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Friday, January 9, 2026

जी राम जी योजना का उद्देश्य हर हाथ को काम और हर चेहरे पर मुस्कान : विपुल गोयल

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ग्रामीणों को मिलेगी 125 दिन के रोजगार की गारंटी : विपुल गोयल

पलवल। कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि वीबी-जीरामजी योजना स्थायी आजीविका की गारंटी है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिन का रोजगार मिलेगा और गांवों में रोजगार और आत्मनिर्भर की नई क्रांति आएगी। श्री गोयल बुधवार को पलवल स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

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विपुल गोयल ने कहा कि कांग्रेस के शासन में मनरेगा भ्रष्टाचार का केंद्र बन गई थी, लेकिन जीरामजी योजना पारदर्शी और और ग्रामीणों के लिए फायदा की योजना है। श्री गोयल ने वीबी जीरामजी योजना की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार ने ग्रामीणों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए रोजगार के दिनों की संख्या को 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मजदूरी के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी होती है तो लाभार्थी को अतिरिक्त मुआवजे का प्रावधान किया गया है। साथ ही बेरोजगारी भत्ते के नियमों को पहले से कहीं अधिक सख्त और प्रभावी बनाया गया है ताकि पात्र व्यक्तियों को उनका हक मिल सके।

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मंत्री विपुल गोयल ने कहा अब गाँव के विकास की रूपरेखा दिल्ली से नहीं बल्कि ग्राम सभा और ग्राम पंचायतों द्वारा स्वयं तैयार की जाएगी। योजना के तहत कम से कम 50 प्रतिशत कार्य सीधे ग्राम पंचायतों के माध्यम से करवाए जाएंगे। जॉब कार्ड जारी करने, परिवारों के पंजीकरण और काम के आवेदन लेने जैसी महत्वपूर्ण शक्तियां अब पूरी तरह से पंचायतों के पास होंगी।


श्री गोयल ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गाँवों में ही स्किल सेंटर और ’हाट’ (बाजार) विकसित किए जाएंगे। बुवाई या कटाई के पीक सीजन के दौरान मजदूरों की कमी न हो इसके लिए राज्य सरकार साल में अधिकतम 60 दिनों तक योजना के कार्यों को स्थगित कर सकेगी। फील्ड स्टाफ (ग्राम रोजगार सहायक, मैट और फील्ड असिस्टेंट) के बेहतर संचालन के लिए प्रशासनिक खर्च को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है।


श्री गायेल ने कहा कि भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। अब काम पर बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य होगी और कार्यों की जांच मोबाइल ऐप व सैटेलाइट के जरिए की जाएगी। इसके अतिरिक्त गाँव के नागरिकों को सोशल ऑडिट का अधिकार दिया गया है ताकि वे स्वयं विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित कर सकें।


कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि कांग्रेस के शासन में मनरेगा में जमकर भ्रष्टाचार होता था, लेकिन जीरामजी योजना पूरी तरह से पारदर्शी है। उन्होंने कहा कि जीरामजी योजना को लेकर कांग्रेस झूठ फैला रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य इस अधिनियम के माध्यम से हर ग्रामीण हाथ को काम और हर ग्रामीण चेहरे पर मुस्कान लाना है।


जिला अध्यक्ष विपिन बैंसला ने कहा कि जीरामजी योजना का मूल उद्देश्य भ्रष्टाचार-मुक्त ग्राम पंचायत, सुशासन और जनभागीदारी हैं, जिससे आत्मनिर्भर और सशक्त गाँवों का निर्माण संभव होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए गरीब, किसान और मजदूर का विकास हमेशा प्राथमिकता रहा है।


प्रेसवार्ता के दौरान जिला अध्यक्ष विपिन बैंसला, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष उषा प्रियदर्शी, एडीसी सुनीता, डीपीओ उपमा अरोड़ा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। जिला संयोजक गिर्राज डागर, सहसंयोजक जयसिंह चौहान, नरेंद्र नंबरदार, जयराम प्रजापति, पूर्व जिला अध्यक्ष चरणसिंह तेवतिया, जवाहर सिंह सोरोत, मनोज रावत, डॉक्टर हरेंद्र पाल राणा, सूरज पांडे, नितिन शर्मा मीडिया सलाहकार, जिला मीडिया प्रभारी सागर चौहान, मंडल अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता, सोनू डागर, शालिनी सैनी, भावना अहलावत, पूरन चंद्र जांगड़ा, युवा मोर्चा अध्यक्ष प्रदीप चंदीला, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी, जीत चौधरी, प्रेम सिंह राठौड़, एकता चौधरी, आशा भारद्वाज, दिनेश भाटी, प्रवीण ग्रोवर, गोपी, सोनू गुप्ता, दिनेश पांचाल, शैलेंद्र आदि प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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