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फरीदाबाद । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फरीदाबाद द्वारा दिनांक 13 दिसंबर 2025 (शनिवार) को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। यह लोक अदालत जिला न्यायालय परिसर, सेक्टर-12, फरीदाबाद में संपन्न होगी। यह आयोजन जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संदीप गर्ग के दिशा-निर्देशानुसार तथा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रितु यादव के सक्षम नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है।
राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित अधिक से अधिक मामलों का आपसी समझौते के माध्यम से सौहार्दपूर्ण एवं त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि नागरिकों को सरल, सस्ता एवं सुलभ न्याय प्राप्त हो सके।
इस लोक अदालत में निम्न प्रकार के मामलों का निपटारा किया जाएगा—बैंक ऋण वसूली, मोटर वाहन दुर्घटना दावा (MACT), वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, दीवानी वाद, फौजदारी जमानती मामले, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, बिजली एवं जल बिल विवाद (आपसी सहमति की स्थिति में), राजस्व विवाद, ट्रैफिक एवं समरी चालान सहित अन्य सभी छोटे एवं समझौतायोग्य मामले।
श्रीमती रीतू यादव ने जानकारी दी कि प्रत्येक बृहस्पतिवार को जीएमआईसी द्वारा तथा प्रत्येक शुक्रवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीशों द्वारा प्री-लोक अदालत आयोजित की जा रही है। उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाते हुए अपने लंबित मामलों के समाधान हेतु राष्ट्रीय लोक अदालत में अवश्य संपर्क करें।
उन्होंने यह भी बताया कि लोक अदालत में कोई भी कोर्ट फीस अदा नहीं की जाती, और यदि पूर्व में कोर्ट फीस जमा की गई है तो उसे नियमों के अनुसार वापस कर दिया जाता है। लोक अदालत में पारित निर्णय अंतिम होता है तथा उसके विरुद्ध कोई अपील नहीं की जा सकती, जिससे विवादों का स्थायी एवं त्वरित समाधान संभव हो पाता है। राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन से न्यायिक प्रणाली पर भार कम होगा तथा समाज में आपसी सद्भाव, सहयोग एवं विश्वास को बढ़ावा मिलेगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फरीदाबाद सभी नागरिकों से अपील करता है कि वे इस महत्वपूर्ण पहल का लाभ उठाते हुए अपने लंबित मामलों का सौहार्दपूर्ण निपटारा कराएं।
देशभर में मनाया जा रहा है ‘पीएम-किसान उत्सव दिवस’ : कृष्णपाल गुर्जर
फरीदाबाद । किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तमिलनाडु के कोयंबटूर से 21वीं किस्त किसानों के खातों में जारी की। इस क्रम में जिला स्तर पर कृषि विज्ञान केंद्र, गांव भूपानी परिसर में “प्रधानमंत्री किसान उत्सव” कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आज किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रदेश के 15 लाख 81 हज़ार 908 किसानों के खातों में लगभग 316.38 करोड़ की राशि की राशि जारी की गई है। उनके साथ भाजपा जिला अध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल भी मौजूद रहे।
देशभर में मनाया जा रहा है ‘पीएम-किसान उत्सव दिवस’, केंद्र सरकार ने दोहराई किसानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि आज देश भर में “पीएम-किसान उत्सव दिवस” के रूप में मनाया जा रहा है। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा किसानों के कल्याण को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। किसानों के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति और दायित्व है। स्पष्ट नीयत, व्यापक नीतियों और नवाचार आधारित योजनाओं के माध्यम से वर्षों से चली आ रही कृषि संबंधी चुनौतियों के समाधान में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अधिक सशक्त, गतिशील और टिकाऊ बनाने हेतु उसके विकास को निरंतर गति देना अत्यंत आवश्यक है। इसी दिशा में, कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि के साथ-साथ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को प्रत्यक्ष आय सहायता प्रदान करना ग्रामीण समाज के उत्थान का एक ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव वाला कदम सिद्ध हुआ है।
दुनिया की सबसे बड़ी डीबीटी स्कीम बना PM-KISAN, किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2019 में किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की प्रत्यक्ष नकद वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की। इस ऐतिहासिक पहल ने देश के छोटे एवं सीमांत किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली कृषि सामग्री क्रय करने, भूमि की उत्पादकता बढ़ाने तथा अपनी आय में वृद्धि करने में महत्वपूर्ण सहायक भूमिका निभाई है। यह योजना आज दुनिया की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण डीबीटी स्कीम के रूप में स्थापित है, जिसने कृषि क्षेत्र को मजबूत एवं किसान हितों को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध किया है।
2014 के बाद कृषि बजट में 5.59 गुना बढ़ोतरी, कृषि क्षेत्र में तेजी से हो रहा बदलाव राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) एक केंद्रीय क्षेत्र की महत्त्वपूर्ण योजना है, जो तकनीकी और प्रक्रियागत प्रगति का उपयोग करते हुए अधिकतम किसानों को पारदर्शी, त्वरित और बिना किसी परेशानी के लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2013-14 में कृषि बजट 21,933.50 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 5.59 गुना वृद्धि के साथ 1,27,202.29 करोड़ रुपये हो गया है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2014 से पूर्व किसानों को सीधे वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए कोई भी राष्ट्रीय स्तर की योजना अस्तित्व में नहीं थी। पीएम-किसान सम्मान निधि योजना ने छोटे तथा सीमांत किसानों के जीवन और उनकी कृषि व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन लाने में अत्यंत प्रभावी भूमिका निभाई है। पहले किसानों को बीज, उर्वरक और अन्य आवश्यक कृषि सामग्रियों के लिए अक्सर उच्च ब्याज दरों पर अनौपचारिक ऋण स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था, जबकि अब इस योजना के माध्यम से उपलब्ध प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता उन्हें बिना ऋण बोझ के अपनी कृषि आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम बना रही है।
पीएम-किसान योजना ने महिला किसानों के जीवन में लाया बड़ा बदलाव उन्होंने कहा कि यह योजना महिला किसानों के सशक्तिकरण में भी अत्यंत प्रभावशाली सिद्ध हुई है। पीएम-किसान योजना की 21वीं किस्त 2.13 करोड़ महिला लाभार्थियों को जारी की जाएगी, जिससे न केवल उनकी कृषि संबंधी ज़रूरतें पूरी होंगी, बल्कि उनके व्यक्तिगत और पारिवारिक कल्याण में भी महत्त्वपूर्ण योगदान होगा।उन्होंने कहा कि पीएम-किसान के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता किसानों को कृषि कार्यों के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, विवाह आदि जैसे महत्त्वपूर्ण खर्चों को पूरा करने में भी सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारतीय कृषि क्षेत्र में निरंतर वृद्धि और किसानों के जीवन स्तर में आए उल्लेखनीय सुधार देश के सराहनीय विकास का प्रतीक हैं। आज भारत का किसान न केवल घरेलू बाजार की आवश्यकताएँ पूरी कर रहा है, बल्कि विश्व बाजार में भी अपने उत्पादों का निर्यात कर वैश्विक खाद्य सुरक्षा में महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
इस अवसर पर एसडीएम अमित कुमार, कृषि विभाग से डॉ. ए के देशवाल, डॉ. वर्षा सहित अन्य कई गणमान्य व्यक्तिगण और ग्रामवासी मौजूद रहे।
आज होगा शव का पोस्टमार्टम, कंपनी में लोडिंग अनलोडिंग का काम करता था मृतक
फरीदाबाद । मुजेसर थाना क्षेत्र के सेक्टर-24 स्थित जेएसडब्ल्यू स्टील कंपनी में मंगलवार दोपहर को काम करते वक्त कंपनी की क्रेन की बेल्ट टूटने से स्टील का पाइप कर्मचारी के ऊपर गिरने से उसकी मौंत हो गई। मौंत के बाद कंपनी प्रबंधन ने कर्मचारी का मेडिकल करवाकर शव बीके अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। फिलहाल मुजेसर थाने में इस संबंध में किसी भी तरह का कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस मृतक के परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंपेगी और परिजनों के बयानों के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
मृतक मिथिलेश की फाइल फोटो
मृतक के साले गोविंद ने बताया कि फरीदाबाद के अजरौंदा निवासी मिथिलेश (40) पिछले 20 सालों से सेक्टर-24 स्थित जेएसडब्ल्यू स्टील कंपनी में हैल्पर की नौकरी करता है। मृतक मूल रूप से बिहार के वैशाली जिले का रहने वाला है। वह नौकरी के लिए फरीदाबाद में रह रहा था। कंपनी में उसका काम लोडिंग और अनलोडिंग का है।
मंगलवार दोपहर को वह क्रेन की मदद से स्टील के पाइप एक जगह से दूसरी जगह रखने का काम करवा रहा था। स्टील का पाइप उठाते समय अचानक से क्रेन की बेल्ट टूट गई। जिसकी वजह से स्टील का पाइप मिथिलेश के उपर आकर गिर गया। पाइप के अधिक वजन की वजह से मिथिलेश की मौके पर ही मौंत हो गई। कंपनी कर्मचारियों ने निजी वाहन से उसके शव को बीके अस्पताल पहुंचाया जहां पर शव की मेडिकल जांच करा शव मोर्चरी में रखवाया गया। मृतक के परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर कार्य में लापरवाही और सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जाने का आरोप लगाया और मृतक के परिजनों के लिए मुआवजे की मांग की है। मृतक मिथिलेश के परिवार में एक माता-पिता, पत्नी और 8 व 12 साल के बच्चें हैं।
वहीं मुजेसर थाना एसएचओ पूरण सिंह ने बताया कि शव मोर्चरी में रखवाया गया है मृतक के भतीजे के आने के बाद ही मामले में मुकदमा दर्ज किया जाएगा और शव का पोस्टमार्टम होगा। वहीं जेएसडब्ल्यू स्टील कंपनी के मानव संसाधन अधिकारी नरेन्द्र मलिक ने बताया कि मृतक कर्मचारी को कंपनी की ओर से नॉम्स के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा। फिलहाल कंपनी की ओर से परिजनों की हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने हरियाणा के फरीदाबाद में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक की अध्यक्षता की
फरीदाबाद । केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज हरियाणा के फरीदाबाद में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, पंजाब के मुख्यमंत्री श्री भगवंत मान, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री श्री उमर अब्दुल्ला, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, संघ शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया, जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल श्री मनोज सिन्हा, दिल्ली के उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना और लद्दाख के उप-राज्यपाल श्री कविंदर गुप्ता तथा इन राज्यों एवं संघशासित प्रदेशों के वरिष्ठ मंत्री भी शामिल हुए। बैठक में केन्द्रीय गृह सचिव, अंतर राज्य परिषद सचिवालय के सचिव, सदस्य राज्यों के मुख्य सचिव/ सलाहकार और राज्य सरकारों तथा केन्द्रीय मंत्रालयों एवं विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
बैठक की शुरुआत में दिल्ली में हाल ही में हुए कार बम विस्फोट और जम्मू-कश्मीर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए विस्फोट में जान गँवाने वाले लोगों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की गई और दो मिनट का मौन रखा गया। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आतंकवाद को जड़ से समाप्त करना हम सबकी साझी प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के अब तक के रिकार्ड के अनुरूप दिल्ली बम विस्फोट के दोषियों को हम पाताल से भी ढूंढ कर देश की न्यायिक व्यवस्था के सामने खड़ा करेंगे और उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाएंगे।
श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का दृष्टिकोण है कि सशक्त राज्य ही सशक्त राष्ट्र का सृजन करते हैं, इसे ज़मीन पर उतारने में क्षेत्रीय परिषदों का बहुत महत्व है। संवाद, सहयोग, समन्वय और ‘पॉलिसी सिनर्जी’ के लिए क्षेत्रीय परिषदें बहुत महत्वपूर्ण हैं। इन परिषदों के माध्यम से कई प्रकार की समस्याओं को हल किया गया है। उन्होंने कहा कि अभी भी महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में जल्द सजा दिलाने में विलंब, कुपोषण और ठिगनापन (Stunting) जैसी कई समस्याएं हैं जिनसे देश को मुक्त करने की ज़रूरत है। श्री शाह ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ POCSO अधिनियम के तहत यौन अपराध और बलात्कार के मामलों की त्वरित जांच पर बल देते हुए कहा कि ऐसे घृणित अपराध को कोई भी सभ्य समाज स्वीकार नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसके लिए फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों (FTSC) की संख्या बढ़ाई जाए।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि सहकारिता, कृषि और मछली पालन गरीबी दूर करने और रोजगार प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता, कृषि और मछली पालन से गरीबी दूर हो रही है और रोजगार बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘सहकार से समृद्धि’ के मंत्र का उल्लेख करते हुए श्री शाह ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावना है। उन्होंने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद के साथ रोजगार, खासकर स्वरोजगार में वृद्धि से ही हम एक विकसित भारत के स्वप्न को साकार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ जीडीपी देश की समृद्धि का परिचायक नहीं होता बल्कि समृद्धि तभी मानी जाती है जब हर व्यक्ति गरीबी रेखा से ऊपर आ जाता है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय ने देश भर में सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 57 पहल की हैं। इनमें प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के कंप्यूटरीकरण, तीन नई राष्ट्रीय सहकारी समितियों की स्थापना और त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी की स्थापना शामिल है।
श्री अमित शाह ने कहा कि क्षेत्रीय परिषदों की मूल भावना और भूमिका सलाहकारी है, लेकिन पिछले दशक में इसे एक्शन ओरियंटेड प्लेटफॉर्म के रूप में स्वीकारा गया है और इसके परिणाम भी मिले हैं। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच, क्षेत्र और राज्यों के बीच और केन्द्र और राज्य सरकारों के साथ फॉलोअप के साथ मुद्दों को हमने स्वीकारा भी है और इनके समाधान प्राप्त करने के लिए ठोस रास्ता भी बनाया है। श्री शाह ने कहा कि हमारा लक्ष्य स्पष्ट है – Regional Strength के साथ National Progress औऱ हर क्षेत्र में भारत की Global Leadership, जो हमें महान भारत की रचना की ओर ले जाती है। गृह मंत्री ने कहा कि सभी राज्य जल संसाधन प्रबंधन और पानी की समस्या दूर करने के लिए आपसी समन्वय से काम करें।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के अनुपात में 2014 से 2025 तक क्षेत्रीय परिषदों की बैठकों में लगभग ढाई गुणा बढ़ोत्तरी हुई है और हमने इन बैठकों को सार्थक भी बनाया है। उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 में क्षेत्रीय परिषद और स्थायी समिति की कुल 25 बैठकें हुई थीं जबकि 2014 से 2025 के दौरान अब तक 64 बैठकें हुई हैं। उन्होंने कहा कि बैठकों की संख्या में दोगुनी से अधिक बढ़ोत्तरी प्रधानमंत्री मोदी जी के TEAM Bharat के कॉन्सेप्ट को उद्घोषित करती है।
फरीदाबाद । राष्ट्र की सुख समृद्धि एवं शांति के लिए सवा लाख गायत्री महायज्ञ, गायत्री मंत्र जाप, ध्यान एवम योग साधना शिविर, भजन, सत्संग कार्यक्रम आर्य समाज, ओम योग संस्थान गाँव पाली में आयोजित किया गया। गायत्री महायज्ञ एवं सामवेद पारायण यज्ञ में वरिष्ठ कॉंग्रेस नेता विजय प्रताप सिंह ने भाग लिया और यज्ञ के हवन कुंड एवं अग्नि देवता को नमन किया।
इस मौके पर उन्होंने यज्ञ के ब्रह्मा पूज्य स्वामी देवव्रत सरस्वती से आशीर्वाद लिया और कहा कि ओम योग संस्थान और ओम शिक्षा संस्कार सीनियर सेकेंडरी स्कूल आने वाली नई पीढ़ी को हमारे धर्म और वैदिक संस्कृति के साथ जोड़ रहा है, उसके लिए गुरु जी का हार्दिक धन्यवाद। ओम योग संस्थान शिक्षा के साथ साथ चरित्र सबसे जरूरी एवं मानसिक, शारीरिक एवं आत्मीय शांति के साथ साथ बच्चों की सेहत की और विशेष ध्यान देता है। ऐसी संस्था और ऐसे हमारे स्वामी जी जिन्होंने हमारे गाँव पाली को ना केवल भारत में बल्कि पूरे देश में नाम किया।
विजय प्रताप ने अपने सम्बोधन में कहा कि ये हमारा सौभाग्य है कि इनका आशीर्वाद एवं शिक्षा हमारे बच्चों को दे रहे हैं। स्वामी जी के लिए कहूँगा कि उनका एक एक शब्द महापुरुषों का सार है, उनकी कोई भी बात अनर्गल नहीं है। हमारी ये जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे महापुरुषों के सान्निध्य में अपने जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास करें।
यज्ञ के ब्रह्मा पूज्य स्वामी देवव्रत सरस्वती जी ने बताया कि सामवेद में देवताओं की स्तुति करने वाले मंत्र हैं जिन्हें यज्ञों और अनुष्ठानों के दौरान गाया जाता है। साम” का अर्थ ‘गीत’ है और “वेद” का अर्थ ‘ज्ञान’ है, इसलिए इसे “गीतों का वेद” भी कहते हैं। उन्होंने बताया कि सामवेद को मंत्रों के गान को सामगान बोलते हैं।
ओम योग संस्थान ट्रस्ट के प्रांगण में आज एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया जिसमें अनेकों समाचार पत्रों के संवाददाता और पत्रकार बंधुओ ने भाग लिया तथा उन सभी को संस्थान के वार्षिक उत्सव की तैयारी के बारे में जानकारी प्रदान की गई।
गायत्री एवं सामवेद पारायण महायज्ञ में आज सुशील शास्त्री, रघुवीर शास्त्री, देवराज योगाचार्य, आनंद शर्मा पानीपत, राजकुमार महेंद्रगढ़, हरीबाबू यादव जी ने भाग लिया।
ओम योग संस्थान ट्रस्ट ग्राम पाली फरीदाबाद के 27वें वार्षिक उत्सव के उपलक्ष्य में 9 नवंबर से सवा लाख गायत्री महायज्ञ, सामवेद पारायण महायज्ञ, गायत्री मंत्र जाप, ध्यान एवम योग साधना शिविर , भजन, सत्संग का आयोजन किया जा रहा है। इस अनुष्ठान की पूर्णाहुति 16 नवम्बर 2025 को 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ और सामवेद पारायण यज्ञ के साथ होगी और इसी दिन कार्यक्रम का भव्य समापन समारोह होगा।
जमीन पर गति धीमी, 35,500 फाइलें रुकी पड़ी, पीड़ित परिवार भटकने को मजबूर
चंडीगढ़। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासिचव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि दयालु योजना के तहत पूरे हरियाणा में लगभग 35,500 फाइलें महीनों से लंबित पड़ी हैं, जो सरकार की काम करने की इच्छाशक्ति और संवेदनहीनता की पोल खोलती हैं। यह योजना उन परिवारों के लिए है जिन्होंने किसी प्रिय को सडक़ दुर्घटना में खो दिया पर विडंबना है कि ऐसे दुखी परिवारों को सरकारी दफ्तरों और मुख्यालय के चक्कर काटने पर मजबूर किया गया है।
मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने दयालु योजना की धीमी गति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से सवाल पूछा है कि सरकार सिर्फ घोषणा क्यों करती है? क्रियान्वयन कहां है? जनता को भाषण और विज्ञापन नहीं, राहत और सम्मान चाहिए। दुर्घटना में मृतक के परिवार से भी सरकार दौड़-धूप क्यों करवाती है? यह प्रशासनिक असंवेदनशीलता का सबसे दुःखद उदाहरण है। जिन घरों में चूल्हा तक बुझ चुका हो, उन्हें आर्थिक मदद पाने के लिए महीनों सरकारी दफ्तरों में भटकना पड़ रहा है यह शर्मनाक है। 35,500 फाइलें लंबित होना कोई छोटी बात नहीं है। यह प्रमाण है कि सरकार न तो व्यवस्था चला पा रही है और न ही पीड़ित परिवारों के दर्द को समझ पा रही है। दयालु योजना का उद्देश्य त्वरित राहत है, न कि कागज़ी दौड़। ऐसी योजनाओं का उपयोग तभी सार्थक है जब लाभार्थी तक पैसा समय पर पहुंचे। मृतकों के परिवार पर दोहरी मार एक दुर्घटना की, दूसरी सरकारी उदासीनता की कभी स्वीकार नहीं की जा सकती।
सांसद कुमारी सैलजा ने सरकार से मांग की है कि दयालु योजना की सभी लंबित 35,500 फाइलों को तुरंत प्राथमिकता पर निपटाया जाए, जिलों में फाइलें रोकने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए, दुर्घटना पीड़ित परिवारों के घरों तक जाकर सहायता देने की व्यवस्था बने, न कि उन्हें दफ्तरों में धक्के खाने पड़े, हर जिले में एक विशेष त्वरित निपटान सेल बनाया जाए जो 72 घंटे के भीतर जांच पूरी करे। सांसद ने कहा कि सरकार जनता के भरोसे से चलती है अगर जनता ही पीड़ा में पिसती रहे और योजनाएं सिर्फ पोस्टरों में चमके, तो ऐसी सरकार जवाबदेह है। सांसद ने हरियाणा के लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनके अधिकारों की आवाज बुलंद करना करती रहेगी और इस मुद्दे को विधानसभा व सार्वजनिक दोनों मंचों पर पूरी मजबूती से उठाऊंगी।
नई नई शर्ते थोंपकर काटे जा रहे है बीपीएल कार्ड, गरीबों की आवाज उठाएगी कांग्रेस
चंडीगढ़। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार किसी न किसी बहाने से गरीबों के हितों पर कुठाराघात कर रही है। चुनाव से पहले प्रदेश में बीपीएल परिवारों की संख्या बढ़ जाती है और चुनाव के बाद उन्हें शर्तो की दुहाई देकर सूची से बाहर कर दिया जाता है। बीपीएल परिवार पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। ऐसे में लाखों परिवारों को बीपीएल सूची से बाहर करना गरीब विरोधी और अमानवीय कदम है। यह फैसला सरकार की संवेदनहीनता और गरीबों की समस्याओं से दूरी को दर्शाता है।
मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने बीपीएल परिवारों को सूची से बाहर करने के लिए नए-नए बहाने और कठोर मानदंड लागू कर दिए हैं। जिन गरीब परिवारों का वार्षिक बिजली बिल ज्यादा आते है उन्हें इस सूची से बाहर किया जा रहा है। इससे प्रदेशभर के हजारों परिवार प्रभावित होंगे और उनका राशन-कार्ड रद्द होने का खतरा पैदा हो गया है। कुमारी सैलजा ने सरकार के इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह निर्णय हरियाणा के गरीब एवं निम्न-आय वर्ग के परिवारों के साथ सीधा अन्याय है। मौजूदा महंगाई में 2,000 रुपये महीने का बिजली बिल कोई विलासिता नहीं, बल्कि सामान्य घरेलू खर्च है। सरकार गरीबों को राहत देने की बजाय उनका राशन और अधिकार छीनने पर तुली हुई है।
सांसद ने कहा कि फतेहाबाद, सिरसा, हिसार, भिवानी सहित पूरे हरियाणा में बीपीएल परिवार पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। ऐसे में लाखों परिवारों को बीपीएल सूची से बाहर करना गरीब विरोधी और अमानवीय कदम है। यह फैसला सरकार की संवेदनहीनता और गरीबों की समस्याओं से दूरी को दर्शाता है।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार ने अचानक 6.36 लाख परिवारों को गरीबी रेखा से नीचे श्रेणी से बाहर कर दिया है। 04 महीने में जहां प्रदेश में बीपीएल श्रेणी का आंकड़ा 52 लाख था, वह अब करीब 46 लाख रह गया है। सरकार ने तर्क दिया है कि इन परिवारों की सालाना आय 1.80 लाख से ज्यादा हो गई है और इनके पास महंगी गाड़ियां भी हैं। सरकार के इस आंकड़े पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। कुछ केस ऐसे सामने आए हैं, जिनमें आय में बिना किसी सर्वे के बढ़ोतरी कर दी गई। इसके अलावा कई परिवारों के पास दोपहिया वाहन तक नहीं, लेकिन गड़बड़ी के चलते उनके नाम फैमिली आईडी में बड़ी गाड़ियां चढ़ा दी गई। जब ऐसे प्रभावित लोग राशन लेने पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि उनका राशन कार्ड रद्द हो चुका है। बाद में पता चला कि उनके नाम कोई बड़ा वाहन रजिस्टर्ड हुआ है। जबकि उनके पास कोई वाहन होता ही नहीं है। फिर यह कैसे हो गया, इसकी जांच होनी चाहिए। इस मामले में एक और पहलू ये भी है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच बीपीएल कार्ड के लाभार्थियों की सूची एकदम से 05 लाख बढ़ गई लेकिन अब प्रदेश में तीसरी बार भाजपा सरकार बनने के बाद इनमें कटौती शुरू हो गई है।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि बीपीएल सूची से नाम काटने से न केवल राशन छिनेगा, बल्कि वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, शिक्षा सहायता, स्वास्थ्य सुविधाएं और कई सरकारी योजनाओं का लाभ भी बंद हो जाएगा, बिजली बिल के आधार पर गरीबी का मूल्यांकन करना गैर-वैज्ञानिक और तर्कहीन है, कई परिवारों में बिल बढ़ने का कारण बिजली दरों में बढ़ोतरी है, न कि आय में वृद्धि। कुमारी सैलजा ने सरकार से मांग की कि बीपीएल परिवारों के नाम काटने का यह निर्णय तत्काल वापस लिया जाए, बीपीएल सूची के लिए तर्कसंगत और सामाजिक-आर्थिक आधार तय किए जाएं, गरीबों को राहत देने वाली योजनाओं में कटौती करने के बजाय उन्हें और मजबूत किया जाए। सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी गरीबों की आवाज बनकर हरियाणा सरकार के इस अन्यायपूर्ण निर्णय के खिलाफ सडक़ों पर संघर्ष करेगी और विधानसभा से लेकर संसद तक इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगी।
सड़क पर कूड़ा फेंकने वाले पर पहली बार में लगेगा 5 हजार का जुर्माना,दूसरी बार में 10 हजार का प्रावधान
बल्क वेस्ट फैलाने वाले पर पहली बार में लगेगा 25 हजार का जुर्माना,दूसरी बार में 50 हजार का प्रावधान
फरीदाबाद । नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा द्वारा राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम के आदेशों की पालना करते हुए सभी जॉन के ज्वाइंट कमिश्नर, एसडीओ, जेई ,वरिष्ठ सफाई निरीक्षक, सभी सफाई निरीक्षक,सभी सहायक सफाई निरीक्षकों और सुपरवाइजरों को सड़कों पर कूड़ा फैलाने वाले लोगों पर चालान कर जुर्माना लगाने के लिए अधिकृत किया हैं ताकि शहर को स्वच्छ बनाए रखा जा सके और लोगों को कूड़ा न फैलाने के लिए और शहर की स्वच्छ रखने के प्रति जागरूक किया जा सके।
एनजीटी के आदेशों पर हरियाणा राज्य में सड़कों के किनारे, नदियों, नालों, तालाबों, पंचायत या राजस्व भूमि, या पीडब्ल्यूडी अथवा अन्य प्राधिकरणों की भूमि पर ठोस कचरे के फैलाव या डंपिंग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
प्रत्येक उल्लंघन की स्थिति में निम्नलिखित पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लागू होगी स्पेशल सैनिटेशन ऑफिसर एवं (जॉइंट कमिश्नर एस.बी. एम.) एशवीर सिंह ने बताया कि निगम राष्ट्रीय हरित अधिकरण NGT ने ठोस कचरे के फैलाव और डंपिंग की समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की और इसकी रोकथाम के लिए भारी जुर्माने का प्रावधान किया है । उन्होंने जानकारी दी कि यदि कोई व्यक्ति खुले में सड़क किनारे,जोहड़,सरकारी जमीन पर कूड़ा फेंकता है तो उस पर पहली बार पकड़े जाने पर 5,000 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा,तथा दोबारा पकड़े जाने पर 10,000 हजार रुपए का चालान किया जाएगा।
जबकि बड़े कचरे बल्क वेस्ट को सड़कों के साथ फैलाने पर पहली बार पकड़े जाने पर 25,000 हजार का जुर्माना किया जाएगा तथा दोबारा पकड़े जाने पर 50,000 हजार रुपए जुर्माना किया जाएगा,इसके अलावा किसी बल्क वेस्ट जनरेटर,कंसेशनरी द्वारा कचरा फैलाने पर भी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने सख्त निर्देश दिए हैं की सख़्ती के साथ एनजीटी के आदेशों की पालना की जाए।
हरियाणा में पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली की प्रगति की समीक्षा, विपुल गोयल ने दिए दिशा-निर्देश
फरीदाबाद। हरियाणा में पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली की प्रगति की समीक्षा हेतु कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आज राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा के साथ चंडीगढ़ में आयोजित की गई। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने प्रणाली के कार्यान्वयन की वर्तमान स्थिति, नागरिक सेवाओं में आई सुगमता तथा तकनीकी सुदृढ़ता पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस दौरान पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली को और अधिक कुशल, पारदर्शी एवं नागरिक हितैषी बनाने के लिए विभिन्न नवाचारों एवं सुधारात्मक उपायों पर गंभीरता से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान डिजिटलाइजेशन को और अधिक सशक्त करने पारदर्शिता बढ़ाने तथा नागरिकों को त्वरित और सुगम सेवाएं प्रदान करने के लिए कई सुझाव प्रस्तुत किए गए साथ ही कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु आधुनिक तकनीक डेटा सुरक्षा और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने बताया कि पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली हरियाणा सरकार की एक ऐसी दूरदर्शी पहल है जो समय और संसाधनों की बचत करते हुए रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूर्णतः डिजिटल सुरक्षित और पारदर्शी बनाती है। यह कदम हरियाणा को एक डिजिटल और विकसित राज्य बनाने की दिशा में एक और सशक्त प्रयास है। हरियाणा सरकार का उद्देश्य है कि हर सेवा डिजिटल माध्यम से लोगों तक पहुंचे यही आधुनिक आत्मनिर्भर और विकसित हरियाणा की परिकल्पना है।
मोबाइल एप्लीकेशन से सीधे दर्ज होंगे आंकड़े, बढ़ेगी सटीकता : ललित जैन
फरीदाबाद । भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन पंजीयक जनरल एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय द्वारा आगामी भारत की जनगणना 2027 की तैयारियों के तहत पूर्व परीक्षण (Pre-Test Census 2027) का कार्य 10 नवम्बर से 30 नवम्बर 2025 तक किया जा रहा है। जिसके तहत आज सेक्टर- 29 हाउसिंग बोर्ड में डिजिटल जनगणना को लेकर पूर्व-परीक्षण जनगणना की ट्रेनिंग कार्यक्रम में भारत सरकार में रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उनके साथ जनगणना संचालन एवं नागरिक पंजीकरण हरियाणा के निदेशक ललित जैन और उपायुक्त (डीसी) विक्रम सिंह भी मौजूद रहे।
जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि जनगणना एक अत्यंत व्यापक और राष्ट्रहित से जुड़ा कार्य है। भारत जैसे विशाल देश में लगभग 140 करोड़ लोगों की गणना करना एक ऐतिहासिक एवं प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। इस प्रक्रिया की सटीकता और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए पूर्व परीक्षण किया जा रहा है। यह ‘रिहर्सल’ हमारी प्रणालियों की कमजोरियों को पहचानने और उन्हें सुधारने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
उन्होंने बताया कि इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जिसमें मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से आंकड़े सीधे दर्ज किए जाएंगे। इससे आंकड़ों की गुणवत्ता में सुधार होगा, त्रुटियाँ न्यूनतम होंगी और डेटा प्रोसेसिंग में काफी समय की बचत होगी। यह भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी। पहले जहां पेपर शेड्यूल के माध्यम से सूचनाएं एकत्रित की जाती थीं, वहीं अब डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के उपयोग से यह प्रक्रिया और अधिक सटीक, तेज़ तथा पारदर्शी बनेगी।
उन्होंने आगे बताया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी — पहला हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन, जो अप्रैल 2026 से प्रारंभ होगा, और दूसरा जनसंख्या गणना (Population Enumeration), जो फरवरी 2027 में आयोजित की जाएगी।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़े न केवल सरकारी नीतियों की दिशा तय करते हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि योजनाएं कितनी प्रभावशाली रूप से लागू हुई हैं और किन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। अतः हर व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है, क्योंकि जनगणना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक भी व्यक्ति छूटे नहीं।
जनगणना संचालन एवं नागरिक पंजीकरण हरियाणा के निदेशक ललित जैन ने बताया कि बताया कि हरियाणा राज्य के तीन जिलों — फरीदाबाद, हिसार और पंचकूला — में इस समय पूर्व परीक्षण कार्य संचालित किया जा रहा है। यह प्री-टेस्ट आगामी जनगणना की तैयारी के रूप में एक ड्रेस रिहर्सल है, जिसका उद्देश्य वास्तविक जनगणना से पूर्व समस्त व्यवस्थाओं और प्रणालियों का परीक्षण करना है। उन्होंने बताया कि पहली बार डिजिटल जनगणना प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। अब जनगणना पूरी तरह पेपरलेस होगी, जिसमें मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया के नेतृत्व में विकसित इन एप्लीकेशनों की फील्ड टेस्टिंग हरियाणा के फरीदाबाद, हिसार और पंचकूला जिलों में 30 नवम्बर 2025 तक जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि इस अभियान में जिला प्रशासन, नगर निगम फरीदाबाद, अतिरिक्त आयुक्त, एसडीएम और शिक्षा विभाग का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ है। स्कूलों से चयनित प्रगणक (Enumerators) और पर्यवेक्षक (Supervisors) इस कार्य में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। वर्तमान में हरियाणा के 124 एन्यूमरेशन ब्लॉक्स में पूर्व परीक्षण चल रहा है, जिनमें 21 सुपरवाइजर्स और 124 एन्यूमरेटर्स नियुक्त हैं, साथ ही 10 आरक्षित कर्मचारी और 4 अतिरिक्त सुपरवाइजर्स भी तैनात किए गए हैं। सभी एन्यूमरेशन ब्लॉक्स की सीमाओं का चिह्नीकरण पूरा कर लिया गया है तथा 15 नवम्बर तक जियो-टैगिंग का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके बाद हाउस लिस्टिंग प्रश्नावली का फील्ड ऑपरेशन प्रारंभ किया जाएगा।
डीसी विक्रम सिंह ने बताया कि रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया के मार्गदर्शन में पूरे प्री-टेस्ट कार्य को अत्यंत व्यवस्थित और कुशलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। प्रत्येक स्तर पर प्राप्त मार्गदर्शन और समस्याओं के त्वरित समाधान से कार्य सुचारू रूप से प्रगति कर रहा है। उन्होंने बताया कि जैसे पिछले वर्षों में फरीदाबाद जिले ने सभी लोकसभा, विधानसभा और नगर निगम चुनावों को सुचारू रूप से संपन्न कराया, उसी निष्ठा और दक्षता के साथ जनगणना का यह प्री-टेस्ट भी संचालित किया जा रहा है।अब तक प्राप्त फीडबैक अत्यंत सकारात्मक रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी सभी चरणों — चाहे प्रशिक्षण, घर-घर सर्वेक्षण (हाउस लिस्टिंग) या आगे चलकर जनसंख्या गणना (एन्यूमरेशन) — प्रत्येक स्तर पर सभी विभागों का पूर्ण सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में भारत सरकार में रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण, जनगणना संचालन एवं नागरिक पंजीकरण हरियाणा के निदेशक ललित जैन और उपायुक्त (डीसी) विक्रम सिंह ने स्वयं सेक्टर – 29 में स्थित घरों में जाकर मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से प्री-टेस्ट जनगणना की ड्रेस रिहर्सल की।
इस अवसर पर नगर निगम की अतिरिक्त आयुक्त सलोनी शर्मा, अतिरिक्त आयुक्त डॉ. विजयपाल यादव, एसडीएम फरीदाबाद अमित कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी अंशु सिंगला, ए.डी.सी.ओ कृष्ण कुमार, आर.डब्ल्यू.ए. अध्यक्ष निशा खान सहित अन्य कई अधिकारीगण मौजूद रहे।