प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेसी नेता विजय प्रताप ने किया। सैंकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता एन.एन.5 स्थित केसी सिनेमा के पास एकत्रित हुए और वहां से प्रदर्शन करते हुए एन.एच.4 स्थित इंकम टैक््स विभाग के दफ्तर के सामने पहुंचे। कांग्रेसियों ने भाजपा सरकार पर तानाशाही करने, लोकतंत्र की हत्या करने के आरोप लगाए। कार्यकर्ताओ ने भाजपा सरकार मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। इस मौके पर पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ईडी, सीबीआई, इंकम टैक्स का दुरुपयोग कर रही है, लोकतांत्रिक व्यवस्था को खत्म कर रही है। विपक्षी पार्टियों को डराने के लिए उन पर मुकद्दमे दर्ज किए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इलेक््ट्रोल बॉड को गैर कानूनी बताकर रद्द कर दिया, जोकि मोदी सरकार का निर्णय था। बीजेपी ने इसके माध्यम से कॉरपोरेट जगत से 6.5 हजार करोड़ रुपए ले लिए। सुप्रीम कोर्ट ने इसको बैन किया, लेकिन खाता बंद कराया जा रहा है कांग्रेस पार्टी का। कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार की इस तानाशाही का विरोध करती है और आज पूरे देश में इस व्यवस्था के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
कांग्रेसियों ने कहा कि भाजपा सरकार की जन विरोधी एवं अलोकतांत्रिक नीतियों के चलते आज देश का लोकतंत्र खतरे में हैं। इन्होंने बेशर्मी की सभी हदें पार कर दी है। देश में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महंगाई चरम पर है। आज डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति आप देख सकते हैं। ये लोग आंकड़ों के साथ छेडख़ानी करके लोगों को बरगलाने का काम कर रहे हैं। लोग इनके बहकावे में आने वाले नहीं है और 2024 के चुनावों में जनता इसका जवाब देगी। उन्होंने कहा कि इलेक्टरोल मोड के माध्यम से भाजपा केवल अपना अकाउंट भरना चाहती थी, जिसकी मंशा को सुप्रीम कोर्ट ने उजागर करते हुए इसे रद्द कर दिया। कांग्रेसियों ने कहा कि ये लोग सत्ता के भूखे लोग हैं और सत्ता पाने के लिए हर कदम उठा रहे हैं। लोकसभा चुनाव जीतने की ललक में ये लाग बौखला गए हैं, लेकिन कांग्रेस इनकी गीदड भभकियों से डरने वाली नहीं है और डटकर इनके हर वार का विरोध किया जाएगा।
आज के प्रदर्शन में कांग्रेस नेता विजय प्रताप के साथ पूर्व विधायक शारदा राठौर, रघुबीर सिंह तेवतिया, बलजीत कौशिक, योगेश ढींगड़ा, दीपक चौधरी, मनोज नागर, अभिलाष नागर, आईटी सैल के प्रभारी डा सौरभ शर्मा, अमनदीप सिंह ,इकबाल कुरैशी, इशांत कथूरिया, सुहैल सैफी, ,एडवोकेट जयभगवान जी, गंजना लाम्बा, विजय पाल सरपंच, ओमपकाश गौड, विरेन्द्र मावी, राकेश पंडित, विनोद कौशिक, मास्टर भारत भूषण, एडवोकेट राजेश बैसला, मुकेश पांडे, महेश अग्रवाल, रमेश गौतम, अमित कुमार, राजू नागर, अनिल नेताजी, सोनू सलूजा, सुरेश कुमार, गुलजारी लाल, समय सिंह, तौफिक खान, राहुल सरदाना आदि शामिल रहे।