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Wednesday, February 25, 2026
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हरियाणा में शहरी विकास को मिली नई गति, 2047 तक बड़ा बदलाव लाने का संकल्प – नायब सैनी

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मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने महापौरों को बताया शहरों के विकास का सारथी
पंचकूला में अखिल भारतीय महापौर कार्यकारी परिषद की 115वीं बैठक का आयोजन

पंचकूला,16 जून, रूपेश कुमार। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महापौर अपने-अपने शहरों के प्रथम नागरिक होने के साथ-साथ वहां के विकास और प्रगति के प्रत्यक्ष सारथी भी हैं। उन्होंने कहा कि महापौर सरकार की नीतियों और योजनाओं को धरातल पर उतारते हैं, नागरिकों की आकांक्षाओं को समझते हैं और उनकी समस्याओं का समाधान करते हैं। स्थानीय स्वशासन की परिकल्पना में महापौर रीढ़ के समान हैं। मुख्यमंत्री श्री सैनी आज पंचकूला में आयोजित अखिल भारतीय महापौर कार्यकारी परिषद की 115वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे।

 

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शहर आर्थिक विकास के इंजन और नवाचार के केंद्र
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में महापौर जनता द्वारा सीधे चुने जाते हैं और उनके पास कार्यकारी शक्तियां होती हैं। यह व्यवस्था नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच मजबूत सेतु बनाती है और निर्णय प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह तथा प्रभावी बनाती है। उन्होंने कहा कि आज जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर है, तब शहरों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। शहर केवल निवास स्थान नहीं हैं, बल्कि आर्थिक विकास के इंजन, नवाचार के केंद्र और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के संगम हैं।
 

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अर्बनाइजेशन को चुनौती नहीं, अवसर मान रहा है हरियाणा
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम अर्बनाइजेशन को चुनौती नहीं, अवसर मानते हैं। हमारा विजन है कि शहर ‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ का संगम बनें। हमें शहरों को केवल इमारतों और सड़कों का ढांचा नहीं बनाना, बल्कि उन्हें जीवंत, संवेदनशील और आत्मनिर्भर भी बनाना है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत की लगभग 900 मिलियन आबादी शहरों में निवास करेगी। यह सिर्फ संख्या नहीं है, बल्कि एक बड़ी संभावना है। नए अवसरों, नए इन्फ्रास्ट्रक्चर और नई जीवनशैली की। हमें इस परिवर्तन को सुनियोजित शहरीकरण, डिजिटल एकीकरण और पर्यावरण संरक्षण के साथ अपनाना है।
 
हरियाणा में शहरी विकास को मिली गति
 
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा में शहरी स्थानीय निकायों को विकास कार्यों के लिए 2014-15 में 1,693 करोड़ रुपये की राशि दी गई थी, जिसे 2025-26 में बढ़ाकर 5,666 करोड़ रुपये कर दिया गया है। चार मेट्रोपोलिटन विकास प्राधिकरण बनाए गए हैं और फरीदाबाद व करनाल को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत फरीदाबाद में 930 करोड़ रुपये की लागत से 45 परियोजनाएं तथा करनाल में 927 करोड़ रुपये की लागत से 122 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक 2,147 अवैध कॉलोनियों को नियमित किया गया है और नई अधिकृत कॉलोनियों में एक हजार करोड़ रुपये से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं।
 
शहरी परिवहन, आवास और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में बड़ी उपलब्धियां
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृत मिशन के तहत अब तक 2,930 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। 375 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लक्ष्य में से 9 शहरों में 50 बसें चलाई जा चुकी हैं और प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत 2026 तक 450 बसें खरीदी जाएंगी।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत 21,431 मकान बनाए जा चुके हैं और 11,412 मकान निर्माणाधीन हैं। मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 14 शहरों में 15,256 परिवारों को प्लॉट दिए जा चुके हैं।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि घर-घर कचरा संग्रहण, सामुदायिक कंपोस्टिंग और बायोगैस संयंत्रों के माध्यम से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में हरियाणा ने सराहनीय कार्य किया है। नागरिकों को शहरी सेवाएं आसानी से मिलें, इसके लिए हर प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बनाया गया है।
 
महापौरों से शहरों को ब्रांड बनाने का आह्वान
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बैठक पिछले अनुभवों की समीक्षा, नई चुनौतियों पर चर्चा और मेयर निकायों को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने सभी महापौरों से आह्वान किया कि वे अपने शहर को ब्रांड बनाएं, उसे विशिष्ट पहचान दें और इस मिशन में भागीदार बनें। उन्होंने विश्वास जताया कि परिषद की यह बैठक सार्थक चर्चा और नए संकल्पों के साथ समाप्त होगी तथा सभी प्रतिनिधि अपने-अपने शहरों में सकारात्मक बदलाव के वाहक बनेंगे।
 
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने की अभूतपूर्व प्रगति
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व में देश ने पिछले 11 वर्षों में अद्वितीय प्रगति की है। 2014 में जब प्रधानमंत्री जी ने शपथ ली थी, तब भारत की अर्थव्यवस्था 11वें स्थान पर थी। आज भारत 2025 तक चौथी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित हो चुका है और 2029 तक तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बन जाएगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने 2047 से पहले भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो संकल्प लिया है, वह निश्चित रूप से साकार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने महापौर और अध्यक्ष के चुनाव सीधे करवा कर उनकी प्रतिष्ठा और विकास की गति को बढ़ाने का कार्य किया है। अंत्योदय की भावना के अनुरूप अंतिम व्यक्ति तक विकास की योजनाओं का लाभ पहुंचे, इसके लिए सभी महापौरों को और अधिक जिम्मेदारी से कार्य करना होगा।
 
इंदौर मॉडल की सराहना और प्रेरणा
 
मुख्यमंत्री ने इंदौर की स्वच्छता रैंकिंग की सराहना करते हुए कहा कि मेयर और पार्षदों को इंदौर जाकर वहां की योजनाओं और मॉडल का अध्ययन करना चाहिए ताकि हरियाणा के शहरों में भी उसी प्रकार के मॉडल लागू किए जा सकें। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन और शौचालय निर्माण जैसी योजनाओं की सफलता में महापौरों की भूमिका की सराहना की और कहा कि इन योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य महापौरों द्वारा ही होता है।
 
इस बैठक में राज्यसभा सांसद श्री कार्तिकेय शर्मा, कालका से विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा, ऑल इंडिया मेयर काउंसिल की अध्यक्ष श्रीमती माधुरी अतुल पटेल, ऑल इंडिया मेयर काउंसिल के ऑर्गेनाइजिंग जनरल सेक्रेटरी एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री श्री उमाशंकर, ऑल इंडिया मेयर काउंसिल की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं करनाल की मेयर श्रीमती रेणु बाला गुप्ता, पंचकूला के मेयर श्री कुलभूषण गोयल तथा विभिन्न राज्यों के मेयर उपस्थित रहे।

कारागार से निकलकर अपने जीवन को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाएं: रेणु भाटिया

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महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने जिला जेल फरीदाबाद का किया निरीक्षण

फरीदाबाद,16 जून, रूपेश कुमार। हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने आज सोमवार को नीमका स्थित जिला जेल, फरीदाबाद का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने महिला वार्ड का निरीक्षण किया तथा वहां रह रही महिला कैदियों से बातचीत की।

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निरीक्षण के दौरान श्रीमती भाटिया ने कैदियों से उनके रहन-सहन, खान-पान, स्वास्थ्य सेवाओं एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विषय में जानकारी प्राप्त की और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने महिला कैदियों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जागरूक करते हुए बताया कि वे जेल में रहते हुए भी अपने अधिकारों की जानकारी रखें और उसका सदुपयोग करें।
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चेयरपर्सन श्रीमती भाटिया ने महिला कैदियों को जेल में रहते हुए रचनात्मक कार्यों में भाग लेने हेतु प्रेरित किया और कहा कि वे अपने जीवन को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाएं। उन्होंने यह भी कहा कि सजा पूरी करने के बाद वे बेहतर रोजगार या स्वरोजगार अपनाते हुए समाज में सम्मानपूर्वक जीवन यापन करने के लिए कार्य करें। श्रीमती भाटिया ने जेल प्रशासन के अधिकारियों को महिला वार्ड की अचूक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जेल उप अधीक्षक सुमित पंवार ने आयोग को जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में जिला जेल फरीदाबाद में कुल 96 महिला कैदी हैं, जिनमें से 89 कैदी विचाराधीन (अंडर ट्रायल) हैं। 
इस अवसर पर जेल उप-अधीक्षक सचिन कौशिक, जेल उप-अधीक्षक विक्रम गिल, एसएचओ महिला थाना बल्लभगढ़ सुनीता सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

घरों से दूर बैठे कर्मचारियों को गृह सर्कलो में भेजा जाए – सुनील खटाना

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फरीदाबाद,16 जून, रूपेश कुमारसोमवार को हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर्स यूनियन के राज्य प्रधान श्री सुनील खटाना ने चीफ गुरुग्राम श्री वी. के. अग्रवाल जी को प्रबंधक निर्देशक श्री ए. श्री निवासन के नाम घरो से दूर सर्कल मे बैठे ए.एल.एम लाइनमैन को उनके गृह सर्कल मे भेजा जाए इसके लिये ज्ञापन सौंपा।

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इस अवसर पर राज्य प्रधान श्री सुनील खटाना ने कहा कि प्रदेश मे सबसे जायदा जोखिम बिजली कर्मचारियों का होता है। वह दिन रात अपनी जान को जोखिम मे डालकर प्रदेश को रोशन करने का काम करते है ऐसे मे सरकार का भी फर्ज़ बनता है कि अपने कर्मचारियों का पूरा ध्यान रखें और घरो से बेघर कर्मचारियों को उनके गृह सर्कल मे भेजना का कार्य करें। आज इस बाबत मैंजमेंट के साथ सार्थक मीटिंग हुई व जल्द ही वारीयता के आधार पर जिन जिलों मे सीट खाली है। उनका प्रपोज़ल बनाकर सरकार से परमिशन लेकर अस्सिटेंट लाईनमैन व लाइनमैन को पेड़ी सीजन के बाद उनके जिलों मे स्थानांतरित करने की बात हुई।
इस अवसर पर राज्य प्रधान सुनील खटाना वित सचिव राजेश ठाकरान, राज्य उप प्रधान सतीश छाबड़ी, सर्कल सचिव दलबीर मोर, कर्मबीर यादव प्रधान, शौकीन,अशोक लाम्बा, मोहरपाल आदि साथियो ने मीटिंग मे भाग लिया।

अपराधियों के सामने घुटने टेकती दिख रही है प्रदेश की भाजपा सरकार: कुमारी सैलजा

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गैंगस्टर्स की धमकी के चलते 12 जिलों में 300 ठेकों की बोली के लिए आगे नहीं आ रहे ठेकेदार

चंडीगढ़,16 जून, रूपेश कुमार। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है, लोग दहशत में है, हर वर्ग स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहा है, गैंगस्टर सरेआम फायरिंग कर दहशत फैला रहे है, ऐसा लग रहा हैै कि सरकार ने अपराधियों के सामने घुटने टेक दिए है। हालात ये है कि 12 जिलों में 300 शराब की बोली गैंगस्टर्स की धमकी के चलते नहीं हो पा रही है, धमकी के चलते कोई भी शराब कारोबारी बोली लगाने के लिए आगे नहीं आ रहा है। दूसरी ओर बढ़ते अपराध की जड़ में नशा एक प्रमुख कारण है जिसे खत्म करने दिशा में केवल सरकार बयानबाजी तक सीमित है, गली गली में नशा बिक रहा हैै जिससे साफ लगता है कि प्रदेश की पुलिस कितनी चौकस है।

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मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश में कानून नाम की कोई चीज दिखाई नहीं आ रही है अगर जिला में अपराधियों का बोलबाला है, किसी न किसी जिला में हर रोज हत्याएं हो रही है, लूटपाट और छीना झपटी आम हो गई है, गैैंगस्टर्स के आगे पुलिस बौनी नजर आ रही है, गैंगस्टर्स सरेआम वारदात को अंजाम देकर निकल जाते है और पुलिस हाथ पर हाथ रखे बैठी रह जाती है। शराब कारोबार पर गैंगस्टर्स नजरें लगाए हुए है, ठेकों की बोली को लेकर गैंगस्टर्स आमने सामने है, ठेका पर सरेआम फायरिंग कर और धमकी भरी पर्ची छोड़कर दहशत फैलाई जा रही है। हालात ऐसे है कि नई आबकारी नीति के तहत प्रदेश के 12 जिलों में 300 शराब ठेकों की बोली होनी है, हालात ऐसे है कि धमकी के चलते कोई भी शराब कारोबारी बोली लगाने के लिए आगे नहीं हो रहा हैै, अभी तक इन ठेकों की बोली नहीं हो पाई है।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि शराब कारोबारी इस मामले में मुख्यमंत्री और डीजीपी से भी मिल चुके है उन्हें सुरक्षा का पूर्ण आश्वासन दिया हुआ है पर शायद शराब कारोबारियों को सरकार के इन आश्वसानों पर विश्वास ही नही हैै जिसके चलते इन 300 शराब ठेकों की बोली नहीं हो पा रही है। गैंगस्टर्स की धमकी के चलते सरकार शराब के ठेकों की बोली कराने में नाकाम रही है इससे से यही लग रहा हैै कि सरकार पर गैंगस्टर्स हावी है, अगर सरकार की ऐसी हालात है तो प्रदेश में आम व्यक्ति की हालात क्या होगी। रोहतक, महम, हिसार में  शराब ठेकों पर गैंगस्टर्स ने फायरिंग कर दहशत की ऐसी पथकथा लिख दी है कि शराब ठेकों की बोली अधर में ही रह जाएगी।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश में आपराध की जड़ नशा है, सरकार नशा रोकने की दिशा में सख्त कदम नहीं उठा रहर है, नशा तस्क रों को पकड़ा जा रहा है नशीले पदार्थ भी बरामद किए जा रहे है फिर भी नशा गली गली बिकना सरकार की विफलता को दर्शाता है। हर जिला में पुलिस कर्मी केवल चालान काटकर जनता को परेशान करने में लगे हुए है जबकि अपराधी सरेआम वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। सरकार का निशाना केवल और केवल नशा तस्कर और अपराधियों पर होना चाहिए, लोगों का सुरक्षा की भावना जागृत करना सरकार का काम है।


अरावली वन क्षेत्र में बने अवैध निर्माणों को तोडने से पहले भूमि मालिकों को उचित मुआवजा दे सरकार : संजय भाटिया

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फरीदाबाद,16 जून, रूपेश कुमार। माननीय सुप्रीमकोर्ट द्वारा 21 जुलाई, 2022 को दिए गए आदेशानुसार पंजाब भू संरक्षण अधिनियम 1900 की धारा चार व पांच में बने हुए सभी अवैध निर्माणों को हटाकर वहां पर वन क्षेत्र विकसित किया जाए, का आदेश दिया था। वहीं दूसरी तरफ अब हरियाणा के पूर्व रणजी क्रिकेटर व आलोचक संजय भाटिया भी इन पीडित परिवारों के साथ खड़े हो गए है और उन्होंने सरकार से मांग की है कि जिस भूमि पर उक्त निर्माण बने है, वह लोगों की निजी संपत्ति पर बने है और उक्त भूमि के रकबे की मुटेशन भी सरकारी रिकार्ड में कई वर्षाे से भूमि मालिकों और उनके वारिसों के नाम पर दर्ज है। 

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गौरतलब रहे कि अनखीर, अनंगपुर, लक्कडपुर और मेवला महाराजपुर का बहुत सारा रकबा गैर मुमकिन पहाड़ में आता है और जिसे तोडऩे के आदेश सर्वाेच्च न्यायालय ने दिए है और दूसरी तरफ यह सभी गांव सैकड़ों वर्ष पुराने बसे हुए है और यहां पर रहने वाले मौजूदा लोगों की कई पीढिय़ां यहां पर पिछले कई वर्षाे से रहती आई है। यहां पर कुल 6793 अवैध निर्माण है, जिन्हें सरकार द्वारा चिन्हित किया गया है, उनमें कई फार्म हाऊस, फैक्टरी व रिहायशी घर बने हुए है, जिन्हें तोड़ा जाना है। 

श्री भाटिया ने कहा कि पहली बात यह है कि सभी निर्माण भूमि मालिकों की अपनी निजी संपत्ति पर बने है और सरकार को अगर यहां वन क्षेत्र विकसित करने के लिए माननीय सर्वाेच्च न्यायालय ने कई साल पहले अपने ऑर्डर द्वारा कहा था तो हरियाणा सरकार इतने सालों से कहां सो रही थी और सरकार के विधायक, मंत्री व सांसद आदि जनप्रतिनिधियों ने इसके लिए इतने सालों से आवाज उठाई? क्यों नहीं इन जनप्रतिनिधियों ने इन पीडि़त लोगों के लिए मुआवजा आदि देने के लिए कोई भी कदम उठाया। अब समय रहते राजनीति से ऊपर उठकर सभी दलों के प्रतिनिधियों को सरकार से बात करनी चाहिए कि इस प्रकार निजी संपत्ति को सरकारी वन क्षेत्र घोषित करना कहां तक उचित है और इससे पहले माननीय सुप्रीमकोर्ट को यह क्यों नही बताया गया कि इन भूमि मालिकों को उनकी भूमि व उस पर बने हुए निर्माण का उचित मुआवजा देना चाहिए था। 

फिलहाल अब तोडफ़ोड़ की कार्रवाई लगातार जारी है और तीन महीने मेें हरियाणा सरकार को यह सभी अवैध निर्माण हटाकर वहां पर वन क्षेत्र विकसित करने के लिए ये आखिरी मौका माननीय अदालत द्वारा दिया गया है। अंत में उन्होंने कहा कि जनहित में सभी राजनीतिक दलों व सामाजिक लोगों को मिलकर एक स्वर में इन भूमि मालिकों के हक के लिए आवाज उठानी चाहिए और उन्हें न्याय दिलवाने के लिए हरसंभव प्रयास करने चाहिए।

हरियाणा के संतुलित विकास के संकल्प को लेकर हरियाणा सरकार प्रतिबद्धता से कर रही काम – नायब सैनी

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रेवाड़ी को मिला विकास का बड़ा तोहफा, मुख्यमंत्री ने खोला घोषणाओं का पिटारा

रेवाड़ी,15 जून, रूपेश कुमार। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने रेवाड़ीवासियों को विकास परियोजनाओं की सौगात देते हुए घोषणाओं का पिटारा खोला। उन्होंने रेवाड़ी की पानी की आपूर्ति के लिए भगवानपुर में 9 एकड़ 7 कनाल भूमि में अतिरिक्त वाटर स्टोरेज टैंक के निर्माण के लिए 50 करोड़ 58 लाख रुपये की घोषणा की। इसके अलावा, गांव डूंगरवास में पीने के पानी के लिए बूस्टिंग स्टेशन और नई पाइन लाइन बिछाने के लिए 7 करोड़ 20 लाख रुपये की घोषणा की। साथ ही, गांव गोकुलपुर में वॉटर वर्क्स के निर्माण और नई पाइप लाइन बिछाने के लिए 5 करोड़ 6 लाख रुपये की घोषणा की।

 

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मुख्यमंत्री आज रेवाड़ी में आयोजित धन्यवाद रैली को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने रेवाड़ी में 288 करोड़ 31 लाख रुपये लागत की 15 परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें 193 करोड़ 94 लाख रुपये की लागत की 8 परियोजनाओं का उद्घाटन तथा 94 करोड़ 37 लाख रुपये लागत की 7 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल हैं।
 

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मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि रेवाड़ी में भूमि उपलब्ध होने पर एक बड़ी लाइब्रेरी बनाई जाएगी। साथ ही, रेवाड़ी में मार्केट कमेटी के भवन के लिए भी 4 करोड़ 39 लाख रुपये की घोषणा की। इसके अलावा, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की पांच सड़कों के नवीनीकरण के लिए मुख्यमंंत्री ने 4 करोड़ 20 लाख रुपये की घोषणा की। इसी विभाग की 37.32 किलोमीटर की 18 सड़कों को संबंधित एजेंसी के माध्यम से ठीक करवाया जाएगा। इसके अलावा, रेवाड़ी में 18.48 किलोमीटर की 12 अन्य सड़कों की स्पेशल रिपेयर के लिए 3 करोड़ 36 लाख रुपये, 37.59 किलोमीटर की 25 सड़कों के नवीनीकरण के लिए 26 करोड़ 84 लाख रुपये की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेवाड़ी विधानसभा में पीडबल्यूडी की 90.99 किलोमीटर की 51 सड़कों की संबंधित एजेंसी के माध्यम से मरम्मत करवाई जाएगी। रेवाड़ी में 10.95 किलोमीटर की पांच सड़कों का निर्माण कार्य जल्द आरंभ हो जाएगा। इसके अलावा, रेवाड़ी शहर में सीवरेज की नई लाइन बिछाई जाएगी।
 

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उन्होंने कहा कि कर्नल राम सिंह चौक के पास फ्लाई ओवर की फिजिबिलिटी चेक करवाकर इसका निर्माण करवाया जाएगा। इसके अलावा, भूमि उपलब्ध होने पर जिला नागरिक अस्पताल से ट्रामा सेंटर को नई जगह शिफ्ट किया जाएगा। धारूहेड़ा के अर्बन हेल्थ सेंटर को अपग्रेड कर पीएचसी बनाया जाएगा। नगर परिषद रेवाड़ी के नए भवन कार्यालय का निर्माण करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजकीय मॉडल संस्कृत वरिष्ठ माध्यमिक काकोडिया के भवन का निर्माण भूमि की उपलब्धता होने पर किया जाएगा। रेवाड़ी में जमीन उपलब्ध होने पर उपमंडल कृषि अधिकारी के कार्यालय भवन का निर्माण किया जाएगा। राजकीय महाविद्यालय बॉयज के भवन का भी निर्माण कार्य जल्द शुरू हो जाएगा।
 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि मैसानी बैराज में जो फैक्ट्रियों का दूषित पानी आता है, उसके समाधान के लिए सरकार ने एक व्यापक योजना बनाई है। इसके तहत, इस क्षेत्र में एसटीपी लगाए जाएंगे और पानी को शुद्ध करके बैराज में छोड़ा जाएगा और उस पानी को कृषि के लिए उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने रेवाड़ी विधानसभा के गांवों के विकास कार्यों को लेकर अलग से 5 करोड़ रुपये की घोषणा की।
 

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हरियाणा की जनता ने परिवारवाद और भ्रष्टाचार की राजनीति को नकार कर विकास और राष्ट्रवाद की नीति पर लगाई मुहर
 
रेवाड़ी को वीरों और सैनिकों की धरती बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहाँ के जवान सरहदों पर देश की रक्षा कर रहे हैं, ताकि हम सब अपने घरों में सुरक्षित रह सकें। उन्होंने जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि लोगों ने कुछ महीने पहले ही डबल इंजन की सरकार तो बनाई ही, साथ ही उसमें ट्रिपल इंजन जोड़ने का काम किया। अब प्रदेश में तीन गुना ज्यादा गति से काम हो रहे हैं। हरियाणा की जनता ने परिवारवाद और भ्रष्टाचार की राजनीति को नकार कर विकास और राष्ट्रवाद की नीति पर मुहर लगाने का काम किया है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाण सरकार किसी एक जाति, एक वर्ग या एक परिवार की नहीं, बल्कि हरियाणा के 2.80 करोड़ लोगों की सरकार है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र पर चलते हुए हर हरयाणवी के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक सरकार ने रेवाडी विधानसभा क्षेत्र में 1,916 करोड़ रुपये की लागत के विकास कार्य करवाए हैं। पिछले 10 वर्षों में रेवाड़ी विधानसभा क्षेत्र के लिए हमने कुल 69 घोषणाएं की हैं। इनमें से 61 घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं तथा 4 पर काम जारी है। उन्होंने विश्वास दिलाते हुए कहा कि रेवाड़ी का विकास अब दोगुणी नहीं, बल्कि तिगुणी रफ्तार से होगा। पिछले 10 वर्षों में रेवाड़ी जिले के लिए कुल 305 घोषणाएं की गई हैं। इनमें से 167 घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं तथा 18 पर काम जारी है।
 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का रेवाड़ी से विशेष लगाव
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का इस इलाके से विशेष लगाव है। उन्होंने प्रधानमंत्री बनने से पहले 15 सितम्बर, 2013 को इसी वीर भूमि पर भूतपूर्व सैनिकों की रैली को सम्बोधित किया था। इसी के साथ उन्होंने चुनाव अभियान की शुरुआत की थी। उस रैली में उन्होंने ‘वन रैंक वन पैंशन’ का वायदा किया था, जिसे उन्होंने पूरा किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में हमने एक ऐसे भारत का उदय देखा है, जो अपनी प्राचीन विरासत पर गर्व करता है, वर्तमान की चुनौतियों का डटकर सामना करता है और भविष्य के लिए महत्वाकांक्षी सपने संजोता है। वर्ष 2014 से पहले देश में आतंकवाद को लेकर भय का वातावरण था, परंतु प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व पर आतंकवाद पर गहरी चोट की गई और जब जब भी पाकिस्तान ने हमारी भूमि के ऊपर आ कर किसी अप्रिय घटना को अंजाम देने का काम किया, हमारे जांबाज सैनिकों ने पाकिस्तान की सरजमी पर जाकर उसे जवाब देने का काम किया।
 
हरियाणा में सुशासन से सेवा का मॉडल, भ्रष्टाचार पर लगी लगाम
 
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमने जो कहा है, वो करेंगे। हमारी नीति, नीयत और नेतृत्व तीनों स्पष्ट हैं। सरकार ने अपने संकल्प-पत्र में रेवाड़ी के लिए भी 2 संकल्प लिये हैं कि हम यहां पर देश की सबसे बड़ी सरसों तेल सहकारी मिल और एक सैन्य संग्रहालय स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि हमने पिछले 10 वर्षों में हरियाणा में सुशासन से सेवा का खास मॉडल तैयार किया है। इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है और सरकारी योजनाओं व सेवाओं का लाभ पात्र लोगों को मिलने लगा है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि पूरे हरियाणा का संतुलित विकास हो। इसी संकल्प को लेकर हरियाणा सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है।

हम सबको अपने जीवन में रक्तदान को आदत बनाना चाहिए : राजेश नागर

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मंत्री राजेश नागर ने आईएमटी में रक्तदान शिविर का उद्घाटन किया 

फरीदाबाद,15 जून, रूपेश कुमार। हरियाणा सरकार के मंत्री राजेश नागर ने आज आईएमटी में आयोजित रक्तदान शिविर का उद्घाटन कर लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया और रक्तदाताओं का आभार जताया।

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इस अवसर पर आयोजक एडवोकेट नरवीर चहल ने साथियों के साथ मंत्री राजेश नागर का जोरदार स्वागत किया। मंत्री राजेश नागर ने कहा कि हम सभी को अपने जीवन में रक्तदान को अपनी आदत बनाना चाहिए। रक्त ऐसी चीज है जिसे किसी फैक्ट्री में नहीं बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मानव के जीवन में दान को बहुत महत्व दिया गया है इसमें भी रक्तदान को सर्वोच्च माना गया है। रक्तदान करने वाला न केवल पीड़ित का जीवन बचाता है बल्कि उसके परिवार का भी संरक्षण करता है। इस नाते वह पूरे परिवार का संरक्षक हो जाता है।
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उन्होंने कहा कि चिकित्सक बताते हैं कि दान किया गया रक्त बहुत थोड़े समय में दोबारा बन जाता है। यह शरीर का ऑटोमेटिक सिस्टम है। उन्होंने कहा कि सभी स्वस्थ लोगों को अपने जीवन में रक्तदान अवश्य करना चाहिए क्योंकि आज रक्त की कमी से अनेक जानें असमय चली जाती हैं। हम सभी को रक्त देने की आदत होगी तो कभी हमारे अपनों को भी रक्त के संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। 
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मंत्री राजेश नागर ने कहा कि गर्मी के मौसम में खासकर बड़ी संख्या में रक्तदान करना चाहिए क्योंकि इस समय रक्त की मांग अचानक बढ़ जाती है और आपूर्ति घट जाती है। उन्होंने रक्तदान आयोजन करने वालों का आभार जताया और उन्हें इसे निरंतर अपने जीवन में लागू करने के लिए प्रेरित किया। 

एमओईएफसीसी प्रमोशन काउंसिल के जिला मुख्य अधिकारी बने हरेंद्र नागर

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फरीदाबाद,15 जून, रूपेश कुमार । पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन संवर्धन परिषद ईकाई (एमओईएफसीसी) प्रमोशन काउंसिल इंडिया ने हरेंद्र नागर को जिला मुख्य अधिकारी नियुक्त किया है। यह काउंसिल भारत की पर्यावरण और वानिकी नीतियों और कार्यक्रमों की योजना, प्रचार, समन्वय और कार्यान्वयन की देखरेख के लिए केंद्र सरकार के प्रशासनिक ढांचे में नोडल एजेंसी है। 

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काउंसिल के वाइस चेयरमैन शैलेश गर्ग ने दिल्ली स्थित कार्यालय में हरेंद्र नागर को नियुक्ति पत्र दिया। हरेंद्र नागर ने नियुक्ति के लिए काउंसिल के चेयरमैन राहुल द्विवेदी, वाइस चेयरमैन शैलेश गर्ग और हरियाणा प्रदेश चेयरमैन भारत शर्मा का आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के एक पेड़ मां के नाम अभियान को जिले में आगे बढ़ाने के लिए पूरा प्रयास करेंगे।
 उन्होंने कहा कि फरीदाबाद जिला प्रदूषण के मामले में देश में पहले स्थान पर रहता है। वे जिले को प्रदूषण मुक्त करने के लिए कार्य करेंगे। इसके लिए अधिक से अधिक पेड़ लगवाएंगे। साथ ही प्रदूषण फैलाने और नियमों का उल्लंघन करने वाली औद्योगिक ईकाइयों के खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। 

सरल पोर्टल बना युवाओं के अधिकारों में बाधा, सरकार तुरंत समाधान करे: कुमारी सैलजा

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उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में दिवंगत यात्रियों और पायलट को दी श्रद्धांजलि

चंडीगढ़,15 जून, रूपेश कुमार । अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार का बहुचर्चित सरल पोर्टल अब युवाओं के लिए सुविधा नहीं, बल्कि संकट का कारण बनता जा रहा है। सरकार द्वारा 31 मार्च 2025 के बाद बने प्रमाण पत्रों को ही वैध मानने की शर्त पहले से बने वैध दस्तावेज़ों को अस्वीकार करने जैसा अन्याय है। इससे हजारों पात्र युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है।

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मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा हैै कि हजारों युवाओं ने ओबीसी, अनुसूचित जाति (एससी) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन किया है, लेकिन या तो पोर्टल बार-बार क्रैश हो रहा है, ओटीपी नहीं आ रहा या फिर प्रमाण पत्रों में जाति की गलत प्रविष्टि हो रही है। यह केवल तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से सामाजिक न्याय से वंचित करने की साजिश प्रतीत होती है। सरकार द्वारा 31 मार्च 2025 के बाद बने प्रमाण पत्रों को ही वैध मानने की शर्त पहले से बने वैध दस्तावेज़ों को अस्वीकार करने जैसा अन्याय है। इससे हजारों पात्र युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। इतना ही नहीं जाति प्रमाण की जगह मृत्यु प्रमाण मांगा जाता है तो कभी कभी डाटा अपलोड ही नहीं होता।
सांसद ने सरकार से मांग की है कि सरल पोर्टल को तुरंत तकनीकी रूप से स्थिर और उपयोगी बनाया जाए, 31 मार्च 2025 के बाद की अनिवार्यता को हटाया जाए और पूर्व में बने वैध प्रमाण पत्रों को मान्यता दी जाए, जो जाति प्रमाण पत्र गलत छप रहे हैं, उन्हें तत्परता से संशोधित कर फिर से जारी किया जाए, अंतिम तिथि को आगे बढ़ाना केवल दिखावा न हो, बल्कि उसके पहले पोर्टल की सभी खामियाँ दूर की जाएं, सामाजिक न्याय के साथ कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा। सांसद ने चेतावनी देते हुए कहा कि वे युवाओं और अभिभावकों के साथ इस संघर्ष में मजबूती से खड़ी हैं और इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठाऊँगी।
उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर दुर्घटना गंभीर प्रशासनिक विफलता का संकेत
सिरसा से कांग्रेस की सांसद एवं उत्तराखड़ की प्रभारी कुमारी सैलजा ने कहा हैै कि उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति अब केवल चिंता का विषय नहीं, बल्कि एक गंभीर प्रशासनिक विफलता का संकेत है। बीते कुछ सप्ताहों में पांचवीं दुर्घटना और रविवार को सात  निर्दोष लोगों की मृत्यु, यह किसी भी जिम्मेदार शासन के लिए आत्मचिंतन का विषय होना चाहिए।
मैं सभी दिवंगत यात्रियों व पायलट को श्रद्धांजलि अर्पित करती हूँ और ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि शोकाकुल परिवारों को यह पीड़ा सहने की शक्ति प्राप्त हो। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतनी भीषण घटनाओं के बावजूद न कोई निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की गई, न सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा हुई।

HPSC बना ‘हेराफेरी’, ‘धांधली’ और ‘गड़बड़झाले’ का अड्डा – सुरजेवाला

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HPSC बर्खास्त हो, प्रश्नपत्र की प्रक्रिया की न्यायिक जाँच हो – असिस्टैंट प्रोफेसर की परीक्षा दोबारा आयोजित हो – दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो : सुरजेवाला

नई दिल्ली,15 जून, रूपेश कुमार । असिस्टैंट प्रोफेसर भर्ती को लेकर सांसद व कांग्रेस महासचिव, रणदीप सिंह सुरजेवाला ने नायब सैनी सरकार की तथाकथित पारदर्शी नौकरी भर्ती प्रणाली को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया। हरियाणा की भाजपा सरकार व हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन पर ताबड़तोड़ हमला करते हुए सुरजेवाला ने इल्ज़ाम लगाया कि HPSC अब हेराफेरी, धांधली और गड़बड़झाले का अड्डा बन गया है। 

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सुरजेवाला ने कहा कि आए दिन नौकरी भर्ती के प्रश्नपत्र व पूरी भर्ती प्रणाली संदेह, मिलीभगत तथा घालमेल के घेरे में आ खड़ी होती है और मुख्यमंत्री, श्री नायब सैनी व HPSC अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। आरोप लगाते हुए सुरजेवाला ने कहा कि हाल में ही चल रही HPSC की असिस्टैंट प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया में रोज उजागर हो रही गड़बड़ियाँ, घालमेल, गलतियाँ व त्रुटिपूर्ण प्रश्नपत्रों ने साल 2019 से असिस्टैंट प्रोफेसर भर्ती का इंतजार कर रहे हरियाणा के लाखों युवक व युवतियों की जिंदगी को बर्बाद कर दिया है। रणदीप ने कहा कि इसकी सीधी जिम्मेवारी मुख्यमंत्री, श्री नायब सैनी व बिहार से आयात कर हरियाणा पर थोपे गए HPSC के चेयरमैन आलोक वर्मा की है। 
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रणदीप ने कागजात और सबूत जारी करते हुए कहा कि ‘हेराफेरी की HPSC, यानी हेराफेरी सर्विस कमीशन’ में भाजपा सरकार में लगातार घोटाले और गड़बड़ियाँ हो रही हैं, पर उन पर पर्दा डालने और झूठी जाँच के नाम पर मामले को रफादफा कर हरियाणा के युवाओं के भविष्य को एक अंधेरे गर्त में धकेला जा रहा है। 
सुरजेवाला ने दावा किया कि उन्होंने HPSC की कार्यप्रणाली, गड़बड़झाले व हालिया असिस्टैंट प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया की तथ्यात्मक जाँच की है व इस पूरे घालमेल की ‘क्रोनोलॉजी’ को समझने की आवश्यकता है, जो इस प्रकार है:-
1.         23 अक्टूबर, 2020 को भाजपा सरकार ने बिहार से आयात कर श्री आलोक वर्मा को HPSC का चेयरमैन लगा दिया। 17 नवंबर, 2021 को हरियाणा के इतिहास का ‘‘अटैची रिश्वत कांड’’ HPSC में हुआ। HPSC के कार्यालय में HPSC के सचिव, श्री अनिल नागर के कमरे से ₹1.08 करोड़ बरामद हुए तथा कुल ₹3.60 करोड़ की बरामदगी हुई व HPSC की ‘डेंटल सर्जन भर्ती’ की ओएमआर शीट भी पकड़ी गई। 
यही नहीं, HPSC की भर्ती प्रक्रिया चलाने वाले ऑनलाईन प्लेटफॉर्म एजेंसी के दो मालिकों को भी गिरफ्तार किया गया। जाँच में यह भी सामने आया कि हरियाणा सिविल सर्विस भर्ती, डेंटल सर्जन भर्ती, स्टाफ नर्स भर्ती, वीएलडीए भर्ती व एएनएम भर्ती में भी पैसे का लेनदेन हुआ। (संलग्नक A1) 
इतना ही नहीं, गिरफ्तार HPSC सचिव, अनिल नागर ने अदालत में कहा कि HPSC कार्यालय से बरामद ₹1.08 करोड़ उसका नहीं, असल में HPSC का है। (संलग्नक A2) 
इतने भारीभरकम ‘अटैचीकांड’ व ‘घोटाले’ के बावजूद भी न तो HPSC को बर्खास्त किया गया और न ही श्री आलोक वर्मा, चेयरमैन एचपीएससी को जाँच के लिए बुलाया गया।   
2.         साल, 2019 के बाद, यानी 7 साल से, हरियाणा में असिस्टैंट प्रोफेसर (कॉलेज काडर) की नियुक्ति नहीं हुई। 
अगस्त, 2024 में 26 सब्जेक्ट्स के 2,424 असिस्टैंट प्रोफेसर के पदों की एडवरटाईज़मेंट HPSC द्वारा निकाली गई तथा लगभग 1.5 लाख युवाओं ने एप्लाई किया। 
जैसे ही असिस्टैंट प्रोफेसर एग्ज़ाम प्रक्रिया शुरू हुई, वह गड़बड़झालों, घालमेल और गलतियों के घेरे में आ गई। 
3.         29 मई, 2025 को हुए असिस्टैंट प्रोफेसर (पॉलिटिकल साईंस) के पेपरों की सील टूटी मिली। 
मुख्यमंत्री, श्री नायब सैनी से लेकर डीसी, पंचकुला तक शिकायत की। पर मामला रफादफा कर दिया गया।  
4.         01 जून, 2025 को HPSC द्वारा असिस्टैंट प्रोफेसर (हिंदी) का पेपर लिया गया। एक बार फिर 6 प्रश्नपत्रों की सील टूटी मिली और लिफाफे खुले मिले। प्रश्नपत्र में 27 प्रश्न ही गलत थे। 
परंतु श्री आलोक वर्मा, चेयरमैन व HPSC ने 30 मई, 2025 को लिखित ऑर्डर जारी कर कहा कि सबकुछ ठीकठाक है व केवल पैक करते हुए सील टूट गई थी। 
जब बहुत शोर मचा तो 3 जून, 2025 को, यानी दो दिन बाद, HPSC ने असिस्टैंट प्रोफेसर (हिंदी) का पेपर कैंसल कर दिया। अगर सील टूटी नहीं थी और प्रश्न गलत ही नहीं थे, तो फिर पेपर कैंसल क्यों किया? यही गड़बड़झाले का सबसे बड़ा सबूत है। 
5.         अब गड़बड़झाले, घालमेल और त्रुटिपूर्ण प्रश्नपत्र का सबसे ताजा सबूत असिस्टैंट प्रोफेसर, (ज्योग्रैफी) का 08 जून, 2025 को आयोजित पेपर है। 
HPSC द्वारा आयोजित असिस्टैंट प्रोफेसर, (ज्योग्रैफी) पेपर की कॉपी संलग्नक A3 है।
HPSC द्वारा आयोजित इस असिस्टैंट प्रोफेसर, (ज्योग्रैफी) के पेपर में 26 सवाल ऐसे हैं, जो ‘बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन’ के ज्योग्रैफी के पेपर से हूबहू नकल कर छाप दिए गए हैं तथा 6 सवाल ऐसे हैं, जो ‘बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन’ के पेपर से आंशिक रूप से दोहराए गए हैं। यानी 32 सवाल बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन के ज्योग्रैफी पेपर से ले लिए गए हैं। बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन के इस पेपर की कॉपी संलग्नक A4 है। 26 और 6 सवालों के प्रश्नपत्र क्रम संख्या का चार्ट संलग्नक A5 है। युवाओं ने बाकायदा इस बारे HPSC को लिखित शिकायत की है। युवाओं द्वारा HPSC को दिए गए ज्ञापन की कॉपी A6 संलग्न है।
यह संयोग है या प्रयोग कि बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन के पेपर के 32 सवाल HPSC में लगा दिए गए हैं और चेयरमैन, HPSC, आलोक वर्मा भी बिहार से आयात किए गए हैं। 
अब घालमेल का सीधा तरीका है कि जिस बच्चे को नाजायज तरीके से पास करना हो, उसे कहो कि बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन का पेपर पढ़ ले। वैसे भी अगर नकल बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन के पेपर की मारनी है, तो HPSC का अलग पेपर कराने की जरूरत ही क्या है? 
6.         यही हाल, घालमेल, हेराफेरी और गड़बड़झाला असिस्टैंट प्रोफेसर (हिस्ट्री) के HPSC के पेपर का भी है। 
HPSC के असिस्टैंट प्रोफेसर (हिस्ट्री) का पेपर 18 मई, 2025 को हुआ और इसमें भी हूबहू 22 सवाल छत्तीसगढ़ के असिस्टैंट प्रोफेसर (हिस्ट्री) के पेपर से नकल मारकर लिख दिए गए। HPSC के असिस्टैंट प्रोफेसर (हिस्ट्री) के पेपर की प्रतिलिपि संलग्नक A7 है। छत्तीसगढ़ पब्लिक सर्विस कमीशन के उस पेपर, जिससे 22 सवाल हूबहू नकल मार HPSC द्वारा पूछे गए हैं, उसकी कॉपी संलग्नक A8 है। छत्तीसगढ़ के प्रश्नपत्र और हरियाणा के 22 प्रश्नों का तुलनात्मक चार्ट संलग्नक A9 है। 
यही नहीं, HPSC के असिस्टैंट प्रोफेसर (हिस्ट्री) के 16 सवाल उत्तराखंड सेट एग्ज़ामिनेशन के हिस्ट्री पेपर में 7 जनवरी, 2024 को पूछे गए थे। HPSC का पेपर उसकी भी नकल है। उत्तराखंड सेट पेपर की कॉपी भी संलग्नक A10 है। 
इस भारी अनियमितता बारे युवाओं द्वारा बाकायदा चेयरमैन, HPSC को सारे सबूत दिए गए, पर हुआ कुछ नहीं। युवाओं द्वारा दिए गए ज्ञापन की प्रतिलिपि A11संलग्न है। HPSC के घालमेल का आलम यह है कि छत्तीसगढ़ में जो सवाल गलत पूछ लिया गया, HPSC से हरियाणा में भी उसे हूबहू गलत लगा दिया। उदाहरण के तौर पर सवाल नंबर 44 विजय नगर रियासत के सालुव डायनेस्टी बारे है, जिसमें छत्तीसगढ़ में चारों विकल्प गलत थे। HPSC ने हूबहू गलत सवाल लगा दिया। इसी प्रकार सवाल 49 में छत्तीसगढ़ में हिंदी और अंग्रेजी में गलत तरीके से अलग-अलग विकल्प लिख दिए गए। HPSC ने उसे भी हूबहू लिख दिया। शायद इसीलिए कहते हैं कि नकल के लिए भी अक्ल की जरूरत है। 
अगर HPSC द्वारा छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड के पेपर की नकल मारकर ही वही सवाल पूछने हैं, वह चाहे गलत भी हों, तो HPSC की भर्ती प्रणाली के क्या मायने बच जाते हैं।
सुरजेवाला ने कहा कि असिस्टैंट प्रोफेसर भर्ती में HPSC द्वारा किया गया फर्जीवाड़ा, घालमेल व गड़बड़झाला बिल्कुल साफ है। रणदीप ने यह भी कहा कि जिस HPSC को प्रश्नपत्र भी बनाना नहीं आता और दूसरे प्रांतों से नकल मारकर पूछे गए प्रश्न भी गलत हैं, तो ऐसी HPSC भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से हरियाणा के युवाओं भविष्य को अंधकार में धकेलने का क्या औचित्य है। 
सुरजेवाला ने भाजपा सरकार व मुख्यमंत्री, श्री नायब सैनी से सीधी मांग रखी:-
1.              HPSC को फौरन बर्खास्त किया जाए।
2.              असिस्टैंट प्रोफेसर भर्ती के सभी पेपर दोबारा पारदर्शी व निष्पक्ष तरीके से आयोजित किए जाएं।
3.              असिस्टैंट प्रोफसर भर्ती प्रक्रिया में घालमेल की न्यायिक जाँच हो।
4.              HPSC की प्रश्नपत्र प्रणाली में जिम्मेवारी, जवाबदेही, निष्पक्षता व पारदर्शिता निर्धारित करने के लिए एक एक्सपर्ट ग्रुप का गठन किया जाए।
5.              प्रश्नपत्रों में भयंकर अनियमितताओं करने वाले सभी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।