ने नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संगठन में नई जिम्मेदारी के साथ उनका दायित्व भी बढ़ा है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी पदाधिकारी पूरी निष्ठा के साथ पार्टी को मजबूत करेंगे और कांग्रेस की विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में फरीदाबाद में कांग्रेस संगठन और अधिक सशक्त होगा तथा आगामी समय में पार्टी को नई मजबूती मिलेगी।

हरियाणा के खिलाड़ियों ने देश का बढ़ाया गौरव- नायब सैनी

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कॉमनवेल्थ खेलों में खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन, 13 में से 7 गोल्ड मेडल हरियाणा के नाम

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कॉमनवेल्थ खेलों में देश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों ने गौरव बढाया है। इन खेलों में देश को कुल 13 गोल्ड मेडल मिले हैं जिनमें से 7 गोल्ड मेडल हरियाणा के खिलाड़ियों ने हासिल किए है।

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मुख्यमत्री श्री नायब सिंह सैनी ने खिलाड़ियों को हृदय से बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुुए कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने प्रदेश का नाम विश्व स्तर पर चमकाने का काम किया है। इससे पहले भी अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मिलने वाले मेडलों में सर्वाधिक हरियाणा के खिलाड़ियों के नाम है। इनमें लड़कियों ने भी सबसे अधिक पदक जीते हैं। कॉमनवेल्थ खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों का बॉक्सिंग, जैवलिन में शानदार प्रदर्शन रहा है।

कॉमनवेल्थ विजेता

इनमें रेवाड़ी की पैरा एथलेटिक्स शर्मीला ने गोल्ड मेडल, भिवानी की बॉक्सर प्रीति पंवार, जैसमीन लम्बोरिया, साक्षी चौधरी, सचिन सिवाच, प्रिया घनघस व हिसार के बॉक्सर अंकुश ने गोल्ड मेडल हासिल किया है। इसी प्रकार पानीपत के जेवलीन थ्रो नीरज चौपड़ा व हांसी के बॉक्सर नरेन्द्र बेरवाल ने सिल्वर मेडल जीता है। भिवानी की एथलेटिक्स सीमा डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक विजेता बनी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉमनवेल्थ खेलों में देश के लिए कुल 13 गोल्ड में से 7 गोल्ड हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते हैं। इनमें से राज्य के खिलाड़ियों ने 7 गोल्ड, 2 रजत और 1 कांस्य पदक जीतकर पूरे हरियाणा और देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने खिलाड़ियों के अभिभावकों को भी शुभकामनाएं दी। खिलाड़ियों की यह उपलब्धियां प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार खेल और खिलाड़ियों के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य रही है और खिलाड़ियों को विशेष सुविधाएं प्रदान की। इसलिए हरियाणा को खेलों का पावर हाउस कहा जाता है और प्रदेश के खिलाड़ी हर बार इस गौरव को साबित करते हैं। उन्होंने कहा कि नई खेल नीति के तहत सरकार द्वारा कारगर उठाए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल नीति के तहत नौकरियों के अलावा नकद पुरस्कार भी प्रदान किए जाते है। इसके अलावा इंडोर स्टेडियम, सिंथेटिक ट्रैक और विश्वस्तरीय एकेडमियां बनाई जा रही हैं। गांव स्तर पर खेल नर्सरी और नए खेल मैदानों का निर्माण किया गया है। इसके अलावा व्यायामशालाएं भी खोली गई हैं।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के तहत बेटियों के लिए विशेष खेल छात्रवृत्ति और फ्री कोचिंग की सुविधाएं सुलभ करवाई जा रही हैं। “खेलेंगे हरियाणा, जीतेंगे हरियाणा” संकल्प के साथ हमारी सरकार खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं, बेहतर कोचिंग और आर्थिक सहायता देकर खेलों को नई ऊंचाई तक ले जा रही है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि हरियाणा के खिलाड़ी भविष्य में इसी तरह देश व प्रदेश के लिए और अधिक पदक जीतकर राष्ट्र की शान बढ़ाते रहेंगे। सरकार खिलाड़ियों की हर सम्भव सहायता के लिए तत्पर है।

हरियाणा का युवा जवाब चाहता है: कुमारी सैलजा

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भर्ती में पारदर्शिता, समयबद्ध रोजगार और पेपर लीक पर जवाबदेही सुनिश्चित करे सरकार

चंडीगढ़ । सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) सदस्य कुमारी सैलजा ने कहा है कि हरियाणा का युवा आज अपने भविष्य को लेकर गहरी चिंता में है। सरकारी नौकरियों की लाखों रिक्तियां वर्षों से खाली पड़ी हैं, भर्ती प्रक्रियाएं लगातार विलंब का शिकार होती रही हैं और कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं पेपर लीक, गोपनीयता भंग या गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के कारण रद्द करनी पड़ीं। इससे लाखों युवाओं का समय, धन और भविष्य प्रभावित हुआ है।

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कुमारी सैलजा ने कहा कि स्वयं मुख्यमंत्री ने दिसंबर 2025 में हरियाणा विधानसभा में स्वीकार किया कि वर्ष 2014 से 2024-25 के बीच हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में 29 एफआईआर दर्ज हुईं। सरकार ने यह भी बताया कि असिस्टेंट लाइनमैन, ग्राम सचिव और पुरुष पुलिस कांस्टेबल जैसी प्रमुख भर्ती परीक्षाओं को रद्द कर दोबारा आयोजित करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह केवल आंकड़ों का विषय नहीं है, बल्कि लाखों युवाओं के टूटे हुए विश्वास की कहानी है। जब कोई परीक्षा रद्द होती है तो अभ्यर्थी को दोबारा तैयारी करनी पड़ती है, फिर से आवेदन करना पड़ता है, यात्रा और रहने का खर्च उठाना पड़ता है तथा मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। अनेक परिवार अपने बच्चों की तैयारी पर वर्षों की कमाई खर्च करते हैं। ऐसे में सरकार की पहली जिम्मेदारी पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने से पहले युवाओं को व्यापक रोजगार के अवसर देने और पारदर्शी भर्ती का वादा किया था, लेकिन आज भी विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में स्वीकृत पद रिक्त पड़े हैं। रिक्त पदों के कारण एक ओर सरकारी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं तो दूसरी ओर योग्य युवा रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरना सरकार का संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने कौशल रोजगार और संविदा आधारित व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि स्थायी सरकारी पदों की बजाय अस्थायी व्यवस्थाओं पर अत्यधिक निर्भरता से युवाओं में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। कांग्रेस का मानना है कि जहां नियमित पद स्वीकृत हैं, वहां नियमानुसार नियमित भर्ती होनी चाहिए तथा समान कार्य करने वाले कर्मचारियों के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, तकनीकी रूप से सुरक्षित और जवाबदेह होनी चाहिए। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों की निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग, समयबद्ध जांच और दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका प्रभावी क्रियान्वयन भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवाओं का विश्वास किसी भी सरकार की सबसे बड़ी पूंजी होता है। यदि भर्ती प्रक्रिया पर ही सवाल उठने लगें तो शासन की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। इसलिए सरकार को इस विषय पर राजनीति से ऊपर उठकर सभी दलों, विशेषज्ञों और युवाओं के साथ संवाद स्थापित करना चाहिए तथा ऐसी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए जिससे भविष्य में किसी भी अभ्यर्थी को अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।

कुमारी सैलजा ने मांग की कि राज्य सरकार सभी रिक्त सरकारी पदों का अद्यतन श्वेतपत्र जारी करे, भर्ती का समयबद्ध कैलेंडर घोषित करे, लंबित भर्तियों को शीघ्र पूरा करे, परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाए तथा भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए। उन्होंने कहा कि हरियाणा का युवा केवल आश्वासन नहीं, बल्कि निष्पक्ष अवसर, पारदर्शी भर्ती और समय पर रोजगार चाहता है।

मिशन ओलम्पिक 2036 के लक्ष्य अनुसार खिलाड़ियों को किया जाएगा तैयार- नायब सैनी

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खेल सुविधाओं के लिए लगभग 800 करोड़ का किया प्रावधान

चंडीगढ़ । हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मिशन ओलम्पिक 2036 के लक्ष्य अनुसार खिलाड़ियों को ज्यादा से ज्यादा मेडल लाने के लिए राज्य में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसति करने हेतू प्रथम चरण में 11 सेंटर विकसित किए जाऐं। इसके लिए लगभग 800 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है।

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मुख्यमंत्री मिशन ओलम्पिक को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक मे हरियाणा के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन केन्द्रों में स्पोर्टस युनिवर्सिटी राई, स्टेट स्पोर्टस कॉम्पलेक्स पलवल, टीडीएल स्पोर्टस कॉम्पलेक्स पंचकूला, अम्बाला, कुरूक्षेत्र के अलावा स्पोर्टस कॉम्पलेक्स प्राईवेट अकेडमी करनाल, जीन्द, गोहाना, यमुनानगर शामिल है। बैठक के दौरान नए खिलाड़ियों को तैयार करने बारे विस्तार से चर्चा हुई जिसमें 13 से 16 वर्ष आयु वर्ग के युवा खिलाड़ी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ओलम्पिक 2036 टेलेंट मिशन के तहत स्पोर्टस युनिवर्सिटी राई को नोडल एजेंसी बनाया गया है। इसकी देखरेख खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम करेंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इन केन्द्रों में 1200 बच्चों को विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाएगा। इससे पूर्व वर्ष 2028 में होने वाले एशियन गेम्मस के लिए भी अधिक से अधिक खिलाड़ियों को तैयार करने हेतू बेहतर प्रशिक्षण की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों के लिए ओलम्पिक पदक विजेता कोच लगाए जाएगें। इसके अलावा 23 अन्य खेल सेंटर भी विकसित किए जाएगें। जिनमें खिलाड़ियों के रहने व खाने की व्यवस्था होगी।

बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव अरूण गुप्ता, आयुक्त एवं सचिव सी जी रजनीकांथन, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव डा. यशपाल, अजय कुमार, कैप्टन मनोज कुमार, निदेशक पार्थ गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

प्राकृतिक खेती विकसित भारत का सबसे मजबूत स्तंभ – नायब सैनी

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हरियाणा के हर जिला में प्रकृति श्री अन्न प्रेरक किसान कमेटी बनेगी: नायब सैनी

पंचकूला। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज एक बड़ा ऐलान किया है, उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रकृति श्री अन्न प्रेरक किसान कमेटी बनाई जाएगी, यह कमेटी हर जिला में होगी। इस कमेटी का मुख्य कार्य किसानों से संपर्क करना, उनके फार्म पर जाना और सरकार से सामंजस्य करवाकर प्राकृतिक खेती के साथ जोड़ने का कार्य होगा। यह एक तरह से प्राकृतिक खेती के प्रेरक एम्बेस्डर होंगे।

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मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी बुधवार को पंचकूला में हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा आयोजित प्राकृतिक खेती संवाद को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान किसानों से संवाद भी किया, मुख्यमंत्री ने किसानों से मिले सुझावों को जल्द पूरा करवाने की दिशा में काम करने का आश्वासन भी दिया। साथ ही उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक खेती करने वाले जिन किसानों ने गाय खरीदने के लिए सब्सिडी के लिए आवेदन किया है, उन्हें सब्सिडी जारी कर दी जाए।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती करने का एक तरीका नहीं, बल्कि किसान, प्रकृति और समाज के बीच टूट चुके संबंधों को फिर से मजबूत करने का अभियान है। यह धरती माता की सेवा, खेती की लागत कम करने, जल और मिट्टी के संरक्षण तथा आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का माध्यम है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती के ब्रांड एंबेसडर बनने का आह्वान करते हुए कहा कि अब केवल चिंतन नहीं, बल्कि अमल करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का समय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समय-समय पर किसानों से सीधा संवाद करेगी और प्राकृतिक खेती के इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक खेती पर प्रत्येक माह इसी प्रकार के संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि बड़े सेमिनारों में गुजरात के राज्यपाल आचार्य श्री देवव्रत को भी आमंत्रित किया जाएगा ताकि किसान उनके अनुभवों से लाभान्वित हो सकें।

उन्होंने कहा कि आज का सेमिनार केवल प्राकृतिक खेती की तकनीक सीखने का अवसर नहीं है, बल्कि किसान और प्रकृति के बीच सदियों पुराने अटूट रिश्ते को फिर से मजबूत करने का अभियान है। पहले खेती का संबंध धरती माता और गौ माता से था। यही संबंध किसान के जीवन में समृद्धि और खुशहाली लेकर आता था, लेकिन समय के साथ यह रिश्ता कमजोर हुआ और आज प्राकृतिक आपदाएं तथा पर्यावरणीय संकट हमारे सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़े हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव ने विकास तो किया है, लेकिन कहीं न कहीं धरती का अत्यधिक दोहन भी किया है। आज सवाल यह नहीं है कि खाद और कीटनाशकों की कमी है, बल्कि यह है कि हम आने वाली पीढ़ियों के लिए कैसी धरती और कैसा पर्यावरण छोड़कर जा रहे हैं। हमारे पूर्वज हमें भरपूर भूजल और उपजाऊ मिट्टी देकर गए थे, लेकिन आज कई क्षेत्रों में भूजल स्तर हर सीजन में 20 से 25 फुट तक नीचे जा रहा है। इस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि पहले श्रमिक मंडियों में अनाज की भारी-भरकम बोरियां आसानी से उठा लेते थे, लेकिन आज बदलती जीवनशैली, रासायनिक खेती और प्राकृतिक असंतुलन के कारण सभी के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसलिए खेती की दिशा बदलना समय की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट विजन है कि प्राकृतिक खेती 21वीं सदी की आवश्यकता है। यह केवल खेती की नई पद्धति नहीं, बल्कि धरती बचाने का अभियान है। यह किसानों की लागत कम करने, पर्यावरण संरक्षण करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए समृद्ध भारत बनाने का माध्यम है। भारतीय संस्कृति में धरती को मां का दर्जा दिया गया है और उसकी सेवा करना हम सभी का कर्तव्य है।

उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे प्राकृतिक खेती के एंबेसडर बनकर गांव-गांव लोगों को इसके लाभ बताएं। उन्होंने कहा कि केवल चर्चा करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि स्वयं भी प्राकृतिक खेती अपनानी होगी और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना होगा। उन्होंने कहा कि किसानों को नकली बीज और दवाइयां ना मिले, इसे रोकने के लिए राज्य सरकार ने विधानसभा में कड़ा कानून बनाया है। अब यदि कोई किसान को नकली बीज बेचते हुए पाया जाता है तो उसे पांच वर्ष तक की सजा का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का अभियान शुरू किया है। हरियाणा सरकार ने भी किसानों से सुझाव लेकर तैयार किए गए राज्य बजट में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किया है।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों की उपज की बिक्री में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। सरकार ने पहले ही घोषणा की है कि प्राकृतिक खेती से तैयार उपज के लिए मंडियों में अलग स्थान उपलब्ध कराया जाएगा तथा हैफेड इसकी खरीद करेगा। इसकी व्यवस्था की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में क्षेत्रवार बागवानी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। गन्नौर मंडी में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के लिए अलग शेड बनाया गया है तथा राज्य में चार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं, जहां आधुनिक बागवानी और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना कर रही है। मिट्टी की उर्वरता लगातार घट रही है और खेती की लागत बढ़ रही है। इसलिए कृषि वैज्ञानिकों को देशी और गुणवत्तापूर्ण बीज विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से आइकिया इंडिया के सीईओ ने की मुलाकात

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गुरुग्राम में 3,500 करोड़ रुपये की परियोजना से 10,000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे- नायब सैनी

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से बुधवार को चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर में आइकिया इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री पैट्रिक एंटोनी के नेतृत्व में आए स्वीडन के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। बैठक में हरियाणा और आइकिया के बीच सहयोग को और सुदृढ़ बनाने तथा हरियाणा में भविष्य के निवेश अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई।

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बैठक के दौरान श्री पैट्रिक एंटोनी ने हरियाणा में आइकिया की परियोजनाओं के निर्माण कार्यों तथा अन्य संबंधित प्रक्रियाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन में राज्य सरकार द्वारा दिए गए निरंतर सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय, विदेश सहयोग विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों द्वारा नियमित स्वीकृतियों में तेजी लाने और कंपनी की आवश्यकताओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए दिए गए सहयोग की भी सराहना की।

उल्लेखनीय है कि आइकिया स्वीडन की अग्रणी होम फर्निशिंग कंपनी है। भारत कंपनी के सबसे महत्वपूर्ण विकासशील बाजारों में शामिल है। साथ ही, कंपनी की संपूर्ण वैल्यू-चेन उपस्थिति के लिहाज से भी भारत का विशेष महत्व है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा में आइकिया द्वारा निवेश करने संबंधी प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में निवेश करने वाली कंपनियों को बेहतर अवसर और सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है। भविष्य की विस्तार योजनाओं के लिए कंपनी को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जायेगा।

बैठक में श्री पैट्रिक एंटोनी ने मुख्यमंत्री को अगले वर्ष गुरुग्राम में आइकिया स्टोर के निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उसके उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने हरियाणा के प्रति आइकिया की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह परियोजना वैश्विक कंपनियों के लिए हरियाणा को एक पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में और अधिक सुदृढ़ करेगी। उल्लेखनीय है कि इस स्टोर की आधारशिला हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने रखी थी।

कंपनी वर्तमान में गुरुग्राम में अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से हरियाणा में लगभग 3,500 से 4,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है, जिससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 10,000 रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। लगभग 10 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही यह परियोजना भारत में आइकिया के प्रमुख निवेशों में से एक होगी, जिसमें एक ही परिसर में रिटेल, कार्यालय परिसर तथा समुदाय-केंद्रित अनुभवों का समावेश होगा। हरियाणा सरकार भी कंपनी के साथ मिलकर अपने सुदृढ़ कौशल विकास तंत्र के माध्यम से कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि इस परियोजना से सृजित रोजगार के अवसरों का लाभ राज्य के युवाओं को मिल सके।

बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत करवाया गया कि हरियाणा का विदेश सहयोग विभाग राज्य के अंतरराष्ट्रीय सहयोग का नोडल विभाग है, जो वैश्विक साझेदारियों को बढ़ावा देने, कूटनीतिक संपर्कों को सुदृढ़ करने तथा प्रवासी हरियाणवियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करता है। यह विभाग राज्य सरकार के ‘गो ग्लोबल एप्रोच’ के माध्यम से हरियाणा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के विजन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री ने श्री पैट्रिक एंटोनी को श्रीमद्भगवद्गीता की प्रति भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, विदेश सहयोग विभाग में मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री पवन कुमार चौधरी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्र सेवा, त्याग और सिद्धांतों का प्रेरणास्रोत : नायब सैनी

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डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विजन को आगे बढ़ाने वाले कदम: केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा

अंबाला, रूपेश देव। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महान स्वतंत्रता सेनानी और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्र सेवा, त्याग और सिद्धांतों का प्रतीक है। उनकी जयंती केवल उन्हें स्मरण करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलने तथा नई पीढ़ी को उनके जीवन मूल्यों, आदर्शों और सिद्धांतों से प्रेरणा लेने का अवसर है।

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मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी अंबाला में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी 125 स्मरण पक्ष कार्यक्रम के दौरान संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने भी शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अंबाला में 85 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले साइंस सेंटर का नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर रखा जाएगा, साथ ही निर्माणाधीन शहीद स्मारक के नजदीक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। इससे पहले मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा, प्रदेशाध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी, संसदीय बोर्ड की सदस्य श्रीमती सुधा यादव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि भी दी।

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मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले वर्ष से जुलाई 2027 तक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का दो वर्षीय जयंती समारोह मनाया जा रहा है। यह आयोजन उनके विचारों को देश के जन-जन और घर-घर तक पहुंचाने का महायज्ञ है तथा राष्ट्र की ओर से उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी के व्यक्तित्व में ज्ञान, कर्म और राष्ट्रभक्ति की त्रिवेणी का अद्भुत संगम दिखाई देता है।

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उन्होंने कहा कि 6 जुलाई 1901 को कोलकाता में जन्मे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को विद्वता और राष्ट्र सेवा की भावना विरासत में मिली थी। उनके पिता सर आशुतोष मुखर्जी बंगाल के प्रसिद्ध शिक्षाविद थे। मात्र 33 वर्ष की आयु में डॉ. मुखर्जी कोलकाता विश्वविद्यालय के सबसे कम उम्र के कुलपति बने। बाद में वे संविधान सभा के प्रभावशाली सदस्यों में शामिल रहे तथा स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री का दायित्व भी संभाला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का राजनीतिक जीवन सत्ता की इच्छा से नहीं, बल्कि सेवा और सिद्धांतों के प्रति समर्पित था। जब देशहित और सिद्धांतों का प्रश्न आया तो उन्होंने 19 अप्रैल 1950 को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्होंने तत्कालीन सरसंघचालक श्री गुरु गोलवलकर से मुलाकात की और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के साथ मिलकर भारतीय जनसंघ की स्थापना की, जो आज भारतीय जनता पार्टी का आधार है।

उन्होंने कहा कि अंबाला की धरती का डॉ. मुखर्जी के जीवन से ऐतिहासिक संबंध है। 8 मई 1953 को जब वे जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हुए तो अंबाला स्टेशन पहुंचकर उन्होंने तत्कालीन जम्मू-कश्मीर के प्रधानमंत्री शेख अब्दुल्ला को संदेश भेजा कि वे बिना परमिट जम्मू आ रहे हैं और वहां के हालात का अवलोकन कर शांति स्थापित करना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रावी नदी के पुल पर उन्हें जम्मू-कश्मीर में प्रवेश से रोकने का सरकारी आदेश दिया गया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे राज्य में प्रवेश करने के लिए कटिबद्ध हैं। इसके बाद उन्होंने बिना परमिट जम्मू-कश्मीर में प्रवेश किया, जहां उन्हें गिरफ्तार कर श्रीनगर के निकट नजरबंद कर दिया गया। नजरबंदी के दौरान उनका निधन हो गया। उन्होंने कहा कि यह बलिदान भारत की एकता और अखंडता के लिए दिया गया सर्वोच्च बलिदान था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने “एक राष्ट्र में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे” का आह्वान किया था। उन्होंने कहा कि आज यह गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डॉ. मुखर्जी के उस संकल्प को पूरा किया गया। उन्होंने कहा कि उनकी जयंती हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि हम मिलकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में काम कर रहे है।

मेक इन इंडिया, नई शिक्षा नीति और आत्मनिर्भर भारत जैसे अनेक निर्णय डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विजन को आगे बढ़ाने वाले कदम: केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के प्रणेता थे। उन्होंने अपने संपूर्ण जीवन को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के लिए समर्पित किया। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनकी विचारधारा को धरातल पर उतारा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 21 अक्टूबर 1951 को भारतीय जनसंघ की स्थापना कर देश को एक मजबूत वैचारिक विकल्प दिया। आज उसी विचारधारा के आधार पर भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) देश के अधिकांश हिस्से में जनसेवा कर रहा है। श्री नड्डा ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का नारा दिया था। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटाकर उनके संकल्प को पूरा किया गया।

उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने पूर्वी पाकिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए शरणार्थियों को नागरिकता देने की बात कही थी। प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) लागू कर उनकी इस सोच को भी साकार किया।
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चानौत गांव पहुंचीं सांसद कुमारी सैलजा, पेयजल आंदोलन को दिया समर्थन

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बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए लोगों को सीवी आंदोलन करने पर मजबूर कर रही है सरकार : कुमारी सैलजा

हांसी, रूपेश देव। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव कुमारी सैलजा शनिवार को गांव चानौत पहुंचीं, जहां पिछले कई दिनों से ग्रामीण पेयजल संकट को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। धरनास्थल पर पहुंचने पर ग्रामीणों ने कुमारी सैलजा का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने धरने को संबोधित करते हुए ग्रामीणों की मांगों का समर्थन किया और सरकार से गांव की पेयजल समस्या का तत्काल एवं स्थायी समाधान करने की मांग की।

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कुमारी सैलजा ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज भी लोगों को पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण आम जनता बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करने को विवश है। सरकार को जनहित के मुद्दों का समाधान करने के बजाय लोगों को आंदोलन करने पर मजबूर नहीं करना चाहिए।

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सांसद ने कहा कि पीने के पानी के लिए संघर्ष करना किसी भी सभ्य समाज के लिए अपमान की बात है, लेकिन प्रदेश की जनता मजबूरी में ऐसा करने को विवश है। पिछले लगभग 12 वर्षों में भाजपा सरकार ने विकास के नाम पर केवल बड़े-बड़े दावे किए हैं, जबकि गांवों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति लगातार खराब होती गई है। धर्म और भावनात्मक मुद्दों की राजनीति करने वाली सरकार जनता की वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटका रही है।

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कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस हमेशा जनता के अधिकारों और मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी किसानों, ग्रामीणों तथा आम लोगों की आवाज़ मजबूती से उठाती रहेगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि गांव चानौत की पेयजल समस्या का तत्काल समाधान किया जाए, ताकि लोगों को अपनी मूलभूत जरूरतों के लिए आंदोलन करने की नौबत न आए।

लोगों की प्यास बुझाना तो धर्म का काम

सांसद ने कहा कि पहले ज्यादा पानी की समस्या थी और आज लोग प्यास बुझाने के लिए एक एक बूंद पानी के लिए तरस रहे है। लोग पानी के लिए धरने पर बैठे है और सरकार उनकी प्यास बुझाने के बजाए आंसू गैस के गोले दाग रही है लाठी चार्ज कर रही है। सरकार विकसित भारत की बात कर रही है अगर विकसित भारत देखना है तो यहां आ जाओ। लोगो की बात उठाना मीडिया और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है। सरकार को बीच का रास्ता निकालना चाहिए था पर वह तो लाठी से आवाज दबाना चाहती है।

हरियाणा विजन-2047: किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक और टिकाऊ कृषि पर सरकार का फोकस : नायब सैनी

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10 जिलों में प्राकृतिक और जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए होगी विशेष व्यवस्था : नायब सैनी

चंडीगढ़, रूपेश देव। हरियाणा को विजन-2047 के अनुरूप कृषि क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य को लेकर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में कृषि विभाग के आगामी पांच वर्षों के रोडमैप एवं कार्ययोजना की समीक्षा की। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि खेती को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर, लागत कम कर और बेहतर बाजार उपलब्ध कराकर किसानों की आमदनी बढ़ाई जाए।

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मुख्यमंत्री ने विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री घोषणाओं, बजट घोषणाओं और संकल्प पत्र में शामिल कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि विजन-2047 के लक्ष्यों को तय समय सीमा में धरातल पर उतारा जाए, ताकि हर किसान तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और कृषि अधिक लाभकारी बन सके।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार, भविष्य विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी कुमार, कृषि विभाग के महानिदेशक राजनारायण कौशिक, मुख्यमंत्री के ओएसडी व स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री वीरेन्द्र बढ़खालसा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

बैठक में सेम प्रभावित भूमि को सेम मुक्त बनाने के अभियान की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष 1.40 लाख एकड़ भूमि को सेम मुक्त करने का लक्ष्य लेकर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भविष्य में कहीं भी इस प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए अभी से वैज्ञानिक योजना तैयार की जाए तथा सैटेलाइट के माध्यम से नियमित निगरानी की व्यवस्था विकसित की जाए।

स्वायल हेल्थ कार्ड योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 15 लाख स्वायल हेल्थ कार्ड जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में 3.75 लाख मिट्टी के नमूने लिए जाने हैं, जिनमें से अब तक 50,620 नमूने एकत्र किए जा चुके हैं। शेष लक्ष्य जुलाई तक पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस अभियान में स्कूलों के विद्यार्थियों, कॉलेज के छात्रों और ग्रामीण युवाओं को स्वयंसेवक के रूप में जोड़ा जाए, ताकि वे मिट्टी परीक्षण की प्रक्रिया को समझ सकें और कृषि के प्रति उनकी रुचि भी बढ़े।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन जिलों में यूरिया की खपत अधिक है, वहां मिट्टी परीक्षण की रिपोर्ट का विश्लेषण कर यह पता लगाया जाए कि वास्तव में नाइट्रोजन की कमी है या किसान आवश्यकता से अधिक यूरिया का उपयोग कर रहे हैं। इसके आधार पर किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक करने की रणनीति तैयार की जाए।

बैठक में प्राकृतिक खेती और जैविक (ऑर्गेनिक) खेती को बढ़ावा देने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि 10 जिलों में प्राकृतिक और जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। हिसार और गुरुग्राम में अलग मंडियां स्थापित की जाएंगी, जबकि अन्य आठ मंडियों में इनके लिए अलग स्थान निर्धारित किया जाएगा। किसानों की फसलों के प्रमाणीकरण की व्यवस्था को भी और मजबूत करने पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्राकृतिक और जैविक खेती से तैयार फसलों की खरीद के लिए मंडियों में अलग रजिस्टर की व्यवस्था की जाए तथा हैफेड के माध्यम से इनके मार्केटिंग, बेच और खरीद की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए।

बैठक में डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) तकनीक को बढ़ावा देने, किसानों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक किसानों को इस तकनीक से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने पराली जलाने की घटनाओं को जागरूकता और आधुनिक मशीनों के उपयोग के माध्यम से शून्य करने का लक्ष्य तय करते हुए विशेष रूप से पंजाब सीमा से लगे जिलों में रीपर सहित अन्य आवश्यक कृषि मशीनरी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना और ड्रिप सिंचाई को लेकर भी रणनीति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कपास उत्पादक क्षेत्रों में आधुनिक चुगाई मशीनों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा किसानों को नई तकनीकों की जानकारी देने के लिए अगस्त माह में हिसार में विशेष कृषि मेले का आयोजन करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा विजन-2047 का लक्ष्य केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाना और खेती को भविष्य के अनुरूप बनाना है।इसके लिए किसानों को दलहन, बागवानी और अन्य लाभकारी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए, प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए और आधुनिक तकनीकों को खेत तक पहुंचाया जाए, ताकि प्रदेश का किसान आर्थिक रूप से और अधिक समृद्ध बन सके।