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हरियाणा के मंत्री राजेश नागर ने राजा जैत सिंह राजकीय पॉलिटेक्निक के वार्षिक समारोह को किया संबोधित
फरीदाबाद। हरियाणा सरकार के मंत्री राजेश नागर ने आज अपने तिगांव विधानसभा क्षेत्र के गांव नीमका में संचालित होने वाले राजा जैत सिंह राजकीय पॉलिटेक्निक के वार्षिक समारोह को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इस सपने को पूरा करने में तकनीकी योग्यता रखने वाले युवाओं का बड़ा अहम किरदार होगा। उन्होंने कहा कि आज दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी रखने वाला देश भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज हमारी कुल जनसंख्या का 65% से ज्यादा युवा है जो शिक्षा और ज्ञान के माध्यम से दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार हो रहा है।
मंत्री राजेश नागर ने कहा कि राजा जैत पॉलिटेक्निक से हर साल 400 बच्चे तकनीकी योग्यता हासिल कर समाज, परिवार एवं देश निर्माण में जुड़ते हैं, यह बहुत बड़ी गर्व करने वाली बात है। नागर ने बताया कि पॉलिटेक्निक में आज भी गांव नीमका से दो बच्चों को हर साल सरकारी फीस पर पढ़ाने की व्यवस्था है। वह नीमका गांव वासियों द्वारा पॉलिटेक्निक को सरकारी अनुदान प्राप्त कॉलेज बनाए जाने की मांग का जवाब दे रहे थे।
नागर ने कहा कि पॉलिटेक्निक बनाए जाने के समय जो भी अनुबंध किए गए हैं, मुझे पूरा विश्वास है कि वह सभी यहां लागू किए रहे होंगे और यदि उनमें कोई कमी है तो उन्हें लागू करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए मुझे यदि विभागीय मंत्री अथवा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मिलना पड़े, तो मैं मिलूंगा। मंत्री राजेश नागर ने कहा कि तकनीकी शिक्षा से लैस युवाओं के बिना देश की तरक्की के बारे में सोचना भी संभव नहीं है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए अनेक आईआईटी खुलवाई हैं
वहीं मेक इन इंडिया और स्किल इंडिया के माध्यम से भी देश में लोगों को हाथ का हुनर सिखाया जा रहा है। इस अवसर पर पॉलिटेक्निक के प्रिंसिपल संजय शरीफ, वाइस प्रिंसिपल मनोज कुमार मीणा, तिगांव के सरपंच विक्रम प्रताप नागर, जगवीर सिंह सरपंच, अजीत सरपंच, राजबीर सरपंच, वाइस चेयरमैन बीडीसी पवन नागर, राजबीर चेयरमैन, एडवोकेट धर्मपाल खटाना, गजराज सिंह, मंत्री राजेश नागर के मीडिया सलाहकार राजेश नागर, बीडीसी प्रवीण कुमार आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
खुले में कचरा फेंकना हुआ अपराध, पहली बार ₹5,000 से ₹25,000 तक जुर्माना
फरीदाबाद। उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा दिनांक 26 जुलाई 2024 को पारित आदेश के अनुपालन में हरियाणा राज्य में सड़कों, नदियों, जल निकायों, नालों, तालाबों, पंचायत एवं राजस्व भूमि, पीडब्ल्यूडी तथा अन्य सरकारी भूमि पर ठोस कचरा फेंकने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है, क्योंकि ऐसा कृत्य पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुँचाने के साथ-साथ नागरिकों के स्वच्छ पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है; एनजीटी के निर्देशानुसार अवैध रूप से साधारण ठोस कचरा फेंकने पर पहली बार ₹5,000 तथा पुनः उल्लंघन पर ₹10,000 और थोक कचरा फेंकने पर पहली बार ₹25,000 तथा पुनः उल्लंघन पर ₹50,000 की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति वसूली जाएगी। जो कचरा फेंकने वाले व्यक्ति, संस्था, ठेकेदार, थोक कचरा उत्पादक अथवा संबंधित नगर निकाय से वसूली जाएगी, इसके लिए नगर निगम आयुक्त/नगर पालिका के कार्यकारी अधिकारी द्वारा नामित अधिकारी तथा हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अधिकृत होंगे, और जुर्माना न देने की स्थिति में यह राशि भूमि राजस्व की बकाया राशि की तरह वसूली जाएगी। वसूल की गई राशि का उपयोग ठोस कचरा प्रबंधन, प्रसंस्करण एवं निस्तारण की व्यवस्था को सुदृढ़ करने में किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि एनजीटी के अनुसार जिला प्रशासन को कचरा प्रसंस्करण हेतु भूमि चिन्हित करने, नगर निकायों के कार्यों की त्रैमासिक समीक्षा करने और किसी भी लापरवाही पर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने आमजन से अपील की कि वे खुले में कचरा न फेंकें, गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग रखें और निर्धारित डस्टबिन एवं संग्रह वाहनों का ही उपयोग करें। स्वच्छ फरीदाबाद, स्वस्थ फरीदाबाद हम सभी की जिम्मेदारी है।
डीसी आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन में मंदिरों, गुरुद्वारे और गांवों में चला बाल विवाह विरोधी अभियान
डीसी आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन में दिलाई गई बाल विवाह न करने की शपथ
फरीदाबाद। भारत सरकार के बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन में आज श्री बांके बिहारी मंदिर 5 नंबर, एनआईटी 2 ब्लॉक, डबुआ कॉलोनी गुरुद्वारा साहिब, गांव डीग ब्लॉक बल्लभगढ़ और ग्राम जसाना ब्लॉक एफबीडी में बाल विवाह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान वहां उपस्थित आमजन को यह शपथ भी दिलाई गयी कि वे किसी भी परिस्थिति में बाल विवाह नहीं करवाएंगे और न ही होने देंगे।
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी हेमा कौशिक ने बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत लागू कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक अपराध है, बल्कि यह कानूनन भी गंभीर दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह में शामिल माता-पिता, रिश्तेदार, बिचौलिये या कोई भी अन्य व्यक्ति कानून की नजर में अपराधी माना जाएगा और उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कानून के बावजूद सामाजिक जागरूकता की कमी, रूढ़िवादी परंपराएं और सामाजिक दबाव के चलते कुछ क्षेत्रों में अब भी बाल विवाह की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को समाप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
हेमा कौशिक ने आमजन से अपील की कि यदि किसी मोहल्ले, गांव या क्षेत्र में बाल विवाह होने की सूचना प्राप्त हो, तो उसे समय रहते रोकने का प्रयास करें और इसकी जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। उन्होंने बताया कि ऐसी किसी भी स्थिति में निकटतम पुलिस थाना या चौकी से संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा नागरिक 24 घंटे उपलब्ध पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल कर भी बाल विवाह की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन बच्चों के अधिकारों की रक्षा और बाल विवाह की रोकथाम के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत प्रशासन अथवा संबंधित विभाग को सूचित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन बाल विवाह की रोकथाम को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस संबंध में प्राप्त प्रत्येक सूचना पर तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई की जाएगी, ताकि बच्चों का सुरक्षित एवं सम्मानजनक भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने राजस्थान एसोसिएशन, फरीदाबाद के शपथ ग्रहण एवं आशीर्वाद समारोह में की सहभागिता
फरीदाबाद। विपुल गोयल कैबिनेट मंत्री हरियाणा सरकार ने राजस्थान एसोसिएशन फरीदाबाद के नव नियुक्त शासी मंडल एवं कार्यकारिणी 2026–2027 के शपथ ग्रहण एवं आशीर्वाद समारोह में सहभागिता कर सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएं प्रेषित कीं यह गरिमामय समारोह राजस्थान भवन सेक्टर-10 फरीदाबाद में समाज के गणमान्य अतिथियों, पदाधिकारियों, मातृशक्ति एवं युवा साथियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
अपने संबोधन में विपुल गोयल ने कहा कि यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि संस्कार, परंपरा और सामाजिक उत्तरदायित्व का पावन अवसर है। उन्होंने कहा कि राजस्थान समाज एक जीवन-दृष्टि है जिसकी पहचान परिश्रम, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता से होती है। देश के जिस भी क्षेत्र में राजस्थान समाज ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, वहाँ विकास, समृद्धि और सांस्कृतिक संतुलन का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया है।
कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि राजस्थान की लोकसंस्कृति, खान पान, वेशभूषा, भाषा और जीवनशैली भारतीय सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा हैं। देश की अनेक लोक परंपराओं पर राजस्थान की सांस्कृतिक छाप स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जो हमारी साझा विरासत को समृद्ध बनाती है।
विपुल गोयल ने राजस्थान को वीरता, त्याग और राष्ट्रभक्ति की भूमि बताते हुए कहा कि यहाँ के वीरों ने सदैव देश की आन-बान शान की रक्षा की है। यह भूमि समर्पण, संस्कृति और विरासत का प्रतीक है, जिसने भारत की पहचान को सुदृढ़ किया है। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान कहा कि शपथ ग्रहण केवल पदभार ग्रहण नहीं बल्कि समाज सेवा, निष्ठा और नेतृत्व का संकल्प है। यह अवसर समाज को संगठित करने, युवाओं को प्रेरित करने और सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने की जिम्मेदारी का बोध कराता है।
अंत में कैबिनेट मंत्री ने नव-नियुक्त शासी मंडल एवं कार्यकारिणी को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक सहयोग, समर्पण और सेवा भाव के साथ राजस्थान एसोसिएशन फरीदाबाद संगठन को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।
जनता की समस्याओं को दूर न करने और फोन न सुनने की शिकायत पर गुस्साए मंत्री
फरीदाबाद। मंत्री राजेश नागर ने आज अपने अशोका एन्क्लेव स्थित कार्यालय पर खुला दरबार आयोजित किया जिसमें स्थानीय लोगों ने बिजली निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की खुलकर शिकायत रखीं।
लोगों ने मंत्री राजेश नागर को बताया कि उनके यहां बिजली के फॉल्ट होने पर उन्हें कई कई दिन ठीक नहीं करते हैं, ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर को बाइफरकेट नहीं करते हैं और उनके फोन भी नहीं उठाते हैं। जिससे उन्हें अपने काम धंधे से छुट्टियां लेकर इनके चक्कर लगाने पड़ते हैं। जिसपर मंत्री राजेश नागर ने मौके पर ही मौजूद बिजली अधिकारियों द्वारा एक्शन सुनिश्चित कराया। उन्होंने कहा कि आपको जिस सेवा का अवसर मिला है। उसी से आपकी रोजी चलती है और आप वही काम नहीं करोगे तो सरकार एक्शन लेगी। जनता की समस्याओं को प्राथमिकता दीजिए और उनके फोन सुनिए। नहीं तो आपके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
खुले दरबार में पहुंचे पल्ला गांव की हरिजन बस्ती के निवासियों ने जल भराव की समस्या का निराकरण करने की मांग की। लोगों ने बताया कि समय के साथ उनकी बस्ती नीचे पड़ गई है जहां सीवर ओवरफ्लो होकर उनके घरों में घुसता है । इसका समाधान दिया जाए। नागर ने तुरंत प्रभाव से मौके का मुआयना कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। वहीं पल्ला थाने के सामने पानी और सीवर की लाइन डाले जाने, मस्जिद पुल खराब होने, संतोष नगर, अजय कॉलोनी, सूर्य विहार पार्ट 2 में नालियों की मरम्मत कराने, बाबा सूरदास कॉलोनी तिलपत, हरकेश नगर, न्यू तिलपत कॉलोनी, बांके बिहारी कॉलोनी, पोप कॉलोनी, राम सिंह नेताजी कॉलोनी, होराम कॉलोनी, हनुमत कॉलोनी आदि के लोगों ने भी खुले दरबार में अपनी बात रखीं।
इस अवसर पर मंत्री राजेश नागर ने कहा कि दरबार में आए हुए सभी मेरे स्वजन हैं। इन सबके सुख-दुख में मैं हमेशा शामिल रहता हूं। अगर इनको कोई परेशानी होती है तब भी मेरे पास आते हैं और इनको खुशी होती है तब भी यह मेरे साथ साझा करते हैं। मैंने आज यहां भी अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि रोजमर्रा के कार्यों को करने के लिए बिल्कुल भी देरी न करें और बड़े प्रोजेक्ट भी जल्द से जल्द रिपोर्ट बनाकर उन्हें अनुमति लेकर टेंडर लगाएं जिससे लोगों को परेशानी से बचाया जा सके।
इस अवसर पर विक्की भडाना, भाजपा जिला उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा, लोकेश बैसला, देवेंद्र अग्रवाल, अमित भारद्वाज, प्रेम नंबरदार, अजय प्रताप भडाना, करण गोयल, राहुल यादव, हरीश बैसला मंडल अध्यक्ष तिलपत, राजेश चौधरी आईपी मंडल अध्यक्ष, मुकेश झा सेहतपुर मंडल अध्यक्ष, उमेश भाटी आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
कांग्रेसी नेताओं ने एक दिवसीय उपवास व विरोध कार्यक्रम आयोजित कर जताया अपना विरोध
फरीदाबाद। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) कानून में बदलाव के प्रयासों के विरोध में रविवार को जिले के कांग्रेसी नेताओं ने एन.एच.-5 स्थित महात्मा गांधी पार्क में एक दिवसीय उपवास एवं प्रतीकात्मक विरोध कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान मनरेगा को कमजोर किए जाने के प्रयासों के खिलाफ आवाज़ बुलंद की गई और मजदूर-किसानों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया गया।
इस मौके पर विधायक रघुबीर सिंह तेवतिया, पूर्व विधायक नीरज शर्मा, पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी लखन कुमाार सिंगला, पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी विजय प्रताप सिंह, जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलजीत कौशिक, पराग शर्मा, महिला कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुधा भारद्वाज, प्रदेशाध्या महिला सेवादल सुनीता शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष कांग्रेस सेवादल डा. पूनम चौहान, गिरीश भारद्वाज,अब्दुल गफ्फार कुरैशी, डा. एस.एल. शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता सुमित गौड़, योगेश ढींगड़ा, नितिन सिंगला, प्रियंका भारद्वाज, जगन डागर, विनोद कौशिक, संजय सोलंकी, विकास दायमा, हरीश तंवर, खुशबू खान, रचना भसीन, संजय त्यागी, एस.एस. गौड़, नसीमा खान, विशाल पाण्डे, हरजीत सिंह, हेमलता शर्मा, अजीत तोमर, राजेंद्र चपराना, अनिल शर्मा, सुंदर माहौर, गुलाब सिंह, ईशांत कथूरिया, बलजीत सिंह, ओमप्रकाश चौधरी, हरीलाल गुप्ता, भूषण कुमार, बाबूलाल रवि, अशोक रावल, गजना लाम्बा, सुनीता फागना, सविता चौधरी जिलाध्यक्ष पलवल महिला कांग्रेस, जयबीर बैंसला, देवदत्त, सूरज ढेडा इत्यादि अनेकों कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद थे।
इस मौके पर कांग्रेस सेवादल की प्रदेशाध्यक्ष पूनम चौहान, सेवादल जिलाध्यक्ष सुनीता शर्मा व कांग्रेसजनों ने संयुक्त रुप से कहा कि नए नियम में भाजपा मजदूरों के काम करने के संवैधानिक अधिकार को छीन रही है। जबकि कांग्रेस हर परिवार को न्यूनतम 100 दिनों के काम की कानूनी गारंटी मिलती थी। हर गांव में काम की कानूनी गारंटी दी जाती थी। भाजपा के नए प्रावधान में अब पंचायत के पास कोई कानूनी गारंटी नहीं रहेगी। काम केवल मोदी सरकार द्वारा चुने गए गांवों में ही मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पुराने नियम में पूरे साल काम की मांग कर सकते थे। कानूनी न्यूनतम मजदूरी की गारंटी दी गई थी, जब नए नियम में फसल कटाई के मौसम में काम नहीं मिलेगा। मोदी सरकार मजदूरी अपनी मर्जी से मनमाने ढंग से तय करेगी। पुराने नियम में पंचायत के माध्यम से अपने ही गांव के विकास के लिए काम मिलता था। काम में मनरेगा मेट और रोजगार सहायकों का सहयोग मिलता था। नए नियम के अनुसार अब आप कहां और क्या काम करेगें, यह मोदी सरकार अपने पसंदीदा ठेकेदारों के माध्यम से मनमाने ढंग से तय करेगी। अब किसी मेट या रोजगार सहायक का सहयोग नहीं मिलेगा। पुराने नियम में मजदूरी का 100 प्रतिशत भुगतान केन्द्र सरकार करती थी, इसलिए राज्य सरकार बिना किसी चिंता या कठिनाई के काम उपलब्ध कराती थी। नए नियम में अब राज्य सरकारों को मजदूरी का 40 प्रतिशत हिस्सा खुद देना होगा, खर्च बचाने के लिए हो सकता है, वो काम ही उपलब्ध न कराएं। कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार के इस तानाशाही फैसले का जमकर विरोध करती है और जब तक सरकार यह फैसला वापिस नहीं लेती, जब तक सडक़ से लेकर संसद तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
नई दिल्ली में केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में बजट पूर्व बैठक हुई आयोजित
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों (विधायकमंडल सहित) के वित्त मंत्रियों के साथ बजट पूर्व बैठक हुई। बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय बजट में हरियाणा से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण मांगों को रखा। इसमें कृषि, ग्रामीण विकास, मेडिकल, उद्योगों आदि में बजट आवंटन व अन्य प्रमुख मांगों को रखा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट से हरियाणा की प्रगति का मार्ग और प्रशस्त होगा। हरियाणा 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में अपना पूरा योगदान देगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार भरपूर प्रयास कर रही है। हमने अपने स्तर पर काफी प्रयास किए हैं लेकिन परिणाम तक पहुंचने के लिए केन्द्रीय सहायता की जरूरत है। चिकित्सा शिक्षा को व्यापक बनाने के लिए हरियाणा हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने जा रहा है। इसके लिए भी केन्द्र प्रायोजित योजनाओं के तहत मदद की बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि हरियाणा कृषि प्रधान राज्य है व खाद्यान्न उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है। इसे भारत का ब्रेड बास्केट भी कहा जाता है। यहां सेम से 6 लाख एकड़ जमीन प्रभावित है, अतः इस ज़मीन को और ज्यादा नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय सहायता दी जानी चाहिए। वहीं कृषि के आधुनिकीकरण की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही है। डिजिटल एग्रीकल्चर, माइक्रो इरीगेशन, एग्री लॉजिस्टिक्स और वैल्यू-एडीशन पर फोकस किसान को सीधे बाजार से जोड़ा जा सकता है। एम.एस.एम.ई. के साथ एग्री प्रोसेसिंग क्लस्टर्स ग्रामीण समृद्धि का इंजन बन सकते हैं।
एनसीआर क्षेत्र के लॉजिस्टिक्स हब के लिए केंद्रीय पूंजीनिवेश की जरूरत मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा का एनसीआर क्षेत्र लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे देश के सभी प्रमुख बाजारों से कनेक्टिविटी और माल की सप्लाई आसान व समयबद्ध हो जाएगी इसलिए हमें इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक केन्द्रीय पूंजीनिवेश की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई और स्टार्टअप्स को गति दिये बिना अर्थव्यवस्था को गति नहीं दी जा सकती। हरियाणा का स्टार्टअप्स में देश में चौथा स्थान है। हम स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए 2 हजार करोड़ रुपये का ‘फंड ऑफ फंड्स’ स्थापित करवाने जा रहे हैं। हम प्रदेश में 10 नये आई.एम.टी. विकसित करने जा रहे हैं। इससे समूचे प्रदेश में एम.एस.एम.ई. व स्टार्टअप्स को भारी प्रोत्साहन भी मिलेगा। इन आई.एम.टी. में भारी पूंजीनिवेश भी होगा। हमें इन्हें विकसित करने के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 44 लाख से अधिक लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान कर रहे हैं। हरियाणा की इस मद में भी आर्थिक सहायता बढ़ाई जाए।
ग्रामीण विकास के कोष को बढ़ाने की रखी डिमांड मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने ग्रामीण विकास के कोष को बढ़ाने की डिमांड रखी। उन्होंने कहा कि बढ़ती बुनियादी ढांचे की जरूरतों और ग्रामीण विकास की गति को बनाए रखने के लिए आरआईडीएफ के तहत सामान्य आवंटन को अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2,000 करोड़ रुपये किया जाए। इसी तरह यूआईडीएफ के तहत अधिकतम परियोजना आकार पर 100 करोड़ रुपये की मौजूदा सीमा बड़ी परियोजनाओं के काम में बाधा बनी हुई है। इस सीमा को बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये किया जाए। उन्होंने पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता’ योजना जारी रखने के लिए केंद्रीय वित्तमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के निकट होने के कारण हरियाणा की विशेष जरूरतों को देखते हुए, हरियाणा के लिए अप्रतिबंधित आवंटन बढ़ाया जाए। साथ ही सहायता के उपयोग की शर्तों में भी उचित छूट दी जाए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सुझाव देते हुए कहा कि सबसे पहला मानव पूंजी निवेश आज समय की मांग है। शिक्षा, कौशल और स्वास्थ्य विकसित राष्ट्र की रीढ़ है। भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए एआई, सैमी कंडक्टर्स, ग्रीन टेक व बायोटेक जैसे क्षेत्रों में कौशल विकास किया जाना जरूरी है।
जीडीपी में हरियाणा का 3.7 योगदान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा भौगोलिक रूप से एक छोटा राज्य होने के बावजूद देश की जीडीपी में 3.7 प्रतिशत योगदान कर रहा है। कर संग्रह के मामले में भी प्रदेश अग्रणी है। वहीं प्रति व्यक्ति जीएसटी संग्रहण में देश में प्रथम स्थान पर है। राष्ट्रीय स्तर पर कुल जीएसटी संग्रह में हमारा योगदान 7.32 प्रतिशत है। दिसंबर, 2025 तक देश में 5वें स्थान पर रहे हैं। हरियाणा ने इस वित्त वर्ष में शुद्ध एसजीएसटी संग्रह में 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जो 6 प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस आम बजट में हरियाणा से जुड़ी मांगों को विशेष स्थान दिया जाएगा ताकि प्रदेश और तेज गति से विकास कर सके।
विकास में देरी पर मंत्री राजेश नागर ने अधिकारियों एवं ठेकेदारों पर कार्रवाई के लिए कहा
फरीदाबाद। मंत्री राजेश नागर ने आज सेक्टर 16 स्थित सर्किट हाउस में नगर निगम अधिकारियों के साथ मंथन बैठक की जिसमें उन्होंने आयुक्त धीरेंद्र खडगटा को विकास कार्यों में ढिलाई बरतने वाले ठेकेदारों एवं अधिकारियों पर कार्रवाई करने के लिए कहा। बैठक में तिगांव विधानसभा क्षेत्र के सभी निगम पार्षद भी मौजूद रहे। मंत्री राजेश नागर ने एक-एक पार्षद से उनकी समस्याएं और मांगें जानी और निगम आयुक्त को सभी समस्याओं को जल्द से जल्द दूर करने के लिए कहा। नागर ने कहा कि सड़क, नाली, सीवर, पानी, सफाई जैसी चीजों पर प्राथमिकता से काम करें क्योंकि यह व्यक्ति की रोजमर्रा की व्यवस्थाएं हैं। इनके लिए तो शिकायत आनी ही नहीं चाहिए।
उन्होंने आयुक्त से कहा कि देखने में आ रहा है कि विकास कार्यों में जानबूझकर ढिलाई बरती जा रही है जो कि बहुत गलत व्यवहार है। सरकार जनता की सहूलियत के लिए विकास कार्य करवा रही है ऐसे में यदि वह समय पर जनता को समर्पित नहीं होगी तो संबंधित लोग कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
उन्होंने निगमायुक्त को ऐसे ठेकेदारों और अधिकारियों की लिस्ट बनाने के लिए कहा जिनके विकास कार्य देरी से चल रहे हैं। जिसमें दोषी मिलने वाले ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट करने और अधिकारियों को ट्रांसफर करने अथवा उनके खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए। मंत्री राजेश नागर ने बाद में कहा कि तिगांव विधानसभा क्षेत्र में पिछले दिनों एक्सईएन स्तर पर हुए तबादलों के कारण भी विकास कार्य प्रभावित हुए हैं लेकिन यह भी देखने में आ रहा है कि कुछ जगहों पर ठेकेदार भी बहुत धीमी गति से काम कर रहे हैं। लेकिन अब निगम आयुक्त ने हमें भरोसा दिलाया है कि सभी विकास कार्यों को मुस्तैदी से और समय पर पूरा करेंगे।
अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद में आयोजित बजट पूर्व परामर्श बैठक के दूसरे सत्र में किया स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ संवाद, स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने आगामी बजट को लेकर दिए अपने सुझाव
प्रदेश के सभी नागरिक मेरा परिवार और परिवार के स्वास्थ्य की रक्षा करना मेरी सबसे बड़ी जिम्मेदारी – मुख्यमंत्री
फरीदाबाद, 9 जनवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश के आम बजट को लेकर बजट पूर्व परामर्श बैठकों की श्रृंखला लगातार जारी है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित बैठक के दूसरे सत्र में स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ आगामी बजट को लेकर सार्थक संवाद किया। उन्होंने संवाद में शामिल प्रतिनिधियों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बैठक प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र के भविष्य को दिशा देने का एक सशक्त अवसर है। उन्होंने सत्र के शुभारंभ में राजा नाहर सिंह को बलिदान दिवस पर श्रद्धापूर्वक नमन किया।
बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री विपुल गोयल, स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री श्री राजेश नागर, पूर्व मंत्री एवं बल्लभगढ़ के विधायक श्री मूलचंद शर्मा, बड़खल के विधायक श्री धनेश अदलखा, एनआईटी के विधायक श्री सतीश फागना व मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर तथा प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
विकसित भारत 2047 के संकल्प का ग्रोथ इंजन बनेगा हरियाणा
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, जिनके पास वित्त मंत्री का प्रभार भी है, ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को 2047 में विकसित बनाने का संकल्प लिया है। उस संकल्प में हरियाणा देश का ग्रोथ इंजन बनेगा। बीते माह केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने पंचकूला में हरियाणा के विजन डॉक्यूमेंट 2047 को भी लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि इस बार बजट में सभी वर्गों के सुझाव लिए गये है, जिससे यह बजट सरकार का न होकर प्रदेश के जनमानस का बजट होगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारा ध्येय
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस वर्ष स्वास्थ्य क्षेत्र को बजट-पूर्व परामर्श की प्राथमिकता में रखा गया है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य आम नागरिक के जीवन का आधार है। हरियाणा का प्रत्येक नागरिक मेरा परिवार है और इस परिवार के स्वास्थ्य की रक्षा करना मेरी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। सरकार का संकल्प है कि स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाएं केवल फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि ज़मीन पर प्रभावी रूप से दिखाई दे और अंतिम व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचे।
हेल्थ इंफ्रा, मानव संसाधन और सेवाओं को बनाया जाएगा सशक्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि वही नीति प्रभावी होती है, जो स्वास्थ्य को सुविधा नहीं, बल्कि अधिकार के रूप में देखे। इसी दृष्टिकोण के तहत पिछले वर्ष स्वास्थ्य बजट में 8.7 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष लक्ष्य स्वास्थ्य बजट को दो अंकों की वृद्धि तक ले जाने का है, जिससे हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर, मानव संसाधन और सेवाओं को और सशक्त किया जा सके।
मौजूदा वित्त वर्ष में स्वास्थ्य क्षेत्र खर्च हुए 6 हजार 711 करोड़
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रावधानों पर अब तक 6 हजार 711 करोड़ 82 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। संकल्प पत्र के वायदे को पूरा करते हुए प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, ब्लड एनालाइज़र और डिजिटल एक्स-रे जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि जिला अस्पतालों में निजी कमरों की व्यवस्था की गई है, डे-केयर कैंसर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं तथा सभी जिला अस्पतालों और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश के सभी ब्लड बैंकों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, ताकि आपात स्थितियों में सुरक्षित और त्वरित रक्त आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
जिनके सुझाव होंगे बजट में शामिल, उन्हें बजट भाषण सुनने के लिए विधानसभा में किया जाएगा आमंत्रित
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही सुशासन की वास्तविक पहचान है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों से अगले 8–10 दिनों में और सुझाव देने तथा चैटबॉट के माध्यम से भेजने का आग्रह किया। बैठक में पहुंचे स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने आगामी बजट को लेकर अपने सुझाव दिए और विभिन्न प्रावधानों को लेकर अधिकारियों के साथ व्यापक विचार विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने सभी सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन हितधारकों के सुझाव बजट 2026-27 में शामिल किए जाएंगे, उन्हें विधानसभा में बजट भाषण सुनने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डा. राज नेहरू, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री राजीव जेटली, फरीदाबाद की मेयर श्रीमती प्रवीण जोशी तथा मैक्स हेल्थकेयर, एसएसबी हार्ट एंड मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, प्रेम हॉस्पिटल, एशियन हॉस्पिटल, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, नीमा, एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल इंडस्ट्री, इंद्रप्रस्थ अपोलो, इंडियन डेंटल एसोसिएशन, आदि संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय फुटसल चैम्पियनशिप 2026 में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल की सहभागिता, समावेशी खेलों को बताया राष्ट्र निर्माण का मजबूत आधार
फरीदाबाद। मानव रचना शैक्षिक संस्थान परिसर में आयोजित राष्ट्रीय फुटसल चैम्पियनशिप 2026 में सहभागिता कर यह स्पष्ट हुआ कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं बल्कि समान अवसर आत्मसम्मान और सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम हैं। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि समावेशी खेल सशक्त भारत और सशक्त युवाओं के निर्माण की आधारशिला हैं।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने स्पेशल ओलिंपिक्स भारत की अध्यक्ष डॉ. मल्लिका नड्डा को उनके दूरदर्शी नेतृत्व और समावेशी खेलों के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन में स्पेशल ओलिंपिक्स भारत आज एक ऐसा राष्ट्रीय मंच बन चुका है, जो दिव्यांग खिलाड़ियों को सम्मान आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है। भारत की परंपरा एकता और समानता के मूल्यों पर आधारित रही है। आज आवश्यकता है कि इन मूल्यों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और खेल सहित हर क्षेत्र में व्यवहारिक रूप से लागू किया जाए, ताकि हर व्यक्ति को अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का समान अवसर मिले। खेलों को केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित मानना उचित नहीं है। खेल अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक समावेशन का सशक्त माध्यम हैं। हर प्रकार की क्षमता रखने वाले खिलाड़ियों को खेलों में भागीदारी और सम्मान पाने का बराबर अधिकार है, और इस अधिकार को सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस राष्ट्रीय फुटसल चैम्पियनशिप में 19 राज्यों से आए 227 खिलाड़ी और प्रशिक्षक भाग ले रहे हैं जो इस आयोजन की व्यापकता और विश्वसनीयता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन केवल प्रतियोगिताएं नहीं बल्कि खिलाड़ियों के लिए गरिमा अवसर और उत्कृष्टता के राष्ट्रीय मंच होते हैं।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने आयोजन के दौरान खिलाड़ियों के स्वास्थ्य परीक्षण और युवा नेतृत्व विकास से जुड़े प्रयासों की सराहना की।
अंत में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, स्वयंसेवकों और आयोजकों को इस सफल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि आइए हम सब मिलकर यह सुनिश्चित करें कि समावेशन भारतीय खेल संस्कृति का स्थायी स्वरूप बने।