फरीदाबाद,26 फरवरी(रूपेश देव)। सारन थाना अन्तर्गत जवाहर कॉलोनी की दुर्गा मंदिर वाली गली में रविवार देर रात युवक ने अपने चाचा के परिवार पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में जहां उसने अपने चचेरे भाई को चाकू से गोदकर मार डाला। वहीं चाचा समेत परिवार के चार सदस्यों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस घटना के बाद भी पूरी कॉलोनी में भय का माहौल बन गया। आसपास रहने वाले लोगों ने आरोपित की पकडक़र पिटाई की। इसके बाद उसको पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने घायल आरोपी को पहले बादशाह खान सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। बादशाह खान अस्पताल से आरोपी को सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया।
यह दोनों अपने परिवार के साथ अपने पिता रामप्रवेश के मकान में रहते हैं। रामप्रवेश अपने तीनों बेटों के साथ आटो पाट्र्स बनाने का काम करता हैं। रविवार दोपहर को रामप्रवेश का भतीजा राकेश उनके पास गांव से घूमने के लिए आया। राकेश गांव में ही अपनी दुकान चलाने का काम करता हैं। पूरे परिवार ने रविवार शाम को खाना खाया।
इसके बाद परिवार रात को करीब 11 बजे सोने चला गया। रामप्रवेश का छोटा बेटा राहुल और राकेश एक साथ ही सोए। वहीं रामप्रवेश उसी कमरे में दूसरी जगह जाकर सो गया। जबकि दोनों बेटे अमित और राजेश छत पर बने कमरे में अपने परिवार के साथ सोने चले गए। करीब पौने 12 बजे राकेश ने राहुल पर चाकूओं से हमला बोल दिया। राकेश ने राहुल पर एक के बाद एक करीबन 15 वार किए। राहुल ने चिल्लाने का प्रयास किया। आवाज सुनकर पास में सोए पिता रामप्रवेश और माता शशिकला जाग गई।
रामप्रवेश ने हमला करने वाले राकेश को काबू करने का प्रयास किया। जिस पर राकेश ने चाचा रामप्रवेश के माथे औैर पेट पर चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद आवाज सुनकर छत पर कमरे में सो रहे अमित और राजेश भी आ गए। राकेश ने अपने दोनों चचेरे भाईयों पर भी हमला कर दिया। रामप्रवेश के पेट और माथे पर चाकू लगा।
इसके अलावा अमित और राजेश के सिर औैर चेहरे पर भी चाकू से कई वार किए गए। रामप्रवेश के मकान में हल्ला होने के बाद आसपास के पड़ोसी जमा हो गए। इस दौरान बड़े बेटे राजेश ने मौका पाकर मेन गेट खोल दिया। पड़ोसियों ने हमलावार राकेश को काबू कर लिया।
लोगों ने राकेश की जमकर पिटाई की। इसके बाद उसके पुलिस के हवाले कर दिया। पिटाई के कारण गंभीर रूप से घायल होने की वजह से पुलिस ने आरोपित को पहले बादशाह खान सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से उसके सफदरजंग रेफर कर दिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी के सिर में चोट आई है। इसलिए अभी उससे पूछताछ करना संभव नहीं हैं। पीडि़त पक्ष के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। आरोपी से भी पूछताछ का इंतजार किया जा रहा है।
हमले में मारे गए मृतक राहुल के शव को शवगृह में रखवाया गया। वहीं परिवार के घायल चार सदस्य रामप्रवेश, पत्नी शशिकला, बेटा राजेश और अमित को इलाज के लिए निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया। रामप्रवेश को आइसीयू में दाखिल किया गया। जहां पर उसको डाक्टरों की टीम ने 40 टांके लगाए।
रामप्रवेश के बेटे राजेश ने बताया कि उनका चचेरा भाई चार साल पहले उनकी वर्कशाप से ही काम सीखकर गांव गया था। उसकी पढ़ाई में उसके पिता रामप्रवेश ने काफी सहायता की थी। वह राकेश को समय-समय पर पैसे भी भेजते थे। यहां तक की उन्होंने राकेश को दुकान चलाने के लिए अपनी जमीन भी दे रखी थी। राकेश के पिता का दशरथ पौदार छह साल पहले देहांत हो गया था।
राकेश द्वारा अचानक किए गए हमले का कारण किसी को भी समझ नहीं आ रहा हैं। वहीं यह भी बताया जा रहा है कि राकेश ने यहां पर आने के बाद रामप्रवेश से कहा था कि वह उसके फरीदाबाद आने की सूचना उसके परिवार वालों को न दे। राकेश ने जिस चाकू से हमला किया वह भी अपने साथ लेकर आया था।


