पूर्व मंत्री महेन्द्र प्रताप सिंह जमाई कालोनी में उजड़े हुए लोगों से मिलने पहुंचे
फरीदाबाद, 17 अप्रैल
(रूपेश देव)। बुधवार को लोकसभा से कांग्रेस के प्रत्याशी एवं पूर्व मंत्री चौधरी महेन्द्र प्रताप सिंह बडख़ल विधानसभा क्षेत्र की जमाई में हुई तोडफ़ोड़ के बाद बेघर हुए लोगों से मिलने पहुंचेे। उजड़े हुए लोगों ने उन्हें बताया कि करीब 40-40 सालों से जमाई कालोनी में रहते आए और मंगलवार को अचानक उनके आशियानों को भारी पुलिस बल के साए में तहस नहस कर दिया गया जबकि जमाई कालोनी का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है, क्योंकि यह जमीन बडखल गांव की है और यहां के बाशिंदे सालों से यहां रह रहे हैं।
लोगों का कहना था कि तोडफ़ोड़ के दौरान उनका घर का सामान तक नहीं निकालने दिया गया। अब भीषण गर्मी में बेघर हुए लोग खुले में पड़े हैं। पूर्व मंत्री चौधरी महेन्द्र प्रताप सिंह ने लोगों के दुखड़े सुनते हुए कहा कि मामला जब कोर्ट में विचाराधीन था तो ऐसी कौन सी जल्दबाजी थी कि प्रशासन को लोगों को उजाड़ने की ।
उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं की हत्या हो रही है। भाजपा सरकार सामाजिक समरसता को बिगाड़ रही है, लोगों के साथ सरासर अन्याय हो रहा है। इस मामले में तो सरकार सुप्रीम कोर्ट में गई हुई है। फिर भी लोगों के अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी भेदभाव की नीति से काम कर रही है। इनका मकसद केवल आपसी भाईचारा खराब करना एवं सांप्रदायिक भावना फैलाना है। यहीं कारण है कि बीजेपी सरकार और जिला प्रशासन भेदभाव की नीति से कम कर रही है। जानबूझकर बार-बार गांव बडकल को निशाना बनाया जाता है, जबकि विकास के नाम पर एक ईट गांव बड़खल में नहीं लगाई गई। भेदभाव की नीति से कार्यवाही कर भाजपा सरकार प्रदेश में सांप्रदायिक अस्थिरता पैदा करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध करना चाहिए। कोर्ट में जितना भी पैसा लगेगा वह लगाएगे।