फरीदाबाद। सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन डॉ एमपी सिंह ने बताया कि आईएमटी स्थित फायर ब्रिगेड के ट्रेनिंग सेंटर में पूरे हरियाणा से आए हुए फायर ऑफिसरों को प्राथमिक सहायता का प्रशिक्षणदेकर विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस मनाया गया ।

डॉ एमपी सिंह ने बताया कि आकस्मिक दुर्घटना के वक्त सही प्राथमिक सहायता देकर दुर्घटनाग्रस्त लोगों को बचाया जा सकता है प्राथमिक सहायता देना इंसानियत और हिम्मत का काम है ।
उन्होंने बताया कि जब कोई व्यक्ति श्वास न ले रहा हो और बेहोशी की हालत में हो तो उसे कोई खाद्य व पे पदार्थ नहीं देना चाहिए और अति शीघ्र सीपीआर देकर उसको खतरे में से निकालने की कोशिश करनी चाहिए। सीपीआर हमेशा जमीन पर लिटाकर दिया जाता है और जब तक लिया जाता है जब तक पेट ऊपर नीचे न करने लगे।

उन्होंने हार्टअटैक, सर्वाइकल अटैक, मिर्गी कादौरा, पानी में डूब जाना, बिजली का झटका लग जाना, जलना और झुलसना, हड्डीटूट, सांप व बिच्छू का काट लेना, तेज बुखार हो जाना, उल्टी दस्त लग जाना, तिजाव पी लेना, सल्फासकी गोली खा लेना, मिट्टी का तेल पी लेना, बिस्तर के घाव हो जाना, गनशॉट और चाकू के घाव हो जाना, पर क्या प्राथमिक सहायता करनी चाहिए और खून को कैसे रोकना चाहिए तथा नजदीकी अस्पताल को कैसे ले जाना चाहिए। उक्त सभी की विस्तृत जानकारी देकर विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस मनाया।

