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Thursday, March 19, 2026

माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बाद नहर पार के किसानों को आवासीय प्लाट मिलने की बनी उम्मीद : शिवदत्त वशिष्ठ

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DEKHO NCR
डूबतो को तिनके का सहारा, उच्च न्यायालय के आदेश के बाद

फरीदाबाद, 19 मई (रूपेश कुमार )। नहरपार ग्रेटर फरीदाबाद किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष शिवदत्त वशिष्ठ एडवोकेट ने किसानों को बुलाकर सेक्टर 12 में जानकारी दी कि उच्च न्यायालय के फैसले के बाद 18 शहरों में विस्थापितों को प्लाट देगी सरकार। इस सूची में फरीदाबाद का भी नाम सम्मिलित है। वशिष्ठ ने बैठक में बोलते हुए कहा कि सेक्टर 75/80 के लिए किसानों की बैगर मर्ज़ी के लगभग 300 ऐकड. जमीन का अधिग्रहण किया गया था। 

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इस जमीन को मात्र सोलह लाख रुपये प्रति एकड़ से अधिग्रहीत किया गया था। किसानों को जानकारी देते हुए कहा कि जिन भी नहर पार के किसानों की जमीन अधिकृत की गई है उन्हे सरकार उच्च न्यायालय के आदेश पर फार्म भरवाएगी और रिहायशी प्लॉट देगी। वशिष्ठ ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को किसानों के हक में ऐतिहासिक फैसला बताया ।इस फैसले से किसानों को आवासीय प्लाट मिलने की उम्मीद जगी है। नहर पार के किसानों ने कई वर्षों तक अपनी जमीन को बचाने के लिए कई वर्षों तक आंदोलन किया लेकिन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने किसानों को ना तो लैंड पूलिंग पॉलिसी में जोड़ा और ना ही रिहायशी प्लाट दिए । किसानों की जमीन अधिकृत होने के बाद भी किसानों को कोई फायदा नहीं हुआ।और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने किसानों कि जमीनों पर प्लाट काट कर बहुत मोटे मुनाफ़ा में बेच दिया।माननीय उच्च न्यायालय ने किसान संघर्ष समिति ग्रेटर फरीदाबाद की याचिका व विभिन्न याचिकाओं का निपटारा करते हुए हरियाणा सरकार को नीति के मुताबिक जमीन मालिकों को अधिग्रहण के बदले में आवासीय प्लाट देने का निर्देश दिया है।इस फैसले को लेकर नहर पार के किसानों ने खुशी जाहिर की है। किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष शिवदत्त वशिष्ठ एडवोकेट ने कहा कि नहर पार के किसानों के संघर्ष से अन्य जिलों के किसानों को प्लाट मिलने की उम्मीद बन गई हैं  वशिष्ठ ने सरकार से अपील की है की जिन किसानों की जमीनों को अधिकृत करके प्लाट काटे  गए है। उन्हें जमीन मे रिहायशी प्लाट कम दर के हिसाब से आवंटित किए जाए।और कम दर पर किसानों से पैसा लिया जाए । जमीन अधिकृत होने के बाद नहरपार के किसानों की हालत गंभीर व नाजुक बन गई उनके पास कमाने का जरिया समाप्त हो गया। किसान कि आर्थिक स्थिति खराब हो गई।अब किसान 50,000 हजार रुपये के साथ अपना फार्म हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में जमा करा सकते हैं। इस मौके पर किसान दयाराम , रघुवीर सिंह नागर , कमल , रामफल , जगजीत , रघुबीर सिंह , भारत , शरद शर्मा , नरेंद्र कुमार,सुरेंद्र वशिष्ठ,हर्ष वशिष्ठ,विजय पाल , कुलदीप जोशी , कमल दलाल  हरदीप बसोया ,प्रदीप सिद्धू , सागर नागर,आदि सैकड़ों किसान मौजूद रहे ।

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