बघोला में कैनरा बैंक से मायूस होकर लौटे उपभोक्ता
बघोला,19 जून(दयाराम वशिष्ठ)। भीषण गर्मी में कैनरा बैंक बघोला के उपभोक्ता बेहाल रहे। बुधवार सुबह यहाँ की बदहाल व्यवस्था से उपभोक्ता उस समय बिफर उठे, जब सुबह झा10 बजे दूरदराज गॉवों तक के पहुंचे उपभोक्ताओं को पता चला कि जेनरेटर खराब होने से बिना बिजली बैंक में कोई काम काज नहीं होगा। यह सुन पेंशन लेने पहुंचे बुजुर्ग परेशान हो उठे। उन्होंने बैंक की व्यवस्था को लेकर खूब खरी खोटी सुनाई, बावजूद हल निकला ढाक के तीन पात।
पलवल जिले के गाँव बघोला में करीब 40 वर्ष पहले सिंडिकेट बैंक की शाखा खोली गई थी। जो अब कैनरा बैंक में तब्दील हो गई। इस बैंक के जरिए आसपास के करीब 12 गॉवों के लगभग 20 हजार उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। पृथला औधोगिक इलाका होने के कारण यहाँ खाता धारकों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है, बावजूद इसके यहाँ ग्राहकों को सुविधाएं मिलने में बैंक काफी पीछे है। इसके चलते इस बैंक से ग्राहकों का मोह भंग होता जा रहा है। ग्राहकों ने मांग कि है या तो बैंक की व्यवस्था में सुधार किया जाए, या फिर किसी अन्य बैंक की शाखा खोली जाए।
लाखों रुपये खर्च, फिर भी सुविधाएं जस की तस
हाल ही में बैंक को चमचमाने पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन ग्राहकों के लिहाज से व्यवस्था में कोई सुधार नहीं। बैंक में बिजली गुल होने के साथ ही इनवर्टर फेल हो जाते है, बुधवार को ऐसा ही हुआ। सुबह बैंक खुलने पर पहुंचे ग्राहकों को बिना काम काज के वापस लौटना पड़ा। जेनरेटर ठीक होने के बाद काम शुरू हुआ, लेकिन अचानक बिजली चले जाने के साथ ही बैंक के कंप्यूटर बंद हो गए। उस समय जनरेटर पर काम चल रहा था, इसके चलते ग्राहकों को फिर से निराश होकर लौटना पड़ा।
पासबुक में नहीं हो पाती हैं एंट्री
इस भीष्म गर्मी मे ग्राहकों को बैंक में पीने का ठण्डा पानी तो मिलना दूर, पंखे की गर्म हवा में रहकर बैंक के कार्यों को करना होता है। यहां एक भी एसी नहीं हैं। पास बुक प्रिंटिंग का काम भी काफी पेंडिंग है। ग्राहकों ने संवाददाता को अधूरी पास बुक दिखाते हुए कहा कि सप्ताह में केवल दो दिन ही पासबुक में एंट्री होती है, इससे बुजुर्गों को पता नहीं चल पाता है कि उनकी खाते मे कितनी राशि शेष बची है। इसलिए। ब्रांच में प्रिंटिंग मशीन का होना जरूरी है।
धूप से बचाव के लिए शेड तक नहीं
बैंक शाखा मे कम स्पेश होने के कारण ग्राहकों को बाहर खडा होना पड़ जाता है, लेकिन बाहर टीन शेड की कोई व्यवस्था नहीं, इससे लू के थपेड़ों में लोग बाहर खड़े होने को मजबूर रहते हैं। ग्राहक डाल चंद नंबरदार, बाबू राम वशिष्ठ, कमल सिंह, शंभु नामक ने मांग की है कि बैंक की व्यवस्था में ग्राहकों के हित में सुधार कर सुविधाएं दी जाएं। उधर, इस संबंध में प्रयासों के बावजूद फरीदाबाद हेड ऑफिस में बैंक प्रबंधकों से संपर्क नहीं हो सका है।






