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Thursday, July 23, 2026
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प्राकृतिक खेती हरियाणा की कृषि को नई दिशा देगी : नायब सैनी

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हरियाणा में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने की बड़ी घोषणाएं
हिसार, 05 जून, रूपेश कुमार । हरियाणा में प्राकृतिक खेती को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने और किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने के लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती तथा जैविक खेती से उत्पादित गेहूं, धान, दालों आदि उत्पादों के लिए प्राकृतिक तथा जैविक मंडी की स्थापना गुरुग्राम में की जाएगी। साथ ही, प्राकृतिक तथा जैविक खेती से उत्पादित फल, सब्जियों के लिए हिसार में भी प्राकृतिक खेती तथा जैविक मंडी की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा, प्राकृतिक तथा जैविक खेती के उपज के उचित मूल्य निर्धारण के लिए हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण के तहत एक समिति का गठन किया जाएगा।मुख्यमंत्री आज चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित प्राकृतिक खेती सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
 

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मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती से प्राप्त उत्पादों की ब्रांडिंग और पैकेजिंग के लिए प्रति किसान 20 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि प्राकृतिक और जैविक खेती की उपज की जांच हेतु प्रयोगशालाएं भी स्थापित की जाएंगी। ये प्रयोगशालाएं किसानों की फसल की निःशुल्क जांच करेंगी।
 

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उन्होंने यह भी घोषणा की कि खंड पूंडरी, जिला कैथल में कृषि विभाग की 53 एकड़ भूमि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को नीलामी के आधार पर पट्टे पर दी जाएगी। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि प्रत्येक पंचायत में पंचायती भूमि में से 10 प्रतिशत भूमि या कम से कम एक एकड़ भूमि प्राकृतिक खेती के लिए आरक्षित की जाएगी। यह भूमि केवल भूमिहीन किसानों को नीलामी के माध्यम से दी जाएगी।
 

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उन्होंने कहा कि सरकारी और पंचायती जमीन पर जो भी किसान प्राकृतिक खेती करेगा, उन किसानों को भी प्राकृतिक खेती योजना के तहत वित्तीय प्रोत्साहन के रूप में कच्चे माल के भंडारण और संस्करण के लिये चार ड्रम की खरीद के लिए 3 हजार रुपये प्रति किसान दिया जाएगा। एक देसी गाय की खरीद पर 30 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाएगी।
 
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प्राकृतिक खेती न केवल हरियाणा की कृषि को नई दिशा देगी, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगी
 
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पूरी दुनिया के लोग वायु, जल व मिट्टी के संरक्षण का संकल्प ले रहे हैं और इन्हें हर प्रकार से प्रदूषण मुक्त करने के उपाय पर विचार कर रहे हैं। इस समय प्राकृतिक खेती इन सभी समस्याओं का समाधान है। प्राकृतिक खेती न केवल हरियाणा की  कृषि को नई दिशा देगी, बल्कि पूरे देश के लिए यह प्रेरणा का एक स्रोत पर बनेगी।
 
उन्होंने कहा कि आज जब हम खाद्यानों के मामले में आत्मनिर्भर तो हैं, लेकिन इसके लिए हमें बहुत बड़ी कीमत भी चुकानी पड़ी है। रासायनिक खादों के उपयोग से भूमि, जल और वायु दूषित होते हैं। इसलिए हमारी आने वाली पीढ़ियां मजबूत, सशक्त हों, इसके लिए हमें प्राकृतिक खेती की तरफ बढ़ना होगा।
 
उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2022 में प्राकृतिक खेती योजना का शुभारंभ किया गया और इसमें लगभग 97 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया और इसे हर वर्ष लगातार बढ़ाया जा रहा है। प्राकृतिक खेती के लिए सरकार ने पोर्टल भी शुरू किया है। अब तक इस पोर्टल पर लगभग 1,84,665 किसानों ने 2,73,955 एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण कराया है। इसमें से, 17,087 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए 10,550 किसानों का सत्यापन भी किया जा चुका है।
 
वर्ष 2025-26 के दौरान प्रदेश में एक लाख एकड़ भूमि को प्राकृतिक खेती के अधीन लाने का लक्ष्य
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025-26 के दौरान प्रदेश में एक लाख एकड़ भूमि को प्राकृतिक खेती के अधीन लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक 720 किसान गोष्ठियां, 22 कार्यशालाएं एक राज्यस्तरीय मेले कर अरसरेजल किया गया। इन कार्यक्रमों में 35 हजार से अधिक किसानों ने भाग लिया। प्राकृतिक खेती अपनाने हेतु प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कुरुक्षेत्र के गुरुकुल, जींद के हमेटी, सिरसा के मंगियाना और करनाल के घरौंडा में प्रशिक्षण केंद्र वो स्थापित किए हैं। गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्रशिक्षण केंद्र में प्रगतिशील किसानों को प्रशिक्षण देने के लिए राज्य सलाहकार की भी नियुक्ति की है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती के लिए देसी गायों की खरीद पर सरकार 30 हजार रुपये की सब्सिडी दे रही है। अब तक 492 देसी गायों की खरीद के लिए 1 करोड़ 23 लाख रुपये सीधे किसानों को दिए गए हैं। इसके अलावा, अब तक 2500 किसानों को ड्रम खरीदने के लिए 75 लाख रुपये की राशि दी जा चुकी है।
 
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में विकसित कृषि संकल्प अभियान का शुभारंभ 29 मई को कुरुक्षेत्र से किया गया और ये अभियान 12 जून तक चलेगा। इस अभियान का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करना, नई तकनीक के साथ जोड़ना, योजना और नवाचार के साथ कृषि क्षेत्र में सुधार लाना है। इन सुधारों में प्राकृतिक खेती की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
 
मुख्यमंत्री ने किसानों से किया आह्वान, हरियाणा को प्राकृतिक खेती का एक नया मॉडल बनाने के लिए लें संकल्प
 
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्यपाल आचार्य देवव्रत प्राकृतिक खेती को लगातार बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं और हरियाणा सरकार भी उनके इस प्रयास में सहयोग करते हुए किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता लाने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने किसानों का आह्वान किया कि सभी मिलकर हरियाणा को। प्राकृतिक खेती का एक नया मॉडल बनाने के संकल्प लें।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा तैयार दो पुस्तकों का भी विमोचन किया।

प्रकृति संरक्षण और स्वच्छ पर्यावरण के लिए प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाना पहली प्राथमिकता: नायब सैनी

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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से की पौधारोपण करने की अपील

चरखी दादरी, 05 जून, रूपेश कुमार विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे प्रकृति संरक्षण और स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में योगदान देने हेतु एक पेड़ अवश्य लगाएं और प्लास्टिक मुक्त राज्य बनाने के लिए प्लास्टिक का उपयोग बंद करने का संकल्प लें।

 

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मुख्यमंत्री आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला चरखी दादरी में आयोजित एक पेड़ मां के नाम 2.0 राज्यस्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एक पेड़ माँ के नाम अभियान के दूसरे चरण, हरित अरावली कार्य योजना तथा मियावाकी पौधारोपण अभियान का शुभारंभ किया। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने 5 इलेक्ट्रिक बसों को भी वायु प्रदूषण मुक्त के संदेश के साथ झंडी दिखाकर रवाना किया।
 

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उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एक पेड़ माँ के नाम अभियान की शुरुआत की थी। उनका कहना था कि जितना सम्मान हम अपनी जन्म देने वाली माँ को देते हैं, उतना ही सम्मान, हमारी धरती माता को भी दें।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकारों के सहयोग से बनाई गई हरित अरावली कार्य योजना के तहत चार राज्यों में फैले अरावली क्षेत्र को हरा-भरा बनाना है। इसमें चारों राज्यों के 29 जिलों को शामिल किया गया है, जिसमें हरियाणा के 5 जिले शामिल है।
 

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उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य वायु, जल, व मिट्टी हर प्रकार के प्रदूषण की समस्या के प्रति लोगों को जागरूक करना है। इस बार के विश्व पर्यावरण दिवस का थीम है- प्लास्टिक मुक्त धरती। उन्होंने कहा कि आज प्लास्टिक से पर्यावरण को बहुत नुकसान हो रहा है और हमें इसके प्रति भी सचेत होने की आवश्यकता है, क्योंकि आने वाली पीढ़ियों को भी इससे नुकसान होगा। पर्यावरण को स्वच्छ रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
 
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जब हम विकसित भारत और विकसित हरियाणा की दिशा में बढ़ रहे हैं तो इस यात्रा में सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है कि हमारा पर्यावरण स्वच्छ हो। इसके लिए हमें पेड़ों को कटने से बचाना होगा और साथ ही प्लास्टिक के उपयोग को भी बंद करना होगा।
 
उन्होंने कहा कि जब तक हम प्लास्टिक कचरे पर वैश्विक स्तर पर हो रहे दुष्प्रभावों के बारे में नहीं जानेंगे तब तक उसके निपटान के बारे में भी हम नहीं सोच सकेंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रकृति को प्लास्टिक मुक्त बनाने का ध्यान केंद्रित किया जा रहा है और इस प्लास्टिक प्रदूषण को खत्म करने के लिए विभिन्न कदम भी उठाए जा रहे हैं। हरियाणा में राज्य सरकार ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक के आइटम पर बैन लगाया है। साथ ही 120 एमएम की प्लास्टिक थैलियों पर भी बैन लगाया है।
 
रोडवेज के बेड़े में लगभग 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने का लक्ष्य
 
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज 5 इलेक्ट्रिक बसों को भी झंडी दिखाकर रवाना किया गया है। सरकार ने अपने संकल्प पत्र में 11 नगर निगमों में 375 इलेक्ट्रिक बसें देने का लक्ष्य रखा था, जिस पर लगातार आगे बढ़ रहे हैं। इससे पहले भी, नौ शहरों में सिटी बस सेवा के तहत लगभग 45 बसें दी गई। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत लगभग 450 और बसें वर्ष 2026 तक खरीद कर रोडवेज के बेड़े में शामिल की जाएंगी। ये बसें गुरुग्राम, फ़रीदाबाद, पानीपत, यमुनानगर, रोहतक और हिसार में भेजी जाएंगी।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले 5 वर्षों में सरकार का लक्ष्य रोडवेज के बेड़े में लगभग 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने का है। इससे डीजल की खपत में भी कमी आएगी और वायु प्रदूषण भी नहीं होगा। इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा बैटरी से चलने वाले वाहनों की खरीद पर सब्सिडी का भी प्रावधान किया गया है।
 
पराली प्रबंधन पर सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा की करी सराहना, पंजाब को सीख लेने की नसीहत
 
पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने वायु प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने के लिए पराली जलाने की घटनाओं में कमी लाने का काम किया है। पराली के उचित प्रबंधन के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
 
उन्होंने कहा कि दिल्ली की पूर्व सरकार हर बार यह कहती थी कि पंजाब और हरियाणा के किसान अपनी पराली जलाते हैं, जिसका धुआं इकट्ठा होकर दिल्ली की तरफ आ जाता है और दिल्ली का वातावरण खराब होता है। सुप्रीम कोर्ट ने भी हरियाणा की प्रशंसा करते हुए अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि हरियाणा सरकार ने पराली प्रबंधन पर बेहतरीन कार्य किया और पंजाब को भी हरियाणा से सीखने की जरूरत है।
 
सभी नागरिक अपने घर या सार्वजनिक स्थानों पर एक पौधा अवश्य लगाने का ले संकल्प
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बायोमैडिकल कचरा, प्लास्टिक उपयोग और हानिकारक पदार्थों के निपटान, सॉलिड वेस्ट आदि के नियंत्रण हेतु भी विभिन्न नीतियां लागू की गई हैं। विद्यार्थियों को पर्यावरण संबंधी मुद्दों के बारे में जागरूक करने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में 5250 इको क्लब भी स्थापित किए हैं।
 
उन्होंने कहा कि प्रदेश को हरा भरा बनाने के लिए जिला मुख्यालय पर पांच से 100 एकड़ क्षेत्र में ऑक्सी वन स्थापित करने की योजना भी शुरू की है। करनाल में पिछले वर्ष ऑक्सी वन की स्थापना की गई है और पंचकूला में इस पर कार्य चल रहा है।
 
उन्होंने कहा कि आज इस अवसर पर सभी नागरिक संकल्प लें कि अपने घर के आंगन में या सार्वजनिक स्थानों पर या किसी खेत में एक पौधा अवश्य लगाएंगे।
 
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग द्वारा तैयार पुस्तिकाओं- एक पेड़ माँ के नाम नर्सरी तथा हरित अरावली कार्य योजना का भी विमोचन किया। इसके अलावा, प्लास्टिक मुक्त वातारण का संदेश देने के उद्देश्य से जूट से बने बैग के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जूट बैग को भी प्रोमोट किया।
 

सिख म्यूजियम व गुरु रविदास म्यूजियम के कार्यों को तय समयसीमा में पूर्ण करना करें सुनिश्चित: नायब सैनी

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– प्रदेश में श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस का 350वाँ वर्ष भव्यता और श्रद्धा के साथ मनाया जायेगा

चंडीगढ़, 04 जून, रूपेश कुमार । हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरुओं की विरासत को संरक्षित करने तथा उनके जीवन दर्शन एवं आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कुरुक्षेत्र में बनाये जा रहे सिख म्यूजियम तथा संत शिरोमणि गुरु रविदास म्यूजियम के कार्यों को तय समयसीमा में पूर्ण किया जाना सुनिश्चित किया जाए ताकि आने वाली पीढ़ियां गुरुओं से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान दे सकें।

 

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मुख्यमंत्री श्री सैनी आज यहां कुरुक्षेत्र में  बनने वाले सिख म्यूजियम और गुरु रविदास म्यूजियम के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र में सिख म्यूजियम का निर्माण इस प्रकार किया जाए कि वह सिख इतिहास, संस्कृति और गुरुओं के योगदान की सम्पूर्ण झलक प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा कि म्यूजियम में हरियाणा राज्य के उन सभी स्थलों की जानकारी अनिवार्य रूप से सम्मिलित की जाए, जहां-जहां सिख गुरुओं ने अपने चरण कमल रखे हैं, ताकि प्रदेश की जनता और विशेषकर युवा पीढ़ी को गुरुओं के आध्यात्मिक, सामाजिक और ऐतिहासिक योगदान की जानकारी प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि म्यूजियम में सिख गुरुओं द्वारा धर्म की रक्षा, न्याय और मानवीय मूल्यों की स्थापना हेतु मुगल शासकों के अत्याचारों के विरुद्ध लड़ी गई ऐतिहासिक लड़ाइयों को भी यथार्थ रूप में दर्शाया जाए, ताकि बलिदान और संघर्ष की वह गाथा सदियों तक प्रेरणास्रोत बनी रहे। उन्होंने यह सुझाव भी दिया कि सिख इतिहास के तथ्यात्मक दस्तावेजीकरण हेतु एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाए, जिसमें अनुभवी इतिहासकार, प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर तथा साहित्य अकादमी से जुड़ी विद्वान हस्तियाँ शामिल हों, जो म्यूजियम की विषयवस्तु की प्रामाणिकता और गुणवत्ता सुनिश्चित कर सकें।
 
इसी प्रकार, मुख्यमंत्री ने संत शिरोमणि गुरु रविदास म्यूजियम के भव्य निर्माण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इस म्यूजियम को न केवल स्थापत्य की दृष्टि से भव्य बनाया जाए, बल्कि इसकी विषयवस्तु भी संत रविदास जी के जीवन दर्शन, आध्यात्मिक विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने वाली होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक समिति का गठन किया जाए, जिसमें ऐसे विद्वान शामिल हों जो गुरु रविदास जी के जीवन, शिक्षाओं, आदर्शों तथा उनके द्वारा मानवता की भलाई के लिए किए गए कार्यों का गहन अध्ययन एवं अनुशीलन करते रहे हों।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस का 350वाँ वर्ष आगामी नवंबर माह में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पावन अवसर को बड़े स्तर पर भव्यता और श्रद्धा के साथ मनाने के लिए अभी से योजनाबद्ध तैयारियां आरंभ की जानी चाहिए ताकि यह कार्यक्रम न केवल ऐतिहासिक रूप से यादगार बने बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक सिख गुरुओं की अमर गाथा, त्याग और बलिदान का संदेश प्रभावशाली ढंग से पहुंच सके। प्रदेशभर में इस उपलक्ष्य में सेमिनार, यात्राएं एवं अन्य स्मृति आयोजन किए जाएं ताकि समाज को गुरुओं की शहादत एवं बलिदान की गाथा से जोड़ा जा सके।
 
बैठक में बताया गया कि सिख म्यूजियम के लिए तीन एकड़ तथा गुरु रविदास म्यूजियम के लिए पांच एकड़ भूमि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जा चुकी है। अब इन परियोजनाओं के निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने हेतु आवश्यक प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
 
बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्व कुमार सिंह, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल तथा महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यशपाल यादव,  पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के महानिदेशक अमित खत्री, एचएसवीपी के मुख्य प्रशासक चंद्रशेखर खरे, मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती, ओएसडी डॉ. प्रभलीन सिंह और कुरुक्षेत्र की उपायुक्त नेहा सिंह सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

हरियाणा सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया अनुकूल वातावरण: नायब सैनी

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– हरियाणा बना राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय  निवेशकों की पहली पसंद
  मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से किया आह्वान  -हरियाणा में औद्योगिक इकाइयां स्थापित कर – – – विकास गाथा में बनें भागीदार
– प्रदेश में 10 नये औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) जल्द विकसित की जाएंगी

चंडीगढ़, 04 जून, रूपेश कुमार  हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में एक अनुकूल और सुदृढ़ औद्योगिक वातावरण तैयार किया है। इसके परिणामस्वरूप हरियाणा न केवल राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उद्योगों और कंपनियों की पहली पसंद बन चुका है। मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से आग्रह किया है कि वे हरियाणा में अपनी औद्योगिक इकाइयां स्थापित कर प्रदेश की प्रगति और विकास में सक्रिय रूप से भागीदार बनें।

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मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मंगलवार देर सायं अपने निवास स्थान संत कबीर कुटीर पर पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पदाधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश व दिल्ली के प्रमुख उद्योगपति उपस्थित रहे।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसी भी प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए सड़क, रेल, हवाई कनेक्टिविटी एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का होना अनिवार्य है। उन्हें गर्व है कि हरियाणा में उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप ये सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। आज प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों की बड़ी कंपनियां अपनी इकाइयां स्थापित कर रही हैं, जिससे हरियाणा के औद्योगिक विकास को मजबूती मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार और उद्योगपतियों के बीच सीधे संपर्क को मजबूत करने तथा उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए सरकार ने कई सुधार लागू किए हैं। उन्होंने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम से आगे बढ़कर सिंगल रूफ सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत हर सेवा के लिए निश्चित समय सीमा निर्धारित की गई है। विभिन्न विभागों से मिलने वाली एनओसी की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिसमें कम से कम 15 दिन और अधिकतम 45 दिन का समय निर्धारित किया गया है।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उन्होंने वित मंत्री के रूप में वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तुत हरियाणा के बजट में औद्योगिक विकास और स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने के लिए अनेक घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 10 नये औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) विकसित की जाएंगी जिसकी योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा, नवोदित उद्यमियों को सहयोग देने के लिए सरकार स्टार्टअप इकोसिस्टम को बेहतर बना रही है। अनुसंधान और विकास तथा निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार फंड आफ फंड्स बना रही है।
उन्होंने कहा कि भविष्य की प्रौद्योगिकियों और नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि एक समावेशी बजट परिकल्पना को साकार करने के लिए उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों से बजट पूर्व परामर्श किया और उनके सुझाव आमंत्रित किए। इसी क्रम में उन्होंने उद्योगपतियों और स्टार्टअप्स से भी परामर्श लिया, उनके अनुभव जाने और सुझाव प्राप्त किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगपतियों और स्टार्टअप्स से मिले उत्कृष्ट सुझावों को बजट में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में हरियाणा की भागीदारी बढ़ाने के लिए नए-नए क्षेंत्रों को जोड़ने के साथ विकसित हरियाणा वर्ष 2047 के लिए प्रदेश सरकार का विजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य हरियाणा को 2047 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। इसको हासिल करने के लिए उद्योग सहित सभी क्षेत्रों की सक्रिया भागीदारी आवश्यक है।
इस मौके पर श्री नायब सिंह सैनी ने ‘हरियाणा: गेटवे टू नॉर्दर्न इंडियाज इंडस्ट्रियल ट्रांसफॉर्मेशन’ पर वाइट पेपर का तथा ‘ट्रेडिशनल क्राफ्ट ऑफ हरियाणा ऑन ग्लोबल रनवे’ का भी लोकार्पण किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित प्रमुख उद्योगपतियों से सुझाव लिए और प्रदेश सरकार की ओर से उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
इससे पूर्व, कार्यक्रम में पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष श्री हेमंत जैन तथा पंजाब चैप्टर के चेयरमैन श्री करण गिल्होत्रा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने प्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध करवाने हेतु मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरूण गुप्ता, मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव श्री तरूण भंडारी, ओएसडी श्री भारत भूषण भारती, विदेश सहयोग विभाग हरियाणा के सलाहकार श्री पवन चौधरी सहित पीएचडी चैम्बर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के पदाधिकारी और प्रमुख उद्योगपति उपस्थित रहे।

वन नेशन-वन राशन कार्ड योजना के तहत राशन वितरण में हरियाणा अग्रणी – राजेश नागर

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– पिछले पांच साल में अन्य राज्यों के 22,93,961 लोगों ने लिया हरियाणा में राशन 

फरीदाबाद, 04 जून, रूपेश कुमार । केंद्र सरकार की एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड योजना के तहत हरियाणा प्रदेश में पिछले करीब पांच सालों में अन्य राज्यों के 22,93,961 लाभार्थी राशन सामग्री प्राप्त कर चुके हैं। यह बात हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री राजेश नागर ने बताई। 

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उन्होंने बताया कि वन नेशन- वन राशन कार्ड योजना के अंतर्गत लेन – देन की संख्या में हरियाणा हमेशा पहले अथवा दूसरे स्थान पर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वन नेशन – वन राशन कार्ड योजना के तहत राशन का लेन-देन हर महीने बढ़ रहा है।
नागर ने बताया कि इसी उद्देश्य से, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के कॉल सेंटर में एक टोल फ्री नंबर 14445 और  1800 -180 -2405 भी उपलब्ध है। इस नंबर पर कॉल करके राज्य के बाहर का कोई भी लाभार्थी वन नेशन-वन राशन कार्ड के तहत पूछताछ कर सकता है।
मंत्री राजेश नागर ने बताया कि एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड योजना के तहत हरियाणा में सितम्बर 2019 से लेकर अब तक अन्य प्रदेशों के कुल 22,93,961 लाभार्थियों ने राशन लिया है। हरियाणा प्रदेश ने अपने लाभार्थी नागरिकों को राशन वितरण करने में पिछले पांच सालों में अधिकतर माह अग्रणी स्थान बनाए रखा है।

निगम की ऑनलाइन ट्रांसफर पोलिसी को खुद निगम अधिकारी ही लगा रहे हैं पलीता : यूनियन

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फरीदाबाद, 04 जून, रूपेश कुमार । प्रदेश सरकार ने ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी में पारदर्शिता लाने के लिये प्रादेशिक कर्मचारियों हेतु विभिन्न विभिन्न विभागों में जिनमे बिजली निगम में इस ऑनलाइन ट्रांसफर पोलिसी को लागू किया जिसका प्रारूप स्पष्ट यह था कि बिना किसी सिफारिश एवं मतभेद के सरकारी महकमों में लगे हजारों कर्मचारियों को इसका फायदा हो इसी के तहत जिनमे बिजली निगम के डिवीजन एकाउंटेंड, एसडीओ, जेई फर्स्ट, एलडीसी, जेई, यूडीसी और कमर्शियल असिस्टेंट यानी सीए आदि कर्मियों के लिये इस पॉलिसी को जनवरी 2022 से वार्षिक अंकों के आधार पर कर्मचारियों के लिये लागू किया ।

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लेकिन आज भी बिजली निगम के अधिकारी (एसडीओ, एक्सईएन, एसई सहित उच्च अधिकारी) ने अपनी मनमर्जी के चलते ना उनके ऑप्शन खोलते हैं या अपने चहेते कर्मचारी को तबादला हुए दफ्तर से पॉलिसी के तहत दूसरे दफ्तरों में ट्रांसफर होकर जाने नही देते और वह आज भी उसी पुराने दफ्तर में बखूबी काम को कर रहे हैं यानी इसका साफ मकसद यह देखने को मिलता है । ऐसे में कहीं ना कहीं ऐसे अधिकारियों की मंशा पर सवाल उठाते हुए एचएसईबी वर्कर यूनियन को शक हो रहा है जो सरकार के आदेशों और निगम प्रबंधन सहित उच्च आदेशों को ताक पर रख कर इस ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को आज भी पलीता लगा रहे हैं । जिसका विरोध एचएसईबी वर्कर यूनियन ने अपने माँग पत्र में लिखित रूप से विद्युत सदन हिसार एमडी महोदय कार्यालय को अवगत कराते हुए बताया था कि उत्तर हरियाणा और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण के सभी सर्कलों का आलम यही हो रहा है । यह गम्भीर आरोप हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर यूनियन के नेताओं ने लगाए हैं । इसी का एक उदाहरण फरवरी 2024 में कुछ कर्मचारी तबादले हुए जिनमे डिवीजन ओल्ड फरीदाबाद की सब डिवीजन वेस्ट से पूजा यूडीसी का सूरजकुंड दफ्तर में व निशा यूडीसी का ओल्ड डिवीजन से वेस्ट में दफ्तर में ऑनलाइन के तहत ट्रांसफर हुआ लेकिन जो आज भी उन्ही दफ्तरों में कार्यरत हैं । ठीक इसी प्रकार फरीदाबाद सर्कल सहित बहुत से दफ्तरों में जिनमे कर्मचारी आज भी उन्हीं पुरानी सीटों पर बैठकर अधिकारियों की मिलीभगत से काम कर रहे हैं जो ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के दायरे में आते हुए ट्रांसफर हुए थे । ऐसा कहना खुद ऐसे कर्मचारियों का है जो ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के दायरे में आते हैं जो इसका विरोध प्रकट अपनी यूनियन से कर रहे है । इसका मतलब साफ और स्पष्ट तौर पर समझा जाये तो यह कि खुद बिजली निगम के ऐसे अधिकारी जो इस ऑनलाइन तबादला नीति को सरकार एवं बिजली निगम के समक्ष ठेंगा दिखाते हुए इसे धता साबित कर पलीता लगा रहे हैं । तो फिर ऐसी ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को बिजली निगम महकमे में लाने का आखिर क्या औचित्य रह जाता है । जब बिजली निगम के अधिकारियों ने अपनी मनमानी इसी तरह से करनी है । जल्द से जल्द इसे निरस्त कर ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को रद्द करार दिया जाए । जिसकी हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर्स यूनियन घोर भत्सर्ना करती और प्रदेश सरकार सहित बिजली निगम के एमडी महोदय से व उच्च अधिकारियों से इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उन कर्मचारी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही को अमल में लाने की गुजारिश करती है अन्यथा इसके लिये जल्द आगामी दिनों में विरोध रूपी एक बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी जिसका पूरे हरियाणा प्रदेश के सर्कलों में विरोध किया जाएगा ।


प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को स्वच्छ और जलभराव मुक्त वातावरण उपलब्ध हो: डीसी

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– डीसी विक्रम सिंह ने किया शहर के अंडरपास व ड्रेनेज सिस्टम का निरीक्षण
– रेलवे अंडरपास में ड्रेनेज लाइन और ट्रांसफॉर्मर को मिली मंज़ूरी
– डीसी ने आमजन से की अपील नालों में कूड़ा न डालें

फरीदाबाद, 04 जून, रूपेश कुमार  जिला प्रशासन द्वारा आगामी मानसून सीजन को देखते हुए जलभराव की समस्याओं से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। उपायुक्त (डीसी) विक्रम सिंह ने बुधवार को ओल्ड फरीदाबाद अंडरपास, सेक्टर 21-ए डिस्पोजल, स्मार्ट रोड – बडख़ल और एनएचपीसी अंडरपास का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जरूरी कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण किए जाएं ताकि शहरवासियों को जलभराव जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

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रेलवे अंडरपास में ड्रेनेज लाइन और ट्रांसफॉर्मर को मिली मंज़ूरी
निरीक्षण के दौरान डीसी ने विशेष रूप से ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडरपास का जायजा लिया, जहां बरसात के मौसम में सबसे अधिक जलभराव की शिकायतें आती रही हैं। उन्होंने कहा कि इस बार शहर में जलभराव की स्थिति स्पष्ट रूप से बेहतर है और सुधार साफ दिखाई दे रहे है। उन्होंने बताया कि ओल्ड अंडरपास की जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने हेतु नई ड्रेनेज लाइन डालने की अनुमति मिल गई है, जिससे वर्षा जल का तत्काल निपटान सुनिश्चित किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, ट्रांसफार्मर लगाने के लिए भी रेलवे डीआरएम से अनुमति मिल गई है, जो कि जल निकासी व्यवस्था के संचालन में सहायक होगा।

नालों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई और निरीक्षण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी

डीसी विक्रम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन द्वारा शहर के सभी प्रमुख नालों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई व निरीक्षण का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। जहां-जहां नालों में अवरोध अथवा जल निकासी में बाधा की शिकायतें प्राप्त हुई थी, वहां त्वरित कार्रवाई करते हुए ब्लॉकेज को हटाया गया है और जल प्रवाह को पूरी तरह से सुचारु बनाया गया है। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर जर्जर नालों की मरम्मत का कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर तेज़ी से किया जा रहा है, ताकि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की रुकावट न उत्पन्न हो। डीसी ने यह भी बताया कि जिन क्षेत्रों में जल निकासी प्रणाली की क्षमता अपेक्षाकृत कम पाई गई, वहां तत्काल प्रभाव से उसकी क्षमता को बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। अतिरिक्त पाइपलाइन, पंपिंग सेट्स तथा आवश्यक तकनीकी संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि अधिक वर्षा की स्थिति में भी पानी का निकास बिना किसी रुकावट के प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य इस बार शहर को जलभराव से पूरी तरह मुक्त रखना है और इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से लगातार कार्य कर रहे हैं।

प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को स्वच्छ और जलभराव मुक्त वातावरण उपलब्ध हो

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त विक्रम सिंह ने नगर निगम अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिदिन नियमित रूप से दौरा करें तथा नालों, ड्रेनेज सिस्टम और अंडरपास की सफाई व्यवस्था की सघन निगरानी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मानसून से पूर्व सभी व्यवस्थाओं की मौके पर समीक्षा अत्यंत आवश्यक है ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही से जनजीवन प्रभावित न हो। डीसी ने स्पष्ट किया कि इस बार जलभराव की समस्या को लेकर किसी भी स्तर पर कोताही को कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कहीं भी सफाई व्यवस्था में ढिलाई या उदासीनता पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने अधिकारियों से यह भी अपेक्षा जताई कि वे न केवल निरीक्षण करें, बल्कि आवश्यकतानुसार मौके पर त्वरित समाधान भी सुनिश्चित करें, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि यह समय सक्रियता और जवाबदेही का है, और प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को स्वच्छ और जलभराव मुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है।

पंपिंग सेट्स की मरम्मत व बदलाव से मजबूत होगी जल निकासी व्यवस्था

डीसी विक्रम सिंह ने बताया कि मानसून से पहले तैयारियों के तहत नगर निगम द्वारा शहर के सभी डिस्पोजल पॉइंट्स की स्थिति का मूल्यांकन किया जा रहा है और जहां-जहां आवश्यक है, वहां पंपिंग स्टेशन की क्षमता में भी वृद्धि की जा रही है। इसके अलावा, जो पंपिंग सेट्स खराब अवस्था में थे, उन्हें बदलने अथवा मरम्मत करने की कार्रवाई पूरी की जा रही है।

डीसी ने आमजन से की अपील नालों में कूड़ा न डालें

डीसी विक्रम सिंह ने आमजन से विशेष अपील की है कि वे नालियों में पॉलीथिन, घरेलू कचरा या किसी भी प्रकार का ठोस अपशिष्ट न डालें। उन्होंने कहा कि “स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखना केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि नालों में कचरा नहीं डाला जाएगा, तो जलभराव की समस्या काफी हद तक रोकी जा सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नालों की नियमित सफाई का कार्य प्रगति पर है और संबंधित अधिकारी प्रतिदिन निरीक्षण कर रहे हैं।डीसी विक्रम सिंह ने संबंधित विभागों के इंजीनियरों और अधिकारियों से कहा कि वे सभी कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी कार्य अधूरा न रहे। उन्होंने निर्देश दिया कि शहर के सभी संवेदनशील जलभराव स्थलों की पहचान कर वहाँ विशेष ध्यान दिया जाए और अतिरिक्त संसाधनों की तैनाती की जाए। जिला प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे इन कदमों से स्पष्ट है कि इस बार मानसून के दौरान फरीदाबाद में जलभराव की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। निरीक्षण के दौरान विवेक बंसल, एमसीएफ एक्सईएन ओमबीर सहित एफएमडीए, एनएचएआई, डीआईबीवीएन, एफएससीएल, मंडल रेल प्रबंधक (नई दिल्ली) और रेलवे फरीदाबाद के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहें।

कायदे कानून ताक पर रखकर दौड़ रहे हैं ओवरलोडिड व्यावसायिक वाहन

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फरीदाबाद,03 जून, रूपेश कुमार । पिछले कुछ समय के दौरान ओवरलोड वाहनों के पलटने से दुर्घटना होने की कई घटनाएं हो चुकी है। अत्याधिक ज्यादा वजन और वाहन के डाले से ज्यादा ऊंचाई तक सामान लादकर चलने वाले इन वाहनों को राष्ट्रीय राजमार्ग अथवा शहर की अन्य सड़कों पर कहीं भी आसानी से देखना जा सकता है। लेकिन इसके बावजूद इनकी लगाम कसने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। सडक़ों पर दौडऩे वाले ओवरलोड वाहन यातायात नियमों की धज्जियां तो उड़ा ही रहे हैं। 

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साथ ही इनकी वजह से सरकार को राजस्व का नुकसान भी हो रहा है। गुरूग्राम रोड और सोहना रोड पर तेज रफ्तार से दौडऩे वाले पत्थरों से लदे ओवरलोड डंपर और हाइवे काफी ज्यादा खतरनाक साबित हो रहे हैं। इनके चालक पत्थरों को काफी उपर तक लाद लेते हैं। कई बार इन वाहनों से पत्थर गिरने से अन्य वाहन चालक घायल तक हो जाते हैं। पुलिस और आरटीए द्वारा इनके खिलाफ कभी कभार ही कार्रवाई की जाती है।

अक्सर होते रहते हैं हादसे
ओवरलोड वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं में जहां लोगों के घायल होने व मारे जाने के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। इनकी वजह से सरकारी सम्पत्ति को भी नुकसान होता रहता है।  करीब दो साल पहले बीके चौक पर मुख्य डाकघर के सामने स्टील की सीटों से लदे एक ओवरलोड कैन्टर की वजह से नाले का पुल टूट कर धंस गया था। इसके कुछ समय बाद हार्डवेयर चौक पर स्टील का ट्राला पलट गया था। इसके अलावा करीब चार साल पहले सेक्टर 25 स्थित गुरूग्राम नहर का पुल क्षतिग्रस्त होकर टूट गया था। जिस समय यह पुल टूटा था, उस समय पुल पर ओवरलोड ट्राले के साथ साथ अन्य कई ओवरलोड वाहन मौजूद थे। इसके अलावा उसी दौरान नीलम चौक पर स्टील की सीटों से लदा एक ओवरलोड कैन्टर बीच सड़क पर पलट गया था।
बेखौफ दौड़ते वाहन
आरटीए और यातायात पुलिस की लापरवाही से शहर की सड़कों पर ओवरलोड वाहनों को कहीं भी तेज रफ्तार से दौड़ते हुए कभी भी देखा जा सकता है। ज्यादातर ओवरलोड वाहनों को राष्ट्रीय राजमार्ग, बाईपास रोड, सोहना रोड, फरीदाबाद गुरुग्राम रोड, सूरजकुंड रोड और शहर की अन्य सड़कों पर किसी भी समय दौड़ते हुए आम देखा जा सकता है। इसके अलावा ओवरलोड वाहन लोगों की जान जोखिम में डाल कर शहर की अंदरूनी सड़कों पर भी हर समय दौड़ते रहते हैं। जबकि ज्यादातर प्रमुख सड़कों के साथ ही शहर के करीब सभी चौक चौराहों पर यातायात पुलिस के कर्मचारी तैनात रहते हैं। इसके अलावा पुलिस की पीसीआर वैन भी जगह जगह गश्त करती रहती है। लेकिन पुलिस की मौजूदगी में यह ओवरलोड वाहन बिना किसी रोक टोक के सड़कों पर बेधड़क होकर दौड़ते आम नजर आते हैं।
फायदे के लिए ओवरलोडिंग
कुछ व्यवसायी अपने थोड़े से लालच के लिए वाहनों पर क्षमता काफी ज्यादा वजन लाद देते है। ज्यादातर ओवरलोड वाहनों के चालक जल्दी पहुंचने के चक्कर में तेज रफ्तार से वाहनों को दौड़ाते हैं। ऐसे में यदि चालकों को अचानक ब्रेक लगानी पड़ जाए तो वाहनों का कई बार संतुलन बिगड़ जाता है। जिससे ओवरलोड वाहन बीच सड़क पर पलट जाता है। कुछ समय पहले इसी वजह से पत्थरों से लदा ओवरलोड डंपर गुरूग्राम रोड पर मांगर के पास पलट गया था। गुरूग्राम और सोहना रोड पर इस तरह के हादसे अक्सर होते रहते हैं। इन सडक़ों पर दौडऩे वाले ज्यादातर डंपर अवैध खनन के पत्थरों को ओवरलोड लाद कर दौड़ते हैं। इन वाहनों की वजह से कई बार लोगों की जान तक जा चुकी है। इसके अलावा रूप से चल रही ट्रेक्टर ट्रालियों के चालकों ने तो सभी कायदे कानून ताक पर रख दिये है।

पीपीपी मॉडल से मंडी की सफाई व्यवस्था होगी सुदृढ़ – सतीश फागना

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– अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस 
– विधायक सतीश फागना ने किया परनोरिका – सोशल लैब “ईको एम्पॉवर” का शुभारंभ

फरीदाबाद,03 जून, रूपेश कुमार  अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में विश्व की दूसरी स्पिरिट विक्रेता अंतर्राष्ट्रीय कंपनी एवं उसकी सीएसआर सहयोगी द सोशल लैब तथा मार्केट कमेटी फरीदाबाद की सांझेदारी में मंगलवार को मार्केट कमेटी कार्यालय में ईको एम्पॉवर कार्यक्रम का शुभारंभ एनआईटी-86 के विधायक सतीश कुमार फागना द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि के स्वागत से हुई ।

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कार्यक्रम में उपस्थित मंडी के किसानों, व्यापारियों एवं मजदूरों को संबोधित करते हुए विधायक सतीश फागना ने कहा कि प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री द्वारा सफाई की महता के बारे में अनेकों बार हमने सब को जागरूक किया है। सफाई में सबसे पहली जिम्मेदारी स्वयं की आती है और इस प्रकार मंडी तथा शहर को स्वच्छ रखने में आमजन का सहयोग है। उन्होंने मंडी के आढ़तियों को अपना परिवार बताते हुए सभी से एक डस्टबीन और झाड़ू रखने की भी अपील की। कार्यक्रम में परनो-रिका की महाप्रबंधक अवंतिका सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि कंपनी अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति गंभीरता से कार्य कर रही है और इसी कड़ी में ईको एम्पॉवर कार्यक्रम है, जिसमें प्लास्टिक की रिसाइकलिंग के साथ-साथ सफाई कर्मचारियों की स्वस्थ की देखरेख भी की जाएगी। उन्होंने भी मंडी के व्यापारियों को इसमें शामिल होने की अपील की तथा कार्यक्रम के आयोजन के लिए एनआईटी-86 विधायक एवं मंडी बोर्ड के अधिकारियों का धन्यवाद किया। जिला विपणन प्रवर्तन अधिकारी फरीदाबाद विनय यादव ने बताया पर्यावरण प्रदूषण में प्लास्टिक कचरा सबसे गंभीर खतरा है। उन्होंने जानकारी दी कि किसी भी अंतर्राष्ट्रीय कंपनी द्वारा प्लास्टिक कचरे की रिसाइकलिंग का हरियाणा की मंडी में यह पहला प्रयोग है। इसलिए डबुआ मंडी के सभी हितधिकारी इसमें अपना योगदान सुनिश्चित करें ताकि यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक मंडी में लगातार जारी रहे । प्लास्टिक की रिसाइकलिंग से बनने वाले उत्पाद भी मंडी में जनता की सुविधा के लिए इस्तेमाल किए जाएगें। परनो-रिका की सीएसआर सहयोगी द सोशल लैब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी साहिल अरोड़ा बताया कि इस कार्यक्रम में प्लास्टिक कचरे की समस्या का निदान और कचरा इकठ्ठा करने वाले मेहनती साथियों के जीवन सुधारने का लक्ष्य है । जिसमें कचरा बीनने वाले साथियों का सम्मान, उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा पर ध्यान, सफाई को लेकर व्यवहारिक बदलाव एवं जनभागीदारी सम्मिलित है। इस कार्यक्रम में वो मंडी में आढ़तियों, खुदरा विक्रेताओं ,रेहड़ीवालो को डस्टबीन वितरित करेगें । सफाई कर्मचारियों के स्वस्थ्य की जांच की जाएगी तथा व्यवहारिक बदलाव हेतु नुक्कड़ नाटक भी किए जाएंगे। कार्यक्रम के समापन पर विधायक द्वारा कार्यक्रम का शुभांकर “ईको मैन” का अनावरण किया तथा प्लास्टिक कचरे से बनाई गए सामान का भी निरीक्षण किया । इसके उपरांत विधायक तथा परनो-रिका की महाप्रबंधक ने प्लास्टिक कचरा इकत्रित करने वाली गाड़ी को झंडी दिखाकर मंडी रवाना किया इसके साथ ही मंडी के आढ़तियों तथा खुदरा व्यापारियों को डस्टबीन भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता कविंन्दर फागना, मार्केट कमेटी सचिव यदुराज यादव, वार्ड पार्षद भगवान सिंह, राजेश डागर, नीरज भाटिया, टीएसल कंपनी के मैनेजर रिषभ, धर्मेंद्र फागना, मंडी के पूर्व प्रधान हर्ष आहूजा, 

 सचिव उदयवीर सैनी, बृजमोहन आहूजा, मनीष कुमार, विरेन्द्र शर्मा, देवेन्द्र ठाकुर, मनोज यादव, राजू, सुनील सहित सैकड़ों गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे ।

बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नालों एवं ड्रेनेज का व्यापक सफाई अभियान जारी: डीसी

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– 30 मई से जिला में चल रहा है व्यापक नाला सफाई अभियान, एचसीएस अधिकारी कर रहे हैं निगरानी
– सफाई से पहले और बाद की जिओ टैगिंग फोटो को पोर्टल पर अपलोड कर रिपोर्ट दे रहे अधिकारी

फरीदाबाद,03 जून, रूपेश कुमार । मानसून से पूर्व जलभराव की समस्या से निपटने तथा क्षेत्र में समुचित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु जिला प्रशासन सक्रिय रूप से कार्यरत है। उपायुक्त (डीसी) विक्रम सिंह के निर्देशानुसार जिला में नालों एवं ड्रेनेज सिस्टम की सफाई का कार्य निरंतर चल रहा है और प्रशासन द्वारा सफाई कार्य की निगरानी की जा रही है।

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डीसी विक्रम सिंह ने बताया कि इस बार मानसून से पहले नालों की समुचित सफाई सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए क्षेत्रवार निरीक्षण किया जा रहा है और संबंधित अधिकारियों को सफाई कार्य की निगरानी एवं सत्यापन की जिम्मेदारी उठा रहे हैं। जहां-जहां से सिल्ट, कचरा, प्लास्टिक या अन्य अवरोधक सामग्री हटाई जा रही है, उन्हें निर्धारित स्थानों पर वैज्ञानिक ढंग से निस्तारित किया जा रहा है, ताकि वे दोबारा जलनिकासी में बाधा न बन सकें। उन्होंने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष सफाई दलों को तैनात किया गया है, जो आधुनिक उपकरणों की सहायता से मलबा, कचरा एवं अन्य अवरोधों को हटाकर जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त कर रहे हैं। 
डीसी ने आदेश दिया कि सफाई कार्य शुरू करने से पहले और सफाई कार्य के बाद की जिओ-टैग की गई फोटो पोर्टल पर अपलोड की जा रही है, ताकि सफाई कार्य की समीक्षा की जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्वयं मौके पर जाकर सफाई कार्य का निरीक्षण करें और यदि सफाई कार्य में कोई कमी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए तैयार रहें। 
इन नालों एवं ड्रैनो की सफाई की गई:
जिला में जलभराव की समस्या से निपटने और साफ-सफाई को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन द्वारा 30 मई से मुख्य स्थलों पर व्यापक नाला और डिस्पोजल सफाई अभियान चलाया जा रहा है। उपायुक्त विक्रम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के अंतर्गत नालों की सफाई से पहले और बाद की स्थिति की निगरानी एचसीएस स्तर के अधिकारियों द्वारा की जा रही है, जिससे कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। इसी क्रम में आज प्रतापगढ़ साइफन के पास गौछी ड्रेन, पल्ला गांव में ड्रेन और नाला, सराय ड्रेन, एनआईटी-02 क्षेत्र, एसी नगर नाला, सेक्टर-91 शिवा कॉलोनी, बड़खल विलेज नाला और बुढ़िया नाले की सफाई की गई। प्रशासन का यह अभियान मानसून से पहले जल निकासी को सुचारु बनाने और नागरिकों को जलभराव की समस्या से राहत दिलाने की दिशा में एक ठोस प्रयास है।