फरीदाबाद,14 जनवरी(रूपेश देव)। आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष हरेंद्र भाटी ने हरियाणा में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर खट्टर सरकार को घेरा। श्री भाटी ने खट्टर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण हरियाणा के हालात दिन प्रतिदिन खराब होते जा रहे हैं। हरियाणा में स्वास्थ्य व्यवस्था पर खट्टर सरकार का कोई ध्यान नहीं है। हरियाणा में भाजपा सरकार पूरे तरह से विफल हो चुकी है। उन्होंने खट्टर सरकार से डॉक्टर्स के खाली पड़े 50 प्रतिशत से ज्यादा पदों को भरने, अस्पतालों में मशीनों के प्रबंध और अस्पतालों के जर्जर हो चुके भवनों को ठीक करवाने की मांग की।
Share
आप जिलाध्यक्ष ने बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर खट्टर सरकार को घेरा
श्री भाटी आज सेक्टर-11 स्थित जिला कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस अवसर पर उनके साथ मुख्य रूप से पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर भड़ाना, लोकसभा अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा, जिला अध्यक्ष ग्रामीण दिनेश मलिक, प्रदेश प्रवक्ता नरेश शर्मा, जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र सरोहा, ब्लॉक प्रधान रवि डागर और चौधरी चन्द्र पाल मौजूद रहे।
आप जिलाध्यक्ष हरेंद्र भाटी ने कहा कि हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बेहतर सुविधाएं नहीं है। हरियाणा के छह मेडिकल कॉलेजों में से केवल रोहतक में न्यूरोसर्जरी और सुपर स्पेशलिटी केयर उपलब्ध है। लेकिन वहां पर भी मरीजों को रेफर किया जाता है, इलाज उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम जैसे शहर में 12 साल से कम आयु वाले बच्चों के लिए बाल चिकित्सा और आईसीयू नहीं है। यदि गुरुग्राम जैसे शहर में ये हालात हैं तो बाक़ी हरियाणा में क्या हालत होंगे।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों में सही व्यवस्थाएं न होने के कारण नर्सें भी हड़ताल पर रही और डॉक्टर भी सडक़ों पर उतर चुके हैं। इसके अलावा ज्यादातर समय स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज भी हड़ताल पर ही रहते हैं। स्वास्थ्य मंत्री मुख्यमंत्री से खुश नहीं है और डॉक्टर सरकार से खुश नहीं हैं। बड़े बड़े अस्पतालों में भी मशीनें नहीं हैं। सरकारी अस्पतालों की हालत इतनी बुरी है कि एक बेड पर तीन-तीन मरीजों का इलाज हो रहा है। इसके अलावा अस्पतालों में न बिजली, न डॉक्टर और न दवाइयां हैं। उन्होंने कहा कि इस चौपट स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पतालों के बदहाल हालात की वजह से लोगों को मजबूरन प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के लिए जाना पड़ता है, जहां इलाज बहुत महंगा है।
उन्होंने कहा कि बड़े प्राइवेट अस्पताल सीजीएचएस पैनल में इलाज करने से बचते हैं। अपॉइंटमेंट के लिए लटका देते हैं, क्योंकि सरकार से कम पैसे मिलते हैं और लंबे समय के बाद मिलते हैं। इसके अलावा आयुष्मान कार्ड पर इलाज के रेट सीजीएचएस से भी 20त्न कम है और सरकार अस्पतालों को पैसा देती नहीं, इसलिए प्राइवेट अस्पताल सीजीएचएस और आयुष्मान कार्ड पर इलाज करने से बचते हैं।
उन्होंने कहा कि जहां हरियाणा में सरकारी अस्पताल सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ पंजाब सरकार ने अपना हेल्थ का बजट 400त्न बढ़ा दिया। पंजाब के गांव-गांव में विश्व स्तरीय मोहल्ला क्लीनिक खुल रहे हैं जहां हर तरह की बीमारी का इलाज मुफ्त हो रहा है। दिल्ली और पंजाब में हुई स्वास्थ्य क्रांति से हरियाणा की जनता बहुत प्रभावित है। अब जनता हरियाणा में भी अरविंद केजरीवाल का हेल्थ मॉडल लाना चाहती है। 2024 में हरियाणा की जनता आम आदमी पार्टी को सत्ता में लाना चाहती है।
Read more


