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डीसी विक्रम सिंह ने “स्टेट-ऑफ-द-आर्ट” ई-लाइब्रेरी निर्माण कार्य का किया निरीक्षण
फरीदाबाद । फरीदाबाद जिले में प्रदेश की पहली “स्टेट ऑफ द आर्ट” ई-लाइब्रेरी का निर्माण तेजी से चल रहा है। यह आधुनिकतम सुविधाओं से सुसज्जित ई-लाइब्रेरी प्रदेश की पहली ऐसी पहल होगी, जिसका लाभ हज़ारों पाठकों और विद्यार्थियों को मिलेगा। यह जानकारी देते हुए उपायुक्त (डीसी) विक्रम सिंह ने आज एचएसआईआईडीसी एवं हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के अधिकारियों के साथ सेक्टर-12 स्थित टाउन पार्क में बनने वाली इस अत्याधुनिक ई-लाइब्रेरी के निर्माण कार्य की तैयारियों का जायजा लिया।
डीसी विक्रम सिंह ने कहा कि इस हाईटेक ई-लाइब्रेरी में एयर कंडीशन, हाई स्पीड इंटरनेट, फायर फाइटिंग सिस्टम, सुंदर फर्नीचर से युक्त विस्तृत बैठक क्षेत्र जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह ई-लाइब्रेरी सेक्टर 12 स्थित टाउन पार्क में 10,000 वर्ग फुट पर बनी एचएसवीपी की बिल्डिंग में एचएसआईआईडीसी द्वारा सीएसआर पहल के अंतर्गत करीब 2 करोड़ रुपये से बनाई जाएगी। उसके अलावा भी बाकी अगर कोई और ऐड ऑन करना होगा तो वो भी प्रशासन द्वारा किया जायगा। उन्होंने बताया कि इस भवन में मेज़नाइन फ्लोर, ग्रुप डिस्कशन चेंबर्स, ऑडियो-विजुअल रूम, और आरामदायक सिटिंग एरेंजमेंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। विद्यार्थियों के लंबे अध्ययन सत्रों को ध्यान में रखते हुए आरामदायक सीटों पर बैठने की विशेष व्यवस्था भी की गई है।
डीसी विक्रम सिंह ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि यह लाइब्रेरी नए साल से पहले फरीदाबाद की जनता को समर्पित कर दी जाए। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद हम यहां पर कैंटीन, फुटबॉल ग्राउंड और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित करेंगे। उन्होंने बताया कि लाइब्रेरी में लगभग 200 विद्यार्थियों के एक साथ अध्ययन करने की क्षमता होगी। साथ ही आसपास के गार्डन क्षेत्र को भी विकसित किया जा रहा है, ताकि बच्चे खुले वातावरण में भी अध्ययन कर सकें। उन्होंने कहा कि इस लाइब्रेरी में फिजिकल बुक्स के साथ-साथ डिजिटल लाइब्रेरी सेक्शन भी तैयार किया जा रहा है, जिसमें ई-बुक्स, ऑनलाइन लर्निंग संसाधन, और डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध होगी।
डीसी विक्रम सिंह ने बताया कि भारतीय इतिहास, भारतीय संस्कृति, सामान्य ज्ञान, विज्ञान, और समसामयिक विषयों से जुड़ी पुस्तकें, पत्रिकाएं एवं समाचार पत्र भी नियमित रूप से लाइब्रेरी में उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि यह लाइब्रेरी बच्चों और युवाओं के ज्ञानवर्धन का प्रमुख केंद्र बने। यहां आयोजित ऑडियो-विजुअल सेशंस के माध्यम से भारतीय संस्कृति और इतिहास की जानकारी भी विद्यार्थियों तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा आने वाले महीनों में टाउन पार्क स्थित यह आधुनिक लाइब्रेरी न केवल फरीदाबाद बल्कि पूरे हरियाणा के लिए एक प्रेरणादायक शैक्षणिक मॉडल साबित होगी।
फरीदाबाद के संत नगर और बराही तालाब में दिखा आस्था भक्ति और संस्कृति का अनोखा संगम
फरीदाबाद। आस्था और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा के अवसर पर शहर में भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। संत नगर स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर सेवा संस्थान एवं आर.के. समूह द्वारा तथा छठ पूजा समिति बराही तालाब सेवा दल द्वारा बराही तालाब, ओल्ड फरीदाबाद में भव्य आयोजन संपन्न हुआ।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के भतीजे भाजपा नेता अमन गोयल ने दोनों स्थलों पर पहुंचकर श्रद्धापूर्वक सूर्य देव की आराधना की एवं श्रद्धालुओं के साथ पूजा अर्चना में भाग लिया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को छठ महापर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छठ पूजा भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा है जो आस्था अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण का अनुपम संदेश देती है अमन गोयल ने आयोजन समितियों के सदस्यों तथा श्रद्धालुओं के समर्पण और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता और सामुदायिक सद्भाव को सुदृढ़ करते हैं।
संत नगर एवं बराही तालाब दोनों ही स्थानों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर अपने परिवार एवं समाज की सुख समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लाडवा में सुनीं जनसमस्याएं
सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाकर 3,200 रुपये मासिक की गई
कुरुक्षेत्र । हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रत्येक नागरिक की हर समस्या का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है। नागरिकों की समस्या सुनने के लिए मुख्यमंत्री आवास के दरवाजे 24 घंटे खुले हुए हैं, इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा भी सोमवार और वीरवार को समाधान शिविरों में जनता की समस्याएं सुनीं जा रही हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को लाडवा में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में लाडवा विधानसभा के लोगों की समस्याओं को सुन रहे थे। मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों की समस्याओं को सुना, इनमें बीपीएल राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र, बिजली और पुलिस से संबंधित शिकायतें शामिल रही। मुख्यमंत्री ने समस्याएं सुनने के बाद पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस परिसर में पौधारोपण भी किया।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसान हित वर्तमान सरकार की नीतियों के केंद्र में है। प्रदेश में अब सभी फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जा रही हैं। हाल ही में गन्ने का समर्थन मूल्य 415 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के रूप में लगभग 1,48,000 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश राज के समय से चली आ रही आबियाना प्रणाली को समाप्त कर किसानों को राहत दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर में हरियाणा में सामाजिक सुरक्षा पेंशन सबसे अधिक दी जा रही है, जिसे हाल ही में 3,000 रुपये से बढ़ाकर 3,200 रुपये मासिक किया गया है। इसके अतिरिक्त, “दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना” की शुरुआत की गई है, जिसके तहत गरीब महिलाओं को आगामी 1 नवंबर से 2,100 रुपये मासिक आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में प्रधानमंत्री ने ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ का आह्वान किया है और जीएसटी सुधारों के माध्यम से अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। उन्होंने वर्तमान सरकार के विकास और कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख भी किया।
इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री श्री सुभाष सुधा, उपायुक्त श्री विश्राम कुमार मीणा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
हरियाणा की लोक-संस्कृति के महाकुंभ ‘रत्नावली महोत्सव’ का मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया भव्य शुभारंभ
रत्नावली महोत्सव में 3500 युवा कलाकारों की होगी भागीदारी, 34 विधाओं में करेंगे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन
सरकार का लक्ष्य हरियाणा को कृषि और औद्योगिक विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक धरोहर के केंद्र के रूप में स्थापित करना
कुरुक्षेत्र । हरियाणा की समृद्ध लोक-संस्कृति और कला परंपरा को सहेजने वाले राज्य स्तरीय रत्नावली महोत्सव का आज कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र में भव्य शुभारंभ हुआ। महोत्सव में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्सव हरियाणा की गौरवशाली विरासत, हमारी माटी की महक और लोक जीवन की झलक प्रस्तुत करता है। यह विद्यार्थियों को न केवल अपने व्यक्तित्व को निखारने का अवसर देता है, बल्कि उन्हें अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गर्व करने की भावना से भी ओतप्रोत करता है। रत्नावली महोत्सव केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी जड़ों और पहचान को पुनर्जीवित करने का एक प्रेरक मंच है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा द्वारा पद्मश्री से अलंकृत संतराम देशवाल तथा कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले श्री अनूप लाठर को सम्मानित किया गया। इसके अलावा, मुख्यमंत्री व अन्य अतिथियों ने हरियाणवी बोली में प्रकाशित रत्नावली टाईम्स पत्रिका का भी विमोचन किया।
अपने संबोधन में श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वे ऊर्जावान युवाओं के बीच आकर अत्यंत उत्साहित हैं। यह देखकर गर्व होता है कि नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि यह महोत्सव एक ऐसा मंच है, जो युवा पीढ़ी को हमारी जड़ों से जोड़ता है। रत्नावली महोत्सव हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने, संरक्षित करने और उसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का एक अनुपम प्रयास है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के कर्मयोग संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि हरियाणा की संस्कृति में सादगी, स्वाभिमान और देशभक्ति का भाव रचा-बसा है। रत्नावली महोत्सव इन्हीं मूल्यों का उत्सव है और इस मंच से निकलने वाले कलाकार न केवल प्रदेश बल्कि देश का नाम भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करते हैं।
युवा शिक्षा के साथ-साथ अपनी संस्कृति व विरासत से भी जुड़े रहें
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी हमारे प्रदेश का भविष्य है और संस्कृति के संवाहक भी। यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि हमारी युवा पीढ़ी अपनी विरासत को लेकर कितनी सजग और उत्साहित है। शिक्षा हमें ज्ञान और कौशल देती है, लेकिन संस्कृति हमें संस्कार और पहचान देती है। उन्होंने कहा कि वेशभूषा, नृत्य, लोकगीत, हरियाणवी ‘सांग’ और ‘रागनी’, यहां बनाई गई झोपड़ियां ये सब केवल प्रदर्शन मात्र नहीं हैं, ये हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि युवा शिक्षा के साथ-साथ अपनी संस्कृति व विरासत से भी जुड़े रहें।
उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय हरियाणा का सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय है। यह प्रदेश 1966 में बना लेकिन इस विश्वविद्यालय की नींव 1956 में भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी ने रखी थी। हरियाणा प्रदेश के शैक्षणिक, आर्थिक एवं सामाजिक विकास में इस विश्वविद्यालय का अमूल्य योगदान है। हरियाणा ने शिक्षा, खेल, संस्कृति, शोध, औद्योगिक क्षेत्र में प्रगति कर अग्रणी राज्य के रूप में भारत में अलग पहचान बनाई है। इस पहचान में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का भी महत्वपूर्ण योगदान है। यह विश्वविद्यालय, ज्ञान-विज्ञान, अनुसंधान, कौशल विकास, खेल, कला, संस्कृति सहित सभी क्षेत्रों में देश के अग्रणी विश्वविद्यालयों में से एक है।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्राचीन हरियाणवी कला व संस्कृति को बचाने में आजीवन योगदान करने वाले कलाकारों को ‘हरियाणा रत्न अवार्ड’ से सम्मानित किया जाता है। इसी प्रकार, हरियाणवी थिएटर को जीवंत करने में आजीवन योगदान करने वाले कलाकार को हर वर्ष ‘हरियाणा रत्न पुरस्कार’ दिया जाता है। इसके अलावा, हरियाणवी नृत्य के क्षेत्र में आजीवन योगदान करने वाले कलाकार को नृत्य का ‘हरियाणा रत्न पुरस्कार’ दिया जाता है।
हरियाणवी संस्कृति का महाकुंभ है रत्नावली महोत्सव
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 38 वर्षों से इस विश्वविद्यालय में रत्नावली महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। हरियाणा की सांस्कृतिक विकास यात्रा में इस उत्सव की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। इस महोत्सव को हरियाणवी संस्कृति का महाकुंभ कहा जाता है। इसमें अहीर, बांगर, बागर, खादर, कोरवी मेवाती जैसी विभिन्न बोलियों की 34 विधाओं में लगभग 3500 युवा कलाकार भाग लेते हैं। उन्होंने महोत्सव में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
उन्होंने कहा कि इस महोत्सव में हर वर्ष नए-नए प्रयास कर युवाओं को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पिछले वर्षों में पगड़ी बंधाओ, फोटो खिंचवाओ, हरियाणा के रीति-रिवाजों को प्रतियोगिता का रूप दिया गया। सेल्फी विद हरियाणवी गत वर्ष का अनूठा प्रयास रहा है। इस प्रतियोगिता में लूर नृत्य की प्रस्तुति की जा रही है जो हरियाणा की एक लुप्त हो रही नृत्य की विधा है। इसी प्रकार, हरियाणवी फैशन शो भी इस उत्सव के आकर्षण का केन्द्र है। हरियाणा की संगीत यात्रा, हरियाणा फूड फेयर, हरियाणा आर्ट फेयर, सुन गीता का ज्ञान ऐसी प्रतियोगिताएं हैं, जो आने वाले वर्षों में इस महोत्सव की पहचान बनेंगी व इसे एक नए मुकाम तक ले जाएंगी।
सरकार का लक्ष्य हरियाणा को कृषि और औद्योगिक विकास के साथ साथ सांस्कृतिक धरोहर के केंद्र के रूप में स्थापित करना
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का भी प्रयास है कि शिक्षा और संस्कृति के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण करें। हमारा मानना है कि संस्कृति और पर्यटन एक-दूसरे के पूरक हैं। जब हम अपनी सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हैं और उसे बढ़ावा देते हैं, तो हम दुनिया भर से पर्यटकों को भी आकर्षित करते हैं। हरियाणा में कुरुक्षेत्र, करनाल, पंचकूला और अन्य कई ऐसे स्थान हैं, जहां हम सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा दे सकते हैं। हमारा लक्ष्य हरियाणा को केवल कृषि और औद्योगिक विकास के लिए ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर के केंद्र के रूप में भी स्थापित करना है।
डीएपी की भारी किल्लत के लिए पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार जिम्मेदार है, किसान फसल की बुआई नहीं कर पा रहे हैं
चंडीगढ़ । इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने प्रदेश में डीएपी की भारी किल्लत के कारण परेशानी झेल रहे किसानों की आवाज को बुलंद करते हुए कहा कि इसकी जिम्मेदार पूरी तरह से बीजेपी सरकार है। अन्नदाता की कैसे बेकद्री की जा रही है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सुबह चार बजे से ही न केवल नौजवान किसान बल्कि उसके परिवार के बुजुर्ग और महिलाएं भी डीएपी लेने के लिए लाइन में लगे हैं। उसके बाद भी सभी को जरूरत के हिसाब से डीएपी नहीं मिल रहा है। कई किसान तो बिना डीएपी के खाली हाथ ही घर वापिस घर आते हैं।
बीजेपी सरकार किसान विरोधी सरकार है यह इस बात से साफ हो जाती है कि सरकार के आदेशों पर पुलिस किसानों के साथ अत्याचार कर रही है। किसानों के हाथों पर मुहर लगाई जा रही है, ऐसा करके किसानों को मुजरिमों जैसा अहसास करवाया जा रहा है। एक आधार कार्ड पर डीएपी के सिर्फ दो ही कट्टे दिए जा रहे हैं। किसानों पर इतने जुल्म और अत्याचार तो अंग्रेजों ने भी नहीं किए जितने आज बीजेपी सरकार कर रही है। अभी तक प्रदेश के कई जिलों में किसानों के खेतों में खड़े पानी की न तो निकासी की गई है और न ही जलभराव के कारण बर्बाद हुई फसलों का आज तक मुआवजा दिया गया है। उपर से डीएपी की भारी किल्लत के कारण किसान अपनी अगली फसल की बुआई भी नहीं कर पा रहा है। यही सिलसिला चलता रहा तो किसानों को आर्थिक संकट के कारण और कर्जा लेने पर मजबूर होना पड़ेगा जिसकी भरपाई वो कैसे कर पाएंगे?
कहा – भाजपा की नीतियों ने खेती को बनाया अपराध, किसान को अपराधी
चंडीगढ़ । कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा में किसानों के साथ हो रहे व्यवहार को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार खेती-किसानी के खिलाफ भरी नफरत, अपमान और अत्याचार में अब ‘अंग्रेजी हुकूमत’ को भी पीछे छोड़ चुकी है। खाद की तंगी से जूझते किसानों को राहत देने के बजाय भाजपा सरकार ने अब उन पर ‘मुजरिमों सा ठप्पा’ लगाकर उनका अपमान करने की नई परंपरा शुरू कर दी है।
सुरजेवाला ने कहा कि प्रदेश में भाजपा एंड कंपनी की कामचोरी और मुनाफाखोरी से पहले ही खाद संकट का हाहाकार मचा हुआ है। किसान कई-कई दिनों से भूखे-प्यासे लाइनों में लगे हैं, लेकिन सरकार की संवेदना कहीं नजर नहीं आती। उन्होंने कहा कि अब तो हद यह है कि खाद लेने आए किसानों के हाथों पर मुहर लगाई जा रही है, जैसे किसी अपराधी या जेल में कैद व्यक्ति को पहचानने के लिए लगाई जाती है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि अन्न उपजाने वाले किसानों के हाथों पर ‘अपमान की मुहर’ भाजपा की किसान विरोधी मानसिकता का जीता-जागता प्रमाण है। उन्होंने तंज कसा कि भाजपा सरकार को किसानों की मेहनत और पसीने से नहीं, बल्कि उनके अपमान और प्रताड़ना से सुकून मिलता है। सुरजेवाला ने कहा कि आज हरियाणा का किसान अपने हक की खाद के लिए लाठियां खा रहा है, महिलाएं-बुजुर्ग और नौजवान खेत-खलिहान छोड़कर लंबी-लंबी कतारों में खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के लिए ये सब सामान्य हो चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान मुनाफाखोरी और कमीशनखोरी पर है, जबकि किसान सम्मान और सहूलियत से वंचित है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों के अपमान का यह सिलसिला अब ज्यादा दिन नहीं चलेगा। हरियाणा की जनता और किसान अब भाजपा को इस अपमान की मुहर का जवाब लोकतंत्र की मुहर से देंगे।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रितु यादव ने किया किसानों से संपर्क का आग्रह
फरीदाबाद । मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फरीदाबाद रितु यादव ने बताया कि हाल ही में यमुना नदी में आई बाढ़ के कारण कई किसानों की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं और अपनी फसल खराब होने की जानकारी फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज कराई है या किसी कारणवश दर्ज नहीं करा पाए हैं, वे इस संबंध में सहायता के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फरीदाबाद से संपर्क कर सकते हैं।
सीजेएम रितु यादव ने कहा कि यदि किसी किसान को मुआवजे की राशि प्राप्त करने में कोई कानूनी दिक्कत या प्रक्रिया संबंधी समस्या आ रही है, तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उनकी मदद के लिए सदैव तत्पर है। किसानों को निःशुल्क कानूनी सलाह एवं आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वे अपने अधिकारों का लाभ प्राप्त कर सकें।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का कार्यालय जिला न्यायालय परिसर, सेक्टर-12, फरीदाबाद में स्थित है। किसान सहायता के लिए कार्यालय में सीधे आ सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर 0129-2261898 पर संपर्क करके भी आवश्यक जानकारी एवं सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
11 साप्ताहिक स्वच्छता प्रोग्राम और स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत शहरभर में स्वच्छता को नई दिशा देने की पहल – धीरेंद्र खड़गटा
फरीदाबाद । हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के स्वच्छ हरियाणा स्वस्थ हरियाणा के सपने को पूरा करने के अभियान के अंतर्गत नगर निगम फरीदाबाद द्वारा शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने, अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने तथा नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “क्लीन मार्केट और “जीरो वेस्ट सोसायटी प्रतियोगिताओं की शुरुआत की गई है। यह प्रतियोगिता स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के अंतर्गत 11-सप्ताह के स्वच्छता अभियान का एक अहम हिस्सा है। निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि इंदौर शहर की तर्ज पर फरीदाबाद शहर को स्वच्छ बनाने की दिशा में फरीदाबाद शहर के नागरिक और यहां की सामाजिक संस्थाएं और एनजीओ निगम का सहयोग करेगीं और निगम द्वारा शुरू की जा रही नई पहल में बढ़चढ़ कर भाग लेगी।
नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा के निर्देशानुसार यह प्रतियोगिता शहर के सभी जोनों में आयोजित की जाएगी, जिसमें पंजीकृत मार्केट एसोसिएशन, आरडब्ल्यूए (RWA), हाउसिंग सोसायटी और कॉलोनियां भाग लेंगी। प्रतियोगिता का उद्देश्य शहर में सतत स्वच्छता, कचरा अलगाव और नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
क्लीन मार्केट प्रतियोगिता
यह प्रतियोगिता सभी पंजीकृत मार्केट एसोसिएशनों के बीच कराई जाएगी। मूल्यांकन के प्रमुख बिंदु होंगे :
सबसे स्वच्छ मार्किट ,प्लास्टिक मुक्त मार्केट,दीवारों पर आकर्षक म्यूरल पेंटिंग ,बाजार की सार्वजनिक शौचालय सुविधाओं की स्थिति (CIT/PT)
मुख्य निर्देश:
सभी मार्केट एसोसिएशन को 31 अक्टूबर 2025 तक संबंधित जोनल कार्यालय में पंजीकरण कराना होगा।
प्रतियोगिता 1 से 5 नवम्बर 2025 तक आयोजित होगी।
संयुक्त निरीक्षण कमेटी द्वारा फील्ड मूल्यांकन किया जाएगा।
परिणाम और फोटोग्राफ 7 नवम्बर 2025 तक निगम कार्यालय को भेजे जाएंगे। और जीरो वेस्ट सोसायटी प्रतियोगिता होंगी।
यह प्रतियोगिता सभी पंजीकृत आरडब्ल्यूए हाउसिंग सोसायटी और कॉलोनियों के बीच होगी मूल्यांकन के प्रमुख बिंदु होंगे स्रोत पर कचरे का पृथक्करण, गीले कचरे की कम्पोस्टिंग,सूखे कचरे का पुनर्चक्रण , सामान्य क्षेत्रों की स्वच्छता,निवासियों की भागीदारी और जागरूकता
मुख्य निर्देश :
सभी सोसायटियों को 30 अक्टूबर 2025 तक पंजीकरण कराना होगा। प्रतियोगिता के दौरान सोसायटियां “जीरो वेस्ट” की दिशा में ठोस प्रगति प्रदर्शित करेंगी। फील्ड मूल्यांकन और रिपोर्टिंग संयुक्त आयुक्तों द्वारा की जाएगी।
जोन के संयुक्त आयुक्तों की भूमिका
प्रत्येक जोन के संयुक्त आयुक्त अपने-अपने क्षेत्र में प्रतियोगिता के क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे। यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी मार्केट एसोसिएशन और आरडब्ल्यूए निर्धारित समय पर पंजीकृत हों।फोटोग्राफिक एवं वीडियो साक्ष्य सहित पारदर्शी मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। जोनल रिपोर्ट 6 नवम्बर 2025 तक कमिश्नर कार्यालय को भेजी जाएगी। इसके लिए पुरस्कार और सम्मान भी रखे गए हैं, विजेताओं को जोनल और सिटी स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
बता दें कि इन गतिविधियों के लिए मार्केट एसोसिएशन/आरडब्ल्यूए को सूचना प्रसार के लिए 28 अक्टूबर 2025 तय की गई है। प्रतिभागियों का पंजीकरण 30 अक्टूबर 2025 मार्केट संबंधित जॉइंट कमिश्नर ,
एसोसिएशन/आरडब्ल्यूए प्रतियोगिता एवं मूल्यांकन 1 से 5 नवम्बर 2025 संबंधित जॉइंट कमिश्नर, जोनल रिपोर्ट प्रस्तुत 6 नवम्बर 2025 संबंधित संयुक्त आयुक्त, विजेताओं की घोषणा 7 नवम्बर 2025 कमिश्नर कार्यालय द्वारा की जायेगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर की समीक्षा बैठक
चंडीगढ़ । हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को पूरे प्रदेश में गरिमापूर्ण तरीके के साथ मनाया जाएगा। इस उपलक्ष्य में 1 नवंबर से 25 नवंबर तक प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम भव्य तरीके से आयोजित किए जाएंगे। 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री आज यहां कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। सभी उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, त्याग और शिक्षाओं से प्रेरणा प्राप्त करने हेतु आयोजित सभी कार्यक्रमों में अधिक से अधिक स्कूली विद्यार्थियों और नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि 1 नवंबर को पंचकूला में विशाल रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। 3 नवंबर को विद्यालयों में श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और शिक्षाओं पर हिंदी, अंग्रेजी, पंजाबी और संस्कृत में निबंध प्रतियोगिता आयोजित होंगी, जिसमें 3.5 लाख से अधिक विद्यार्थी भाग लेंगे।
इसी कड़ी में, 8 नवंबर को रोडी (जिला सिरसा) से श्री गुरु तेग बहादुर जी को समर्पित विशेष यात्रा निकली जाएगी। इसी दिन चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय, सिरसा में श्री गुरु तेग बहादुर जी, भाई सतीदास जी, भाई मतिदास जी, भाई दयाला जी और भाई जैता जी के जीवन पर आधारित राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन होगा।
बैठक में बताया गया कि 9 नवंबर को करनाल में “हिंद दी चादर” थीम पर मैराथन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें युवाओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। 11 नवंबर को पिंजौर के मारूवाला से एक और यात्रा प्रारंभ होगी। 14 नवंबर को फरीदाबाद से भी यात्रा प्रारंभ होगी और इसके बाद सोनीपत जिले के गांव बड़खालसा में दादा कुशल सिंह दाहिया के जीवन को समर्पित कार्यक्रम आयोजित होगा। 18 नवंबर को मुख्यमंत्री द्वारा यमुनानगर जिले के कालेसर में श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर एक उद्यान का शिलान्यास भी किया जायगा।
कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत 24 नवंबर को कुरुक्षेत्र में सर्व-धर्म सम्मेलन आयोजित होगा। 25 नवंबर को श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के समापन अवसर पर कुरुक्षेत्र में भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कार्यक्रमों में प्रबुद्धजनों, गांवों के सरपंचों, संतों, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों एवं गुरुद्वारा प्रबंधक समितियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि अधिकाधिक लोग इन पवित्र कार्यक्रमों से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि सभी कार्यक्रम पूरी श्रद्धा, मर्यादा और सम्मान के साथ आयोजित किए जाएं।
‘सरदार@150 यूनिटी मार्च’ के अंतर्गत पदयात्राओं का होगा आयोजन
मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती को समर्पित दो माह राष्ट्रव्यापी पहल ‘Sardar@150 Unity March’ की तैयारियों की भी समीक्षा की। इस अभियान के अंतर्गत 31 अक्तूबर 2025 को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ पर पूरे हरियाणा में जिला स्तर पर पदयात्राओं का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 26 नवंबर से 6 दिसंबर 2025 तक 10 दिवसीय राष्ट्रीय पदयात्रा ‘Sardar@150 Unity March’ आयोजित होगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन कार्यक्रमों से पहले जिले, वार्ड और गांव स्तर पर स्वच्छता अभियान भी चलाया जाए।
इस पहल का उद्देश्य ‘एक भारत, आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को मजबूत करना है, जो सरदार पटेल की एकजुट और सशक्त भारत की कल्पना को प्रतिबिंबित करता है।
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का भी होगा उत्सव
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हरियाणा में प्रस्तावित कार्यक्रमों की कार्ययोजना की भी समीक्षा की।
स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्यों से युवाओं और विद्यार्थियों को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वर्ष 2025 में ‘वंदे मातरम्’ की रचना को 150 वर्ष पूरे होंगे और केंद्र सरकार द्वारा नवंबर 2025 से राष्ट्रव्यापी समारोह आयोजित किए जाएंगे। इसके अंतर्गत हरियाणा के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनी, संगोष्ठी, निबंध प्रतियोगिता और राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन के कार्यक्रम आयोजित होंगे।
बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, डीजीपी श्री ओ.पी. सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विनीत गर्ग, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के.एम. पांडुरंग, अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) श्रीमती वर्षा खांगवाल, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री प्रभलीन सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सुख शांति व समृद्धि की कामना को लेकर गांव के युवाओं ने हर महीने सुंदरकांड पाठ करने का लिया निर्णय
पलवल,दयाराम वशिष्ठ। शनिवार को पलवल के गांव बघौला में रामचरितमानस सुंदरकांड के संगीतमय पाठ का भव्य आयोजन किया गया। गांव के युवाओं की ओर से कच्ची चौपाल पर किए इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस दौरान संगीतमयी चौपाइयों से पूरा माहौल राममय बना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत ओमप्रकाश ने राम दरबार एवं हनुमान जी की तस्वीर के समक्ष अखंड ज्योत दीप प्रज्वलित कर की गई। संगीतमय पाठ की शुरुआत वंदना स्तुति के साथ की गई। कार्यक्रम के आयोजन में ओमप्रकाश, सुनील वर्मा, दिनेश, गुलशन, नरेश, हिमांशु व पवन समेत गांव के काफी संख्या में युवाओं ने अहम भूमिका निभाई। पंडित ऋषि, पंडित मोहन व पंडित अनिल ने वाद्य यंत्रों के साथ मधुर ध्वनि में राम चरित्र मानस के संगीतमय पाठ का पुनरावृति करतल ध्वनि से करके कार्यक्रम को चार चांद लगा दिए। सौरभ और गौरव दोनों भाई ढोलकी और हारमोनियम की धुन पर दी गई प्रस्तुति सराहनीय रही। इस संगीत के बीच चौपाइयों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सुंदरकांड की चौपाइयों के सुंदर गुणगान से पूरा वातावरण भक्ति मय रहा। कार्यक्रम के अंत में प्रशाद का वितरण किया गया। ओम प्रकाश ने बताया कि सफल कार्यक्रम से उत्साहित गांव के युवाओं ने निर्णय लिया है कि गांव की सुख, शांति और समृद्धि के लिए गांव के सहयोग से प्रत्येक महीने सुंदर कांड का आयोजन किया जाएगा।
इस दौरान एस आर इंटर नेशनल स्कूल के निदेशक नरेश कुमार, सोमी, महेंद्र, महेश, सुभाष, कनिष्ठ अभियंता डब्बू, अंकित, हेतराम, श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर निर्माण कमेटी के सदस्य रघुबीर चंदेल, दलीप समेत काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।