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विद्यासागर इंटरनेशनल स्कूल घरौंडा ब्रांच में इंटर स्कूल क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ
फरीदाबाद। विद्यासागर इंटरनेशनल स्कूल घरौंडा ब्रांच में आज बड़े उत्साह और उमंग के साथ इंटर स्कूल क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री रूप सिंह नागर जी (पिताजी मंत्री राजेश नागर)तथा गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में एसएचओ श्री कृष्ण कुमार ( छांयसा पुलिस स्टेशन) और श्री उमेश कौशिक जी (चांदपुर चौकी इंचार्ज) उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग स्वागत गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से अतिथियों का स्वागत किया। टूर्नामेंट का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री रूप सिंह नागर जी ने बैटिंग कर किया, जिसके साथ ही मैदान में उत्साह का माहौल छा गया।
विद्यालय के निदेशक दीपक यादव और प्राचार्य रेखा मलिक ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि इस टूर्नामेंट का उद्देश्य छात्रों में खेल भावना, टीमवर्क और अनुशासन की भावना को प्रोत्साहित करना है। इस प्रतियोगिता में विद्यासागर इंटरनेशनल स्कूल सेक्टर 2 , घरोरा ब्रांच और युवराज सिंह क्रिकेट अकादमी की टीमें भाग ले रही हैं।
मुख्य अतिथि श्री रूप सिंह नागर ने अपने संबोधन में कहा कि “खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि मानसिक विकास में भी सहायक होते हैं। विद्यालय द्वारा इस प्रकार के आयोजन से बच्चों में आत्मविश्वास और एकता की भावना का विकास होता है।”
एसएचओ श्री कृष्ण कुमार ने कहा कि छात्र जीवन में खेलों का महत्व अत्यधिक है और ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं। वहीं चौकी इंचार्ज श्री उमेश कौशिक ने भी विद्यालय प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि “युवा पीढ़ी को शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी आगे बढ़ना चाहिए।”
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे, अंबाला में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सीधे प्रसारण के जरिए किया संबोधन
अंबाला । हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह भारत की आत्मा, धड़कन और पहचान है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को मां अम्बा की पावन धरती अम्बाला में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान नई दिल्ली में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित मुख्य उद्घाटन समारोह का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में वंदे मातरम् की अमर भावना को नमन किया। उन्होंने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में वर्ष भर चलने वाले समारोह का शुभारंभ किया तथा स्मारक डाक टिकट और सिक्का भी जारी किया।
इससे पहले मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश वासियों को ‘वंदे मातरम्’ गीत के 150 वर्ष पूरे होने पर हार्दिक बधाई देते हुए उपस्थित जनसमूह को ‘स्वदेशी संकल्प’ भी दिलाया, साथ ही सूचना जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग द्वारा वंदे मातरम् की गौरव गाथा को प्रदर्शित करने वाली लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
‘वंदे मातरम्’ भारत की आत्मा है : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह भारत के स्वराज्य आंदोलन की चेतना का उदगार है। इस गीत ने गुलामी की बेड़ियों में जकड़े भारतवासियों में आत्मबल, अनुशासन और त्याग की भावना जगाई थी। उन्होंने कहा कि यह गीत वह दिव्य शक्ति है जिसने ब्रिटिश साम्राज्य को हिला दिया था और युवाओं के भीतर क्रांति की ज्योति प्रज्वलित की। अंग्रेज़ इस गीत से डरते थे क्योंकि इसमें हथियारों से करोड़ गुना अधिक शक्ति थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ गीत हमारी नदियों की कल-कल, खेतों की हरियाली और धरती के गौरव की गूंज है। यह शिवरात्रि की तपस्या में, वैसाखी के उल्लास में, होली के रंगों में और दीपावली के दीपों में रचा-बसा है। यह गीत हमारी एकता का अमृत मंत्र है।
150 वर्ष की राष्ट्रीय चेतना की यात्रा
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ का रचना वर्ष 1875 में श्री बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी। वर्ष 1896 में श्री रवीन्द्रनाथ टैगोर ने इसे कोलकाता में सार्वजनिक रूप से वाचन किया था। 1905 में बंगाल विभाजन आंदोलन के दौरान यह गीत राग देश मल्हार में स्वरबद्ध होकर आंदोलन का प्रेरणास्रोत बना। ब्रिटिश शासन के खिलाफ यह गीत राष्ट्रवाद और एकता का प्रतीक बन गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी शक्ति इतनी प्रबल थी कि ब्रिटिश सरकार ने इसके गायन पर प्रतिबंध लगा दिया। इस गीत ने भारत के हर वर्ग, हर धर्म और हर क्षेत्र के लोगों को एक सूत्र में बाँधकर आज़ादी के आंदोलन को गति दी।
वीर सपूतों की स्मृति में अम्बाला छावनी में शहीदी स्मारक का निर्माण किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास गवाह है, सन् 1857 में स्वतंत्रता संग्राम की पहली चिंगारी अम्बाला की पवित्र भूमि से ही उठी थी। यह वही धरती है जिसने वीरता को न केवल लिखा बल्कि जिया भी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने इन वीर सपूतों की स्मृति में अम्बाला छावनी में शहीदी स्मारक का निर्माण किया है।
‘वंदे मातरम्’ पर आपत्ति करने वाले भारत की आत्मा को नहीं समझते
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग ‘वंदे मातरम्’ पर आपत्ति करते हैं। उन्होंने कहा कि यह लोग भारत की संस्कृति, आत्मा और राष्ट्रीय गर्व को नहीं समझते। उन्होंने बताया कि 1923 में काकीनाडा कांग्रेस अधिवेशन में पंडित विष्णु दिगंबर पलुस्कर को ‘वंदे मातरम्’ गाने के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन, उस वर्ष कांग्रेस अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद अली ने धार्मिक आधार पर आपत्ति जताई और कहा कि इस्लाम में संगीत वर्जित है। बाद में 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति ने मुस्लिम लीग नेताओं को खुश करने के लिए राष्ट्रीय गीत बदलने का निर्णय लिया। बाद में भी कांग्रेस और उसके नेताओं ने कई बार ‘वंदे मातरम्’ के प्रति असहमति दिखाई।
ए.आई.एम.आई.एम. नेता श्री अकबरुद्दीन ओवैसी ने वर्ष 2017 में मांग की थी कि स्कूलों में छात्रों के लिए ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य करने वाले सर्कुलर को रद्द किया जाए। हाल ही में,तेलंगाना में भी कांग्रेस सरकार ने कहा है कि स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसी तरह वर्ष 2019 में मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार ने सचिवालय में ‘वंदे मातरम्’ गायन पर प्रतिबंध लगाया था। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ कोई विवाद नहीं, बल्कि यह मां भारती का प्रसाद है। यह तुष्टिकरण नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर चलने वालों का गीत है।
एक गीत जिसने जगाया देश का स्वाभिमान
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ ने भारत के सोये स्वाभिमान को जगाया और आज़ादी के आंदोलन को जन-आंदोलन में बदल दिया। भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चंद्रशेखर आज़ाद जैसे असंख्य वीरों ने इस गीत को गाते हुए प्राणों की आहुति दी। लाखों स्वतंत्रता सेनानियों ने जेल की यातनाएँ सहते हुए ‘वंदे मातरम्’ का जयघोष किया और आज़ादी का कारवाँ आगे बढ़ता गया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की पृष्ठभूमि में यही गीत देशभक्ति और स्वाधीनता का मूल मंत्र बना। ‘वंदे मातरम्’, ‘इंकलाब जिंदाबाद’ और ‘जय हिंद’ के नारों ने अंग्रेज़ी हुकूमत को झकझोर दिया, और आखिरकार 15 अगस्त 1947 को भारत आज़ाद हुआ।
मुख्यमंत्री ने स्वदेशी राष्ट्रीय गौधन समिट-2025 का किया उद्घाटन
नई दिल्ली । हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार गौ संरक्षण को लेकर लगातार प्राथमिकता से कार्य कर रही है। सरकार ने गौशालाओं के विकास, गौवंश के संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाश पर्व पर बुधवार को गुरु दलीप सिंह महाराज के मार्गदर्शन में नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में आयोजित स्वदेशी राष्ट्रीय गौधन समिट-2025 के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। लगातार 10 नवंबर तक चलने वाली इस समिट में देशभर से अनेक जनप्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्टेडियम में विशाल नामधारी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। लगातार 6 दिन तक चलने वाले इस समिट में गौसंरक्षण पर मंथन कर आगे बढ़ने के अवसर सुलभ होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ सेवा और खेती एक दूसरे के पर्याय हैं। गौमाता हमारी अर्थव्यवस्था का आधार है। प्राचीन काल से हमारे देश में जिस व्यक्ति के पास जितनी अधिक गायें होती थी, उसे उतना ही अधिक धनवान माना जाता था। गाय को माता का दर्जा दिया गया है और गाय का दूध अमृत के समान है। देसी गाय का दूध डायबिटिज व हृदय रोगों से बचाव व उपचार में अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए वोकल फॉर लोकल पर बल दिया है। गौ माता संरक्षण और स्वदेशी की शक्ति का रास्ता ही हमें आत्मनिर्भर भारत की ओर लेकर जाता है। इसलिए हमें इन पर पूर्ण रूप से सक्रिय होकर कार्य करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को बेसहारा गौवंश से मुक्त करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए पानीपत व हिसार में दो गौ अभ्यारण्यों की स्थापना की गई है। इनमें शैड, पानी व चारे की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में 686 गौशालाओं में लगभग 4 लाख गौवंश का पालन किया जा रहा है। 330 गौशालाओं में सोलर ऊर्जा प्लांट लगाए गए हैं। गौशालाओं की जमीन पर रजिस्ट्री नि:शुल्क होती है। गौसेवा आयोग का बजट भी बढ़ाकर 595 करोड़ रुपए किया गया है।
श्री नायब सिंह सैनी ने गुरु पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बाबा नानक जी ने हमें तीन मंत्र दिए मेहनत ईमानदारी से कीरत करना, वण्ड छकना और नाम जपना। इन तीनों मूल मंत्रों को हम सभी को अपने जीवन में अपनाकर आगे बढ़ना है।
इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्ष सुश्री जीवन कौर, गुरमीत कौर, पूर्व सांसद श्रीमती सुनीता दुग्गल, गौसेवा आयोग हरियाणा के अध्यक्ष श्रवण गर्ग सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
नई दिल्ली। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाश पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी का जीवन दर्शन संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके बताए हुए सत्य, करुणा, समानता और सेवा के मार्ग पर चलकर ही समाज में शांति और सौहार्द स्थापित किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली में गुरुद्वारा बंगला साहिब पहुंचकर मत्था टेका और प्रदेश की शांति, समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी के उपदेश हम सभी का पथ प्रशस्त करते रहेंगे और उनके आदर्शों को हमें अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
151 दिए जलाकर मनाया पूर्व उप प्रधानमंत्री का 151वां जन्मदिवस
फरीदाबाद : भारत के पूर्व प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को उनके 151वें जन्मदिवस के उपलक्षय में शहर के अनेक समाजसेवियों एवं पूर्व मंत्री सीमा त्रिखा ने एसजीएम नगर स्थित पटेल चौक पर 151 दिए जलाकर उनका जन्मदिन मनाया और उनको भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर मुख्य रूप से बिट्टू बजरंगी अध्यक्ष गौरक्षा बजरंग फोर्स, टीटू रावत, धनराज शर्मा, प्रवीन वशिष्ठ, सतेन्द्र पाण्डेय, पंकज सिवाल, मुकेश चौधरी, गगनदीप सिंह, कपिल शर्मा, हिमांशु राय, हरीश गोला, सोनू बजरंगी, राजेश सिंह, हरप्रीत सिंह (हन्नी) सन्नी,सुमित विज, संजय अरोडा, विक्रम रावत, गुलशन भारद्वाज, मोनू आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
श्रीमती सीमा त्रिखा ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि वल्लभभाई झावेरभाई पटेल (31 अक्टूबर 1975 – 15 दिसम्बर 1950) भारत के एक स्वतंत्रता सेनानी, अधिवक्ता तथा राजनेता थे। उन्हें लोग सरदार पटेल के नाम जानते हैं। ‘सरदार’ का अर्थ है “प्रमुख”। उन्होंने भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाई। स्वतंत्र भारत में देशी रियसतों के एकीकरण की महान चुनौती को उन्होंने सफलतापूर्वक हल किया। 1947 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान गृह मंत्री के रूप में कार्य किया।
सीमा त्रिखा ने बताया कि 15 अगस्त 1948 को भारत के गृह मंत्री बनने के बाद सरदार पटेल की पहली प्राथमिकता देसी रियासतों (राज्यों) को भारत में मिलाना था। इसको उन्होने बिना कोई खून बहाये सम्पादित कर दिखाया। भारत के एकीकरण में उनके महान योगदान के लिये उन्हे भारत का लौह पुरूष के रूप में जाना जाता है। आज उनके जन्मदिवस के मौके पर हम उनको शत शत नमन करते हैं। सभी उपस्थितजनों ने सरदार वल्लभभाई पटेल के जयकारे लगाए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने झंडी दिखाकर की ‘रन फॉर यूनिटी’ की शुरुआत
30 हज़ार से अधिक लोगों ने दिखाई सहभागिता, मुख्यमंत्री स्वयं भी एकता के संदेश के साथ दौड़े
फतेहाबाद । लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को फतेहाबाद में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। जिला मुख्यालय पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ का शुभारंभ हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पंचायत भवन से हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों पर पुष्प वर्षा की और उन्होंने स्वयं भी दौड़ में शामिल होकर एकता का संदेश दिया।
एमएम कॉलेज मैदान तक आयोजित दौड़ में लगभग 30 हजार प्रतिभागी शामिल हुए। युवाओं, महिलाओं, खिलाड़ियों, विद्यार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने हाथों में तिरंगा लेकर उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरा शहर एक भारत, श्रेष्ठ भारत के नारों से गूंज उठा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नशे से दूर रहने की शपथ भी दिलवाई।
राष्ट्रीय एकता दिवस – देश की अखण्डता का प्रतीक
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस हमारे राष्ट्र की आत्मा को सशक्त करने का दिन है। आज हम सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150वीं जयंती मना रहे हैं। लौह पुरुष पटेल ने जिस संकल्प, साहस और दूर दृष्टि से भारत को एक सूत्र में पिरोया, वह आज भी प्रेरणा स्रोत है। मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल को याद करते हुए सभी हरियाणा वासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी।
रन फॉर यूनिटी’ – राष्ट्र को जोड़ने का प्रतीकात्मक यज्ञ
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज की यह दौड़ केवल शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और अनुशासन का प्रतीक है। हरियाणा के सभी जिलों में लाखों नागरिक इस राष्ट्रीय संकल्प का हिस्सा बन रहे हैं। यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के विजन को साकार करने की दिशा में एक कदम है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण अनुशासित, जिम्मेदार और जागरूक नागरिकों से होता है। यह दौड़ हमें सहनशीलता, अनुशासन और सामूहिकता का संदेश देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस संकल्प को सरदार पटेल ने आजादी के बाद शुरू किया था, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उसे आगे बढ़ाते हुए जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए को समाप्त कर एक बार फिर देश की एकता और अखण्डता को सुदृढ़ किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला सरदार पटेल की भावना के अनुरूप था, एक राष्ट्र, एक संविधान, एक तिरंगा। मुख्यमंत्री ने इस कदम को भारत की एकता को और मजबूत करने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया और कहा कि यह उस ‘अखंड भारत’ की भावना का प्रतीक है, जिसका सपना सरदार पटेल ने देखा था।
फतेहाबाद की जनता में दिखा जोश और देशभक्ति का जज़्बा
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि फतेहाबाद में कार्यक्रम में उपस्थित हुए लोग इस बात का प्रमाण हैं कि सरदार पटेल का ‘एक भारत’ का सपना आज भी हर नागरिक के हृदय में जीवित है। उन्होंने कहा कि हमारी विविधता ही हमारी असली ताकत है। अलग-अलग भाषाएं, परंपराएं और संस्कृतियां होने के बावजूद हम सब भारतीय हैं। तन अनेक हैं, पर मन एक है। उन्होंने युवाओं को अपने संबोधन में कहा कि नई पीढ़ी को देश की एकता और अखण्डता की मशाल थामनी होगी।
सरदार पटेल – राष्ट्रीय एकता के शिल्पकार थे
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल को सच्चे अर्थों में ‘भारत की एकता का निर्माता’ कहा जा सकता है। आज़ादी के बाद गृह मंत्री रहते हुए उन्होंने 562 रियासतों का विलय कर अखण्ड भारत का निर्माण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके प्रयासों से आज का भारत मजबूत और एकजुट है। उनके जीवन से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि देश की एकता सर्वोपरि है।
हरियाणा दिवस की शुभकामनाएं भी दीं
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा दिवस (1 नवंबर) की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरियाणा की जनता अपनी मेहनत, समर्पण और एकजुटता के बल पर देशभर में उदाहरण पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की मिट्टी में शौर्य, परिश्रम और एकता की खुशबू है। इसी भावना से आगे बढ़ना ही सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रति सच्ची श्रद्धांजली है।
इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री दुड़ा राम, आईजी श्री पंकज नैन, उपायुक्त डॉ. विवेक भारती, एसपी श्री सिद्धांत जैन, चेयरमैन श्री भारत भूषण मिढ़ा, श्री सुरेंद्र आर्य, जिला परिषद अध्यक्ष श्री सुमन खीचड़, अतिरिक्त उपायुक्त श्री अनुराग ढालिया, एसडीएम श्री आकाश शर्मा, भाजपा ज़िलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जिला अधिकारियों की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा की
फतेहाबाद । हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार जनहित के विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है। जिला फतेहाबाद में बाढ़, जलभराव, सिंचाई, सड़क, सीवरेज, पेयजल और अन्य अधोसंरचना संबंधी कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्य गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री वीरवार को फतेहाबाद के विश्राम गृह में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने नायब सिंह सैनी ने कहा कि हिसार घग्गर ड्रेन की चौड़ाई बढाई जाए ताकि जलभराव वाले इलाक़ों से इसके ज़रिए पानी निकासी की समस्या का समाधान हो सके। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि ओटू झील पर बहाव के बोझ को कम करने के लिए कहीं बीच में वैकल्पिक मार्ग से जल निकासी का प्रस्ताव तैयार किया जाए। उन्होंने सिंचाई विभाग को यह भी निर्देश दिए कि जिन गांवों से यह ड्रेन होकर गुजरती है, वहां इसे पक्का (कंक्रीट लाइनिंग) करने की संभावनाएं तलाशें ताकि मिट्टी कटाव और अवरोध की स्थिति न बने।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां-जहां जलभराव की स्थिति अभी बनी हुई है, वहां शीघ्र जल निकासी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसान समय पर फसल की बुआई कर सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि लो-लाइन क्षेत्रों को चिह्नित कर भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे आगामी वर्षों में वर्षा के दौरान जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो।
फसल क्षति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में हुई बारिश से किसानों की फसल को हुए नुकसान की वेरिफिकेशन तेजी से पूरी की जाए। किसानों द्वारा क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपलोड किए गए डेटा की भौतिक जांच कर यह सुनिश्चित करें कि वास्तविक किसान को ही मुआवजा मिले। उन्होंने कहा कि सरकार हर किसान को उसकी क्षति का उचित मुआवजा देगी, लेकिन इसके लिए रिपोर्ट सटीक और पारदर्शी होनी जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने मंडियों में धान खरीद कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि जिला के सभी किसानों की फसल की खरीद सुनिश्चित की जाए। जिन किसानों ने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर पंजीकरण कराया है, उनकी वेरिफिकेशन हर स्थिति में पूरी की जानी चाहिए।
चिल्ली झील परियोजना पर समीक्षा
मुख्यमंत्री ने चिल्ली झील प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त से कहा कि सभी संबंधित विभागों की प्रगति रिपोर्ट उन्हें भेजी जाए। उन्होंने कहा कि कार्य की गुणवत्ता की जांच की जाए, और यदि किसी विभाग ने निम्न गुणवत्ता का कार्य किया है, तो सख्त कार्रवाई की जाए।झील निर्माण में भूमि से संबंधित अड़चन को दूर करने के लिए उन्होंने निर्देश दिया कि ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से खरीद की प्रक्रिया अपनाई जाए। यदि भूमि मालिक पूरी 4 कनाल भूमि बेचना चाहता है तो ई-भूमि से खरीद सुनिश्चित की जाए।
पेयजल, सड़क व सीवरेज कार्यों की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के तहत फतेहाबाद के सेक्टर में वाटर वर्क्स निर्माण की समीक्षा करते हुए इसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि सेक्टर निवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
उन्होंने जिला में सड़क और सीवरेज व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि लोक निर्माण विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। विभाग यह सुनिश्चित करे कि सर्दियों से पहले जिला की सभी सड़कों की मरम्मत पूरी कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला की40 सड़कों के चौड़ीकरण का कार्य तेजी से पूरा किया जाए, और जहां भी नई सड़क बनाई जा रही है, वहां पहले सीवरेज और पेयजल लाइन का कार्य पूरा हो, ताकि सड़क निर्माण के बाद खुदाई न करनी पड़े।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उपायुक्त को निर्देश दिए कि हर माह विकास कार्यों की समीक्षा करें, और गुणवत्ता में कमी मिलने पर संबंधित अधिकारी व ठेकेदार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करें तथा रिपोर्ट उन्हें भेजें।
नगर निकायों और अस्पताल निर्माण पर निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वैध घोषित कॉलोनियों में विकास कार्य पूरे कराए जाएं, ताकि शहरी क्षेत्रों में नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए शहरी स्वच्छता प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं, जिससे नागरिकों में स्वच्छता के प्रति सहभागिता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने फतेहाबाद में निर्माणाधीन 200 बेड के अस्पताल को वर्तमान वित्त वर्ष में ही पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
भुना में पानी निकासी प्रपोजल पर समीक्षा
मुख्यमंत्री ने भुना क्षेत्र में जल निकासी प्रपोजल की समीक्षा करते हुए कहा कि नगर पालिका द्वारा अग्रसेन चौक से ड्रेन तक तैयार किए गए प्रस्ताव की व्यवहारिकता जांची जाए और जल्द कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि पहले से मंजूर प्रोजेक्ट 10 करोड़ 47 लाख रुपये की लागत से रंगोई तक पाइप लाइन बिछाने के प्रपोजल को जल्द से जल्द सिरे चढ़ाया जाए, ताकि बरसाती पानी की समस्या का समाधान हो सके।
बैठक में पूर्व मंत्री देवेंद्र सिंह बबली, पूर्व विधायक दुडाराम, एससी आयोग चेयरमैन रविंद्र बलियाला, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रवीण जोड़ा, उपायुक्त डॉ. विवेक भारती, एसपी सिद्धांत जैन, एडीसी अनुराग ढालिया, एसडीएम आकाश शर्मा, जीएम रोडवेज मेजर गायत्री अहलावत, एसडीएम राजेश कुमार, सुरेंद्र सिंह, सीईओ सुरेश कुमार, सीटीएम गौरव गुप्ता सहित जिला के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
करनाल की श्री कृष्ण गौशाला में आयोजित गोपाष्टमी कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मुख्यमंत्री
अपने ऐच्छिक कोष से गौशाला को 21 लाख रुपये देने की घोषणा की
करनाल। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि गायों की सुरक्षा के लिए गौ भक्तों को जन जागरण चलाना होगा। गौ सेवा सबका नैतिक दायित्व है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गायों को सड़कों पर न छोड़ें और गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों में सहभागी बनें। गोबर व गौमूत्र से बने उत्पादों का उपयोग करें। उन्होंने श्री कृष्ण गौशाला, करनाल को अपने ऐच्छिक कोष से 21 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री गुरुवार को श्री कृष्ण गौशाला में आयोजित गोपाष्टमी महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इससे पहले उन्होंने गौशाला में गायों की पूजा की, गायों को चारा खिलाया और यहां बने चिकित्सालय का दौरा कर गौवंश के लिए उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने गोपाष्टमी की बधाई देते हुए कहा कि यह भारतीय सनातन जीवन का पवित्र दिन है जो हमें संस्कृति, भाईचारे और प्रेम भाव से जोड़ता है। यह केवल पर्व नहीं बल्कि करूणा, सेवा और कर्तव्य बोध का प्रतीक है।
गौमाता का सामाजिक और आध्यात्मिक महत्व
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गौ माता का जहां सामाजिक और आध्यात्मिक महत्त्व है वहीं इसका संबंध गोधन से भी रहा है। प्राचीन समय में जिसके पास जितनी अधिक गायें होती थीं उसे उतना ही अधिक समृद्ध माना जाता था। पौराणिक कथाओं के अनुसार देवी-देवताओं और असुरों के बीच हुए समुद्र मंथन से निकले 14 रत्नों में एक कामधेनु गाय थी। एक कथा अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने गौ-गोपियों के लिए जब गोवर्धन पर्वत धारण किया तब आठवें दिन इंद्र देवता भगवान श्रीकृष्ण की शरण में आए। उन्होंने कामधेनु श्रीकृष्ण का अभिषेक किया और उनका नाम गोविंद रखा। तभी से अष्टमी को गोपाष्टमी के रूप में मनाया जाता है।
गाय का दूध फायदेमंद
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गाय को आध्यात्मिक और दिव्य गुणों का स्वामी भी कहा जाता है। गाय को माता का दर्जा दिया गया है। उसका दूध अमृत के समान माना जाता है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध से यह साबित हुआ है देसी गाय का दूध कई रोगों में काफी फायदेमंद है। यह मां के दूध के समान गुणकारी माना जाता है।
संवर्धन व संरक्षण के लिए उठाए कई कदम
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने गौशालाओं के विकास, गौवंश के संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। 11 साल पहले गौ सेवा आयोग को मात्र 2 करोड़ की ग्रांट दी जाती थी, लेकिन भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद इसमें लगातार वृद्धि की। गायों के संरक्षण व उनके संवर्धन के लिए सरकार ने बजट 600 करोड़ कर दिया है। उन्होंने ने बताया कि प्रदेश में 2014 में 215 पंजीकृत गौशालाओं में 1.75 लाख गौवंश था लेकिन आज 686 गौशालाओं में 4 लाख से अधिक गौवंश है। गौशालाओं के लिए 800 ई-रिक्शा खरीदने की प्रक्रिया जारी है। गौशालाओं को 2 रुपये प्रति यूनिट बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। गौशालाओं के लिए जमीन की रजिस्ट्री करवाने की स्टांप ड्यूटी खत्म कर दी गई है।
गौशालाओं में शेड निर्माण जारी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि गायों की जांच के लिए जिन गौशालाओं में 3 हजार से अधिक गौवंश हैं वहां सप्ताह में एक दिन पशु चिकित्सक और इससे कम संख्या वाली गौशालाओं में वीएलडीए की ड्यूटी लगाई गई है। इतना ही नहीं मोबाइल पशु चिकित्सालय की सेवाएं भी गौशालाओं के लिए उपलब्ध कराई गई है। बेसहारा गौवंश के लिए प्रदेश में दो गौ अभयारण्य बनाए गए हैं। गौशालाओं में शेड बनाने के लिए प्रति गौशाला 10 लाख का अनुदान देने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है। 51 गौशालाओं में शेड बनाए जा चुके हैं, बाकी में काम जारी है।
चारे के लिए अनुदान
उन्होंने बताया कि 605 गौशालाओं के लिए 88 करोड़ 50 लाख रुपये चारे के लिए अनुदान के रूप में दिए गए हैं। पंजीकृत गौशालाओं को 11 सालों में 388 करोड़ 60 लाख का अनुदान चारे के लिए दिया गया है। देसी नस्ल की गायों के संवर्धन व संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन लागू किया है। उन्होंने कहा कि सरकार गायों की नस्ल सुधारने और गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास कर रही है। गाय के गोबर और गोमूत्र से प्राकृतिक फिनाइल, जैविक खाद, गोबर के बर्तन, दीया, साबुन, उपले गमला, धूप, गौ अर्क जैसे उत्पाद बनाए जा रहे हैं। पंचगव्य उत्पादन के लिए गौशालाओं को मांग अनुसार जरूरी मशीनरी की खरीद के लिए मदद दी जा रही है। प्रदेश की 101 गौशालाओं को 6 करोड़ 50 लाख रुपये की अनुदान राशि पहुंचाई गई है।
गोपाष्टमी के महत्त्व पर डाला प्रकाश
उन्होंने कहा कि गौ माता की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाया गया है। गौ हत्या करने वाले को दस वर्ष और गौ तस्करी करने वाले को सात साल के कारावास का प्रावधान किया गया है। श्री सैनी ने कहा कि गायों की सुरक्षा के लिए गौ भक्तों को जन जागरण चलाना होगा।
इससे पहले गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने गोपाष्टमी के महत्व पर प्रकार डाला। उन्होंने कहा कि गौ माता सामान्य प्राणी नहीं बल्कि सनातन परंपराओं का प्राण है। प्राण सुरक्षित रहेंगे तो निश्चित रूप से जीवन सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि हम सभी को गौ पालन करना चाहिए। गौ सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं है
नशा मुक्त गांव बनाना समाज की सबसे बड़ी उपलब्धि है : पुलिस आयुक्त
पुलिस आयुक्त सतेंदर कुमार गुप्ता एवं डीसी विक्रम सिंह ने की ग्रामीणों की सार्वजनिक व व्यक्तिगत शिकायतों की सुनवाई
फरीदाबाद। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार जिला प्रशासन फरीदाबाद ने बुधवार की सायं गांव भसकौला में रात्रि ठहराव कार्यक्रम का आयोजन किया। उपायुक्त (डीसी) विक्रम सिंह व पुलिस आयुक्त सत्येंद्र कुमार गुप्ता ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी सार्वजनिक व व्यक्तिगत समस्याएं सुनी और उनके जल्द समाधान के लिए सम्बंधित अधिकारी को मौके पर ही निर्देश दिए।
रात्रि ठहराव कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत की तरफ से सभी का फूल माला पहनाकर और पगड़ी बांधकर अधिकारियों का स्वागत किया गया।
ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए डीसी विक्रम सिंह ने बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती के अवसर पर ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ शुरू की गई है जिसमें ऐसे परिवार जिनकी वार्षिक आय ₹1 लाख तक है, उनकी पात्र माताओं-बहनों को प्रतिमाह ₹2100 की वित्तीय सहायता दी जाएगी। उन्होंने आगे बताया कि फिलहाल योजना का लाभ उन परिवारों को दिया जा रहा है जिनकी मासिक आय ₹1 लाख तक है। आगामी चरणों में ₹1 लाख से ₹1.80 लाख तक की आय वाले परिवारों को भी फेज़ वाइज पंजीकरण प्रक्रिया के तहत शामिल किया जाएगा।
डीसी विक्रम सिंह ने बताया कि राज्य स्तरीय हरियाणा दिवस समारोह पंचकुला में आयोजित होगा, जहां से माननीय मुख्यमंत्री द्वारा एक ही क्लिक में सभी पंजीकृत लाभार्थियों के खातों में सहायता राशि प्रेषित की जाएगी। जिला स्तर पर फरीदाबाद में भी विशेष कार्यक्रम का आयोजन बल्लभगढ़ ऑडिटोरियम में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिनका पंजीकरण इस अवधि में हो जाएगा, वे पहली किश्त में शामिल होंगे, जबकि शेष पात्र महिलाएं अगली किश्त में लाभ प्राप्त करेंगी। उन्होंने सरपंचों से विशेष आग्रह किया कि वे अपने-अपने गांवों में पंजीकरण कार्य की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करें और सभी पात्र माताओं-बहनों का 31 अक्टूबर तक पंजीकरण सुनिश्चित कराएं, ताकि उन्हें हरियाणा दिवस (1 नवंबर) पर ही योजना का लाभ प्राप्त हो सके।
डीसी विक्रम सिंह ने सरपंचों से अपील की कि वे अपने गांवों में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को भी सशक्त रूप से आगे बढ़ाएं और यदि कहीं भी भ्रूण हत्या, लिंग परीक्षण या इस प्रकार की गतिविधि की जानकारी मिले, तो प्रशासन को तुरंत सूचित करें। उन्होंने नशा मुक्ति और अवैध शराब बिक्री के विरुद्ध भी सख्त रुख अपनाने की बात कही। डीसी ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध रूप से नशे का कारोबार जैसी गतिविधियां चल रही हों, तो संबंधित विभागों को सूचना देकर कार्रवाई कराई जाएगी। उन्होंने कहा की पंचायतों द्वारा रखी गई 21 विभिन्न मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए और कहा कि सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
पुलिस आयुक्त सत्येंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि गांव को ड्रग्स मुक्त (नशा मुक्त) घोषित किया जाना एक अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि किसी भी ग्राम या क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने की वास्तविक जिम्मेदारी ग्रामवासियों की ही होती है, और जब तक समाज स्वयं यह निश्चय नहीं करता, तब तक प्रशासन या पुलिस अकेले इस लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकते। उन्होंने ग्रामवासियों को बधाई देते हुए कहा कि “आप सभी इस उपलब्धि के असली अधिकारी हैं। आपने जिस अनुशासन, जागरूकता और सामूहिक प्रयास से अपने गांव को नशामुक्त बनाया है, वह पूरे जिले के लिए एक उदाहरण है।”
पुलिस आयुक्त ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में कभी किसी प्रकार के सूखे नशे (ड्रग्स) की गतिविधि की सूचना मिले तो नागरिक बिना किसी संकोच के पुलिस को अवगत कराएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने कहा की गांव में अपराध दर अत्यंत कम है, जो समाज की सकारात्मक सोच और युवाओं की सही दिशा का प्रतीक है। उन्होंने ग्रामीण बुजुर्गों से आह्वान किया कि वे युवाओं को खेलकूद, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों में अधिक से अधिक भागीदारी के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि जब बच्चे खेल और पढ़ाई में व्यस्त रहेंगे, तो उनके पास नशे या अपराध की ओर जाने का समय ही नहीं बचेगा। ऐसे गांव ही सुरक्षित, मजबूत और विकसित समाज की नींव बनते हैं।”
पुलिस आयुक्त ने बताया कि कम्युनिटी पुलिसिंग टीम द्वारा जिले के विभिन्न गांवों में नशा मुक्ति और अपराध जागरूकता से संबंधित कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित ग्रामीणों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि या पुलिसिंग से संबंधित शिकायत हो, तो वह निसंकोच होकर संबंधित थाना प्रभारी या एसीपी से संपर्क करें।
इस अवसर पर एडीसी सतबीर मान, सीईओ जिला परिषद शिक्षा, एसडीएम अमित कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण सहित गांव के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कांग्रेस सांसद व कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा के पिता चौ. दलबीर सिंह की पुण्यतिथि पर हवन यज्ञ का आयोजन
हिसार । पूर्व केंद्रीय मंत्री चौ. दलबीर सिंह की पुण्यतिथि पर डाबड़ा चौक स्थित सांसद कुमारी सैलजा के आवास पर हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश भर से कार्यकर्ता चौ. दलबीर सिंह को श्रद्धाजंलि देने पहुंचे और यज्ञ में आहुति डालकर उन्हें अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। सूर्यदेव वेदांशु ने वैदिक रीति से यज्ञ करवाया।
अखिल भारतीय कांगे्रस कमेटी की महासचिच, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा सांसद कुमारी सैलजा इस अवसर पर कहा कि चौ. दलबीर सिंह के आदर्श और उनका मार्गदर्शन आज भी हमें प्रेरणा देते हैं। देश व हरियाणा की राजनीति में उनका एक अहम स्थान था और उनका नाम देश व प्रदेश की राजनीति में आज भी पूरे सम्मान के साथ लिया जाता है। उनकी पुण्यतिथि पर हम उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं।
कुमारी सैलजा ने कहा कि उन्होंने हमेशा समाज के शोषित, पीड़ित और मुख्यधारा से कटे हुए वर्ग के हितों की रक्षा की और उनके लिए संघर्ष किया। उन्होंने हमेशा वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने में अविस्मरणीय भूमिका निभाई। उन्होंने हमेशा निष्पक्ष, बेदाग व स्वच्छ राजनीति की मिसाल कायम की। उन्होंने दिखा दिया कि राजनेता चाहें तो समाज व देश की बेहतरी के लिए कितना श्रेष्ठ कार्य कर सकते हैं। उनके इसी दृष्टिकोण के चलते जनता ने न केवल उन्हें अपना प्रतिनिधि चुना बल्कि उन्हें कई बार मंत्री पद पर सुशोभित होने का भी अवसर मिला। उन्हें चार बार लोकसभा सांसद बनने का मौका मिला। सिरसा लोकसभा का नेतृत्व करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में मंत्री के रूप में बड़ी कुशलता व तत्परता से कार्य किया। सिंचाई, पेट्रोलियम और रसायन, भारी उद्योग, निर्माण एवं आवास, शिपिंग और परिवहन मंत्रालय सहित विभिन्न विभागों में केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य करते हुए चौ. दलबीर सिंह जी ने देशहित के विभिन्न निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इतना ही नहीं वे मंत्री पद पर रहते हुए हमेशा मिट्टी से जुड़े रहे। इसलिए वे हमेशा ग्रामीण अंचल के विकास के लिए प्रयत्नशील रहे और विभिन्न योजनाओं को लागू करवाने में विशिष्ट भूमिका निभाई। वे स्पष्टवादिता, ईमानदारी, निष्ठा व समर्पण के भाव की प्रति मूर्ति थे। कुमारी सैलजा ने कहा कि अपने पिता के आदर्शों को जीवन में अपनाकर उनके पदचिह्नों पर चल रही हैं।
इस अवसर पर परमवीर विधायक, संपत सिंह पूर्व मंत्री, प्रदीप चौधरी पूर्व विधायक, बृजेंद्र सिंह पूर्व सांसद, राजरानी पूनम पूर्व विधायक, आर के रंगा पूर्व आईएएस, जगन्नाथ पूर्व सदस्य एचपीएससी, लाल बहादुर खोवाल, नरपाल सिंह जिलाध्यक्ष, बृजलाल बहबलपुरिया जिलाध्यक्ष, देवेंद्र सिंह जिलाध्यक्ष , अरविन्द शर्मा जिलाध्यक्ष, विजय कौशिक, धर्म बीर गोयत, जयपाल लाली, अश्विनी शर्मा, भूपेंद्र गंगवा, सुरेंद्र सैनी, ईश्वर सिंह पूर्व चीफ, मनोज राठी, कृष्ण सातरोड, अनिल सैनी मुकेश सैनी, दिलबाग हुड्डा, जगबीर मलिक, हरिकिशन प्रभुवाला, विजेंद्र कपूर, बाला देवी खेदड़, राजू मान, राजेश चाढ़ीवाल, शैलेश वर्मा, वीरेंद्र सेलवाल, जगदीश बिश्नोई, सुभाष बिश्नोई, बिमला तरड़ व बजरंग इन्दल सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रही जिन्होंने चौ. दलबीर सिंह को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
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दोपहिया वाहनों पर 10,000 का प्रदूषण चालान अत्यधिक और असंगत
सांसद कुमारी सैैलजा ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को लिखे पत्र में कहा है कि दोपहिया वाहनों पर लगाए जा रहे 10,000 रुपये के प्रदूषण चालान को अत्यधिक, असंगत और आम नागरिकों पर अनुचित आर्थिक बोझ है, कुमारी सैलजा ने कहा कि छोटे स्कूटर और मोटरसाइकिल चलाने वाले मजदूर, कर्मचारी, छात्र और मध्यमवर्गीय परिवार पहले से ही महंगाई और बेरोजग़ारी की मार झेल रहे हैं। ऐसे में प्रदूषण के नाम पर इतना भारी चालान वसूलना जनविरोधी कदम है। सांसद ने गडकरी को पत्र लिखकर मांग की है कि चालान की राशि को वाहन की क्षमता और आय वर्ग के अनुसार तार्किक रूप से निर्धारित किया जाए। सरकार को चाहिए कि वह प्रदूषण नियंत्रण केंद्रों की उपलब्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करे, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से चालान भुगतने की नौबत न आए। उन्होंने जनसामान्य से भी अपील की कि वे अपने वाहनों का समय-समय पर प्रदूषण जांच अवश्य करवाएं और पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।