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फरीदाबाद, 17 अप्रैल
(रूपेश देव)। ओल्ड फरीदाबाद स्थित महिला आईटीआई की प्रधानाचार्य संतोष कुमारी ने बताया कि आज चीफ वार्डन सिविल डिफेंस एवं विषय विशेषज्ञ आपदा प्रबंधन डॉ एमपी सिंह ने महिला आईटीआई में पढ़ने वाली छात्राओं तथा अध्यापकों को नशा से होने वाली बीमारियों के बारे में बताया।
डॉ एमपी सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार नशा मुक्ति के लिए ठोस कदम उठा रही है इसकी शुरुआत हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री माननीय मनोहर लाल खट्टर के द्वारा की गई थी। लेकिन अब हरियाणा के मुख्यमंत्री माननीय नायब सिंह सैनी के द्वारा पूरे हरियाणा में साइक्लोथों के माध्यम से युवाओं को जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए मनोवैज्ञानिक डॉ एमपी सिंह ने छात्राओं और महिलाओं को नशा से दूर रहने के लिए जागरूक किया गया।
डॉ एमपी सिंह ने बताया कि अधिकतर लड़कियां दसवीं कक्षा से ड्रग्स लेना शुरू कर देती है क्योंकि वह अबोध बालिका होती है। उनको इसके बारे में ज्यादा समझ नहीं होती है किसी का पिता नहीं होता है तो किसी की माता नहीं होती है, कोई गरीबी से जूझ रही होती है तो कोई पढ़ाई से परेशान होती है, कोई बीमारी से परेशान होती है तो कोई आस पड़ोस के लोगों से परेशान होती है, किसी को नौकरी नहीं मिल पाती, किसी की विवाह शादी टूट जाती है तो किसी का बॉयफ्रेंड धोखा दे जाता है । अनेकों वजह से लड़कियां ड्रग्स लेना शुरू कर देते हैं कई बार लोग नौकरी के नाम पर या मदद के नाम पर उनका शोषण करते हैं और गलत वीडियो फिल्म बना लेते हैं जिसकी वजह से अधिकतर लड़कियां विरोध नहीं कर पाती हैं और नशे की आदि हो जाती हैं।
इस अवसर पर डॉ एमपी सिंह ने नशा से होने वाली बीमारियों और इलाज के बारे में भी बताया तथा पुनर्वास केंद्र की जानकारी दी इस अवसर पर सभी छात्राओं और अध्यापकों ने एक जागरूकता रैली का आयोजन किया। जो फरीदाबाद शहर के विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए वापस महिला आईटीआई पर समापन हुआ इस अवसर पर जी आई नरेश कुमार ने आए हुए अतिथियों का धन्यवाद किया तथा सभी विद्यार्थियों ने शपथ ग्रहण की।

