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Thursday, February 26, 2026

रॉन्ग साइड वाहन चालकों के चालान और इंपाउंड की प्रक्रिया करें सुनिश्चित : डीसी आयुष सिन्हा

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बी के सिविल अस्पताल के सामने अवैध वाहन हटाने और 24 घंटे ड्यूटी लगाने के दिए आदेश

फरीदाबाद । उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा की अध्यक्षता में आज वीरवार को स्थानीय लघु सचिवालय परिसर स्थित सभागार कक्ष में रोड सेफ्टी की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान, डेथ ऑडिट, रोड सेफ्टी ऑडिट तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधारात्मक कदम उठाने पर विस्तृत चर्चा की गई।

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डीसी आयुष सिन्हा ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर उन्होंने रॉन्ग साइड वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया, जिसमें चालान बढ़ाने और वाहनों को इंपाउंड करने की प्रक्रिया शामिल है, ताकि इस मार्ग पर किसी भी प्रकार की सड़क दुर्घटना या सुरक्षा इश्यू न उत्पन्न हो। गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड के लिए उन्होंने रोड मार्किंग और लाइटिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे मार्ग पर यात्रा करने वाले यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा बनी रहे। उन्होंने एफएमडीए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर की सड़क सुरक्षा और सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए नहर पार के सभी पैच वर्क को 10 से 15 दिनों के भीतर पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

डीसी आयुष सिन्हा ने बी के सिविल अस्पताल के सामने अवैध रूप से खड़े वाहनों और ऑटो को इंपाउंड करने और चालान करने के आदेश दिए। इसके लिए 24 घंटे ड्यूटी लगाने का निर्देश भी दिया। उन्होंने सभी विभागों – एनएचएआई, एफएमडीए, एचएसआईडीसी, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम और एचएसवीपी – को अपने-अपने क्षेत्रों की रोड सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया और कहा कि यदि किसी विभाग ने ऑडिट कर लिया है तो उसकी कंप्लायंस रिपोर्ट में सुधारात्मक कार्रवाई और पूरी स्थिति का विवरण देना अनिवार्य है।

डीसी आयुष सिन्हा ने विशेष रूप से ओपन ड्रेनों और खुले क्षेत्रों पर भी ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जहां भी हादसे का खतरा हो सकता है, वहां फेंसिंग, प्रॉपर साइनेज और सुरक्षा उपाय किए जाए। उन्होंने कहा की यदि कही कोई हादसा होता है तो संबंधित विभागीय अधिकारी के खिलाफ जावबदेही तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने, नियमित निरीक्षण करने और किसी भी अनियमितता की तुरंत रिपोर्ट करने के लिए भी निर्देशित किया।

डीसी आयुष सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि दुर्घटनाग्रस्त सड़कों की पहचान कर वहां गड्ढों, टूटी ग्रिल, खराब साइन बोर्ड और प्रकाश व्यवस्था जैसी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।

इस दौरान आरटीए सचिव मुनीश सहगल ने रोड सेफ्टी के बारे में समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने एडीसी को बताया कि दुर्घटना पर अंकुश लगाने के लिए रॉंग साइड गाड़ी चलाने वालों के चालान कर जुर्माना लगाया जा रहा है।

बैठक में सभी संबंधित विभाग के अधिकारीगण सहित रोड़ सेफ्टी से जुड़ें अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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