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Tuesday, February 24, 2026

इंदौर के युवा छात्र पुनीत वदेका ने बनाया स्पेस में चलने लायक हल्का टेलीस्कोप

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उज्जैन । आधा किलो वजनी टेलीस्कोप आधुनिक तकनीक से लेस मौसम के कठिन उतार चढ़ाव और दबाव को आसानी से सहन कर सकने वाला टेलीस्कोप मीरा उज्जैन के युवा इंदौर के प्रसिद्ध जी एस आई टी एस प्रोडक्शन विभाग के मास्टर युवा वैज्ञानिक पुनीत वदेका द्वारा बनाया गया सबसे हल्का टेलीस्कोप है। विभिन्न प्रयोगशालाओं के मापदंडो पर खरा उतरने के बाद इसी माह इसरो के माध्यम से स्पेस में भेजा जाने वाला है।

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हैदराबाद की स्टार्टअप ई ओ एन लैब ने देश की पहली मिनी टेलीस्कोप मीरा को नासा के कड़े मापदंड परीक्षणों के बाद उपयोग करने लायक सफल पाया है। यह भारत की अंतरिक्ष तकनीक शोध मे पाई गई देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भारतीय लैब में बनी यह टेलीस्कोप नासा के थर्मो वैक्यूम टेस्ट क्लियर कर चुकी है। अहमदाबाद की एनएबीएल जैसी लैब जहां इस टेलीस्कोप को – 20 डिग्री सेंटीग्रेड से + 60 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान में बेहद कम दबाव जैसी परिस्थितियों में रख परीक्षण किया गया है। इस दौरान इसके तकनीकी ऑपरेशन में कोई बदलाव, संरचनात्मक कमी या गैस रिसाव न पाया जाकर इस स्पेस में भेजने लायक सुरक्षित टेलीस्कोप माना गया है।


इस टेलीस्कोप को सहयोगी सेटेलाइट के हाई परफॉर्मेंस ऑन बोर्ड कंप्यूटर से जोड़कर भी देखा जा चूका है। इससे अंतरिक्ष की इमेज लेकर स्वचालित प्रक्रिया से सफलतापूर्वक आदान प्रदान को अंजाम दिया गया है। इसके अलावा इसे ड्रोन और एयरक्राफ्ट में आसानी से उपयोग किया जा सकेगा। सरकार के लिए पुनीत का बनाया यह टेलीस्कोप बहु आयामी उपयोग किया जा सकेगा। जैसे सीमाओं पर निगरानी, भारतीय समुद्री सीमा में चलने वाली गतिविधियां, जंगलों के पेड़ पहाड़ वन्य जीवों पर नजर रखना, फसलों के रखरखाव पर नजर,बांधों का निरीक्षण, आपराधिक गतिविधियों पर भी नजर इससे रखी जा सकेगी। साथ ही इस भारतीय टेलिस्कोप के कारण स्पेस के निगरानी जैसे क्षेत्र में देश की निर्भरता भी बढ़ेगी।

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