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Tuesday, March 31, 2026

ना कोई रोडमैप, ना कमेटी से पारित, यह कैसा बजट है फरीदाबाद नगर निगम का ? : हेमलता शर्मा

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बड़खल गांव के लोगों को जुमला दे गए मंत्री विपुल गोयल: हेमलता शर्मा

फरीदाबाद, रूपेश देव। हरियाणा महिला कांग्रेस की प्रदेश सचिव हेमलता शर्मा ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पहली बार फरीदाबाद शहर की जनता ने देखा की फरीदाबाद निगम के बजट को बिना फाइनेंस कमेटी के पास कर दिया गया। नगर निगम के पास साफ़ सफाई का कोई रोड मैप तैयार नहीं था। जिसका खुलासा भी खुद भाजपा विधायक धनेश अदलखा ने किया। जब बैठक में यह महापौर प्रवीण जोशी से पूछा गया की बजट की राशि का उपयोग कैसे कैसे होगा तो उसका कोई जवाब नहीं आया।

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उन्होंने कहा कि बैठक में प्रावधान बनाया गया की पार्षदों के लिए दो दो करोड़ आवंटित किये जायेंगे, वही हमने देखा है पिछले साल 2025 में भी सभी पार्षदों के लिए 1-1 करोड़ आवंटित किये गए थे जिसका कोई हिसाब आज तक फरीदाबाद की जनता को नहीं मिला और साथ ही मेयर ने यह भी आश्वासन दिया की वह सभी वार्ड में खुद जाएँगी और जहाँ अतिरिक्त फण्ड की जरुरत होगी तो वह आवंटित करेंगी।

हेमलता शर्मा ने कहा कि एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने 2025 के बजट का 86% खर्च कर दिया है लेकिन अभी तक कई परियोजना अधूरी है। विकास कार्यों के नाम पर आवंटित किये फंड का आज तक कोई हिसाब फरीदाबाद की जनता को नहीं मिला। हर साल जलभराव से झूजने वाले फरीदाबाद हर बजट से उम्मीद लगाता है की इस बार उसे जलभराव से राहत मिलेगी पर उसे मिलता है तो झुमला। फरीदाबाद का बड़ा बजट का मतलब बड़ा भ्रस्टाचार, फरीदाबाद आज भ्रस्टाचार में पहले स्थान पर है हरियाणा में। 10-12 सालों के बाद भी हर कालोनी में सीवर, पानी, सड़क, स्वस्थ्य, शिक्षा की समस्या जैसी की तस बनी हुयी है। नेता आते है, नारियल फोड़ते है और फोटो खिचवाते है फिर भूल जाते है। बजट हर साल पास होता है जनता के लिए नहीं नेता और उनके सलाहकारों के लिए। फरीदाबाद में सीवर का ढक्कन तो सही से लगा हुआ होता नहीं है और यह बात करते है विकास की।

हेमलता शर्मा ने कहा कि रविवार को बड़खल गांव में विपुल गोयल (केबिनेट मंत्री, हरियाणा सरकार) आये थे, लगातार सड़क की मांग को तरस रहे बड़खल वासियों को बजाये राहत देने के उनके सामने 4 अप्रैल को मुख्यमंत्री की रैली में आने के लिए शर्त रख कर चले गए। पूर्व में भाजपा की पूर्व मंत्री सीमा त्रिखा ने मांग को ठुकराया, केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने मना कर दिया और वही अब विपुल गोयल एक नया झुमला थमा कर आ गए।

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