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सैलजा ने कहा- प्रदेश के 67 प्रतिशत स्कूलों के खेल मैदान बच्चों के लिए असुरक्षित नहीं
चंडीगढ़। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि रोहतक में दो होनहार खिलाड़ियों की दर्दनाक मौत के बाद भी हरियाणा सरकार की नींद नहीं खुली है। उस समय सरकार ने केवल औपचारिकता निभाते हुए एक कमेटी गठित करने और पूरे प्रदेश के स्कूलों के खेल मैदानों की जांच कराने की घोषणा की थी, लेकिन अब जो विभागीय रिपोर्ट सामने आई है, उसने सरकार के उन सभी दावों की पोल खोल दी है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 67 प्रतिशत स्कूलों के खेल मैदान बच्चों के लिए असुरक्षित हैं और केवल 10 प्रतिशत मैदान ही सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं। यह स्थिति अत्यंत गंभीर और शर्मनाक है।
मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि रोहतक की घटना के बाद अगर सरकार सचमुच गंभीर होती तो आज यह हालात सामने नहीं आते। रिपोर्ट साफ बता रही है कि अधिकांश स्कूलों में जर्जर पोल लगे हुए हैं, खेल उपकरण टूटे हुए हैं, मैदान समतल नहीं हैं और बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतज़ाम न के बराबर हैं। यह लापरवाही नहीं बल्कि बच्चों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है। सांसद ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार को एक नहीं, दो बच्चों की मौत के बाद भी होश नहीं आया। सरकार ने जांच की बात तो कही, लेकिन न तो किसी जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई हुई और न ही जमीनी स्तर पर कोई सुधार किया गया। आज भी हजारों बच्चे उन्हीं खतरनाक मैदानों में खेलने को मजबूर हैं, जहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा सरकार बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह असंवेदनशील हो चुकी है। यदि समय रहते खेल मैदानों की मरम्मत, उपकरणों की जांच और सुरक्षा मानकों का पालन कराया जाता तो रोहतक जैसी दुखद घटना को रोका जा सकता था। सरकार की लापरवाही के कारण मासूम बच्चों की जान जा रही है, और यह किसी भी सभ्य समाज के लिए स्वीकार्य नहीं है। सांसद ने मांग की कि राज्य के सभी सरकारी व निजी स्कूलों के खेल मैदानों की तुरंत दोबारा जांच कराई जाए, जर्जर उपकरणों को हटाया जाए, सुरक्षा मानकों को अनिवार्य किया जाए और जिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही पीड़ित परिवारों को न्याय और उचित मुआवजा दिया जाए। सैलजा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अब भी आंखें मूंदे रखीं, तो कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर विधानसभा तक पूरी ताकत से उठाएगी, क्योंकि बच्चों की जान से बड़ा कोई मुद्दा नहीं हो सकता।
फरीदाबाद । नगर निगम फरीदाबाद की ओर से निगम क्षेत्र में संचालित सभी मांसाहारी (नॉन-वेज) खाद्य व्यवसायों को निगम द्वारा चेतावनी दी जाती है कि मांस की बिक्री, भंडारण, प्रसंस्करण, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, क्लाउड किचन आदि का संचालन केवल हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 तथा व्यवसाय उपविधियाँ, 2008 के अंतर्गत जारी वैध लाइसेंस के साथ ही किया जा सकता है।
नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा के दिशा निर्देशों पर स्वास्थ्य अधिकारी निगम की टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में यह पाया गया है कि कई मांस की दुकानें एवं नॉन-वेज खाद्य प्रतिष्ठान बिना लाइसेंस और अस्वच्छ परिस्थितियों में संचालित हो रहे हैं। कई स्थानों पर मांस की खरीद-फरोख्त अवैध रूप से की जा रही है तथा उससे संबंधित कचरा खुले में फेंका जा रहा है, जो आम नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।
नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर नीतीश परवाल ने कहा कि हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 एवं व्यवसाय उपविधियाँ, 2008 के अनुसार बिना लाइसेंस मांस से जुड़ा कोई भी व्यवसाय पूर्णतः अवैध है। बिना वैध लाइसेंस के मांस की बिक्री, भंडारण, प्रसंस्करण अथवा कटाई सख़्त रूप से प्रतिबंधित है। मांस से उत्पन्न कचरे का सुरक्षित एवं वैज्ञानिक तरीके से निपटान करना अनिवार्य है।
बिना लाइसेंस इस प्रकार की अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नगर निगम द्वारा तत्काल सीलिंग, दुकान बंद करने, सामान जब्त करने एवं संबंधित कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। सील की गई दुकानों को बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के पुनः खोलने पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह प्रेस विज्ञप्ति जनहित में आधिकारिक नोटिस के रूप में जारी की जा रही है। यह कार्रवाई पूर्णतः जनहित में की जा रही है ताकि नागरिकों की सेहत सुरक्षित रहे तथा शहर में स्वच्छ और सुरक्षित खाद्य व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। सभी मांसाहारी खाद्य व्यवसाय संचालकों को अंतिम चेतावनी दी जाती है कि वे अपने प्रतिष्ठानों के सभी आवश्यक मानक पूर्ण करते हुए अंत्योदय सरल हरियाणा पोर्टल के माध्यम से तत्काल अपने लाइसेंस बनवा लें, अन्यथा नगर निगम द्वारा सख़्त प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी।
भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की स्मृति में आयोजित हुई व्याख्यानमाला
फरीदाबाद। तिगांव विधानसभा क्षेत्र में अटल स्मृति दिवस का आयोजन किया जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय समिति सदस्य संदीप जोशी, हरियाणा के मंत्री राजेश नागर सहित पार्टी के अनेक नेताओं ने अपने विचार रखे।
भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य संदीप जोशी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई और सुशासन दो अलग नहीं बल्कि एक ही हैं। उन्होंने विकास को जो रफ्तार दी और दुनिया की आंख में आंख डाली, उस परंपरा को हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बखूबी निभा रहे हैं। वह आज स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई के विचारों को दुनिया में ऊंचा स्थान दे रहे हैं। आज उन्हें दुनिया का नेतृत्व सम्मान दे रहा है।
इस अवसर पर मंत्री राजेश नागर ने कहा कि भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई का व्यक्तित्व बहुत विशाल और सागर जैसा है। उन्होंने अपने प्रधानमंत्री काल में जो विकास की कहानी शुरू की थी उसे आज हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व पटल पर रख दिया है। इस व्याख्यान माला में जिला प्रभारी नरेंद्र वत्स ने कहा कि संघ के पास नेतृत्व की एक ऐसी परंपरा है जो अनंतकाल तक मार्गदर्शन करने के लिए मौजूद है। इस सबके पीछे हमारे अटल बिहारी वाजपेई जैसे नेताओं की सीख है। इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने भी अटल बिहारी वाजपेई के सुशासन पर अपने विचार रखे।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल, नीरा तोमर, उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा, प्रवीण चौधरी, महामंत्री शोभित अरोड़ा, युवा मोर्चा प्रदेश महामंत्री जितेंद्र चौधरी, भारती भाकुनी, विधानसभा संयोजक अमित भारद्वाज गिर्राज त्यागी, सीमा भारद्वाज, राजबाला सरदाना, प्रकाश वीर नागर, सचिन ठाकुर, पार्षद शीशराम अवाना, लाल मिश्रा, सुमंत चंदेल, प्रदीप टोंगर, संजीव कुमार, मंडल अध्यक्ष मुकेश झा, हरीश बैंसला, कृष्ण पहलवान, सुधीर मेहता, ग्रीवेंस मेंबर देवेंद्र अग्रवाल, शंकर ठाकुर, प्रहलाद शर्मा, बबल बैंसला, भूपेंद्र शर्मा, मदन पुजारा, उमेश भाटी, सुंदर कसाना, अजब चंदीला सहित सभी शक्ति केंद्र प्रमुख, बीएलए 2, उत्कर्ष गर्ग, कर्ण गोयल, ओमदत्त शर्मा, लोकेश बैंसला आदि अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सैलजा ने कहा- शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से पांव पसार रहा है नशा
चंडीगढ़। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा में लगातार बढ़ रहे नशे के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से ठोस और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। सांसद ने कहा कि नशा आज प्रदेश की युवा पीढ़ी के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है और इसे हल्के में लेना भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।
मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक असंतुलन का परिणाम है। जब तक सरकार नशे के मूल कारणों पर काम नहीं करेगी, तब तक इस पर नियंत्रण संभव नहीं है। नशे को लेकर जो गठजोड़ बना हुआ है जो नशा तस्करों का पोषण कर रहे है सबसे पहले उन पर पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता के साथ प्रहार करना होगा। सांसद ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी नशे को बढ़ावा देने वाला सबसे बड़ा कारण बन चुकी है। आज हरियाणा में दो लाख से अधिक सरकारी पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार उन्हें भरने के प्रति गंभीर नहीं है। पढ़ा-लिखा युवा वर्षों तक रोजगार की प्रतीक्षा करता है और निराशा में गलत रास्ते की ओर चला जाता है।
सांसद कुमारी सैलजा ने सरकार से मांग की कि सबसे पहले खाली पड़े सरकारी पदों को शीघ्र भरा जाए ताकि युवाओं को रोजगार मिल सके, बेरोजगारी की अवस्था में वह गलत राह पर जाने से बच सके। युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं। नशा मुक्ति अभियानों को केवल औपचारिकता न बनाकर जमीनी स्तर पर लागू किया जाए। सामाजिक संस्थाओं, शिक्षण संस्थानों, प्रशासन और राजनीतिक दलों को साथ लेकर अभियान चलाया जाए।
कुमारी सैलजा ने स्पष्ट कहा कि केवल भाषणों और कागजी योजनाओं से नशे पर नियंत्रण संभव नहीं है। इसके लिए ठोस नीति, इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास की आवश्यकता है। नशा को लेकर जो भी आंकड़े सामने आ रहे है वे चौंकाने वाले और गंभीर चिंता का विषय है, नशा करने वालों में 25 वर्ष से कम आयु के युवाओं की संख्या सबसे ज्यादा है। सरकार जिन गांवों और वार्डो को नशा मुक्त करने का दावा कर रही है वहां पर नशेडियों की संख्या ज्यादा है। सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, अंबाला और यमुनानगर नशे की चपेट में आए हुए है और सिरसा सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है और नशे से सबसे ज्यादा मौतें भी सिरसा जिला में हुई है। सांसद ने सरकार से अपील की कि वह प्रदेश के युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए तुरंत ठोस कदम उठाए, ताकि हरियाणा को नशे की चपेट से बाहर निकाला जा सके।
जब से भाजपा प्रदेश की सत्ता में आई है, हरियाणा की नौकरियां बाहरियों को बांट रही है – रणदीप
चंडीगढ़। भाजपा सरकार द्वारा एक सोची-समझी रणनीति के अनुसार अफसरों के 70% से 80% पदों पर “बाहरी उम्मीदवारों” की भर्ती की जा रही है। सांसद और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव, रणदीप सिंह सुरजेवाला “टॉवर यूटिलिटीज़” असिस्टैंट इंजीनियर की भर्ती में सामान्य वर्ग के 214 पदों में 185 पदों पर हरियाणा से बाहर के उम्मीदवारों के चयन को लेकर हरियाणा सरकार पर जमकर बरसे। रणदीप ने कहा कि 90% असिस्टैंट इंजीनियर जैसे अफसर हरियाणा से बाहर के और हरियाणा के जनरल कैटेगरी के युवक व युवतियों को केवल 10%।
सुरजेवाला ने कहा कि जब हरियाणा की भाजपा सरकार ही हरियाणा के सामान्य वर्ग के युवाओं को धक्के मारकर बेरोजगारी के कुएँ में धकेल रही है, तो हमारे बच्चों की सुध और कोई क्यों लेगा? रणदीप ने कहा कि अब हरियाणा के हर नौजवान की जुबान पर श्रीमान नायब सैनी और भाजपा सरकार का चिर-परिचित फ़ॉर्मूला है – “चपरासी हमारे, और अफ़सर हरियाणा से बाहर के”।
सुरजेवाला ने कहा कि 11 साल से भाजपा सरकार हरियाणा के युवाओं को “ना पर्ची, ना खर्ची” का झूठा नारा दे रही है और लगातार हरियाणा के युवाओं से धोखा कर रही है। उन्होंने कहा कि श्री मनोहर लाल खट्टर के शासनकाल से श्री नायब सैनी की चुटकुलों वाली सरकार तक हरियाणा के युवाओं, खासतौर से सामान्य वर्ग के युवाओं को, केवल बेजारी-बेरुखी-बेवफाई के धक्के ही मिले हैं और बार-बार हर भर्ती में हरियाणा से बाहर के युवाओं को नौकरी मिल जाती है और हमारे युवा ठगे से खड़े रह जाते हैं।
सुरजेवाला ने कहा कि हमारे पढ़े-लिखे मेधावी बच्चे विदेशों में जाकर मजदूरी करने को मजबूर हैं और बाहरी राज्यों के युवाओं को हमारे ऊपर राज करने के लिए लाया जा रहा है। हरियाणा में हरियाणवियों को “दूसरे दर्जे” का नागरिक बनाया जाना भाजपा की बड़ी रणनीति का हिस्सा है।
सुरजेवाला ने नायब सैनी सरकार की भर्ती प्रणाली पर हमला करते हुए कहा कि HPSC व HSSC के माध्यम से प्रदेश में की जा रही अफसरों की हर भर्ती में इसी रणनीति के अनुसार 70-80% पदों पर हरियाणा से बाहर के उम्मीदवारों का चयन किया जा रहा है।
👉 हाल ही में सिंचाई विभाग में सहायक अभियंता (सिविल) की भर्ती की लिस्ट जारी हुई है इस भर्ती में सामान्य वर्ग के 49 पदों में से 28 पदों पर बाहरी उम्मीदवारों का चयन किया गया है।
👉 प्रदेश में 10 साल बाद हुई एएमओ की भर्ती में सामान्य वर्ग के 427 पदों में से 394 पदों की लिस्ट जारी की गई उसमें से 75% पदों पर बाहरी उम्मीदवारों का चयन किया गया है।
👉 यही हाल सिविल जज की भर्ती में रहा। उन्होंने कहा कि सिविल जज के 110 पदों में से 60 पदों पर बाहरी उम्मीदवारों को जज लगाया गया है।
👉 तकनीकी शिक्षा विभाग में प्राध्यापकों के सामान्य वर्ग के 153 में से 106 पदों पर बाहरियों का चयन किया गया।
👉 HCS की हर भर्ती में 40% से अधिक बाहरी उम्मीदवारों का चयन किया गया है।
👉 साल 2019 में SDO, बिजली विभाग भर्ती में 80 पदों में मात्र 2 उम्मीदवार ही हरियाणा के भारती हुए थे। फिर हमारे विरोध के चलते यह भर्ती कैंसल करनी पड़ी।
👉 साल 2019 में ही असिस्टैंट प्रोफेसर, पॉलिटिकल साइंस की भर्ती में 18 में से 11 चयनित उम्मीदवार बाहरी थे और केवल 7 हरियाणवी थे।
👉इसी प्रकार एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर की भर्ती में जनरल कैटेगरी के 23 पदों में 16 बाहरी उम्मीदवार भर्ती किए गए और केवल 7 हरियाणवी युवाओं की ही भर्ती हुई।
👉 हरियाणा अकेला ऐसा प्रांत है जहाँ नौकरी लेने के लिए जनरल नॉलेज के पेपर में हरियाणा की संस्कृति, भाषा, तौर-तरीक़े, भौगोलिक परिस्थिति, हरियाणवी विरासत, हरियाणवी रीति-रिवाज, सामाजिक ताने-बाने के बारे कोई जानकारी होने की आवश्यकता नहीं और ना ही हरियाणा से जुड़ा ऐसा कोई सवाल जनरल नॉलेज के पेपर में पूछा जाता है। हरियाणा में पले-बढ़े होने की और हरियाणा के लोगों को जानने-समझने की भाजपा सरकार के मुताबिक कोई आवश्यकता नहीं।
ये तो मात्र कुछ उदाहरण हैं लेकिन, प्रदेश की हर भर्ती में यही पैटर्न चल रहा है। रणदीप ने कहा कि भाजपा सरकार के कुकर्मों से प्रदेश का हर वर्ग का युवा परेशान है। प्रदेश के युवाओं का दमन करने के उद्देश्य से एचपीएससी की अधिकतर भर्तियों में आरक्षित पदों पर हरियाणा के आरक्षित वर्गों के युवाओं को सब्जेक्टिव पेपर में जानबूझकर फेल किया जा रहा है और सामान्य वर्ग की सीटों पर बाहरी उम्मीदवारों को भर्ती किया जा रहा है।
सुरजेवाला ने कहा कि सभी महत्वपूर्ण पदों पर बाहरी उम्मीदवारों का चयन किया जा रहा है और लोगों को मूर्ख बनाने के लिए हर 2-4 साल के बाद ग्रुप डी की भर्ती के माध्यम से हजार-दो हजार चपड़ासी चौकीदार जैसे पदों पर हजार-दो हजार हरियाणवी युवा लगाकर बिना पर्ची, बिना खर्ची का पाखंड रच दिया जाता है।
सुरजेवाला ने आरक्षित वर्गों के युवाओं को सावधान करते हुए कहा कि केवल सामान्य वर्ग के हरियाणवियों का ही रोजगार खतरे में हो ऐसा नहीं है। भाजपा ने बाहरियों को हरियाणा में सेट करने और हरियाणा में हरियाणवियों को अल्पसंख्यक बनाने के उद्देश्य से नियमों में बदलाव करते हुए हरियाणा के निवासी होने के प्रमाण पत्र के लिए समय सीमा 10 साल से घटाकर 5 साल कर दी। यही कारण है कि एनसीआर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर दूसरे प्रदेशों से आए हुए परिवार अब हरियाणा का डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवाकर उन आरक्षित पदों पर भी दावा करने लगे हैं जो पहले केवल हरियाणा के दलित – पिछड़ों के लिए आरक्षित होते थे।
रणदीप ने कहा कि हम मांग करते हैं कि हरियाणा पॉवर यूटिलिटीज़ की असिस्टैंट इंजीनियर की भर्ती को फौरन रद्द किया जाए। हमारी यह मांग भी है कि हरियाणा की संस्कृति, भौगोलिक और सामाजिक स्थिति, सामाजिक परिवेश के अनुरूप ही भर्ती हो ताकि स्थानीय मान्यताएं, हालात, भाषा व बोली बोलने और समझने वाले युवाओं को नौकरी पाने में न्यायसंगत प्राथमिकता मिले। हमारी यह भी मांग है कि श्रीमान नायब सैनी हरियाणा के युवाओं के साथ हो रहे भेदभाव के चलते युवाओं से माफी मांगें और हरियाणा के युवाओं से हो रहे अन्याय को रोकने के लिए एक सार्वजनिक खाका पेश करें।
मेयर प्रवीण बत्रा जोशी ने बीके चौक पर दीप जलाकर साहिबज़ादों को दी श्रद्धांजलि
फरीदाबाद। वीर बाल दिवस के अवसर पर आज फरीदाबाद के बीके चौक पर श्रद्धा और सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर फरीदाबाद की मेयर श्रीमती प्रवीण बत्रा जोशी ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर दीप प्रज्वलित किया और साहिबज़ादों के अद्वितीय बलिदान को नमन किया।
मेयर श्रीमती प्रवीण बत्रा जोशी ने कहा कि आज के ही दिन साहिबज़ादों ने समाज और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को धर्म, सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे साहिबज़ादों के शौर्य और त्याग की गाथा जन-जन तक पहुंचेगी।
उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार इस गौरवशाली इतिहास को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। पूरे देश में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस गहन श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जाता है। साथ ही प्रदेश में 1 नवंबर से 24 नवंबर तक श्री गुरु तेग बहादुर जी की स्मृति में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त हरियाणा सरकार ने 1984 के दंगों में पीड़ित 121 परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देकर संवेदनशीलता और न्याय का परिचय दिया गया है।
इस अवसर पर नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर गौरव अंतिल, जिला अध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल, पार्षद मुकेश अग्रवाल,पार्षद सचिन शर्मा, कार्यकारी अभियंता महेंद्र सिंह, जिला परियोजना अधिकारी द्वारका प्रसाद, निगम प्रवक्ता जोगेंद्र सिंह, सर्व गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के जनरल सेक्रेटरी रविंद्र सिंह राणा सहित मनजीत सिंह चावला, गुरमीत सिंह, गुरविंदर सिंह, सीमा भारद्वाज, विमल खंडेलवाल,विक्रम एडवोकेट एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
डीसी व जिला निर्वाचन अधिकारी आयुष सिन्हा ने ईवीएम वेयरहाउस का किया निरीक्षण
फरीदाबाद। डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आयुष सिन्हा ने आज शुक्रवार को फरीदाबाद के सेक्टर 12 स्थित ईवीएम वेयरहाउस का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उनके साथ नगराधीश अंकित कुमार व विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त आयुष सिन्हा ने निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों से वेयर हाउस की सुरक्षा व्यवस्था, फायर एक्सटिंगिशर, सीसीटीवी आदि से संबंधित विस्तृत जानकारी ली। डीसी ने कहा कि वेयरहाउस की सुरक्षा चाक चौबंद रहे और सीसीटीवी कैमरे निरंतर एक्टिव मोड में रहें। उन्होंने कहा कि वेयरहाउस की सुरक्षा में किसी भी तरह की कोताही न बरती जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वेयर हाउस की सुरक्षा के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित सभी मापदंडों की पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सीसीटीवी कंट्रोल रूम में पहुंचकर सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की भी गहनता से जांच की।
इस अवसर पर भाजपा से अश्विनी गुलाटी, सीपीएम पार्टी से वीरेंदर सिंह डंगवाल और आप पार्टी से रविंद्र फौजदार सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं से लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पंजीकरण करवाने का किया आह्वान
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने चुनाव के दौरान जनता से किए गए 217 संकल्पों में से अब तक 54 संकल्पों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इनमें महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकल्प ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ भी शामिल है, जो प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।
मुख्यमंत्री आज भारत की प्राचीनतम सभ्यता की गौरवशाली धरोहर पावन भूमि राखीगढ़ी में आयोजित दूसरे राज्य स्तरीय राखीगढ़ी महोत्सव के अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चुनावी वादों को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं से लाडो लक्ष्मी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि जो महिलाएं अभी तक इस योजना से नहीं जुड़ी हैं, वे शीघ्र अपना पंजीकरण करवाएं। उन्होंने बताया कि पंजीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद पात्र महिलाओं को 2100 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जा रही है।
श्री नायब सिंह सैनी ने जानकारी दी कि योजना के अंतर्गत अब तक लाभार्थियों के खातों में दो किस्तें डाली जा चुकी है और लगभग 10 लाख महिलाओं ने अपना पंजीकरण करवा लिया है।
चंडीगढ। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हरियाणा में खाद्य सुरक्षा को लेकर सामने आई ताजा रिपोर्ट ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश के 22 जिलों से लिए गए 17,350 खाद्य सैंपलों में से 529 नमूने मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक पाए गए हैं। चिंताजनक तथ्य यह है कि पिछले पाँच वर्षों में इस गंभीर अपराध पर एक भी प्रभावी एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि यह रिपोर्ट साबित करती है कि हरियाणा में मिलावटखोरी खुलेआम फल-फूल रही है और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। दूध, घी, पनीर, मावा और मिठाइयों जैसी रोज़मर्रा की वस्तुएं आम आदमी की थाली तक जहर बनकर पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि यह सीधे-सीधे जनता के जीवन के साथ खिलवाड़ है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। सांसद ने कहा कि हरियाणा पहले ही गंभीर पर्यावरणीय संकट से गुजर रहा है। नदियों में बढ़ता प्रदूषण, जहरीली हवा से बिगड़ता स्वास्थ्य और अब मिलावटी खाद्य पदार्थ ये सभी मिलकर प्रदेश को बीमार बना रहे हैं।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार की लापरवाही के कारण आम नागरिक कैंसर, सांस और पेट की बीमारियों का शिकार हो रहा है। कुमारी सैलजा ने कहा कि स्वास्थ्य, पर्यावरण और खाद्य सुरक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर सरकार की उदासीनता अब जनता की जान पर भारी पड़ रही है। उन्होंने मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, नियमित जांच व्यवस्था लागू की जाए और मिलावटखोरों को संरक्षण देने वालों को बेनकाब किया जाए। कांग्रेस पार्टी जनता की सेहत से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने देगी।
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खैरका में बनेगा 06 लेन अंडरब्रिज, दुर्घटनाओं से मिलेगी राहत: सैलजा
सिरसा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत डबवाली रोड पर स्थित खैरका गांव में 06 लेन का व्हीकल अंडरपास (वीयूबी) बनाया जाएगा। यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में सांसद कुमारी सैलजा द्वारा पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी है। कुमारी सैलजा ने बताया कि खैरका क्षेत्र को दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया था, जहां आए दिन सड़क हादसे हो रहे थे। इस गंभीर समस्या को उन्होंने संसद में उठाया, जिसके बाद केंद्र सरकार ने यहां 6 लेन अंडरब्रिज के निर्माण को स्वीकृति दी। इस अंडरब्रिज के बनने से यातायात सुगम होगा, दुर्घटनाओं में कमी आएगी और क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। सांसद ने कहा कि सिरसा की जनता की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। सड़क हादसों को रोकना और सुरक्षित यातायात उपलब्ध कराना मेरा निरंतर प्रयास है। सांसद ने केंद्र सरकार से इस परियोजना को शीघ्र प्रारंभ कर समयबद्ध ढंग से पूरा करने की मांग भी की।
राज्य के सरकारी कामकाज में इस्तेमाल होने वाले इस पेपर की क्वालिटी पर ख़ास ध्यान दिया जा रहा है
चंडीगढ़। हरियाणा के प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग की हाई पावर परचेज़ कमेटी द्वारा आज एक करोड़ 95 लाख रुपये के पेपर खरीद केस को अप्रूव किया गया। हरियाणा सरकार के सरकारी काम काज में इस्तेमाल होने वाले इस कागज़ के निर्माण का कॉन्ट्रैक्ट लेने के लिए उम्मीदवारों ने संक्षिप्त प्रस्तुति दी जिसके बाद उपयुक्त कंपनी को अप्रूव कर दिया गया। हरियाणा सिविल सचिवालय में आयोजित हाई पावर परचेज़ कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक में आज पेपर खरीद केस को फाइनल किया गया।
बैठक की अध्यक्षता प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी राज्य मंत्री श्री राजेश नागर ने की। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा भी उपस्थित रहे और टेंडर प्रक्रिया पर मंत्री श्री नागर एवं विभागीय अधिकारियों के साथ उम्मीदवारों द्वारा प्रस्तुत किये गए प्रस्तावों पर विचार और चर्चा की। विस्तृत चर्चा और बातचीत के उपरांत एक करोड़ 95 लाख रुपये के पेपर खरीद केस को फाइनल कर लिया गया। राज्य के सरकारी कामकाज में इस्तेमाल होने वाले इस पेपर की क्वालिटी पर ख़ास ध्यान दिया जा रहा है।
इस अवसर पर प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग के अधिकारियों सहित विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री विजय सिंह दहिया और नियंत्रक श्री विवेक पदम् सिंह भी उपस्थित रहे।