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खेल सुविधाओं के लिए लगभग 800 करोड़ का किया प्रावधान
चंडीगढ़ । हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मिशन ओलम्पिक 2036 के लक्ष्य अनुसार खिलाड़ियों को ज्यादा से ज्यादा मेडल लाने के लिए राज्य में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसति करने हेतू प्रथम चरण में 11 सेंटर विकसित किए जाऐं। इसके लिए लगभग 800 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री मिशन ओलम्पिक को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक मे हरियाणा के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन केन्द्रों में स्पोर्टस युनिवर्सिटी राई, स्टेट स्पोर्टस कॉम्पलेक्स पलवल, टीडीएल स्पोर्टस कॉम्पलेक्स पंचकूला, अम्बाला, कुरूक्षेत्र के अलावा स्पोर्टस कॉम्पलेक्स प्राईवेट अकेडमी करनाल, जीन्द, गोहाना, यमुनानगर शामिल है। बैठक के दौरान नए खिलाड़ियों को तैयार करने बारे विस्तार से चर्चा हुई जिसमें 13 से 16 वर्ष आयु वर्ग के युवा खिलाड़ी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ओलम्पिक 2036 टेलेंट मिशन के तहत स्पोर्टस युनिवर्सिटी राई को नोडल एजेंसी बनाया गया है। इसकी देखरेख खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम करेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन केन्द्रों में 1200 बच्चों को विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाएगा। इससे पूर्व वर्ष 2028 में होने वाले एशियन गेम्मस के लिए भी अधिक से अधिक खिलाड़ियों को तैयार करने हेतू बेहतर प्रशिक्षण की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों के लिए ओलम्पिक पदक विजेता कोच लगाए जाएगें। इसके अलावा 23 अन्य खेल सेंटर भी विकसित किए जाएगें। जिनमें खिलाड़ियों के रहने व खाने की व्यवस्था होगी।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव अरूण गुप्ता, आयुक्त एवं सचिव सी जी रजनीकांथन, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव डा. यशपाल, अजय कुमार, कैप्टन मनोज कुमार, निदेशक पार्थ गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
हरियाणा के हर जिला में प्रकृति श्री अन्न प्रेरक किसान कमेटी बनेगी: नायब सैनी
पंचकूला। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज एक बड़ा ऐलान किया है, उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रकृति श्री अन्न प्रेरक किसान कमेटी बनाई जाएगी, यह कमेटी हर जिला में होगी। इस कमेटी का मुख्य कार्य किसानों से संपर्क करना, उनके फार्म पर जाना और सरकार से सामंजस्य करवाकर प्राकृतिक खेती के साथ जोड़ने का कार्य होगा। यह एक तरह से प्राकृतिक खेती के प्रेरक एम्बेस्डर होंगे।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी बुधवार को पंचकूला में हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा आयोजित प्राकृतिक खेती संवाद को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान किसानों से संवाद भी किया, मुख्यमंत्री ने किसानों से मिले सुझावों को जल्द पूरा करवाने की दिशा में काम करने का आश्वासन भी दिया। साथ ही उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक खेती करने वाले जिन किसानों ने गाय खरीदने के लिए सब्सिडी के लिए आवेदन किया है, उन्हें सब्सिडी जारी कर दी जाए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती करने का एक तरीका नहीं, बल्कि किसान, प्रकृति और समाज के बीच टूट चुके संबंधों को फिर से मजबूत करने का अभियान है। यह धरती माता की सेवा, खेती की लागत कम करने, जल और मिट्टी के संरक्षण तथा आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का माध्यम है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती के ब्रांड एंबेसडर बनने का आह्वान करते हुए कहा कि अब केवल चिंतन नहीं, बल्कि अमल करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का समय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समय-समय पर किसानों से सीधा संवाद करेगी और प्राकृतिक खेती के इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक खेती पर प्रत्येक माह इसी प्रकार के संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि बड़े सेमिनारों में गुजरात के राज्यपाल आचार्य श्री देवव्रत को भी आमंत्रित किया जाएगा ताकि किसान उनके अनुभवों से लाभान्वित हो सकें।
उन्होंने कहा कि आज का सेमिनार केवल प्राकृतिक खेती की तकनीक सीखने का अवसर नहीं है, बल्कि किसान और प्रकृति के बीच सदियों पुराने अटूट रिश्ते को फिर से मजबूत करने का अभियान है। पहले खेती का संबंध धरती माता और गौ माता से था। यही संबंध किसान के जीवन में समृद्धि और खुशहाली लेकर आता था, लेकिन समय के साथ यह रिश्ता कमजोर हुआ और आज प्राकृतिक आपदाएं तथा पर्यावरणीय संकट हमारे सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़े हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव ने विकास तो किया है, लेकिन कहीं न कहीं धरती का अत्यधिक दोहन भी किया है। आज सवाल यह नहीं है कि खाद और कीटनाशकों की कमी है, बल्कि यह है कि हम आने वाली पीढ़ियों के लिए कैसी धरती और कैसा पर्यावरण छोड़कर जा रहे हैं। हमारे पूर्वज हमें भरपूर भूजल और उपजाऊ मिट्टी देकर गए थे, लेकिन आज कई क्षेत्रों में भूजल स्तर हर सीजन में 20 से 25 फुट तक नीचे जा रहा है। इस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि पहले श्रमिक मंडियों में अनाज की भारी-भरकम बोरियां आसानी से उठा लेते थे, लेकिन आज बदलती जीवनशैली, रासायनिक खेती और प्राकृतिक असंतुलन के कारण सभी के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसलिए खेती की दिशा बदलना समय की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट विजन है कि प्राकृतिक खेती 21वीं सदी की आवश्यकता है। यह केवल खेती की नई पद्धति नहीं, बल्कि धरती बचाने का अभियान है। यह किसानों की लागत कम करने, पर्यावरण संरक्षण करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए समृद्ध भारत बनाने का माध्यम है। भारतीय संस्कृति में धरती को मां का दर्जा दिया गया है और उसकी सेवा करना हम सभी का कर्तव्य है।
उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे प्राकृतिक खेती के एंबेसडर बनकर गांव-गांव लोगों को इसके लाभ बताएं। उन्होंने कहा कि केवल चर्चा करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि स्वयं भी प्राकृतिक खेती अपनानी होगी और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना होगा। उन्होंने कहा कि किसानों को नकली बीज और दवाइयां ना मिले, इसे रोकने के लिए राज्य सरकार ने विधानसभा में कड़ा कानून बनाया है। अब यदि कोई किसान को नकली बीज बेचते हुए पाया जाता है तो उसे पांच वर्ष तक की सजा का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का अभियान शुरू किया है। हरियाणा सरकार ने भी किसानों से सुझाव लेकर तैयार किए गए राज्य बजट में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किया है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों की उपज की बिक्री में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। सरकार ने पहले ही घोषणा की है कि प्राकृतिक खेती से तैयार उपज के लिए मंडियों में अलग स्थान उपलब्ध कराया जाएगा तथा हैफेड इसकी खरीद करेगा। इसकी व्यवस्था की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में क्षेत्रवार बागवानी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। गन्नौर मंडी में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के लिए अलग शेड बनाया गया है तथा राज्य में चार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं, जहां आधुनिक बागवानी और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना कर रही है। मिट्टी की उर्वरता लगातार घट रही है और खेती की लागत बढ़ रही है। इसलिए कृषि वैज्ञानिकों को देशी और गुणवत्तापूर्ण बीज विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। Continue
गुरुग्राम में 3,500 करोड़ रुपये की परियोजना से 10,000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे- नायब सैनी
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से बुधवार को चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर में आइकिया इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री पैट्रिक एंटोनी के नेतृत्व में आए स्वीडन के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। बैठक में हरियाणा और आइकिया के बीच सहयोग को और सुदृढ़ बनाने तथा हरियाणा में भविष्य के निवेश अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान श्री पैट्रिक एंटोनी ने हरियाणा में आइकिया की परियोजनाओं के निर्माण कार्यों तथा अन्य संबंधित प्रक्रियाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन में राज्य सरकार द्वारा दिए गए निरंतर सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय, विदेश सहयोग विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों द्वारा नियमित स्वीकृतियों में तेजी लाने और कंपनी की आवश्यकताओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए दिए गए सहयोग की भी सराहना की।
उल्लेखनीय है कि आइकिया स्वीडन की अग्रणी होम फर्निशिंग कंपनी है। भारत कंपनी के सबसे महत्वपूर्ण विकासशील बाजारों में शामिल है। साथ ही, कंपनी की संपूर्ण वैल्यू-चेन उपस्थिति के लिहाज से भी भारत का विशेष महत्व है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा में आइकिया द्वारा निवेश करने संबंधी प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में निवेश करने वाली कंपनियों को बेहतर अवसर और सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है। भविष्य की विस्तार योजनाओं के लिए कंपनी को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जायेगा।
बैठक में श्री पैट्रिक एंटोनी ने मुख्यमंत्री को अगले वर्ष गुरुग्राम में आइकिया स्टोर के निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उसके उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने हरियाणा के प्रति आइकिया की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह परियोजना वैश्विक कंपनियों के लिए हरियाणा को एक पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में और अधिक सुदृढ़ करेगी। उल्लेखनीय है कि इस स्टोर की आधारशिला हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने रखी थी।
कंपनी वर्तमान में गुरुग्राम में अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से हरियाणा में लगभग 3,500 से 4,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है, जिससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 10,000 रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। लगभग 10 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही यह परियोजना भारत में आइकिया के प्रमुख निवेशों में से एक होगी, जिसमें एक ही परिसर में रिटेल, कार्यालय परिसर तथा समुदाय-केंद्रित अनुभवों का समावेश होगा। हरियाणा सरकार भी कंपनी के साथ मिलकर अपने सुदृढ़ कौशल विकास तंत्र के माध्यम से कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि इस परियोजना से सृजित रोजगार के अवसरों का लाभ राज्य के युवाओं को मिल सके।
बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत करवाया गया कि हरियाणा का विदेश सहयोग विभाग राज्य के अंतरराष्ट्रीय सहयोग का नोडल विभाग है, जो वैश्विक साझेदारियों को बढ़ावा देने, कूटनीतिक संपर्कों को सुदृढ़ करने तथा प्रवासी हरियाणवियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करता है। यह विभाग राज्य सरकार के ‘गो ग्लोबल एप्रोच’ के माध्यम से हरियाणा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के विजन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री ने श्री पैट्रिक एंटोनी को श्रीमद्भगवद्गीता की प्रति भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, विदेश सहयोग विभाग में मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री पवन कुमार चौधरी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विजन को आगे बढ़ाने वाले कदम: केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा
अंबाला, रूपेश देव। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महान स्वतंत्रता सेनानी और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्र सेवा, त्याग और सिद्धांतों का प्रतीक है। उनकी जयंती केवल उन्हें स्मरण करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलने तथा नई पीढ़ी को उनके जीवन मूल्यों, आदर्शों और सिद्धांतों से प्रेरणा लेने का अवसर है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी अंबाला में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी 125 स्मरण पक्ष कार्यक्रम के दौरान संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने भी शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अंबाला में 85 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले साइंस सेंटर का नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर रखा जाएगा, साथ ही निर्माणाधीन शहीद स्मारक के नजदीक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। इससे पहले मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा, प्रदेशाध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी, संसदीय बोर्ड की सदस्य श्रीमती सुधा यादव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि भी दी।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले वर्ष से जुलाई 2027 तक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का दो वर्षीय जयंती समारोह मनाया जा रहा है। यह आयोजन उनके विचारों को देश के जन-जन और घर-घर तक पहुंचाने का महायज्ञ है तथा राष्ट्र की ओर से उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी के व्यक्तित्व में ज्ञान, कर्म और राष्ट्रभक्ति की त्रिवेणी का अद्भुत संगम दिखाई देता है।
उन्होंने कहा कि 6 जुलाई 1901 को कोलकाता में जन्मे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को विद्वता और राष्ट्र सेवा की भावना विरासत में मिली थी। उनके पिता सर आशुतोष मुखर्जी बंगाल के प्रसिद्ध शिक्षाविद थे। मात्र 33 वर्ष की आयु में डॉ. मुखर्जी कोलकाता विश्वविद्यालय के सबसे कम उम्र के कुलपति बने। बाद में वे संविधान सभा के प्रभावशाली सदस्यों में शामिल रहे तथा स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री का दायित्व भी संभाला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का राजनीतिक जीवन सत्ता की इच्छा से नहीं, बल्कि सेवा और सिद्धांतों के प्रति समर्पित था। जब देशहित और सिद्धांतों का प्रश्न आया तो उन्होंने 19 अप्रैल 1950 को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्होंने तत्कालीन सरसंघचालक श्री गुरु गोलवलकर से मुलाकात की और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के साथ मिलकर भारतीय जनसंघ की स्थापना की, जो आज भारतीय जनता पार्टी का आधार है।
उन्होंने कहा कि अंबाला की धरती का डॉ. मुखर्जी के जीवन से ऐतिहासिक संबंध है। 8 मई 1953 को जब वे जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हुए तो अंबाला स्टेशन पहुंचकर उन्होंने तत्कालीन जम्मू-कश्मीर के प्रधानमंत्री शेख अब्दुल्ला को संदेश भेजा कि वे बिना परमिट जम्मू आ रहे हैं और वहां के हालात का अवलोकन कर शांति स्थापित करना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रावी नदी के पुल पर उन्हें जम्मू-कश्मीर में प्रवेश से रोकने का सरकारी आदेश दिया गया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे राज्य में प्रवेश करने के लिए कटिबद्ध हैं। इसके बाद उन्होंने बिना परमिट जम्मू-कश्मीर में प्रवेश किया, जहां उन्हें गिरफ्तार कर श्रीनगर के निकट नजरबंद कर दिया गया। नजरबंदी के दौरान उनका निधन हो गया। उन्होंने कहा कि यह बलिदान भारत की एकता और अखंडता के लिए दिया गया सर्वोच्च बलिदान था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने “एक राष्ट्र में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे” का आह्वान किया था। उन्होंने कहा कि आज यह गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डॉ. मुखर्जी के उस संकल्प को पूरा किया गया। उन्होंने कहा कि उनकी जयंती हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि हम मिलकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में काम कर रहे है।
मेक इन इंडिया, नई शिक्षा नीति और आत्मनिर्भर भारत जैसे अनेक निर्णय डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विजन को आगे बढ़ाने वाले कदम: केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के प्रणेता थे। उन्होंने अपने संपूर्ण जीवन को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के लिए समर्पित किया। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनकी विचारधारा को धरातल पर उतारा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 21 अक्टूबर 1951 को भारतीय जनसंघ की स्थापना कर देश को एक मजबूत वैचारिक विकल्प दिया। आज उसी विचारधारा के आधार पर भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) देश के अधिकांश हिस्से में जनसेवा कर रहा है। श्री नड्डा ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का नारा दिया था। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटाकर उनके संकल्प को पूरा किया गया।
उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने पूर्वी पाकिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए शरणार्थियों को नागरिकता देने की बात कही थी। प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) लागू कर उनकी इस सोच को भी साकार किया। Continue
बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए लोगों को सीवी आंदोलन करने पर मजबूर कर रही है सरकार : कुमारी सैलजा
हांसी, रूपेश देव। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव कुमारी सैलजा शनिवार को गांव चानौत पहुंचीं, जहां पिछले कई दिनों से ग्रामीण पेयजल संकट को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। धरनास्थल पर पहुंचने पर ग्रामीणों ने कुमारी सैलजा का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने धरने को संबोधित करते हुए ग्रामीणों की मांगों का समर्थन किया और सरकार से गांव की पेयजल समस्या का तत्काल एवं स्थायी समाधान करने की मांग की।
कुमारी सैलजा ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज भी लोगों को पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण आम जनता बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करने को विवश है। सरकार को जनहित के मुद्दों का समाधान करने के बजाय लोगों को आंदोलन करने पर मजबूर नहीं करना चाहिए।
सांसद ने कहा कि पीने के पानी के लिए संघर्ष करना किसी भी सभ्य समाज के लिए अपमान की बात है, लेकिन प्रदेश की जनता मजबूरी में ऐसा करने को विवश है। पिछले लगभग 12 वर्षों में भाजपा सरकार ने विकास के नाम पर केवल बड़े-बड़े दावे किए हैं, जबकि गांवों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति लगातार खराब होती गई है। धर्म और भावनात्मक मुद्दों की राजनीति करने वाली सरकार जनता की वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटका रही है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस हमेशा जनता के अधिकारों और मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी किसानों, ग्रामीणों तथा आम लोगों की आवाज़ मजबूती से उठाती रहेगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि गांव चानौत की पेयजल समस्या का तत्काल समाधान किया जाए, ताकि लोगों को अपनी मूलभूत जरूरतों के लिए आंदोलन करने की नौबत न आए।
लोगों की प्यास बुझाना तो धर्म का काम
सांसद ने कहा कि पहले ज्यादा पानी की समस्या थी और आज लोग प्यास बुझाने के लिए एक एक बूंद पानी के लिए तरस रहे है। लोग पानी के लिए धरने पर बैठे है और सरकार उनकी प्यास बुझाने के बजाए आंसू गैस के गोले दाग रही है लाठी चार्ज कर रही है। सरकार विकसित भारत की बात कर रही है अगर विकसित भारत देखना है तो यहां आ जाओ। लोगो की बात उठाना मीडिया और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है। सरकार को बीच का रास्ता निकालना चाहिए था पर वह तो लाठी से आवाज दबाना चाहती है।
10 जिलों में प्राकृतिक और जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए होगी विशेष व्यवस्था : नायब सैनी
चंडीगढ़, रूपेश देव। हरियाणा को विजन-2047 के अनुरूप कृषि क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य को लेकर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में कृषि विभाग के आगामी पांच वर्षों के रोडमैप एवं कार्ययोजना की समीक्षा की। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि खेती को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर, लागत कम कर और बेहतर बाजार उपलब्ध कराकर किसानों की आमदनी बढ़ाई जाए।
मुख्यमंत्री ने विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री घोषणाओं, बजट घोषणाओं और संकल्प पत्र में शामिल कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि विजन-2047 के लक्ष्यों को तय समय सीमा में धरातल पर उतारा जाए, ताकि हर किसान तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और कृषि अधिक लाभकारी बन सके।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार, भविष्य विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी कुमार, कृषि विभाग के महानिदेशक राजनारायण कौशिक, मुख्यमंत्री के ओएसडी व स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री वीरेन्द्र बढ़खालसा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
बैठक में सेम प्रभावित भूमि को सेम मुक्त बनाने के अभियान की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष 1.40 लाख एकड़ भूमि को सेम मुक्त करने का लक्ष्य लेकर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भविष्य में कहीं भी इस प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए अभी से वैज्ञानिक योजना तैयार की जाए तथा सैटेलाइट के माध्यम से नियमित निगरानी की व्यवस्था विकसित की जाए।
स्वायल हेल्थ कार्ड योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 15 लाख स्वायल हेल्थ कार्ड जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में 3.75 लाख मिट्टी के नमूने लिए जाने हैं, जिनमें से अब तक 50,620 नमूने एकत्र किए जा चुके हैं। शेष लक्ष्य जुलाई तक पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस अभियान में स्कूलों के विद्यार्थियों, कॉलेज के छात्रों और ग्रामीण युवाओं को स्वयंसेवक के रूप में जोड़ा जाए, ताकि वे मिट्टी परीक्षण की प्रक्रिया को समझ सकें और कृषि के प्रति उनकी रुचि भी बढ़े।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन जिलों में यूरिया की खपत अधिक है, वहां मिट्टी परीक्षण की रिपोर्ट का विश्लेषण कर यह पता लगाया जाए कि वास्तव में नाइट्रोजन की कमी है या किसान आवश्यकता से अधिक यूरिया का उपयोग कर रहे हैं। इसके आधार पर किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक करने की रणनीति तैयार की जाए।
बैठक में प्राकृतिक खेती और जैविक (ऑर्गेनिक) खेती को बढ़ावा देने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि 10 जिलों में प्राकृतिक और जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। हिसार और गुरुग्राम में अलग मंडियां स्थापित की जाएंगी, जबकि अन्य आठ मंडियों में इनके लिए अलग स्थान निर्धारित किया जाएगा। किसानों की फसलों के प्रमाणीकरण की व्यवस्था को भी और मजबूत करने पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्राकृतिक और जैविक खेती से तैयार फसलों की खरीद के लिए मंडियों में अलग रजिस्टर की व्यवस्था की जाए तथा हैफेड के माध्यम से इनके मार्केटिंग, बेच और खरीद की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) तकनीक को बढ़ावा देने, किसानों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक किसानों को इस तकनीक से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने पराली जलाने की घटनाओं को जागरूकता और आधुनिक मशीनों के उपयोग के माध्यम से शून्य करने का लक्ष्य तय करते हुए विशेष रूप से पंजाब सीमा से लगे जिलों में रीपर सहित अन्य आवश्यक कृषि मशीनरी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना और ड्रिप सिंचाई को लेकर भी रणनीति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कपास उत्पादक क्षेत्रों में आधुनिक चुगाई मशीनों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा किसानों को नई तकनीकों की जानकारी देने के लिए अगस्त माह में हिसार में विशेष कृषि मेले का आयोजन करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा विजन-2047 का लक्ष्य केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाना और खेती को भविष्य के अनुरूप बनाना है।इसके लिए किसानों को दलहन, बागवानी और अन्य लाभकारी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए, प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए और आधुनिक तकनीकों को खेत तक पहुंचाया जाए, ताकि प्रदेश का किसान आर्थिक रूप से और अधिक समृद्ध बन सके।
पृथला के विधायक रघुबीर तेवतिया के बड़े भाई के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष व कई विधायक
पलवल, रूपेश देव। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेन्द्र सिंह बृहस्पतिवार को पलवल जिले के जनौली गांव पहुंचे, जहां उन्होंने पृथला से कांग्रेस विधायक रघुबीर सिंह तेवतिया के बड़े भाई स्वर्गीय रामशरण तेवतिया के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस असहनीय दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
इसके अलावा आज बरोदा से विधायक इन्दु नरवाल, नारनोंद से विधायक जस्सी पेटवाड, महम से विधायक बलराम सिंह डांगी, होडल भाजपा विधायक हरेन्द्र रामरतन, कांग्रेस जिलाध्यक्ष नेत्रपाल अधाना, युवा कांग्रेस हरियाणा के प्रदेश उपाध्यक्ष नवदीप दलाल, प्रदेश प्रवक्ता सुमित गौड व हथीन के विधायक इसराईल के पुत्र सहित काफी संख्या में जिला के गणमाण्य लोगों ने उनके निवास पर पहुंचकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेन्द्र सिंह ने कहा कि तेवतिया परिवार वर्षों से सामाजिक सरोकारों, पंचायतों की परंपरा और जनसेवा के लिए जाना जाता है। विधायक रघुबीर सिंह तेवतिया एक सशक्त पंचायती एवं जननेता के रूप में क्षेत्र की जनता के बीच अपनी अलग पहचान रखते हैं, जबकि स्वर्गीय रामशरण तेवतिया भी एक किसान के रूप में अपने सरल स्वभाव, सामाजिक सहभागिता और मिलनसार व्यक्तित्व के कारण समाज में अत्यंत सम्मानित थे। उनके निधन से केवल तेवतिया परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र ने एक अनुभवी, समाजहितैषी और प्रेरणादायी व्यक्तित्व को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी। इससे पूर्व पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेन्द्र सिंह ने भाजपा सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता आज महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून व्यवस्था से त्रस्त है, लेकिन सरकार जनहित के मुद्दों का समाधान करने के बजाय केवल प्रचार और झूठे दावों में व्यस्त है। प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, महिलाओं, व्यापारियों और आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है, जबकि सरकार कानून व्यवस्था को संभालने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर प्रदेशभर में गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मतदाता सूची के पुनरीक्षण के नाम पर आम नागरिकों को अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रहना चाहिए, लेकिन वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली से लोगों में भ्रम और आशंका का माहौल बना हुआ है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के शासनकाल में भ्रष्टाचार संस्थागत रूप ले चुका है। बिना भ्रष्टाचार के आम जनता का कोई कार्य नहीं हो रहा, जबकि युवाओं को रोजगार, किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य और कर्मचारियों को न्याय मिलने के बजाय केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश का हर वर्ग सरकार की नीतियों से निराश है और जनता अब परिवर्तन का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा जनभावनाओं के साथ खड़ी रही है और प्रदेश के लोगों की आवाज़ को मजबूती से उठाती रहेगी। आने वाले समय में जनता भाजपा की जनविरोधी नीतियों, प्रशासनिक विफलताओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी। इस अवसर पर पृथला विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक रघुबीर तेवतिया, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता तरूण तेवतिया,अनिल नेता जी, सतीश मंडोतिया, अजगर हुसैन,बदन सिंह, सविता कुंडू, देवेंद्र शर्मा, विकेश कुमार महेंद्र इरफान, मनीष भारद्वाज, नरेंद्र चेची, होराम कसाना, राजेंद्र खोकिया का ब्लॉक अध्यक्ष हथीन, अजमत खान ब्लॉक अध्यक्ष, विनोद बैंसला ब्लॉक अध्यक्ष हसनपुर, बिरी पहलवान, धर्मपाल पोसवाल, मुकुल देशवाल, देवदत्त , वेद प्रकाश, संतराम मेघवाल, लक्ष्मी नारायण बघेल, रोहतास मावई, गौरव गोयल, अनुज तंवर आदि मुख्यरूप से मौजूद थे।
4 व 5 जुलाई को तीन चरणों में होगी एचटेट परीक्षा, 383 केन्द्रों पर 233294 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा, इनमें 166137 महिलाएं
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित एचटेट की परीक्षा सीईटी की तर्ज पर पारदर्शी ढंग से सम्पन्न करवाई जाए।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी बुधवार को चंडीगढ़ में एचटेट परीक्षा की तैयारियों को लेकर आयोजित राज्य स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा भी मौजूद रहे। सभी जिला उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा के लिए अधिकारी केन्द्रों पर सभी प्रबंध पुख्ता करें ताकि किसी भी परीक्षार्थी को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि यदि किसी परीक्षार्थी को सेंटर में निर्धारित समय पर पहुंचने में कोई दिक्कत आती है तो वह डायल 112 पर कॉल कर सूचित करें। पुलिस उनकी सहायता करने के लिए तत्पर रहेगी। सुचारू ढंग से परीक्षा सम्पन्न करवाने के लिए बोर्ड मुख्यालय पर कन्ट्रोल रूम बनाया गया है। इसके अलावा जिला एवं मुख्यालय स्तर पर भी फ्लाईंग स्कवेड लगाई गई हैं।
मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंचकूला, करनाल व कुरूक्षेत्र जिलों में एडीए की परीक्षा होने के कारण इन जिलों के परीक्षार्थियों के दूसरे जिलों में केन्द्र बनाए गए। उनके लिए निर्धारित रूट पर चलने वाली बसों के अलावा परीक्षा के समय अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड द्वारा 4 व 5 जुलाई को तीन चरणों में एचटेट परीक्षा आयोजित करवाई जाएगी। इसमें 4 जुलाई शनिवार को प्रथम चरण में लेवल-3 पीजीटी की परीक्षा केवल सांय 3.00 से 5.30 बजे तक आयोजित होगी। इसमें 238 परीक्षा केन्द्रों पर 73091 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। इसी प्रकार 5 जुलाई को लेवल-2 टीजीटी की परीक्षा प्रातःकाल के समय 10.00 से 12.30 बजे तक होगी जिसमें 383 केन्द्रों में 119141 अभ्यर्थी तथा सांय काल के समय 3.00 बजे से सांय 5.30 बजे तक लेवल-1 पीआरटी की परीक्षा होगी जिसके 139 केन्द्रों पर 41062 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। उन्होंने बताया कि कुल 383 केन्द्रों पर 233294 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। इनमें 166137 महिलाएं और 67157 पुरूष शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में एडीए की परीक्षा है उनको छोड़कर सभी जिलों के परीक्षार्थियों को उनके गृह जिलों में ही जिला मुख्यालय स्तर पर परीक्षा केन्द्र अलाट किए गए है। इसके अलावा बहादुरगढ तथा महेन्द्रगढ में ही उपमण्डल स्तर पर परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी केन्द्रों के बाहर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 लगाई जाए जिसमें पुलिस यह सुनिश्चित करें कि किसी भी बाह्य व्यक्ति का हस्तक्षेप न हो सके। परीक्षा प्रारम्भ होने से तीन घंटे पूर्व आसपास फोटोस्टेट की दूकानें पूर्ण रूप से बंद की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा केन्द्र पर 3 जुलाई तक सीसीटीवी कैमरे स्थापित कर दिए जाऐं और जिला स्तर पर अधिकारी उनकी विजियुलटी समय पर चैक कर लें। इसके अलावा हर केन्द्र पर एम्बुलेंस की सुविधा होगी। यदि किसी अभ्यर्थी को किसी प्रकार की बीमारी संबंधी समस्या आती है, तो पुलिस की निगरानी में उसे स्वास्थय सेवाएं सुलभ करवाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि केन्द्रो पर अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से 2 घण्टे 10 मिनट पूर्व पहुंचना होगा ताकि मेटल डिटेक्टर से तलाशी, बायोमेट्रिक, डाटा कैप्चरिंग और अन्य अनिवार्य औपचारिकताएं समय पर पूरी की जा सके। परीक्षा प्रारम्भ होने से एक घण्टा पूर्व परीक्षा केन्द्रों में प्रवेश बंद हो जाएगा। किसी भी अभ्यर्थी को केन्द्र में फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरूण गुप्ता, एसीएस सुधीर राजपाल, डा. राजासेखर वुदंरू, डीजीपी अजय सिंघल, प्रधान सचिव विजय दहिया, विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर धुपड़ के अलावा कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
फरीदाबाद, रूपेश देव।नेहरू कॉलोनी बचाओ संघर्ष समिति का धरना 17 वें दिन भी जारी रहा धरने की अध्यक्षता कमेटी के सदस्य नवल सिंह, विजेंद्र सिंह,राम सिंह, देवकी देवी और पूनम ने संयुक्त रूप से की। धरने को वीरेंद्र सिंह डंगवाल, नवल सिंह, बलवीर सिंह और विजेंद्र सिंह ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद की सबसे पुरानी कॉलोनी नेहरू कॉलोनी है। इस कॉलोनी के लोगों के पास सभी जरूरी सरकारी दस्तावेज़ होने के बाद भी इनकी गाढ़ी कमाई से निर्मित मकानों को प्रशासन ने 29 तारीख को रात के अंधेरे में तोड़ना शुरू कर दिया। सरकार ने गरीबी उन्मूलन करने के बजाय गरीबों को मिटाना शुरू कर दिया है। स्मार्ट सिटी के नाम पर विकास का दावा करने वाला प्रशासन इसके विपरीत निर्धन लोगों को बर्बाद करने पर लगा हुआ है। शहर के दर्जनों कॉलोनीवासियों को नोटिस दिए जा रहे हैं। नियमानुसार सरकार को इन कालोनियों को पक्का करना चाहिए। इन्हें सभी प्रकार की नागरिक सुविधा प्रदान करनी चाहिए। ऐसा करने से बचने के लिए इनको निशाना बनाया जा रहा है। कमेटी के सदस्यों ने बताया कि 5 जुलाई को तोड़फोड़ के विरोध में केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर के आवास पर प्रदर्शन किया जाएगा। इस प्रदर्शन में फरीदाबाद की सभी कॉलोनी वासियों को आमंत्रित किया गया है। इसके लिए प्रचार प्रसार किया जा रहा है। कल 2 जुलाई से पर्चे वितरित किए जाएंगे। माइक द्वारा प्रचार किया जाएगा। अब अलग-अलग कॉलोनियों में कमेटी का निर्माण किया जा रहा है। प्रदर्शन को राम सिंह शकुंतला देवकी, पूनम ,बलवीर सिंह, नरेश कुमार आदि ने भी संबोधित किया।
केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने फरीदाबाद में स्वास्थ्य परियोजनाओं और पौंड का किया लोकार्पण
फरीदाबाद, रूपेश देव। भारत सरकार में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि जिला नागरिक अस्पताल में भवन के नवीनीकरण और तथा जिले के सात अमृत सरोवरों के लोकार्पण से स्वास्थ्य सेवाओं, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास को नई दिशा मिली है। फरीदाबाद में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में उन्होंने केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस अवसर पर बल्लभगढ़ विधायक मूलचंद शर्मा, पूर्व पृथला विधायक टेकचंद शर्मा, जिला परिषद चेयरमैन विजय सिंह तथा उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर हरियाणा प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नारायणगढ़ स्थित अनाज मंडी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से ऑनलाइन माध्यम द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्वास्थ्य विभाग और पंचायत विभाग की योजनाओं का उद्घाटन और लोकापर्ण किया। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण ऑनलाइन माध्यम से किया गया।
केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन, मेडिकल कॉलेजों के विस्तार, डिजिटल हेल्थ मिशन और आधुनिक स्वास्थ्य अधोसंरचना के माध्यम से देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव आए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार भी स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार सुदृढ़ कर रही है। इसी क्रम में अंबाला, फरीदाबाद, कैथल, पलवल, रेवाड़ी और नूंह के जिला अस्पतालों का लगभग ₹28.09 करोड़ की लागत से नवीनीकरण किया गया है, जहां आधुनिक सुविधाएं, बेहतर आधारभूत ढांचा, स्वच्छ वातावरण और मरीजों की सुविधाओं का विस्तार किया गया है। साथ ही प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों एवं चिकित्सा महाविद्यालयों में वृक्षारोपण पखवाड़ा भी शुरू किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ हरियाणा के निर्माण की महत्वपूर्ण पहल है।
राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि जिला सिविल अस्पताल फरीदाबाद में लगभग ₹1.85 करोड़ की लागत से सफेदी, शौचालयों के उन्नयन, आंतरिक सड़कों और पार्किंग के विकास के कार्य किए गए हैं, जिससे अस्पताल अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनेगा तथा मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
उन्होंने बताया कि निकट भविष्य में अस्पताल में ₹161.11 करोड़ की लागत से सात मंजिला मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) यूनिट का निर्माण तेज़ी से जारी है, जिसे लगभग दो वर्षों में जनता को समर्पित किया जाएगा। इसके अलावा लगभग ₹1 करोड़ की लागत से आधुनिक विद्युत पैनल का कार्य अंतिम चरण में है तथा ₹1.74 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम स्थापित किया जा रहा है, जिससे अस्पताल की सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी।
उन्होंने बताया कि ईएसआई मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की क्षमता 500 से बढ़ाकर 1000 बेड कर दी गई है। इसके साथ ही सीटी स्कैन सहित अनेक आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया गया है, जिससे क्षेत्र के लाखों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि पंचायत विभाग द्वारा पूरेफरीदाबाद के सात अमृत सरोवर का लोकार्पण किया गया है। लगभग ₹4.67 करोड़ की लागत से विकसित अटाली, भनकपुर, मोहला, गढ़खेड़ा, रायपुर कलां के ये सरोवर जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, पर्यावरण संवर्धन और ग्रामीण विकास को नई गति देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवनों का निर्माण नहीं, बल्कि ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करना है, जहां प्रत्येक नागरिक को सम्मानजनक, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिले।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने इन परियोजनाओं को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग, पंचायत विभाग, लोक निर्माण विभाग, जिला प्रशासन, इंजीनियरिंग टीम, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ तथा सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और हरियाणा सरकार भविष्य में भी जनकल्याण एवं विकास की ऐसी योजनाओं को गति देती रहेंगी, जिससे प्रदेश का प्रत्येक नागरिक आधुनिक सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सके।
पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं बल्लभगढ़ विधायक मूलचंद शर्मा ने कहा कि हरियाणा सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत, आधुनिक और जनहितकारी बनाने की दिशा में निरंतर ऐतिहासिक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने इन जनकल्याणकारी परियोजनाओं के लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन योजनाओं का लाभ प्रदेश के लाखों नागरिकों को मिलेगा और फरीदाबाद सहित पूरे हरियाणा में विकास को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र और हरियाणा सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में विकास कार्यों को नई दिशा मिल रही है तथा भविष्य में भी जनहित से जुड़ी योजनाओं को इसी प्रकार आगे बढ़ाया जाएगा।
इस अवसपर पर सीईओ जिला परिषद शिखा, डीसीपी उषा कुंडू, सीटीएम अंकित कुमार, सीएमओ डॉ जयंत आहूजा, डीआईपीआरओ मूर्ति दलाल सहित अन्य सभी संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।