केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने हरियाणा के फरीदाबाद में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक की अध्यक्षता की
फरीदाबाद । केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज हरियाणा के फरीदाबाद में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, पंजाब के मुख्यमंत्री श्री भगवंत मान, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री श्री उमर अब्दुल्ला, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, संघ शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया, जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल श्री मनोज सिन्हा, दिल्ली के उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना और लद्दाख के उप-राज्यपाल श्री कविंदर गुप्ता तथा इन राज्यों एवं संघशासित प्रदेशों के वरिष्ठ मंत्री भी शामिल हुए। बैठक में केन्द्रीय गृह सचिव, अंतर राज्य परिषद सचिवालय के सचिव, सदस्य राज्यों के मुख्य सचिव/ सलाहकार और राज्य सरकारों तथा केन्द्रीय मंत्रालयों एवं विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

बैठक की शुरुआत में दिल्ली में हाल ही में हुए कार बम विस्फोट और जम्मू-कश्मीर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए विस्फोट में जान गँवाने वाले लोगों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की गई और दो मिनट का मौन रखा गया। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आतंकवाद को जड़ से समाप्त करना हम सबकी साझी प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के अब तक के रिकार्ड के अनुरूप दिल्ली बम विस्फोट के दोषियों को हम पाताल से भी ढूंढ कर देश की न्यायिक व्यवस्था के सामने खड़ा करेंगे और उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाएंगे।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का दृष्टिकोण है कि सशक्त राज्य ही सशक्त राष्ट्र का सृजन करते हैं, इसे ज़मीन पर उतारने में क्षेत्रीय परिषदों का बहुत महत्व है। संवाद, सहयोग, समन्वय और ‘पॉलिसी सिनर्जी’ के लिए क्षेत्रीय परिषदें बहुत महत्वपूर्ण हैं। इन परिषदों के माध्यम से कई प्रकार की समस्याओं को हल किया गया है। उन्होंने कहा कि अभी भी महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में जल्द सजा दिलाने में विलंब, कुपोषण और ठिगनापन (Stunting) जैसी कई समस्याएं हैं जिनसे देश को मुक्त करने की ज़रूरत है। श्री शाह ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ POCSO अधिनियम के तहत यौन अपराध और बलात्कार के मामलों की त्वरित जांच पर बल देते हुए कहा कि ऐसे घृणित अपराध को कोई भी सभ्य समाज स्वीकार नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसके लिए फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों (FTSC) की संख्या बढ़ाई जाए।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि सहकारिता, कृषि और मछली पालन गरीबी दूर करने और रोजगार प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता, कृषि और मछली पालन से गरीबी दूर हो रही है और रोजगार बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘सहकार से समृद्धि’ के मंत्र का उल्लेख करते हुए श्री शाह ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावना है। उन्होंने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद के साथ रोजगार, खासकर स्वरोजगार में वृद्धि से ही हम एक विकसित भारत के स्वप्न को साकार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ जीडीपी देश की समृद्धि का परिचायक नहीं होता बल्कि समृद्धि तभी मानी जाती है जब हर व्यक्ति गरीबी रेखा से ऊपर आ जाता है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय ने देश भर में सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 57 पहल की हैं। इनमें प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के कंप्यूटरीकरण, तीन नई राष्ट्रीय सहकारी समितियों की स्थापना और त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी की स्थापना शामिल है।

श्री अमित शाह ने कहा कि क्षेत्रीय परिषदों की मूल भावना और भूमिका सलाहकारी है, लेकिन पिछले दशक में इसे एक्शन ओरियंटेड प्लेटफॉर्म के रूप में स्वीकारा गया है और इसके परिणाम भी मिले हैं। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच, क्षेत्र और राज्यों के बीच और केन्द्र और राज्य सरकारों के साथ फॉलोअप के साथ मुद्दों को हमने स्वीकारा भी है और इनके समाधान प्राप्त करने के लिए ठोस रास्ता भी बनाया है। श्री शाह ने कहा कि हमारा लक्ष्य स्पष्ट है – Regional Strength के साथ National Progress औऱ हर क्षेत्र में भारत की Global Leadership, जो हमें महान भारत की रचना की ओर ले जाती है। गृह मंत्री ने कहा कि सभी राज्य जल संसाधन प्रबंधन और पानी की समस्या दूर करने के लिए आपसी समन्वय से काम करें।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के अनुपात में 2014 से 2025 तक क्षेत्रीय परिषदों की बैठकों में लगभग ढाई गुणा बढ़ोत्तरी हुई है और हमने इन बैठकों को सार्थक भी बनाया है। उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 में क्षेत्रीय परिषद और स्थायी समिति की कुल 25 बैठकें हुई थीं जबकि 2014 से 2025 के दौरान अब तक 64 बैठकें हुई हैं। उन्होंने कहा कि बैठकों की संख्या में दोगुनी से अधिक बढ़ोत्तरी प्रधानमंत्री मोदी जी के TEAM Bharat के कॉन्सेप्ट को उद्घोषित करती है।

