कैथल, 19 अप्रैल
(रूपेश कुमार )। हरियाणा के कैथल में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने पूर्व पार्षद को 4 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। वह DC को रुपए देने के नाम पर व्यापारी से ज्यादा रुपए मांग रहा था। व्यापारी को डर दिखाया था कि यदि पैसे नहीं दिए तो कार्रवाई पक्की समझो। इसके बाद व्यापारी ने एंटी करप्शन ब्यूरो से उसे पकड़वा दिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सेक्टर-19 निवासी कमल मित्तल के रूप में हुई है। आरोपी RTI और सीएम विंडो पर शिकायतें करके और समझौता करने की एवज में रुपए लेता था। टीम यह पता करने की कोशिश कर रही है कि वह किन अधिकारियों के संपर्क में था और अब तक कितने रुपए ऐंठ चुका था।
कैथल निवासी व्यापारी संदीप गर्ग ने 18 मार्च को एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत दी थी। बताया कि उसकी पुराने बस स्टैंड के पास जमीन है, जिस पर उसने बिल्डिंग बनवाई थी। आरोपी ने इसकी शिकायत कर बिल्डिंग को सील करवा दिया था। इसके लिए उसे कई दिन सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने पड़े, कुछ कागज भी तैयार कराए, लेकिन मामला उलझा ही रहा।
5 लाख 20 हजार रुपए लेकर सील खुलवाई
व्यापारी संदीप गर्ग ने आगे बताया कि बिल्डिंग बनाने में उसका काफी पैसा खर्च हो गया था। वह बिल्डिंग को शुरू करने ही जा रहा था कि उसे सील करा दिया गया। इसके बाद उसके शिकायतकर्ता कमल मित्तल से संपर्क साधा। उसने 5 लाख 20 हजार रुपए लेकर सील को खुलवा दिया। इसके बाद भी आरोपी ने RTI और सीएम विंडो पर उसकी शिकायत कर दी।
डीसी के नाम पर 4 लाख रुपए मांगने लगा
व्यापारी संदीप गर्ग ने बताया कि उसकी बिल्डिंग की सील खुल गई थी। वह खुश था कि तभी पता चला कि कमल मित्तल ने उसकी दोबारा शिकायत कर दी है। उसने फिर कमल से संपर्क किया और पूछा कि वह तो रुपए दे चुका है और सील भी खुल चुकी है, अब शिकायत क्यों। आरोप है कि कमल ने उसे जवाब दिया कि कुछ पैसे DC भी तो मांग रहा है। बड़े अधिकारी है, उन्हें हिस्सा नहीं मिला तो कार्रवाई हो जाएगी। व्यापार तक नहीं कर पाओगे। 4 लाख रुपये देने की डिमांड रखी।
व्यापारी ने एसीबी से की शिकायत, बिछाया गया जाल
संदीप गर्ग ने आगे बताया कि कमल मित्तल की डिमांड सुनकर वह परेशान हो गया। सोचा कि यदि अब रुपए दे दिए तो कमल कोई न कोई शिकायत कर उसे परेशान करता रहेगा। इसीलिए उसने एंटी करप्शन ब्यूरो से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद ACB टीम ने उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया। टीम ने उसे 4.20 लाख रुपए देकर उसे कमल के बताए गए होटल में भेज दिया। जैसे ही उसने रुपए कमल को थमाए, वैसे ही टीम ने उसे दबोच लिया।


