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डीसी विक्रम सिंह ने ‘हिंद की चादर’ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की
फरीदाबाद । हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ओएसडी प्रभलीन सिंह ने आज गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस पर ‘हिंद की चादर यात्रा को लेकर जिला के गुरुद्वारा प्रबंधक समितियों के साथ यात्रा की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। उनके साथ उपायुक्त (डीसी) विक्रम सिंह भी मौजूद रहे।
ओएसडी प्रभलीन सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा ‘हिंद की चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर 25 नवंबर 2025 को जिला कुरुक्षेत्र में राज्य स्तरीय भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लाखों की संख्या में संगत भाग लेगी। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि फरीदाबाद से प्रारंभ होने वाली ‘हिंद की चादर’ तीसरी यात्रा दिनांक 14 नवंबर को सेक्टर-15 स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा से रवाना होगी। यह यात्रा जिले के विभिन्न गुरुद्वारों से होते हुए गुरुग्राम, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, करनाल से गुजरकर कुरुक्षेत्र पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि शोभा यात्रा के साथ-साथ जिलाभर में एक माह तक श्री गुरु तेग बहादुर जी को समर्पित विविध आयोजन हो रहे है, जिनमें स्कूली एवं कॉलेज विद्यार्थियों के लिए सेमिनार, क्विज प्रतियोगिताएं, चित्रकला प्रतियोगिताएं, निबंध लेखन, संगोष्ठियों के साथ – साथ रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
डीसी विक्रम सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ‘हिंद की चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में निकाली जाने वाली यात्रा के दौरान सफाई व्यवस्था, यातायात प्रबंधन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का समुचित प्रबंध सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। यात्रा के दौरान सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सा एवं यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।
बैठक में एडीसी सतबीर मान, सीईओ जिला परिषद शिखा, एसडीएम बल्लभगढ़ मयंक भारद्वाज, सीटीएम अंकित कुमार सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने फरीदाबाद सेक्टर-14 मुख्य द्वार का किया उद्घाटन, ₹1.56 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास
फरीदाबाद । फरीदाबाद के सर्वांगीण विकास यात्रा को निरंतर गति देते हुए हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने आज सेक्टर-14 स्थित मुख्य द्वार का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने सेक्टर-86, साईं कॉम्प्लेक्स, ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र में सीवर, टाइल्स एवं सड़क निर्माण से संबंधित महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन कार्यों पर कुल ₹1 करोड़ 56 लाख रुपये की लागत आएगी।
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि इन विकास कार्यों से स्थानीय निवासियों को बुनियादी सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार प्राप्त होगा और क्षेत्र में आवागमन तथा स्वच्छता व्यवस्था और सुदृढ़ होगी। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में समान रूप से विकास को आगे बढ़ाना है, ताकि हर नागरिक को बेहतर बुनियादी सुविधाएं प्राप्त हों।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि फरीदाबाद को आधुनिक, स्वच्छ और सुरक्षित शहर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास जारी हैं। उन्होंने जानकारी दी कि नागरिक सुरक्षा और निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए सेक्टर-17 में 92 हाई डेफिनिशन कैमरे स्थापित किए गए हैं। इन कैमरों से न केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी बल्कि यातायात प्रबंधन एवं अपराध नियंत्रण में भी सहायता प्राप्त होगी। उन्होंने कहा, “विकास हमारा संकल्प है।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार एक जनकल्याणकारी, पारदर्शी और उत्तरदायी शासन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस जनता की आवश्यकताओं को समझते हुए योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने पर है, ताकि विकास का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे। श्री गोयल ने बताया कि शहर में स्वच्छता, सीवर लाइनिंग, जल निकासी, सड़क चौड़ीकरण एवं स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर अनेक परियोजनाएं प्रगति पर हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए तथा जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने उपस्थित नागरिकों से संवाद करते हुए कहा कि फरीदाबाद का विकास सबके सहयोग से ही संभव है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की तरक्की के लिए जनता और प्रशासन दोनों को एकजुट होकर कार्य करना होगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए वे व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं।
कार्यक्रम में सेक्टर 14 आरडब्ल्यूए प्रेसिडेंट दलीप वर्मा, चेयरमैन अशोक जतवानी, चीफ एडवाइजर वीरेंद्र चहल, शम्मी कपूर, साईं कॉम्प्लेक्स सोसाइटी आरडब्ल्यूए प्रेसिडेंट प्रवीन भाटी, वॉइस प्रेसिडेंट वेद राठी, जय भगवान भारद्वाज, राजेंद्र शर्मा, दिनेश शर्मा, सुमित चौधरी, आचार्य एल के मिश्रा तथा अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्तिगण मौजूद रहे।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने नए लाईट पोल, नई टाईल्स व रैन वाटर डिस्पोजल पाईप लाईन का किया लोकार्पण
फरीदाबाद। कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने रविवार को सेक्टर 11D छोटू राम पार्क, सैक्टर 1,9, 10, 11 और सैक्टर 4R में नए लाईट पोल, नई टाईल्स व रैन वाटर डिस्पोजल पाईप लाईन का लोकार्पण किया।
मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि यह पहल फरीदाबाद को और अधिक सुरक्षित सुसज्जित एवं आधुनिक स्वरूप प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नवनिर्मित प्रकाश व्यवस्था से क्षेत्र के नागरिकों को न केवल बेहतर सुविधा प्राप्त होगी बल्कि यह पहल शहर में सुरक्षा, सुव्यवस्था और स्वच्छता को भी सुदृढ़ बनाएगी।
मंत्री श्री विपुल गोयल ने इस अवसर पर कहा कि, विकसित फरीदाबाद का संकल्प अब सिद्धि की ओर अग्रसर है विकसित फरीदाबाद का यह प्रकाश केवल मार्गों को नहीं, बल्कि जन जीवन को भी आलोकित करेगा। भारतीय जनता पार्टी का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक विकास की किरण पहुँचाना है।
इस दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों मंदिर समिति तथा सभी सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता के सहयोग से ही विकास की हर योजना सार्थक बनती है।
इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, मंदिर समिति के सदस्य स्थानीय प्रतिनिधि एवं जनता बड़ी संख्या में उपस्थित रही।सभी ने इस जनहितैषी पहल का स्वागत किया और मंत्री श्री विपुल गोयल के प्रति आभार व्यक्त किया। यह आयोजन फरीदाबाद की निरंतर प्रगति उजियारे और जनसेवा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
फरीदाबाद। गुर्जर समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहर तथा विविध परंपराओं को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने हेतु गुर्जर संगम मेला का आयोजन 25 से 28 दिसम्बर 2025 तक फरीदाबाद के सूरजकुंड मेला ग्राउंड में किया जाएगा तथा पहली बार गुर्जर संस्कृति को एक नए रूप और नई सोच के साथ प्रदर्शित किया जाएगा जो कभी पहले नही दिखाई गई।
यह चार दिवसीय आयोजन समाज के अतीत, वर्तमान और भावी सांस्कृतिक आयामों को अभिव्यक्त करने के साथ-साथ शैक्षिक, कला, क्रीड़ा तथा सामुदायिक उन्नयन से संबंधित विविध विषयों पर प्रकाश डालेगा ताकि हमारी युवा पीढ़ी प्रेरणा ले सके। देश-विदेश से गुर्जर समाज की प्रतिष्ठित हस्तियाँ इस आयोजन में सहभागिता करेंगी। गुर्जर संगम में हिंदू, मुस्लिम, सिख और जैन गुर्जर एकता को दर्शाते हुए उनकी संस्कृति और जीवन शैलियों को भी राष्ट्रीय पटल पर दर्शाया जाएगा।
इसी संदर्भ में 9 नवम्बर 2025 को गुर्जर भवन, फरीदाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें समाज के सम्मानित प्रतिनिधि मंडल तथा प्रबुद्ध एवं वरिष्ठ सदस्यों ने मेले की विस्तृत रूपरेखा, कार्यक्रम संरचना तथा प्रतिदिन आयोजित होने वाली गतिविधियों की जानकारी साझा की। ज्ञात हो की यह मेला किसी एक व्यक्ति के द्वारा आयोजित ना होकर गुर्जर समाज के विभिन्न संगठनों और गुर्जर बिरादरी के प्रभुद्द वर्ग के द्वारा आयोजित किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में प्रमुख वक्ताओं में गजेन्द्र , एडवोकेट सुनील बैसला, धर्मवीर भड़ाना, सुनीता खटाना, डॉ. विकास कुमार (दिल्ली विश्वविद्यालय), गौरव नागर, ओमप्रकाश भड़ाना, अमित बैसला (गुर्जर स्पोर्ट्स), अमन बिधूड़ी, एडवोकेट आनन्द गुर्जर, मनोज , एडवोकेट कन्हैया लाल, अमित आर्य, आजाद बैंसला सहित वीर गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग चौधरी उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने बताया कि गुर्जर संस्कृति भारत के लगभग 18 राज्यों में व्यापक रूप से विद्यमान है, साथ ही मध्य एशिया, पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान तक इसकी ऐतिहासिक उपस्थिति दर्ज की जाती है। समुदाय के लोग हिन्दू, मुस्लिम, सिख आदि विभिन्न आस्थाओं से जुड़े होने के बावजूद साझा सांस्कृतिक धारा का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसी बहुलतावादी एकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से यह संगम न केवल समाज की आंतरिक एकजुटता को रेखांकित करेगा, बल्कि व्यापक राष्ट्रीय सद्भावना को भी सशक्त बनाएगा।
एनआईटी 86 विधानसभा में चहुँमुखी विकास कार्य हो रहे हैं – सतीश फागना
केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने नंगला एन्क्लेव में 13 करोड़ 20 लाख की विकास परियोजना के निर्माण कार्य का किया उदघाटन
फरीदाबाद । भारत सरकार के केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने आज नगला एन्क्लेव पार्ट-2, वार्ड नंबर 7, NIT फरीदाबाद में 13 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से सीवर लाइन, पानी की लाइन, नाले और आरएमसी रोड निर्माण कार्य का उद्घाटन किया तथा 1.17 करोड़ का शिलान्यास किया। शिलान्यास विधिवत तरीके से बुजुर्गों द्वारा नारियल फोड़कर परंपरागत तरीके से किया गया। इस अवसर पर विधायक सतीश फागना भी मौजूद रहे।
केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता जनता को बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराना है और नगला एन्क्लेव में यह कार्य उसी प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से फरीदाबाद वासियों के लिए एक और बड़ी सौगात की घोषणा की गई है। केंद्रीय नेतृत्व के निर्णय के अनुसार दिल्ली एयरपोर्ट को गुड़गांव, फरीदाबाद और जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने वाली नई रेपिड मेट्रो परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना का कार्य वर्ष 2026 में प्रारंभ किया जाएगा। इस परियोजना के अंतर्गत मेट्रो लाइन फरीदाबाद होते हुए नोएडा तक और आगे सीधे जेवर एयरपोर्ट तक जाएगी, जबकि दूसरी दिशा में गुड़गांव से होते हुए दिल्ली एयरपोर्ट को जोड़ेगी। यह कनेक्टिविटी न केवल दिल्ली–एनसीआर क्षेत्र के नागरिकों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी, बल्कि फरीदाबाद को राष्ट्रीय परिवहन नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। फरीदाबाद के लिए “बहुत बड़ी सौगात” है, क्योंकि इस परियोजना से शहर को हाईवे, रेलवे और मेट्रो — तीनों माध्यमों से सुदृढ़ परिवहन संपर्क प्राप्त होगा। इसके साथ ही, बल्लभगढ़ से पलवल तक नई मेट्रो विस्तार परियोजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है, जिससे दक्षिण हरियाणा का विकास और तेज होगा।
राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने अभूतपूर्व विकास गति प्राप्त की है और यह नई मेट्रो परियोजना उस निरंतर प्रगति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की सरकार के 10 वर्षों में मात्र 10 किलोमीटर मेट्रो का विस्तार हुआ था, जबकि भाजपा सरकार के नेतृत्व में अब सैकड़ों किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है, जो दिल्ली, गुड़गांव, फरीदाबाद और जेवर एयरपोर्ट तक विस्तृत होगा। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट ऑफिस के लिए दिल्ली जाने की बजाय अब पासपोर्ट ऑफिस फरीदाबाद में ही उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि बिजली विभाग के कार्यकाल के दौरान फरीदाबाद के लिए 2800 करोड़ रुपये की स्वीकृति दिलाई गई थी, जिसके तहत आने वाले दो वर्षों में पूरे शहर की बिजली लाइनों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। इससे आंधी-तूफान और बरसात के दौरान बिजली बाधित नहीं होगी और सड़कों से पोल भी हट जाएंगे।
विधायक सतीश फागना ने कहा कि एनआईटी 86 विधानसभा में चहुँमुखी विकास कार्य हो रहे हैं। सड़क, सीवर, जलापूर्ति, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन के क्षेत्र में जो कार्य बीते वर्षों में हुए हैं, वे क्षेत्र की दिशा और दशा बदलने वाले सिद्ध हुए हैं और आगे भी होते रहेंगे। उन्होंने क्षेत्र की जनता से उन्हें चुन कर विधायक बना कर भेजने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हमने अपने क्षेत्र में बिना किसी भेद भाव के काम किये गए हैं।
इस अवसर पर पार्षद सविता सुरेंदर भड़ाना सहित अन्य कई गणमान्य व्यक्तिगण मौजूद रहे।
प्रदेश में कही आर्थोपेडिक सर्जन नहीं, कही बवासीर, हार्निया के आपेरशन की सुविधा भी नहीं
चंडीगढ़ । अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा सरकार की स्वास्थ्य नीतियों पर गंभीर प्रश्न उठाते हुए कहा है कि सरकार की उपेक्षा और अव्यवस्थित प्रणाली के कारण गरीब वर्ग विशेष रूप से ग्रीन कार्ड धारक तथा आयुष्मान भारत योजना से जुड़े मरीज भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण आमजन को घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है, जबकि उन्हें नि:शुल्क और सहज स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए थीं। सरकारी अस्पतालों में कही आर्थोपेडिक सर्जन नहीं है तो कही पर बबासीर, हार्निया और अपेंडिक्स के आपेरशन की सुविधा तक नहीं है।
मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार ने खर्च घटाने और नीतिगत सुधार के नाम पर जो कदम उठाए हैं, वे वास्तव में गरीब और मध्यम वर्ग की पीड़ा बढ़ाने वाले साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिरसा सहित राज्य के अधिकांश जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं, अनेक विभागों में तकनीशियन नहीं हैं, और आवश्यक उपकरण या तो अनुपलब्ध हैं या खराब अवस्था में पड़े हैं। स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होती हैं, लेकिन मौजूदा सरकार ने इसे पूरी तरह उपेक्षित कर दिया है। गरीब मरीज अपने अधिकार के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं।
सांसद ने कहा कि आयुष्मान योजना का मूल उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क उपचार प्रदान करना था, लेकिन वर्तमान स्थिति में यह योजना अपने मकसद से भटक चुकी है। उन्होंने कहा कि कई अस्पताल इस योजना के तहत मरीजों का इलाज करने से कतराते हैं, जबकि सरकार की ओर से उनके बकाया भुगतान का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया।
सांसद कुमारी सैलजा ने सरकार से मांग की कि सभी सिविल अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति, आवश्यक मशीनों की उपलब्धता, और जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक तुरंत सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जिला अस्पतालों में एक अलग ग्रीन हेल्प डेस्क बनाई जाए, जहां आयुष्मान और ग्रीन कार्ड धारक मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर पर्ची, परामर्श और उपचार की सुविधा दी जा सके। कुमारी सैलजा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर सड़को तक उठाएगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि जनहित के लिए लड़ी जाएगी। जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस जनता के साथ खड़ी है और गरीबों को उनका हक दिलाकर रहेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर गरीब मरीजों से हो रहा है मजाक
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश में एक करोड़ 30 लाख गरीब लोग आयुष्मान और चिरायु योजना के दायरे में आते हैं। प्रदेश की भाजपा सरकार ने अनेक रोगों के उपचार को प्राइवेट अस्पतालों की सूची से हटाते हुए कहा है कि इन रोगों का उपचार और आपेरशन की सुविधा सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध करवाई जाएगी। सरकार को सबसे पहले सरकारी अस्पताल में सभी प्रबंंध करने के बाद ही प्राइवेट अस्पतालों की सूची से रोगों को हटाना चाहिए था पर एक ओर सूची से रोगों का उपचार और आपरेशन बंद कर दिए तो दूसरी ओर सरकारी अस्पतालों में सुविधा नहीं है। कूल्हें और घुटने बदलने की सुविधा बहुत कम अस्पतालों में है, कहा आर्थोपेडिक सर्जन है को ट्रांसप्लांट की सुविधा नहीं है, इतना ही नहीं अनेक सरकार अस्पताल तो ऐसे है जहां पर बबासीर, हार्नियां और अपेंडिक्स के आपरेशन तक की सुविधा नहीं है।
फरीदाबाद। हरियाणा के सभी रजिस्ट्री कार्यालय पूर्णतः क्रियाशील पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली सुचारू रूप से संचालित हरियाणा सरकार के राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्यभर में सभी रजिस्ट्री कार्यालय पूरी तरह क्रियाशील हैं और पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली सुचारू रूप से कार्य कर रही है। किसी भी स्थान पर रजिस्ट्री सेवाएं निलंबित नहीं की गई हैं।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा के साथ चर्चा कर ये जानकारी प्राप्त हुई कि कुछ समाचार माध्यमों में प्रसारित भ्रामक रिपोर्ट असत्य हैं यह नई प्रणाली नागरिकों को तेज़, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
प्रणाली लागू होने के बाद से अब तक 2,778 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें से 927 रजिस्ट्री पूर्ण 495 आवेदनों की तिथि निर्धारित तथा 327 आवेदन अपूर्ण दस्तावेजों के कारण अस्वीकृत किए गए हैं। शेष आवेदन पांच कार्य दिवसों की समयावधि में पूर्ण किए जा रहे हैं।
विभाग ने नागरिकों की सुविधा हेतु अनेक सुधार किए हैं जो निम्वत है
डुप्लीकेट भूमि डेटा को संशोधित किया गया है।
हाउसिंग बोर्ड एवं HSVP क्षेत्रों में अब प्रापर्टी आईडी से रजिस्ट्री होगी। लाइसेंसशुदा कॉलोनियों का डेटा शहरी स्थानीय निकाय से जोड़ा गया है।
साझेदारी विलेख की करैक्टर सीमा 10,000, तथा डॉक्यूमेंट अपलोड लिमिट 40 MB कर दी गई है।
12 नवम्बर से आपत्ति के साथ जवाब दें सुविधा शुरू होगी, जिससे नागरिक त्रुटियां सुधारकर दस्तावेज़ पुनः अपलोड कर सकेंगे बिना अतिरिक्त शुल्क के,पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली हरियाणा सरकार की डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम है। विभाग निरंतर सुधार और नागरिक हित में प्रतिबद्ध है। हरियाणा सरकार की प्राथमिकता जनसुविधा,पारदर्शिता और सुशासन है हमारा संकल्प है कि हर नागरिक को संपत्ति से जुड़े कार्यों में डिजिटल माध्यम से सरल, त्वरित और निष्पक्ष सेवा मिले।
विद्यासागर इंटरनेशनल स्कूल घरौंडा ब्रांच में इंटर स्कूल क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ
फरीदाबाद। विद्यासागर इंटरनेशनल स्कूल घरौंडा ब्रांच में आज बड़े उत्साह और उमंग के साथ इंटर स्कूल क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री रूप सिंह नागर जी (पिताजी मंत्री राजेश नागर)तथा गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में एसएचओ श्री कृष्ण कुमार ( छांयसा पुलिस स्टेशन) और श्री उमेश कौशिक जी (चांदपुर चौकी इंचार्ज) उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग स्वागत गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से अतिथियों का स्वागत किया। टूर्नामेंट का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री रूप सिंह नागर जी ने बैटिंग कर किया, जिसके साथ ही मैदान में उत्साह का माहौल छा गया।
विद्यालय के निदेशक दीपक यादव और प्राचार्य रेखा मलिक ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि इस टूर्नामेंट का उद्देश्य छात्रों में खेल भावना, टीमवर्क और अनुशासन की भावना को प्रोत्साहित करना है। इस प्रतियोगिता में विद्यासागर इंटरनेशनल स्कूल सेक्टर 2 , घरोरा ब्रांच और युवराज सिंह क्रिकेट अकादमी की टीमें भाग ले रही हैं।
मुख्य अतिथि श्री रूप सिंह नागर ने अपने संबोधन में कहा कि “खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि मानसिक विकास में भी सहायक होते हैं। विद्यालय द्वारा इस प्रकार के आयोजन से बच्चों में आत्मविश्वास और एकता की भावना का विकास होता है।”
एसएचओ श्री कृष्ण कुमार ने कहा कि छात्र जीवन में खेलों का महत्व अत्यधिक है और ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं। वहीं चौकी इंचार्ज श्री उमेश कौशिक ने भी विद्यालय प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि “युवा पीढ़ी को शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी आगे बढ़ना चाहिए।”
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे, अंबाला में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सीधे प्रसारण के जरिए किया संबोधन
अंबाला । हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह भारत की आत्मा, धड़कन और पहचान है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को मां अम्बा की पावन धरती अम्बाला में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान नई दिल्ली में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित मुख्य उद्घाटन समारोह का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में वंदे मातरम् की अमर भावना को नमन किया। उन्होंने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में वर्ष भर चलने वाले समारोह का शुभारंभ किया तथा स्मारक डाक टिकट और सिक्का भी जारी किया।
इससे पहले मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश वासियों को ‘वंदे मातरम्’ गीत के 150 वर्ष पूरे होने पर हार्दिक बधाई देते हुए उपस्थित जनसमूह को ‘स्वदेशी संकल्प’ भी दिलाया, साथ ही सूचना जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग द्वारा वंदे मातरम् की गौरव गाथा को प्रदर्शित करने वाली लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
‘वंदे मातरम्’ भारत की आत्मा है : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह भारत के स्वराज्य आंदोलन की चेतना का उदगार है। इस गीत ने गुलामी की बेड़ियों में जकड़े भारतवासियों में आत्मबल, अनुशासन और त्याग की भावना जगाई थी। उन्होंने कहा कि यह गीत वह दिव्य शक्ति है जिसने ब्रिटिश साम्राज्य को हिला दिया था और युवाओं के भीतर क्रांति की ज्योति प्रज्वलित की। अंग्रेज़ इस गीत से डरते थे क्योंकि इसमें हथियारों से करोड़ गुना अधिक शक्ति थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ गीत हमारी नदियों की कल-कल, खेतों की हरियाली और धरती के गौरव की गूंज है। यह शिवरात्रि की तपस्या में, वैसाखी के उल्लास में, होली के रंगों में और दीपावली के दीपों में रचा-बसा है। यह गीत हमारी एकता का अमृत मंत्र है।
150 वर्ष की राष्ट्रीय चेतना की यात्रा
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ का रचना वर्ष 1875 में श्री बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी। वर्ष 1896 में श्री रवीन्द्रनाथ टैगोर ने इसे कोलकाता में सार्वजनिक रूप से वाचन किया था। 1905 में बंगाल विभाजन आंदोलन के दौरान यह गीत राग देश मल्हार में स्वरबद्ध होकर आंदोलन का प्रेरणास्रोत बना। ब्रिटिश शासन के खिलाफ यह गीत राष्ट्रवाद और एकता का प्रतीक बन गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी शक्ति इतनी प्रबल थी कि ब्रिटिश सरकार ने इसके गायन पर प्रतिबंध लगा दिया। इस गीत ने भारत के हर वर्ग, हर धर्म और हर क्षेत्र के लोगों को एक सूत्र में बाँधकर आज़ादी के आंदोलन को गति दी।
वीर सपूतों की स्मृति में अम्बाला छावनी में शहीदी स्मारक का निर्माण किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास गवाह है, सन् 1857 में स्वतंत्रता संग्राम की पहली चिंगारी अम्बाला की पवित्र भूमि से ही उठी थी। यह वही धरती है जिसने वीरता को न केवल लिखा बल्कि जिया भी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने इन वीर सपूतों की स्मृति में अम्बाला छावनी में शहीदी स्मारक का निर्माण किया है।
‘वंदे मातरम्’ पर आपत्ति करने वाले भारत की आत्मा को नहीं समझते
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग ‘वंदे मातरम्’ पर आपत्ति करते हैं। उन्होंने कहा कि यह लोग भारत की संस्कृति, आत्मा और राष्ट्रीय गर्व को नहीं समझते। उन्होंने बताया कि 1923 में काकीनाडा कांग्रेस अधिवेशन में पंडित विष्णु दिगंबर पलुस्कर को ‘वंदे मातरम्’ गाने के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन, उस वर्ष कांग्रेस अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद अली ने धार्मिक आधार पर आपत्ति जताई और कहा कि इस्लाम में संगीत वर्जित है। बाद में 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति ने मुस्लिम लीग नेताओं को खुश करने के लिए राष्ट्रीय गीत बदलने का निर्णय लिया। बाद में भी कांग्रेस और उसके नेताओं ने कई बार ‘वंदे मातरम्’ के प्रति असहमति दिखाई।
ए.आई.एम.आई.एम. नेता श्री अकबरुद्दीन ओवैसी ने वर्ष 2017 में मांग की थी कि स्कूलों में छात्रों के लिए ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य करने वाले सर्कुलर को रद्द किया जाए। हाल ही में,तेलंगाना में भी कांग्रेस सरकार ने कहा है कि स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसी तरह वर्ष 2019 में मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार ने सचिवालय में ‘वंदे मातरम्’ गायन पर प्रतिबंध लगाया था। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ कोई विवाद नहीं, बल्कि यह मां भारती का प्रसाद है। यह तुष्टिकरण नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर चलने वालों का गीत है।
एक गीत जिसने जगाया देश का स्वाभिमान
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ ने भारत के सोये स्वाभिमान को जगाया और आज़ादी के आंदोलन को जन-आंदोलन में बदल दिया। भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चंद्रशेखर आज़ाद जैसे असंख्य वीरों ने इस गीत को गाते हुए प्राणों की आहुति दी। लाखों स्वतंत्रता सेनानियों ने जेल की यातनाएँ सहते हुए ‘वंदे मातरम्’ का जयघोष किया और आज़ादी का कारवाँ आगे बढ़ता गया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की पृष्ठभूमि में यही गीत देशभक्ति और स्वाधीनता का मूल मंत्र बना। ‘वंदे मातरम्’, ‘इंकलाब जिंदाबाद’ और ‘जय हिंद’ के नारों ने अंग्रेज़ी हुकूमत को झकझोर दिया, और आखिरकार 15 अगस्त 1947 को भारत आज़ाद हुआ।
मुख्यमंत्री ने स्वदेशी राष्ट्रीय गौधन समिट-2025 का किया उद्घाटन
नई दिल्ली । हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार गौ संरक्षण को लेकर लगातार प्राथमिकता से कार्य कर रही है। सरकार ने गौशालाओं के विकास, गौवंश के संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाश पर्व पर बुधवार को गुरु दलीप सिंह महाराज के मार्गदर्शन में नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में आयोजित स्वदेशी राष्ट्रीय गौधन समिट-2025 के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। लगातार 10 नवंबर तक चलने वाली इस समिट में देशभर से अनेक जनप्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्टेडियम में विशाल नामधारी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। लगातार 6 दिन तक चलने वाले इस समिट में गौसंरक्षण पर मंथन कर आगे बढ़ने के अवसर सुलभ होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ सेवा और खेती एक दूसरे के पर्याय हैं। गौमाता हमारी अर्थव्यवस्था का आधार है। प्राचीन काल से हमारे देश में जिस व्यक्ति के पास जितनी अधिक गायें होती थी, उसे उतना ही अधिक धनवान माना जाता था। गाय को माता का दर्जा दिया गया है और गाय का दूध अमृत के समान है। देसी गाय का दूध डायबिटिज व हृदय रोगों से बचाव व उपचार में अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए वोकल फॉर लोकल पर बल दिया है। गौ माता संरक्षण और स्वदेशी की शक्ति का रास्ता ही हमें आत्मनिर्भर भारत की ओर लेकर जाता है। इसलिए हमें इन पर पूर्ण रूप से सक्रिय होकर कार्य करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को बेसहारा गौवंश से मुक्त करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए पानीपत व हिसार में दो गौ अभ्यारण्यों की स्थापना की गई है। इनमें शैड, पानी व चारे की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में 686 गौशालाओं में लगभग 4 लाख गौवंश का पालन किया जा रहा है। 330 गौशालाओं में सोलर ऊर्जा प्लांट लगाए गए हैं। गौशालाओं की जमीन पर रजिस्ट्री नि:शुल्क होती है। गौसेवा आयोग का बजट भी बढ़ाकर 595 करोड़ रुपए किया गया है।
श्री नायब सिंह सैनी ने गुरु पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बाबा नानक जी ने हमें तीन मंत्र दिए मेहनत ईमानदारी से कीरत करना, वण्ड छकना और नाम जपना। इन तीनों मूल मंत्रों को हम सभी को अपने जीवन में अपनाकर आगे बढ़ना है।
इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्ष सुश्री जीवन कौर, गुरमीत कौर, पूर्व सांसद श्रीमती सुनीता दुग्गल, गौसेवा आयोग हरियाणा के अध्यक्ष श्रवण गर्ग सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।