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हरियाणा पर्यटन विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता ने सूरजकुंड मेले का लेकर अधिकारियों के साथ की बैठक
31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक लगेगा 39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय क्राफ्ट मेला
फरीदाबाद। हरियाणा प्रदेश अपनी सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को सहेजे है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा की पावन धरा पर लगने वाला सूरजकुंड मेला हमारी सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय पटल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहा है। यह बात हरियाणा पर्यटन विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता ने कही। उन्होंने आज बुधवार को 39वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय क्राफ्ट मेले की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ राजहंस होटल सभागार में समीक्षात्मक बैठक की। गौरतलब है कि फरीदाबाद जिला में स्थित सूरजकुंड परिसर में आगामी 31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक 39वें अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट मेले का आयोजन किया जाएगा।
बैठक में हरियाणा पर्यटन विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता ने कहा कि यह हरियाणा प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर के मेले के आयोजन की जिम्मेवारी प्रभावी रूप से निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस बार 39वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय क्राफ्ट मेले में इस साल मेघालय और उत्तर प्रदेश को थीम स्टेट चुना गया है, जबकि मिस्र को पार्टनर कंट्री घोषित किया गया है। साथ ही मेले में देश-विदेश से आने वाले लोग उत्तर भारत और पूर्वोत्तर भारत के ट्रेडिशनल और अनोखे व्यंजनों का स्वाद चख सकेंगे। असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड और सिक्किम अपनी सांस्कृतिक पहचान के साथ मेले में शामिल होंगे।
हरियाणा पर्यटन विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता ने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में सूरजकुंड मेले को भव्य ढंग से मनाने के लिए सभी तैयारियां प्रभावी रूप से की जा रही हैं और 31 जनवरी से 15 फरवरी के बीच मेले के दौरान जहां हरियाणवी संस्कृति का संप्रेषण अन्य राज्यों व मिस्र देश तक पहुंचेगा वहीं वहां की संस्कृति से भी रूबरू होने का अवसर हरियाणा वासियों को मिलेगा।
अधिकारियों के साथ बातचीत में हरियाणा पर्यटन विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता द्वारा विभागीय स्तर पर सभी अधिकारियों को मेले के संदर्भ में किए जाने वाले प्रबंधों बारे आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश में आयोजित हो रहा यह सूरजकुंड मेला आज पूरे विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान कायम कर चुका है, ऐसे में हमें पूरी जिम्मेवारी के साथ मेले के सफल आयोजन में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी निर्धारित समयावधि में अपने विभाग से संबंधित सभी व्यापक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।
इस अवसर पर डीसी आयुष सिन्हा, सूरजकुंड मेला प्राधिकरण के नोडल अधिकारी एवं एडीसी सतबीर मान, डीसीपी हेडक्वार्टर अभिषेक जोरवाल, सीईओ जिला परिषद व जीएम रोडवेज शिखा, जीएम एडमिन ममता शर्मा, एसडीएम बड़खल त्रिलोक चंद, एसडीएम बल्लभगढ़ मयंक भारद्वाज, सीटीएम अंकित कुमार, पर्यटन निगम की ओर से यू.एस.भारद्वाज व हरविंद्र यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।
जी राम जी एक्ट भ्रष्टाचार मुक्त ग्रामीण रोजगार की गारंटी- नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विकसित भारत – रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) कानून, 2025 भ्रष्टाचार मुक्त ग्रामीण रोजगार की गारंटी प्रदान करता है। यह ग्रामीण रोजगार नीति अधिक गारंटी वाले कार्यदिवस, उच्च मजदूरी, पारदर्शी भुगतान और टिकाऊ संपत्तियों के निर्माण को सुनिश्चित करता है। इस नए कानून से पहले की मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार और खामियों को दूर किया गया है।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने श्रमिकों के कल्याण और गांवों के विकास में एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए विकसित भारत-जी राम जी योजना शुरू की है। यह विषय देश के करोड़ों ग्रामीण श्रमिकों, किसानों और मेहनतकश परिवारों से जुड़ा हुआ है।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, श्री रणबीर गंगवा, श्री कृष्ण कुमार बेदी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर और मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव श्री प्रवीण आत्रेय भी उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि वीबी जी-राम जी कानून का उद्देश्य उन वास्तविक श्रमिक लाभार्थियों का समर्थन करना है, जिन्हें पिछली सरकारों ने धोखा दिया था। यह अधिनियम परियोजनाओं की वास्तविक समय में निगरानी की व्यवस्था करता है, मजदूरी भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करता है। श्रमिकों को गारंटीकृत रोजगार बढ़ाकर अधिक मजदूरी देती है। ये श्रमिक अब भ्रष्ट ठेकेदारों, अधिकारियों या राजनेताओं की तिजोरियाँ भरने के लिए नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।
खामियों से भरे ढांचे में बदलते समय के साथ पुरानी प्रणालियों को परिवर्तित करना आवश्यक
मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा योजना लगभग 20 वर्ष पहले शुरू की गई थी। मनरेगा और ऐसी ही अन्य कई योजनाओं की प्रकृति ही ऐसी होती है कि इन्हें तैयार किया जाता है, पारित किया जाता है, लागू किया जाता है और इनमें सुधार भी किया जाता है। मनरेगा के अंतर्गत कई समस्याएं सामने आईं, जैसे कि श्रमिकों के बजाय मशीनों का उपयोग करना, बजट का अत्यधिक अनुमान, पहले से पूर्ण की गई परियोजनाओं को दोबारा करना, और ऐसी ही कई कमियां देखने को मिलीं, लेकिन आज सच्चाई यह है कि देश, समाज और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पिछले 20 वर्षों में मूल रूप से बदल चुके हैं। ग्रामीण गरीबी वर्ष 2011-12 में जहां 25 प्रतिशत से अधिक थी, वहीं आज यह घटकर लगभग 5 प्रतिशत से भी नीचे आ चुकी है। इसका अर्थ है कि वर्तमान केंद्र सरकार की सकारात्मक नीतियों के कारण 25 प्रतिशत से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में डिजिटल कनेक्टिविटी, बैंकिंग सेवाओं, डी.बी.टी., आधार और बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। ऐसे में एक पुराने, खामियों से भरे ढांचे को बिना सुधार के ढोते रहना न तो श्रमिकों के हित में था और न ही राष्ट्र के।
नए प्रावधानों के तहत, रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन करने से श्रमिकों की गारंटीशुदा मजदूरी को मिला बढ़ावा
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नए प्रावधानों के तहत, रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन करने से श्रमिकों की गारंटीशुदा मजदूरी को काफी बढ़ावा मिला है। इसके माध्यम से, सरकार श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास कर रही है। इससे पूरे भारत वर्ष में एक ग्रामीण अकुशल श्रमिक की वार्षिक आय में औसतन 7 हजार रुपये से अधिक की बढ़ोतरी होगी। हरियाणा में मजदूरी दर ज्यादा है, इसलिए हर श्रमिक को कम से कम 10 हजार रुपये अधिक मिलेंगे।
केंद्र सरकार ने इस वर्ष 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपये आवंटित किए
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई योजना से न केवल काम के अधिक दिन सुनिश्चित होंगे, जिससे बेहतर वेतन मिलेगा, बल्कि अनिवार्य साप्ताहिक वेतन भुगतान (अधिकतम 15 दिनों तक की देरी की अनुमति के साथ) से श्रमिकों को समय पर बढ़ा हुआ वेतन प्राप्त होगा। इससे आर्थिक स्वतंत्रता और सशक्तिकरण सुनिश्चित होगा। इसे संभव बनाने के लिए, केंद्र सरकार ने इस वर्ष 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जबकि पिछले वर्ष यह राशि 88 हजार करोड़ थी, जो उस समय तक का सबसे अधिक आवंटन था यानी पिछले रिकॉर्ड आवंटन को भी पार कर लिया गया है। इसमें अकेले केंद्र सरकार का हिस्सा 95 हजार करोड़ रुपये से अधिक होगा, जिसे सरकार आने वाले वर्षों में बढ़ाने का वादा करती है।
हरियाणा में 52 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति के श्रमिकों को तथा 65 प्रतिशत से अधिक महिला श्रमिकों को काम मिला
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत इस वर्ष हरियाणा में 52 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति के श्रमिकों को तथा 65 प्रतिशत से अधिक महिला श्रमिकों को काम मिला है। यह काम वास्तव में उन्हें मिला है। पहले तो मशीनों से काम करवा लिया जाता था और उन्हें वास्तव में काम मिलता ही नहीं था।
उन्होंने कहा कि इस कानून में कार्यों की प्रकृति को भी बदला गया है। पहले मनरेगा के तहत सीमित रोजगार दिया जाता था। अब जल सुरक्षा, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संसाधन और जलवायु परिवर्तन से निपटने वाली स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण में भी रोजगार दिया जाएगा। ग्राम पंचायतों की योजनाओं को पी.एम. गति शक्ति मास्टर प्लान से जोड़ा गया है, ताकि गांवों में होने वाला हर काम राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों के अनुरूप हो।
उन्होंने कहा कि इस योजना में अब कृषि के चरम मौसम के दौरान 60 दिनों का विराम शामिल किया गया है ताकि देश के किसान और मजदूर मिलकर काम कर सकें और मजदूरों को कृषि मौसम के दौरान उनके श्रम के लिए बाजार की उच्च दरें मिल सकें।
भ्रष्टाचार से निपटने और शोषण को रोकने के लिए किए गए तकनीकी उपाय
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार से निपटने, शोषण को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि केवल वास्तविक श्रमिकों को ही पारदर्शिता के साथ उनका हक मिले, वीबी जी- राम जी योजना में कई उपाय किए गए हैं। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और उपस्थिति से फर्जी कर्मचारियों, डुप्लिकेट जॉब कार्ड और फर्जी भुगतानों को रोका जा सकेगा। वेतन और भत्तों का सीधा, डिजिटल भुगतान इससे बिचौलियों, वेतन भुगतान में देरी और धन के दुरुपयोग की समस्या समाप्त हो जाएगी। जियो-टैगिंग और सैटेलाइट इमेजरी इस योजना के तहत बनाई गई प्रत्येक संपत्ति को जियो-टैग किया जाएगा और इसरो के भुवन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि भ्रष्ट ठेकेदारों या अधिकारियों द्वारा फर्जी परियोजनाओं का पंजीकरण न हो सके। साप्ताहिक सार्वजनिक खुलासे इससे श्रमिकों की सूची, भुगतान, प्रतिबंध और निरीक्षण सार्वजनिक रूप से दिखाई देते हैं। शिकायत रजिस्टर और ब्लॉक एवं जिला स्तर पर बहुस्तरीय शिकायत निवारण के साथ 7-दिवसीय निपटान समय सीमा अंतहीन विवादों और मुकदमों के बजाय अनियमितताओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करता है, साथ ही पूर्वाग्रह और दमन को समाप्त करता है।
उन्होंने कहा कि धन की हेराफेरी के लिए धोखे से बनाई गई फर्जी परियोजनाओं को रोकने के लिए, नए प्रावधानों को चार क्षेत्रों में बांटा जाएगा। जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संसाधन और जलवायु संरक्षण। अब, यह योजना भ्रष्टाचार का अड्डा बनने के बजाय विकास में एक वास्तविक और ठोस योगदानकर्ता के रूप में काम करेगी।
रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं : कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल
फरीदाबाद । हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और इससे समाज में संवेदनशीलता सहयोग और सेवा भाव को सशक्त आधार मिलता है। वे शनिवार को रोटरी क्लब फ़रीदाबाद ईस्ट एवं मिड टाउन द्वारा टैम्स एंड कंपनी एलएलपी चार्टर्ड अकाउंटेंट्स तथा एवांटेज के सहयोग से आयोजित रक्तदान शिविर में सहभागिता करने पहुँचे।
सेक्टर 10 डीएलएफ स्थित आयोजन स्थल पर आयोजित इस रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल के पुत्र एवं पुत्री दोनों ने स्वयं रक्तदान कर सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके इस कदम को उपस्थित जनसमूह ने सराहना और प्रेरणा के रूप में देखा।
कैबिनेट मंत्री श्री गोयल ने कहा कि जब युवा पीढ़ी सेवा कार्यों में आगे आती है तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव पड़ती है। उन्होंने कहा कि रक्तदान न केवल किसी जरूरतमंद के जीवन की रक्षा करता है बल्कि सामाजिक एकता और मानवीय मूल्यों को भी मजबूती प्रदान करता है।
मंत्री श्री गोयल ने रक्तदान शिविर के सफल आयोजन के लिए रोटरी क्लब फ़रीदाबाद ईस्ट एवं मिड टाउन, सहयोगी संस्थाओं चिकित्सकीय दल स्वयंसेवकों एवं सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे जनहितकारी आयोजन समाज को नई दिशा और प्रेरणा देते हैं। उल्लेखनीय है कि यह रक्तदान शिविर प्रातः 10:30 बजे से सायं 4:00 बजे तक चला जिसमें बड़ी संख्या में रक्तदाताओं ने भाग लेकर मानवता के इस पुनीत कार्य में अपना योगदान दिया।
गैंगरेप पीड़िता से मिलने फरीदाबाद के प्रयाग हॉस्पिटल पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह
फरीदाबाद। लिफ्ट देकर सामूहिक दुष्कर्म की पीडि़ता के परिजनों से प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेन्द्र ने मुलाकात की और पीडि़ता का हाल-चाल जाना। उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। निजी अस्पताल में भर्ती पीडि़ता के परिजनों से मिलने के बाद प्रदेशाध्यक्ष राव नरेन्द्र ने दुष्कर्म के मामले की कड़े शब्दों में निंदा की और पीडि़ता का उपचार सरकार के खर्चें पर करने एवं मामले को फास्ट टे्रक कोर्ट में चलाकर जल्द न्याय दिलवाने की मांग की है।
श्री राव ने कहा कि पीडि़त परिवार ने बताया कि किस तरह उसे कार से फैंका गया जिसके चलते उसके मुंह व दांत टूट गए तथा हाथ में गंभीर चोटें आई है, इस बर्बरता के लिए कानून आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दें। श्री राव ने कहा कि देश और प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। महिला की सुरक्षा तो दूर की बात है न ही व्यापारी सुरक्षित है और न ही आमजन। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल मानवता को शर्मसार करने वाली हैख् बल्कि राज्य में कानून-व्यवस्था की भयावह स्थिति को भी उजागर करती है। राव नरेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस मामले को लेकर सडक़ से संसद तक संघर्ष करेगी और पीडि़ता को न्याय दिलाने के लिए हर मंच पर आवाज उठाएगी। उन्होंने कहा कि नया साल की तैयारियों को लेकर पुलिस बड़े-बड़े दावे सुरक्षा व्यवस्था का दम भर रही थी, मगर इस घटना से उनके सारे के सारे दांवों की पोल खुल गई। पीडि़ता को कई घंटों तक दरिन्दे कार में लेकर घूमते रहे क्या किसी नाके पर कोई पुलिस कर्मी तैनात नहीं था जो उस कार को रोक सकता था। दिल्ली के निर्भया काण्ड के बाद दूसरी यह इस तरह की घटना है। इस तरह की घटना ने मानवता को शर्मशार कर दिया।
इस मौके पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलजीत कौशिक, विधायक रघुवीर तेवतिया, पूर्व विधायक नीरज शर्मा, पूर्व प्रत्याशी लखन सिंगला, प्रदेश प्रवक्ता सुमित गौड़, योगेश ढींगड़ा, मनोज अग्रवाल, अशोक रावल, गौरव ढींगड़ा, अब्दुल गफ्फार कुरैशी, विधान प्रताप सिंह, संजय सोलंकी, अनिल कुमार नेताजी, डालचंद डागर, प्रियंका अग्रवाल, विनोद कौशिक, डा. सौरभ शर्मा, विकास फागना, इकबाल कुरैशी, मोहसिन खान, पराग गौतम, अनुज शर्मा एडवोकेट, नरेश शर्मा, वेद प्रकाश यादव, अरूण सिंह, आशा शर्मा, शालिनी मल्होत्रा एवं कई कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
मंत्री राजेश नागर ने विकास कार्यों का जायजा ले अधिकारियों की लगाई क्लास
फरीदाबाद। हरियाणा सरकार के मंत्री राजेश नागर ने आज अपने तिगांव विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न विकास कार्यों का मौके पर निरीक्षण किया। वह अधिकारियों के साथ नीमका पर बन रहे गोल चक्कर पर पहुंचे और निर्माण कार्यों में हो रही देरी को लेकर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। मंत्री नागर ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और तय समय सीमा के भीतर काम पूरा न करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह दौरा एक दिन पहले जिला उपायुक्त आयुष सिन्हा के साथ हुई समीक्षा बैठक के बाद हुआ है।
मंत्री राजेश नागर सुबह ही एफएमडीए अधिकारियों और ठेकदारों के साथ सड़कों पर उतरे। उन्होंने क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण, चौराहों के सौंदर्यीकरण कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जब उन्होंने कुछ परियोजनाओं की प्रगति को तय समय से पीछे पाया, तो उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों की क्लास ली। उन्होंने पूछा कि आखिर बजट आवंटित होने के बावजूद काम की गति धीमी क्यों है।
मंत्री नागर ने पाया कि कुछ प्रमुख चौराहों पर सौंदर्यीकरण का काम अधर में लटका हुआ है या उनकी स्पीड धीमी है। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि चौराहे शहर की पहचान होते हैं। इनके सौंदर्यीकरण के काम में तेजी लाएं। यहाँ लाइटिंग, लैंडस्केपिंग और फव्वारों का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि जनता को एक स्वच्छ और सुंदर वातावरण मिल सके। उन्होंने बताया कि सरकार चंडीगढ़ की तर्ज पर बन रहे इन चौराहों के विकास पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है।
निरीक्षण के दौरान मंत्री राजेश नागर का सख्त रुख देखने को मिला। उन्होंने ढिलाई बरतने वाले ठेकेदारों और गैर-जिम्मेदार अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता का पैसा बहुत कीमती है और इसका सदुपयोग होना चाहिए। उन्होंने मौके पर ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट उन्हें सौंपें।
मंत्री नागर ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। यदि किसी अधिकारी ने काम में कोताही बरती या गुणवत्ता से समझौता किया, तो उसे परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए।
दौरे के दौरान मंत्री नागर ने स्थानीय निवासियों से भी मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। लोगों ने धूल-मिट्टी और अधूरे पड़े निर्माण कार्यों से होने वाली परेशानियों से उन्हें अवगत कराया। मंत्री ने आश्वासन दिया कि अगले कुछ हफ्तों में इन समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य अपने क्षेत्र को विकास के मामले में आदर्श विधानसभा बनाना है।
भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की स्मृति को समर्पित है आधुनिक लाइब्रेरी – विपुल गोयल
फरीदाबाद । कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने हरियाणा के निरंतर विकास और शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के तहत आज फरीदाबाद के सेक्टर-12 स्थित टाउन पार्क में प्रस्तावित अटल लाइब्रेरी के पुस्तकालय भवन का भव्य उद्घाटन किया यह पुस्तकालय भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की स्मृति को समर्पित है जो ज्ञान विचार और सुशासन के प्रतीक रहे हैं।
इस गरिमामय अवसर पर राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर, मंत्री राजेश नागर, नगर निगम फरीदाबाद की महापौर प्रवीन बत्रा जोशी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद्, पत्रकारगण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि अटल लाइब्रेरी केवल एक भवन नहीं बल्कि ज्ञान, आत्मनिर्भरता और समान अवसरों का सशक्त मंच है। यह पुस्तकालय उन विद्यार्थियों और युवाओं के लिए समर्पित है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं और उन्हें साकार करने का संकल्प रखते हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी की कविताएं और विचार हमें यह सिखाते हैं कि कठिन परिस्थितियों में भी संकल्प के बल पर नई शुरुआत संभव है और आज यह लाइब्रेरी उसी नई शुरुआत का प्रतीक है।
यह परियोजना केवल एक चुनावी वादे का पूरा होना नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक जिम्मेदारी थी। लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित की जा रही यह आधुनिक लाइब्रेरी फरीदाबाद के भविष्य में किया गया एक सशक्त निवेश है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संरचना केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों की आधारशिला है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी को यह दृढ़ विश्वास था कि जब तक शिक्षा समाज के अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंचेगी तब तक राष्ट्र का विकास अधूरा रहेगा। उसी विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए इस लाइब्रेरी का नाम अटल जी के नाम पर रखा गया है। अटल लाइब्रेरी को विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, जिनमें शामिल हैं, पूर्णतः वातानुकूलित रीडिंग हॉल, पुस्तकों को इश्यू कर घर ले जाने की सुविधा, व्यक्तिगत अध्ययन कक्ष (Individual Cabins), ग्रुप डिस्कशन रूम, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु अनुकूल वातावरण यह पूरा इकोसिस्टम विद्यार्थियों को एकाग्रता अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने में सहायता करेगा।
विपुल गोयल ने कहा कि यह लाइब्रेरी विशेष रूप से उन छात्रों के लिए है जो महंगी कोचिंग या निजी रीडिंग रूम का खर्च वहन नहीं कर सकते। यह समान अवसर की भावना का सशक्त उदाहरण है ताकि कोई भी विद्यार्थी केवल संसाधनों की कमी के कारण पीछे न रह जाए।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा को एक क्रांतिकारी स्वरूप दिया गया है जिसमें रटने के बजाय कौशल, रोजगार और आत्मनिर्भरता पर जोर है। इस दिशा में लाइब्रेरी शिक्षा व्यवस्था की सबसे मजबूत नींव बनती है।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने विश्वास व्यक्त किया कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में और माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी की हरियाणा सरकार अटल जी के सुशासन के संकल्पों को पूरी निष्ठा से आगे बढ़ा रही है।
जो विचार अटल जी ने दिए और जिन्हें मोदी जी ने गति दी उन्हें फरीदाबाद सहित हरियाणा के हर कोने तक पहुँचाया जाएगा।
अटल लाइब्रेरी आज केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि शिक्षित आत्मनिर्भर और विकसित फरीदाबाद की दिशा में एक निर्णायक कदम है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और विकसित भारत विकसित हरियाणा और विकसित फरीदाबाद के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सैलजा ने कहा- प्रदेश के 67 प्रतिशत स्कूलों के खेल मैदान बच्चों के लिए असुरक्षित नहीं
चंडीगढ़। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि रोहतक में दो होनहार खिलाड़ियों की दर्दनाक मौत के बाद भी हरियाणा सरकार की नींद नहीं खुली है। उस समय सरकार ने केवल औपचारिकता निभाते हुए एक कमेटी गठित करने और पूरे प्रदेश के स्कूलों के खेल मैदानों की जांच कराने की घोषणा की थी, लेकिन अब जो विभागीय रिपोर्ट सामने आई है, उसने सरकार के उन सभी दावों की पोल खोल दी है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 67 प्रतिशत स्कूलों के खेल मैदान बच्चों के लिए असुरक्षित हैं और केवल 10 प्रतिशत मैदान ही सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं। यह स्थिति अत्यंत गंभीर और शर्मनाक है।
मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि रोहतक की घटना के बाद अगर सरकार सचमुच गंभीर होती तो आज यह हालात सामने नहीं आते। रिपोर्ट साफ बता रही है कि अधिकांश स्कूलों में जर्जर पोल लगे हुए हैं, खेल उपकरण टूटे हुए हैं, मैदान समतल नहीं हैं और बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतज़ाम न के बराबर हैं। यह लापरवाही नहीं बल्कि बच्चों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है। सांसद ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार को एक नहीं, दो बच्चों की मौत के बाद भी होश नहीं आया। सरकार ने जांच की बात तो कही, लेकिन न तो किसी जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई हुई और न ही जमीनी स्तर पर कोई सुधार किया गया। आज भी हजारों बच्चे उन्हीं खतरनाक मैदानों में खेलने को मजबूर हैं, जहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा सरकार बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह असंवेदनशील हो चुकी है। यदि समय रहते खेल मैदानों की मरम्मत, उपकरणों की जांच और सुरक्षा मानकों का पालन कराया जाता तो रोहतक जैसी दुखद घटना को रोका जा सकता था। सरकार की लापरवाही के कारण मासूम बच्चों की जान जा रही है, और यह किसी भी सभ्य समाज के लिए स्वीकार्य नहीं है। सांसद ने मांग की कि राज्य के सभी सरकारी व निजी स्कूलों के खेल मैदानों की तुरंत दोबारा जांच कराई जाए, जर्जर उपकरणों को हटाया जाए, सुरक्षा मानकों को अनिवार्य किया जाए और जिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही पीड़ित परिवारों को न्याय और उचित मुआवजा दिया जाए। सैलजा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अब भी आंखें मूंदे रखीं, तो कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर विधानसभा तक पूरी ताकत से उठाएगी, क्योंकि बच्चों की जान से बड़ा कोई मुद्दा नहीं हो सकता।
फरीदाबाद । नगर निगम फरीदाबाद की ओर से निगम क्षेत्र में संचालित सभी मांसाहारी (नॉन-वेज) खाद्य व्यवसायों को निगम द्वारा चेतावनी दी जाती है कि मांस की बिक्री, भंडारण, प्रसंस्करण, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, क्लाउड किचन आदि का संचालन केवल हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 तथा व्यवसाय उपविधियाँ, 2008 के अंतर्गत जारी वैध लाइसेंस के साथ ही किया जा सकता है।
नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा के दिशा निर्देशों पर स्वास्थ्य अधिकारी निगम की टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में यह पाया गया है कि कई मांस की दुकानें एवं नॉन-वेज खाद्य प्रतिष्ठान बिना लाइसेंस और अस्वच्छ परिस्थितियों में संचालित हो रहे हैं। कई स्थानों पर मांस की खरीद-फरोख्त अवैध रूप से की जा रही है तथा उससे संबंधित कचरा खुले में फेंका जा रहा है, जो आम नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।
नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर नीतीश परवाल ने कहा कि हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 एवं व्यवसाय उपविधियाँ, 2008 के अनुसार बिना लाइसेंस मांस से जुड़ा कोई भी व्यवसाय पूर्णतः अवैध है। बिना वैध लाइसेंस के मांस की बिक्री, भंडारण, प्रसंस्करण अथवा कटाई सख़्त रूप से प्रतिबंधित है। मांस से उत्पन्न कचरे का सुरक्षित एवं वैज्ञानिक तरीके से निपटान करना अनिवार्य है।
बिना लाइसेंस इस प्रकार की अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नगर निगम द्वारा तत्काल सीलिंग, दुकान बंद करने, सामान जब्त करने एवं संबंधित कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। सील की गई दुकानों को बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के पुनः खोलने पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह प्रेस विज्ञप्ति जनहित में आधिकारिक नोटिस के रूप में जारी की जा रही है। यह कार्रवाई पूर्णतः जनहित में की जा रही है ताकि नागरिकों की सेहत सुरक्षित रहे तथा शहर में स्वच्छ और सुरक्षित खाद्य व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। सभी मांसाहारी खाद्य व्यवसाय संचालकों को अंतिम चेतावनी दी जाती है कि वे अपने प्रतिष्ठानों के सभी आवश्यक मानक पूर्ण करते हुए अंत्योदय सरल हरियाणा पोर्टल के माध्यम से तत्काल अपने लाइसेंस बनवा लें, अन्यथा नगर निगम द्वारा सख़्त प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी।
भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की स्मृति में आयोजित हुई व्याख्यानमाला
फरीदाबाद। तिगांव विधानसभा क्षेत्र में अटल स्मृति दिवस का आयोजन किया जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय समिति सदस्य संदीप जोशी, हरियाणा के मंत्री राजेश नागर सहित पार्टी के अनेक नेताओं ने अपने विचार रखे।
भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य संदीप जोशी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई और सुशासन दो अलग नहीं बल्कि एक ही हैं। उन्होंने विकास को जो रफ्तार दी और दुनिया की आंख में आंख डाली, उस परंपरा को हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बखूबी निभा रहे हैं। वह आज स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई के विचारों को दुनिया में ऊंचा स्थान दे रहे हैं। आज उन्हें दुनिया का नेतृत्व सम्मान दे रहा है।
इस अवसर पर मंत्री राजेश नागर ने कहा कि भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई का व्यक्तित्व बहुत विशाल और सागर जैसा है। उन्होंने अपने प्रधानमंत्री काल में जो विकास की कहानी शुरू की थी उसे आज हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व पटल पर रख दिया है। इस व्याख्यान माला में जिला प्रभारी नरेंद्र वत्स ने कहा कि संघ के पास नेतृत्व की एक ऐसी परंपरा है जो अनंतकाल तक मार्गदर्शन करने के लिए मौजूद है। इस सबके पीछे हमारे अटल बिहारी वाजपेई जैसे नेताओं की सीख है। इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने भी अटल बिहारी वाजपेई के सुशासन पर अपने विचार रखे।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल, नीरा तोमर, उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा, प्रवीण चौधरी, महामंत्री शोभित अरोड़ा, युवा मोर्चा प्रदेश महामंत्री जितेंद्र चौधरी, भारती भाकुनी, विधानसभा संयोजक अमित भारद्वाज गिर्राज त्यागी, सीमा भारद्वाज, राजबाला सरदाना, प्रकाश वीर नागर, सचिन ठाकुर, पार्षद शीशराम अवाना, लाल मिश्रा, सुमंत चंदेल, प्रदीप टोंगर, संजीव कुमार, मंडल अध्यक्ष मुकेश झा, हरीश बैंसला, कृष्ण पहलवान, सुधीर मेहता, ग्रीवेंस मेंबर देवेंद्र अग्रवाल, शंकर ठाकुर, प्रहलाद शर्मा, बबल बैंसला, भूपेंद्र शर्मा, मदन पुजारा, उमेश भाटी, सुंदर कसाना, अजब चंदीला सहित सभी शक्ति केंद्र प्रमुख, बीएलए 2, उत्कर्ष गर्ग, कर्ण गोयल, ओमदत्त शर्मा, लोकेश बैंसला आदि अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सैलजा ने कहा- शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से पांव पसार रहा है नशा
चंडीगढ़। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा में लगातार बढ़ रहे नशे के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से ठोस और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। सांसद ने कहा कि नशा आज प्रदेश की युवा पीढ़ी के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है और इसे हल्के में लेना भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।
मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक असंतुलन का परिणाम है। जब तक सरकार नशे के मूल कारणों पर काम नहीं करेगी, तब तक इस पर नियंत्रण संभव नहीं है। नशे को लेकर जो गठजोड़ बना हुआ है जो नशा तस्करों का पोषण कर रहे है सबसे पहले उन पर पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता के साथ प्रहार करना होगा। सांसद ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी नशे को बढ़ावा देने वाला सबसे बड़ा कारण बन चुकी है। आज हरियाणा में दो लाख से अधिक सरकारी पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार उन्हें भरने के प्रति गंभीर नहीं है। पढ़ा-लिखा युवा वर्षों तक रोजगार की प्रतीक्षा करता है और निराशा में गलत रास्ते की ओर चला जाता है।
सांसद कुमारी सैलजा ने सरकार से मांग की कि सबसे पहले खाली पड़े सरकारी पदों को शीघ्र भरा जाए ताकि युवाओं को रोजगार मिल सके, बेरोजगारी की अवस्था में वह गलत राह पर जाने से बच सके। युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं। नशा मुक्ति अभियानों को केवल औपचारिकता न बनाकर जमीनी स्तर पर लागू किया जाए। सामाजिक संस्थाओं, शिक्षण संस्थानों, प्रशासन और राजनीतिक दलों को साथ लेकर अभियान चलाया जाए।
कुमारी सैलजा ने स्पष्ट कहा कि केवल भाषणों और कागजी योजनाओं से नशे पर नियंत्रण संभव नहीं है। इसके लिए ठोस नीति, इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास की आवश्यकता है। नशा को लेकर जो भी आंकड़े सामने आ रहे है वे चौंकाने वाले और गंभीर चिंता का विषय है, नशा करने वालों में 25 वर्ष से कम आयु के युवाओं की संख्या सबसे ज्यादा है। सरकार जिन गांवों और वार्डो को नशा मुक्त करने का दावा कर रही है वहां पर नशेडियों की संख्या ज्यादा है। सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, अंबाला और यमुनानगर नशे की चपेट में आए हुए है और सिरसा सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है और नशे से सबसे ज्यादा मौतें भी सिरसा जिला में हुई है। सांसद ने सरकार से अपील की कि वह प्रदेश के युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए तुरंत ठोस कदम उठाए, ताकि हरियाणा को नशे की चपेट से बाहर निकाला जा सके।