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फरीदाबाद- अपराधिक मामलों में संलिप्त आरोपियों की धर-पकड़ के दिए गए दिशा निर्देश के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए क्राईम ब्रांच बॉर्डर की टीम ने अवैध हथियार रखने के मामले में आरोपी राहुल चपराना को गिरफ्तार किया है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि 7 सितंबर को क्राईम ब्रांच बॉर्डर की टीम ने राहुल चपराना वासी मेवला महाराजपुर, फरीदाबाद को किसान मजदुर कॉलोनी बाई-पास रोड नियर सैक्टर 29 पुल फरीदाबाद के पास से काबू कर एक विदेशी पिस्टल व जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। जिसके खिलाफ थाना ओल्ड फरीदाबाद में अवैध हथियार रखने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने विदेशी पिस्टल (Made in Italy) व जिंदा कारतूस किसी अंजान व्यक्ति से 50,000/-रू में नोएडा से खरीदा था। आरोपी बाउंसर का काम करता है और निजी सुरक्षा के लिए अवैध पिस्टल को खरीदा था।
आरोपी को माननीय न्यायलय में पेश कर 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
फरीदाबाद : जिले के अतिथि अध्यापकों ने कम्यूनिटी सेन्टर-3 बल्लबगढ़ में एकत्रित होकर राजरानी के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। विदित हो 7 सितम्बर, 2008 में रोहतक प्रदर्शन के दौरान अतिथि अध्यापिका राजरानी बलिदान हो गई। राजरानी जीन्द जिले की निवासी थी। उनकी 18वीं पुण्यतिथि पर अतिथि अध्यापकों ने राजरानी को याद कर पुष्प अर्पित किए।
जिला प्रधान रघु वत्स ने बताया अतिथि अध्यापिका राजरानी ने प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत हजारों अध्यापकों को नियमितीकरण करने की मांग को लेकर जारी प्रदर्शन में प्रशासन की गोली का शिकार होने पर प्राणों की आहुति दी। वीरांगना के बलिदान को अध्यापक वर्ग कभी भूला नहीं सकेगा। आज लगातार अतिथि अध्यापक सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार अपने वादे के उलट अतिथियों के साथ दोगला व्यवहार कर एक अध्यापक को दी जाने वाली सुविधाओं से आज तक वंचित रखे हुए है जोकि अतिथि अध्यापकों के प्रति धोखा है। ब्लॉक प्रधान सुन्दर भड़ाना ने भाजपा सरकार को 2014 के घोषणा-पत्र में अतिथि अध्यापकों सामिल करने के वादे को याद दिलाते हुए नियमित करने की मांग रखी और वायदे के अनुसार अतिथि अध्यापकों का शोषण बन्द करने का आह्वान किया। अतिथि अध्यापकों ने यज्ञ कर राजरानी को याद कर मौन रखा। इस अवसर पर डैमोक्रेटिक टीचर स्कूल एसोसिएशन फरीदाबाद के जिला प्रधान भीम सिंह, भाजपा नेत्री स्वराज सिंह, अतिथि अध्यापक संघ के ब्लॉक प्रधान सुन्दर भड़ाना, मनोज शास्त्री, वीरेंद्र कुमार, कमल दीक्षित, सैलेन्द्र मिश्रा, आचार्य रविमोहन शास्त्री, कुलदीप सिंह, भागीरथ शास्त्री, विनोद भाटी, सरला रानी, मधु व अन्य अतिथि अध्यापक विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बरसात से प्रभावित गांवों में नुकसान की भरपाई के लिए खोला गया है ई- क्षतिपूर्ति पोर्टल
कुरुक्षेत्र – हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि वर्तमान प्राकृतिक आपदा की घड़ी में राज्य सरकार पूर्ण रूप से प्रदेशवासियों के साथ खड़ी है। प्रदेश के जिन भी इलाकों में भारी बरसात की वजह से फसलों इत्यादि का नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई की जाएगी। इसके लिए प्रभावित इलाकों में गांव स्तर पर ई- क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया है, जिस पर किसान बरसात की वजह से हुए फसलों के नुकसान का ब्यौरा अपलोड करवा रहे हैं । उन्होंने कहा कि किसान, गरीब मजदूर तथा प्रभावित प्रदेशवासियों के हित पूर्णतया सुरक्षित हैं और वे स्वयं जल भराव से उत्पन्न स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने यह बात रविवार को नरवाना से टोहाना जाते हुए विभिन्न गांवों के ग्रामीणों से मुलाकात के दौरान कहीं।
मुख्यमंत्री गांव धरोदी में बाबा जमीन नाथ गौशाला पर रुके और ग्रामीणों से वर्तमान बरसाती सीजन के हालात के बारे जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों विशेषकर किसानों को आश्वस्त किया कि उन्हें हर संभव सहयोग दिया जाएगा। इसके लिए उन्होंने सभी जिला उपायुक्तों, राजस्व व सिंचाई विभाग के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए हैं कि बरसात के इस मौसम के दौरान होने वाले जलभराव की स्थिति पर नजर रखें और ऐसी स्थिति कहीं उत्पन्न होती है तो तुरंत पानी निकासी इत्यादि का प्रबंध कर समाधान करवाएं ताकि किसानों के साथ- साथ अन्य लोगों को भी परेशानी ना हो।
इसके बाद मुख्यमंत्री गांव लोन, धमतान साहिब तथा कालवन में भी ग्रामीणों से मिले। सभी गांवों के लोगों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया और सरकार व प्रशासन द्वारा बरसाती मौसम के दौरान किए गए राहत कार्यों की सराहना की।
इस दौरान डीसी मोहम्मद इमरान रजा, एसपी कुलदीप सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जलभराव से प्रभावित गांवों के जन प्रतिनिधियों से की बातचीत
फसल और अन्य नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार ने खोला हुआ है ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल
कुरुक्षेत्र – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जलभराव की आपदा में पक्ष, विपक्ष और आमजन को मिलकर धैर्य के साथ सेवा करने की जरूरत है, ताकि सभी इस आपदा से निजात पा सकें। उन्होंने कहा कि जलभराव वाले क्षेत्रों में धीरे-धीरे पानी कम हो रहा है। पहाड़ों से आए ज्यादा पानी से प्रदेश के करीब 3000 गांव प्रभावित हुए हैं। इन गांवों में फसल और अन्य नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला हुआ है, जहां पर अब तक 1,69,738 किसानों ने 9,96,701 एकड़ फसल के खराबे का आवेदन किया है।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को शाहाबाद में जलभराव से प्रभावित गांवों के जन प्रतिनिधियों से बातचीत की और एक एक गांव की स्थिति व नुकसान के बारे में जानकारी ली। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मार्कंडेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना की और साथ ही जलभराव प्रभावित क्षेत्र से शिफ्ट किए हुए नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना और आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार नागरिकों को हर संभव मदद पहुंचा रही है।
इसके उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में हुई अत्यधिक बारिश से ज्यादा पानी आने की वजह से प्रदेश के गांव जलभराव से प्रभावित हुए हैं। जिन लोगों के घर तक पानी पहुंचा है, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। उनके लिए रहने, खाने-पीने और अन्य व्यवस्थाएं की गई है। इसके अलावा पशुओं के चारे का भी प्रबंध किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में भी प्रदेश के अंदर ऐसी स्थिति पैदा हुई थी। प्रदेश में अधिकारी व्यवस्था बनाने के लिए लगे हुए हैं। प्रदेश सरकार ने आमजन के नुकसान की भरपाई के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला है, जिस पर आमजन रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
श्री नायब सिंह सैनी ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सभी नहर, नालों की निरंतर साफ सफाई की जाती है। लेकिन इस बार पहाड़ों से अधिक मात्रा में पानी आने के कारण ऐसी स्थिति हुई है। ऐसी आपदा की स्थिति में विपक्ष का राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस स्थिति में विपक्ष को सरकार को सुझाव और सहयोग देना चाहिए। उन्होंने जनता से भी आग्रह किया कि जलभराव वाले क्षेत्रों में प्रभावित लोगों का सहयोग करें।
एक सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मारकंडा नहर की 25000 क्यूसिक पानी की क्षमता है। इस बार लगभग 40,000 क्यूसिक पानी पहुंचा है, जो ओवरफ्लो होकर खेतों और आसपास के क्षेत्र में जलभराव का कारण बना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री श्री अमित शाह, श्री जेपी नड्डा स्वयं उत्तरी भारत में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति से प्रभावित प्रदेशों की निगरानी रखे हुए हैं। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर को लेकर केंद्र ने विशेष निर्देश दिए हैं। हरियाणा के अलग-अलग जिलों से पंजाब के विभिन्न जगहों पर सहायता पहुंचाई जा रही है। हरियाणा की तरफ से पंजाब में खाने, पीने और पशुओं के लिए चारा भेजा जा रहा है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री भारत भूषण भारती, उपायुक्त श्री विश्राम कुमार मीणा, चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर, चेयरमैन धर्मवीर डागर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
नागर ने अधिकारी को फोन कर तुरंत सितंबर महीने का राशन भिजवाने के दिए निर्देश
फरीदाबाद,रूपेश देव।मंत्री राजेश नागर ने अपने निवास पर लगे खुले दरबार में स्वजनों की समस्याएं सुनीं और उनका मौके पर निराकरण करने की बात कही। इस अवसर पर रेवाड़ी के गांव गुर्जर घटाल से आए डिपो धारक अशोक रावत ने कहा कि ठेकेदार का ड्राइवर बिना राशन उतारे वापस चला गया क्योंकि वह उससे राशन तुलवाने की बात कर रहे थे जबकि ड्राइवर राशन तुलवाने के लिए तैयार नहीं था। डिपोधारक ने बताया कि यदि राशन अधूरा आएगा तो वह लोगों को पूरा कैसे देंगे। बाद में उसकी, विभाग की और सरकार की बदनामी होगी। ऐसे में उसका राशन तुलवाने का कहना एकदम जायज था लेकिन ड्राइवर राशन को वापस ले गया और उनके ही खिलाफ झूठी शिकायत विभाग में दर्ज करवा दी ।
रावत ने मंत्री से कहा कि सितंबर महीने का राशन उसे जल्द से जल्द दिलवाया जाए जिससे कि वह लोगों को राशन वितरित कर सके। जिस पर मंत्री राजेश नागर ने विभाग के अधिकारी को फोन कर इस मामले में तुरंत कड़ा एक्शन लेने और इस महीने का राशन भिजवाने के निर्देश दिए वहीं स्प्रिंगफील्ड कॉलोनी, आईपी कॉलोनी, सेक्टर 30-31 आसपास रहने वाले लोगों ने जन संघर्ष मोर्चा के रूप में मंत्री राजेश नागर से उनके यहां बंद डबल यूनिट की रजिस्ट्री को दोबारा खुलवाने की मांग रखी। जिसके अभाव में उन लोगों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि पक्की रजिस्ट्री ना होने से उनका अपनी ही प्रॉपर्टी पर मालिकाना हक नहीं है, दूसरा जरूरत पड़ने पर वह अपनी संपत्ति पर लोन भी नहीं ले सकते हैं जबकि आजकल बच्चों की शिक्षा महंगी होने से अधिकांश प्रॉपर्टी के आधार पर ही लोन लिया जाता है।
उन्होंने मंत्री से कहा कि डबल यूनिट रजिस्ट्री को खुलवा दें और उनका सहयोग करें। जिस पर मंत्री राजेश नागर ने विभाग में बात कर हल निकालने का आश्वासन दिया। इसी प्रकार गांव नगला चांदपुर माजरा के लोगों ने कहा कि उनके यहां पिछले 15 दिन से बिजली नहीं आ रही है क्योंकि ओवरलोड के कारण ट्रांसफार्मर जल गया है। लोगों ने मंत्री राजेश नागर से कहा कि वह बिजली निगम को निर्देश देकर दो ट्रांसफार्मर लगवा दें। जिस पर मंत्री नागर ने बिजली निगम के अधिकारी को निर्देश देकर व्यवस्था बनाने के लिए कहा। मंत्री राजेश नागर ने बताया कि वह हर रविवार अपने स्वजनों से मिलते हैं और उनकी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करने का प्रयास करते हैं। उन्हें ऐसा करने में अच्छा लगता है और यह उनकी जिम्मेदारी भी है क्योंकि इन्हीं लोगों ने उन्हें अपना हमदर्द चुनकर भेजा है।
पांच दिवसीय समारोह में ख्याति प्राप्त पत्रकार, शिक्षाविद एवं समाजसेवी विद्यार्थियों को प्रेरित करेंगे
फरीदाबाद। जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए फरीदाबाद के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा नवागंतुक विद्यार्थियों के लिए पांच दिवसीय ‘सत्रारंभ-2025’ (नई शुरुआत,अनंत संभावनाएं) ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है। जिसका शुभारंभ 8 सितंबर को होगा। इस आयोजन में देश के प्रसिद्ध पत्रकार, शिक्षाविद, समाजसेवी एवं अन्य विषय विशेषज्ञ विद्यार्थियों से संवाद स्थापित कर उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित करेंगे।
मीडिया विभागाध्यक्ष प्रो.पवन सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशानुसार जे.सी.बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय वाईएमसीए के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग के विभिन्न कोर्सों में दाखिला लेने वाले प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय संबंधित और मीडिया विभाग की तमाम कार्यशैली से परिचय कराना होता है। उन्होंने बताया कि 8 सितंबर से 12 सितंबर तक आयोजित सत्रारंभ-2025 कार्यक्रम जिसका उद्घाटन सत्र विवेकानंद सभागार में सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगा। उसके बाद के सत्र एमएमसी हॉल में होंगे।
विभागाध्यक्ष प्रो.पवन सिंह ने बताया कि कुलगुरु प्रो.सुशील कुमार तोमर के मार्गदर्शन में आयोजित पांच दिवसीय ‘सत्रारंभ-2025’ ओरिएंटेशन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ओएसडी डॉ. राज नेहरू, कुलसचिव प्रो.अजय रंगा, डीन इंस्टीटूशन प्रो.मुनीश वशिष्ठ की गरिमामयी उपस्थिति में वरिष्ठ टीवी पत्रकार चित्रा त्रिपाठी, टीवी पत्रकार अशोक श्रीवास्तव, उद्योगपति एवं समाजसेवी एस.एस.बांगा विभिन्न सत्रों में विद्यार्थियों से संवाद स्थापित कर उन्हें भविष्य के लिए प्रोत्साहित करेंगे। इसके अतिरिक्त डीन अकादमिक प्रो.अतुल मिश्रा, डीन फ्लेम्स प्रो.अनुराधा शर्मा का सानिंध्य भी प्राप्त होगा। कार्यक्रम कोऑर्डिनेटर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.राहुल आर्य और डॉ.के.एम.ताबिश कार्यक्रम के सुगम संचालन में सहयोग करेंगे।
फरीदाबाद। गांव अनगपुर में जाटव महासभा की मासिक बैठक सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जाटव महासभा फरीदाबाद के अध्यक्ष धर्मपाल सरपंच ने की। जाटव चौपाल पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्ष धर्मपाल सरपंच ने कहा कि आज सामाजिक बुराईयों को दूर करने का समय आ गया है क्योंकि सामाजिक बुराईयों के कारण ही हम सामाजिक आर्थिक आधार पर पिछड़े हुए हैं। जाटव महासभा के महासचिव अशोक रावल ने कहा कि संस्था गांव गांव में जाकर अधिक से अधिक सदस्य बनाने का काम करेंगी। रामचन्द्र नंबरदार, बाबूलाल रवि, बलबीर सिंह, किशोरी लाल, जय सिंह, फतेहसिंह डांगी ने कहा कि सामाजिक उत्थान के लिए कार्य करने चाहिए। बाबा साहेब डॉ भीम राव अम्बेडकर ने भी कहा था कि शिक्षित बनो संगठित रहो ओर संघर्ष करो। जाटव महासभा के सदस्य बनने के लिए युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर जगदीश कामरा,प्यारे लाल, रमेश बाबू नंबरदार,पूर्व पार्षद रतनपाल, धर्म सिंह, मदनलाल, अतर सिंह, गंगा राम,चतर सिंह,तेजपाल, रामपाल,पवन कल्लू, रामचन्द्र, शिवचरण सहित जाटव समाज के कई लोग मौजूद रहे
कई सामाजिक संस्थाओं व समाजसेवियों ने किया मांगों का समर्थन
फरीदाबाद। फरीदाबाद रेफर मुक्त संघर्ष समिति के संयोजक सतीश चोपड़ा द्वारा सिविल अस्पताल के बाहर चल रहा धरना आज 282 वें दिन में प्रवेश कर गया। इस मौके पर एनिमल सोल्जर फरीदाबाद संस्थापक प्रदीप कुमार, श्री राधे युवा सेवा शक्ति संस्थापक पवन तिवारी, प्रफुल्ल, प्रभात, अनूप चौबे अमित इंडस्ट्री,रजनी भाटिया, मंजू यादव, श्रीनिवास तिवारी, शिवम, इंद्रेश, आकाश, शिव, गुनगुन सहित अन्य समाजसेवियों ने बीके चौक स्थित धरना स्थल पर पहुंचे और फरीदाबाद रेफर मुक्त संघर्ष समिति के संयोजक सतीश चोपड़ा को अपना समर्थन पत्र सौंपा। उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए सतीश चोपड़ा ने कहा कि पूर्व क्रिकेटर संजय भाटिया व उनकी टीम के नेतृत्व में यह धरना पिछले 282 दिनों से शांतिपूर्वक चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जब तक फरीदाबाद में ए ग्रेड का ट्रोमा सैन्टर निर्माण शुरू नहीं हो जाता उनका धरना तब तक जारी रहेगा। सरकार द्वारा उनकी ज्यादातर मांगों को मान लिया है कुछ मांगों पर कार्य भी शुरू कर दिया। जिसके लिए वह उनकी टीम मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डा. कृष्ण मिड्डा, स्वास्थ्य मंत्री आरती राव व सभी जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते है। इस मौके पर अवधेश कुमार ओझा, विकास कुशवाहा, राजेश अहलावत, प्रमोद भड़ाना, ज्योति, सुनील कुमार, आशीष, सुरेंद्र यादव, सतेंद्र शर्मा, दीपक झा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
कहा-मानसून से पहले संभावित बाढ़ को लेकर सरकार और अधिकारियों को करनी चाहिए प्लानिंग
चंडीगढ़,अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने सिरसा, हिसार, फतेहाबाद और जींद जिलों के बाढ़ग्रस्त गांवों के दौरे के बाद कहा कि आज पूरा हरियाणा बाढ़ जैसी विकट आपदा से जूझ रहा है। पिछले 11 सालों से सरकार विकास के नाम पर गुमराह कर रही है, जब सरकार को पता है कि हर साल बाढ़ आने का संभावना रहती है तो उससे बचाव को लेकर चंडीगढ़ में बैठकर प्लानिंग क्यों नहीं की जाती क्यों नहीं तटबंध मजबूत करवाए जाते क्यों नहीं नदी, नहरों और नालों की सफाई करवाई जाती, कागजों का पेट भरने से न तो बाढ़ रूकेगी और न ही जान माल की हानि को रोका जा सकता है, सरकार को जनहित को ध्यान में रखते हुए कदम उठाना ही होगा, काम के नाम पर सरकार को गुमराह करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त करवाई करनी होगी।
मीडिया से बातचीत करते हुए सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि कल नरवाना क्षेत्र के गांव फरैन कलां, भिखेवाला, दनौदा, जाजनवाला, टोहाना के गांव लहरियां, चांदपुरा और सिरसा के गांव फरवांई कलां, रंगा, मत्तड, पनिहारी सहित अनेक प्रभावित गांवों का दौरा कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं तो पता चला कि सरकारी स्तर पर अभी तक कोई ठोस कार्य नहीं की जा रही है, ग्रामीण स्वयं को बचाने के लिए ही तटबंधों को पक्का करने में लगे हुए है। सांसद ने कहा कि घग्गर नदी पर सीधे कोई बांध नहीं है, लेकिन इसकी सहायक नदी कौशल्या पर डैम बना है। यह डैम पंचकूला जिले के पिंजौर के पास है। नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट की रिपोर्ट के अनुसार 1852 से लेकर अब तक घग्गर नदी पंजाब व हरियाणा के विभिन्न हिस्सों में 18 बार बाढ़ का कहर बरपा चुकी है। फतेहाबाद जिले में घग्गर नदी 72 किलोमीटर में से गुजरती है। यह 30 गांवों से होते हुए जाती है। घग्गर नदी की वजह से साल 1988 और 1992 में सबसे भयंकर बाढ़ आई थी। सरकार के पास सारे आंकड़े है फिर भी घग्घर नदी से आने वाली बाढ़ को रोकने की दिशा में कोई ठोस कार्य नहीं कर सकी है।
सासंद ने बताया कि लगातार बारिश के कारण जलभराव से खेत डूब चुके हैं, फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं, कई घरों में दरारें आ गई हैं और दूषित पानी घरों तक पहुंचने से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसके बाद बाढ़ से हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है मकान गिर चुके है या दरारें आ चुकी है, जान माल का नुकसान हो रहा है, बेजुबान पशु मर रहे हैं। यदि भाजपा सरकार ने मानसून से पहले नालों की सफाई, निकासी व्यवस्था और बचाव योजनाओं पर काम किया होता तो आज यह भयावह स्थिति पैदा नहीं होती। यह पूरी तरह सरकार की लापरवाही और प्रशासनिक विफलता का नतीजा है। प्रदेश में बाढ़ से व्यापक नुकसान हुआ है। पिछले 11 सालों में अगर देखा जाए तो सरकार नुकसान होने के बाद ही हवा में हाथ पांव मारती दिखाई देती है जबकि उसे समस्या के स्थायी निदान पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। सरकार मुआवजे के लिए किसानों से एक ही बात कहती है कि पोर्टल पर जानकारी डालो, पर दूसरी ओर सर्वर डाउन रहने से पोर्टल ठप पड़ा रहता है और किसान समय पर नुकसान के बारे में सूचना अपलोड नहीं कर पाता, शायद ऐसा जानबूझकर तो नहीं किया जा रहा ताकि सरकार किसानों को मुआवजा देने से बच सके।
कुमारी सैलजा ने जोर देते हुए कहा कि अब सरकार की जिम्मेदारी है कि वह समय पर प्रभावित किसानों को तुरंत उचित मुआवजा दे, सभी बाढग़्रस्त गांवों में तेज़ी से राहत और बचाव कार्य शुरू करे, दूषित पानी की समस्या को दूर करने के लिए स्वच्छ पेयजल और दवाइयों की व्यवस्था करे, जिन परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं उन्हें पुनर्वास और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए, भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्थायी समाधान और ठोस योजना तैयार करे। कुमारी सैलजा ने कहा कि जनता की पीड़ा को अनदेखा करना भाजपा सरकार की आदत बन चुकी है। पर कांग्रेस किसानों और ग्रामीणों के साथ खड़ी है और जब तक हर प्रभावित व्यक्ति को राहत और मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक आवाज उठाती रहेगी।
राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में कुरुक्षेत्र में “साइक्लाथोन” का किया आयोजन
कुरुक्षेत्र,31अगस्त, रूपेश देव। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे खेल को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाएं और हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की तरह अनुशासन, मेहनत और समर्पण के मार्ग पर चलें। उन्होंने वर्ष 2036 के ओलम्पिक खेलों में हरियाणा के खिलाडियों द्वारा सबसे अधिक मैडल जीतने के लिए प्रेरित भी किया। मुख्यमंत्री आज कुरुक्षेत्र में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित “साइक्लाथोन” कार्यक्रम में युवाओं को सम्बोधित कर रहे थे।
इससे पहले , मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने श्रमदान करके “स्वच्छ कुरुक्षेत्र , मेरा कुरुक्षेत्र , मेरा अभिमान” का शुभारम्भ किया। हरियाणा के खेल विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में साइक्लाथोन और स्वच्छता को जोड़कर युवाओं को स्वच्छ और स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित किया गया।
मुख्यमंत्री ने साइक्लाथोन में हिस्सा लेने से पूर्व “मेरा कुरुक्षेत्र , मेरा अभिमान” वेबसाइट भी लांच की जिस पर कुरुक्षेत्र के लोग स्वच्छता से संबंधित फोटो अपलोड करके अपने सर्टिफ़िकेट डाऊनलोड कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं को नशा से दूर रहने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि नशा एक ऐसी बुराई है, जो व्यक्ति को ही नहीं, पूरे परिवार और समाज को खोखला कर देती है। यह न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी कमजोर करता है।
उन्होंने मेजर ध्यानचंद को उनके जन्मदिवस पर नमन करते हुए कहा कि मेजर ध्यान चन्द हमारे युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में इसीलिए मनाया जाता है, ताकि हमारे खिलाड़ी उनके जैसी लगन और मेहनत करके वैसी ही उपलब्धियां प्राप्त करने के लिए प्रेरित हों।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मेजर ध्यान चन्द भारत माता के महान सपूत थे। उनके नेतृत्व में भारतीयों ने हॉकी का स्वर्णिम इतिहास रचा। इसके फलस्वरूप हॉकी को ‘राष्ट्रीय खेल’ का दर्जा मिला। उन्होंने भारतीय हॉकी टीम को उन बुलन्दियों पर पहुंचाया, जिनसे हमने तीन बार ओलम्पिक स्वर्ण पदक जीते। यह किसी भी राष्ट्र के लिए गौरव की बात है।
उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय खेल दिवस का थीम ‘एक घंटा, खेल के मैदान में’ है। इसका मतलब यह नहीं है कि हमें केवल आज ही एक घंटा खेलना है। इसका अर्थ है कि हमें हर रोज एक घंटा खेल को देना है ताकि हम शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रह सकें। ऐसा होने पर ही हम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘फिट इंडिया-हिट इंडिया’ के विजन को साकार कर पाएंगे।
श्री नायब सिंह सैनी ने खिलाड़ियों की ओर मुख़ातिब होते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी वर्ष 2036 के ओलम्पिक खेलों में भारत को खेल महाशक्ति बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने उन खेलों को भारत में करवाने का संकल्प भी व्यक्त किया है। मुझे विश्वास है कि उस समय आप जैसे हरियाणा के खिलाड़ी सबसे अधिक पदक जीतकर देश का नाम रोशन करेंगे। इसके लिए हम पहले से ही तैयारियां शुरू कर चुके हैं। हमारा सपना है कि हरियाणा का हर गांव-हर शहर एक ऐसा खिलाड़ी दे, जो विश्व मंच पर भारत का परचम लहराए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों का ही परिणाम है कि आज हरियाणा को ‘खेलों की नर्सरी’ कहा जाता है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। चाहे वे ओलंपिक खेल हों, एशियाई खेल हों या राष्ट्रमंडल खेल हों, हरियाणा के खिलाड़ियों ने हर मोर्चे पर तिरंगे को ऊंचा फहराया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने पेरिस ओलंपिक 2024 में देश द्वारा जीते गये 6 पदकों में से 5 पदक जीते। इससे पहले, टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत द्वारा जीते गए 7 पदकों में से 4 पदक हरियाणा के खिलाड़ियों ने हासिल किए। यही नहीं, एशियाई खेलों में भी हमारा प्रदर्शन बड़ा ही सराहनीय रहा है। एशियाई खेल-2022 में, राज्य के 82 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इसमें देश के 111 पदकों में से 28 पदक हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते। राष्ट्रमंडल खेलों में भी हरियाणा के खिलाड़ियों का दबदबा रहा। बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल-2022 के दौरान हरियाणा के खिलाड़ियों ने 20 पदक जीते। ये उपलब्धियां हमारी दूरदर्शी खेल नीतियों का परिणाम हैं।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ग्रामीण स्तर तक छुपी हुई खेल प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। बचपन से ही खिलाड़ियों को तराशने के लिए प्रदेश में खेल नर्सरियां खोली हुई हैं। इनमें उन्हें वित्तीय सहायता व प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इस समय प्रदेश में 1 हजार 489 खेल नर्सरियां कार्यरत हैं। इनमें 37 हजार 225 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इन नर्सरियों में नामांकित 8 से 14 वर्ष की आयु के खिलाड़ियों को 1500 रुपये तथा 15 से 19 वर्ष की आयु के खिलाड़ियों को 2 हजार रुपये प्रति माह दिये जाते हैं। प्रदेश सरकार ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित रोजगार सुनिश्चित करने के लिए ‘हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम 2021’ बनाये हैं। इसके तहत खेल विभाग में 550 नए पद बनाये गये। सरकार ने 224 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी है। खिलाड़ियों के लिए क्लास-वन से क्लास-फोर तक के पदों की सीधी भर्ती में आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है, जो पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सबसे अधिक नकद पुरस्कार देता है। सरकार ने अब तक खिलाड़ियों को 593 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार दिए हैं। इसके अतिरिक्त, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 298 खिलाड़ियों को मानदेय भी दिया जा रहा है। राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले तथा पदक जीतने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। वर्ष 2014 से अब तक 29 हजार से अधिक छात्रों को 53 करोड़ 45 लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है।