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Tuesday, March 17, 2026

नालों, तालाबों और सड़कों पर कचरा डालने वालों से होगी भूमि राजस्व की तरह वसूली : डीसी आयुष सिन्हा

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खुले में कचरा फेंकना हुआ अपराध, पहली बार ₹5,000 से ₹25,000 तक जुर्माना

फरीदाबाद। उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा दिनांक 26 जुलाई 2024 को पारित आदेश के अनुपालन में हरियाणा राज्य में सड़कों, नदियों, जल निकायों, नालों, तालाबों, पंचायत एवं राजस्व भूमि, पीडब्ल्यूडी तथा अन्य सरकारी भूमि पर ठोस कचरा फेंकने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है, क्योंकि ऐसा कृत्य पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुँचाने के साथ-साथ नागरिकों के स्वच्छ पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है; एनजीटी के निर्देशानुसार अवैध रूप से साधारण ठोस कचरा फेंकने पर पहली बार ₹5,000 तथा पुनः उल्लंघन पर ₹10,000 और थोक कचरा फेंकने पर पहली बार ₹25,000 तथा पुनः उल्लंघन पर ₹50,000 की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति वसूली जाएगी। जो कचरा फेंकने वाले व्यक्ति, संस्था, ठेकेदार, थोक कचरा उत्पादक अथवा संबंधित नगर निकाय से वसूली जाएगी, इसके लिए नगर निगम आयुक्त/नगर पालिका के कार्यकारी अधिकारी द्वारा नामित अधिकारी तथा हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अधिकृत होंगे, और जुर्माना न देने की स्थिति में यह राशि भूमि राजस्व की बकाया राशि की तरह वसूली जाएगी। वसूल की गई राशि का उपयोग ठोस कचरा प्रबंधन, प्रसंस्करण एवं निस्तारण की व्यवस्था को सुदृढ़ करने में किया जाएगा।

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उन्होंने बताया कि एनजीटी के अनुसार जिला प्रशासन को कचरा प्रसंस्करण हेतु भूमि चिन्हित करने, नगर निकायों के कार्यों की त्रैमासिक समीक्षा करने और किसी भी लापरवाही पर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने आमजन से अपील की कि वे खुले में कचरा न फेंकें, गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग रखें और निर्धारित डस्टबिन एवं संग्रह वाहनों का ही उपयोग करें। स्वच्छ फरीदाबाद, स्वस्थ फरीदाबाद हम सभी की जिम्मेदारी है।

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