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Thursday, March 12, 2026

आईआईएएफ की पहल: MSME, DGFT और सरकारी विभागों के साथ किया संवाद

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IIAF हमेशा उद्योगों की समस्याओं को सरकार तक पहुँचाने का कार्य करता रहेगा – प्रमोद राणा

फरीदाबाद,रूपेश देव। आईएमटी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन फरीदाबाद (IIAF) द्वारा एमएसएमई निदेशालय हरियाणा के सहयोग से IMT फरीदाबाद स्थित विक्टोरा ऑटो में उद्योगपतियों और निर्यातकों के लिए एक नेटवर्किंग एवं क्षमता निर्माण सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योगों को निर्यात से संबंधित नई नीतियों, सरकारी योजनाओं तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार के अवसरों की जानकारी देना और उद्योगों को इनका लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित करना था।

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कार्यक्रम का संयोजन आईएमटी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद राणा ने किया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और उद्योगपतियों का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार और उद्योगों के बीच निरंतर संवाद से एमएसएमई क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि IIAF हमेशा उद्योगों की समस्याओं को सरकार तक पहुँचाने और उनके समाधान के लिए सक्रिय रूप से कार्य करता रहेगा।

महानिदेशालय विदेशी व्यापार (DGFT) के उप निदेशक हेमंत कुमार ने निर्यात से संबंधित नई नीतियों और प्रक्रियाओं की जानकारी देते हुए बताया कि अब उद्योगों को आयात के समय तुरंत इंपोर्ट ड्यूटी जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी। एक विशेष सर्टिफिकेट के आधार पर उद्योग लगभग छह वर्षों तक इंपोर्ट ड्यूटी जमा किए बिना कच्चा माल आयात कर सकते हैं, बशर्ते निर्धारित अवधि में उसके बदले निर्यात किया जाए। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था उद्योगों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी और इससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने उद्योगपतियों को Import Export Code (IEC), DGFT पोर्टल की सुविधाओं तथा निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी भी दी।

उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार द्वारा विभिन्न देशों के साथ किए गए फॉरेन ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के तहत कई उत्पादों पर आयात और निर्यात शुल्क लगभग शून्य हो गया है, जिससे भारतीय उद्योगों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में नए अवसर उपलब्ध हुए हैं।

इस अवसर पर जिला एमएसएमई केंद्र फरीदाबाद के उप निदेशक रामनदीप ने हरियाणा सरकार द्वारा एमएसएमई और निर्यातकों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक्सपोर्ट प्रमोशन सहायता राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दिया है, जिससे उद्योगों को निर्यात बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

एमएसएमई निदेशालय हरियाणा के प्रतिनिधियों सारंग खन्ना, बिनवंत सिंह तथा राजन धीमन (GIFT Cell) ने राज्य सरकार की प्रमुख औद्योगिक पहलों, RAMP कार्यक्रम तथा MSMEs को बाजार से जोड़ने और नियामकीय सहायता प्रदान करने की विभिन्न व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी साझा की।

ECGC की ब्रांच मैनेजर प्रियंका ने निर्यातकों के लिए उपलब्ध क्रेडिट रिस्क इंश्योरेंस तथा वित्तीय सुरक्षा योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि ये योजनाएँ विदेशी खरीदारों द्वारा भुगतान न होने तथा अन्य व्यापारिक जोखिमों से निर्यातकों को सुरक्षा प्रदान करती हैं।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित ओपन हाउस इंटरैक्शन में उद्योगपतियों ने अपनी समस्याएँ और सुझाव अधिकारियों के साथ साझा किए और सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर चर्चा की।

इस अवसर पर आईआईएएफ की जनरल सेक्रेटरी रश्मि सिंह, एडिशनल जनरल सेक्रेटरी अजय अभरोल, जॉइंट सेक्रेटरी तेज चौधरी, ट्रेज़रार देवेंद्र गोयल, सीनियर वाइस प्रेजिडेंट एच.एस. शेखो, वाइस प्रेजिडेंट वी.पी. गोयल, चेयरमैन डी.पी. यादव, वी.पी. दलाल, ब्लॉक लीडर पनीत गुप्ता, अमित खन्ना, अजय लोकोटिया सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति उपस्थित रहे।

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