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Tuesday, February 24, 2026

गोपाष्टमीः गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास में सहभागी बने आमजन – नायब सैनी

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करनाल की श्री कृष्ण गौशाला में आयोजित गोपाष्टमी कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मुख्यमंत्री

अपने ऐच्छिक कोष से गौशाला को 21 लाख रुपये देने की घोषणा की

करनाल। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि गायों की सुरक्षा के लिए गौ भक्तों को जन जागरण चलाना होगा। गौ सेवा सबका नैतिक दायित्व है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गायों को सड़कों पर न छोड़ें और गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों में सहभागी बनें। गोबर व गौमूत्र से बने उत्पादों का उपयोग करें। उन्होंने श्री कृष्ण गौशाला, करनाल को अपने ऐच्छिक कोष से 21 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।

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मुख्यमंत्री गुरुवार को श्री कृष्ण गौशाला में आयोजित गोपाष्टमी महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इससे पहले उन्होंने गौशाला में गायों की पूजा की, गायों को चारा खिलाया और यहां बने चिकित्सालय का दौरा कर गौवंश के लिए उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने गोपाष्टमी की बधाई देते हुए कहा कि यह भारतीय सनातन जीवन का पवित्र दिन है जो हमें संस्कृति, भाईचारे और प्रेम भाव से जोड़ता है। यह केवल पर्व नहीं बल्कि करूणा, सेवा और कर्तव्य बोध का प्रतीक है।

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गौमाता का सामाजिक और आध्यात्मिक महत्व

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गौ माता का जहां सामाजिक और आध्यात्मिक महत्त्व है वहीं इसका संबंध गोधन से भी रहा है। प्राचीन समय में जिसके पास जितनी अधिक गायें होती थीं उसे उतना ही अधिक समृद्ध माना जाता था। पौराणिक कथाओं के अनुसार देवी-देवताओं और असुरों के बीच हुए समुद्र मंथन से निकले 14 रत्नों में एक कामधेनु गाय थी। एक कथा अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने गौ-गोपियों के लिए जब गोवर्धन पर्वत धारण किया तब आठवें दिन इंद्र देवता भगवान श्रीकृष्ण की शरण में आए। उन्होंने कामधेनु श्रीकृष्ण का अभिषेक किया और उनका नाम गोविंद रखा। तभी से अष्टमी को गोपाष्टमी के रूप में मनाया जाता है।

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गाय का दूध फायदेमंद

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गाय को आध्यात्मिक और दिव्य गुणों का स्वामी भी कहा जाता है। गाय को माता का दर्जा दिया गया है। उसका दूध अमृत के समान माना जाता है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध से यह साबित हुआ है देसी गाय का दूध कई रोगों में काफी फायदेमंद है। यह मां के दूध के समान गुणकारी माना जाता है।

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संवर्धन व संरक्षण के लिए उठाए कई कदम

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने गौशालाओं के विकास, गौवंश के संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। 11 साल पहले गौ सेवा आयोग को मात्र 2 करोड़ की ग्रांट दी जाती थी, लेकिन भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद इसमें लगातार वृद्धि की। गायों के संरक्षण व उनके संवर्धन के लिए सरकार ने बजट 600 करोड़ कर दिया है। उन्होंने ने बताया कि प्रदेश में 2014 में 215 पंजीकृत गौशालाओं में 1.75 लाख गौवंश था लेकिन आज 686 गौशालाओं में 4 लाख से अधिक गौवंश है। गौशालाओं के लिए 800 ई-रिक्शा खरीदने की प्रक्रिया जारी है। गौशालाओं को 2 रुपये प्रति यूनिट बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। गौशालाओं के लिए जमीन की रजिस्ट्री करवाने की स्टांप ड्यूटी खत्म कर दी गई है।

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गौशालाओं में शेड निर्माण जारी

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि गायों की जांच के लिए जिन गौशालाओं में 3 हजार से अधिक गौवंश हैं वहां सप्ताह में एक दिन पशु चिकित्सक और इससे कम संख्या वाली गौशालाओं में वीएलडीए की ड्यूटी लगाई गई है। इतना ही नहीं मोबाइल पशु चिकित्सालय की सेवाएं भी गौशालाओं के लिए उपलब्ध कराई गई है। बेसहारा गौवंश के लिए प्रदेश में दो गौ अभयारण्य बनाए गए हैं। गौशालाओं में शेड बनाने के लिए प्रति गौशाला 10 लाख का अनुदान देने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है। 51 गौशालाओं में शेड बनाए जा चुके हैं, बाकी में काम जारी है।

चारे के लिए अनुदान

उन्होंने बताया कि 605 गौशालाओं के लिए 88 करोड़ 50 लाख रुपये चारे के लिए अनुदान के रूप में दिए गए हैं। पंजीकृत गौशालाओं को 11 सालों में 388 करोड़ 60 लाख का अनुदान चारे के लिए दिया गया है। देसी नस्ल की गायों के संवर्धन व संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन लागू किया है। उन्होंने कहा कि सरकार गायों की नस्ल सुधारने और गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास कर रही है। गाय के गोबर और गोमूत्र से प्राकृतिक फिनाइल, जैविक खाद, गोबर के बर्तन, दीया, साबुन, उपले गमला, धूप, गौ अर्क जैसे उत्पाद बनाए जा रहे हैं। पंचगव्य उत्पादन के लिए गौशालाओं को मांग अनुसार जरूरी मशीनरी की खरीद के लिए मदद दी जा रही है। प्रदेश की 101 गौशालाओं को 6 करोड़ 50 लाख रुपये की अनुदान राशि पहुंचाई गई है।

गोपाष्टमी के महत्त्व पर डाला प्रकाश

उन्होंने कहा कि गौ माता की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाया गया है। गौ हत्या करने वाले को दस वर्ष और गौ तस्करी करने वाले को सात साल के कारावास का प्रावधान किया गया है। श्री सैनी ने कहा कि गायों की सुरक्षा के लिए गौ भक्तों को जन जागरण चलाना होगा।

इससे पहले गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने गोपाष्टमी के महत्व पर प्रकार डाला। उन्होंने कहा कि गौ माता सामान्य प्राणी नहीं बल्कि सनातन परंपराओं का प्राण है। प्राण सुरक्षित रहेंगे तो निश्चित रूप से जीवन सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि हम सभी को गौ पालन करना चाहिए। गौ सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं है

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