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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर आयोजित हुई समीक्षा बैठक
चंडीगढ़। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह 3 अक्टूबर, 2025 को कुरुक्षेत्र में नए लागू आपराधिक कानूनों पर आधारित एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे।
इस आयोजन की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए, हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज यहाँ वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की।
प्रदर्शनी एवं उद्घाटन समारोह की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि यह महत्वपूर्ण प्रदर्शनी 4–5 दिनों तक चले ताकि अधिवक्ता, छात्र, अभिभावक और आम नागरिक इसमें शामिल होकर आपराधिक न्याय प्रणाली में हुए बदलावों को समझ सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नए कानूनों पर व्याख्यान और पैनल चर्चा का आयोजन किया जाए, जिसमें कानूनी विशेषज्ञों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में वास्तविक जीवन के उदाहरणों को भी प्रदर्शित किया जाना चाहिए जहाँ इन कानूनों के लागू होने के बाद जघन्य अपराधों का अति शीघ्र समाधान किया गया हो । इससे लोगों को इन सुधारों के सकारात्मक प्रभाव को देखने में मदद मिलेगी।
इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदर्शनी का प्राथमिक उद्देश्य भारतीय न्याय संहिता, 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 के माध्यम से भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में किए गए महत्वपूर्ण सुधारों के बारे में नागरिकों को जागरूक और शिक्षित करना है।
बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रम की सफलता के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) डॉ. सुमिता मिश्रा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (उच्च शिक्षा) श्री विनीत गर्ग, पुलिस महानिदेशक श्री शत्रुजीत कपूर, महानिदेशक (कारागार) श्री आलोक कुमार रॉय, महानिदेशक (सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा) श्री के. मकरंद पांडुरंग, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) श्री सौरभ सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
रोजगार उपलब्ध करवाने में लघु उद्योगों की बड़ी भूमिका : केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने समालखा के साधना एवं ग्राम विकास केंद्र में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में की शिरकत
समालखा। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे राष्ट्रीय अभियानों की सफलता में लघु उद्योगों की भूमिका सर्वोपरि है। 21वीं सदी का भारत जिस ऊंचाई और गति से आगे बढ़ रहा है, उसमें एमएसएमई का महत्वपूर्ण योगदान है। हरियाणा सरकार लघु उद्योगों के विकास के लिए विशेष योजनाएं और प्रोत्साहन नीतियां लागू कर रही है, ताकि उद्यमियों को अधिक से अधिक अवसर मिल सकें और वे बाजार प्रतिस्पर्धा में मजबूती से खड़े हो सकें।
मुख्यमंत्री सोमवार को जिला पानीपत के समालखा में आयोजित लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय अधिवेशन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि समालखा में लघु उद्योग भारती के तीन दिवसीय औद्योगिक चिंतन से लघु उद्योगों के विकास की नई दिशा मिल सकेगी। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से मार्गदर्शन प्राप्त कर युवा उद्यमी विकसित भारत –विकसित हरियाणा की कहानी लिखेंगे।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा का भौगोलिक क्षेत्र केवल 1.3 प्रतिशत है, लेकिन यह वर्ष 2024–25 के अग्रिम अनुमान के अनुसार राष्ट्रीय जीडीपी में 3.6 का प्रतिशत का योगदान दे रहा है। सकल राज्य घरेलू उत्पाद पिछले दशक में 10.8 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। फरीदाबाद, पानीपत, यमुनानगर और अंबाला के अनधिकृत औद्योगिक क्षेत्र में चल रही हजारों एमएसएमई को राहत प्रदान की गई है और इस क्षेत्र में इनका लाभ भी मिलना शुरू हो गया है। प्रदेश में 10 नए आईएमटी विकसित करने की योजना बनाई गई है जिनमें से तीन नए आईएमटी राष्ट्रीय राजमार्गों पर विकसित करने के लिए भूमि प्राप्त की जा रही है। इनमें अंबाला, जींद और फरीदाबाद–पलवल आईएमटी शामिल हैं। इनके अलावा कोसली और नारायणगढ़ में भी आईएमटी के लिए जगह चिन्हित की गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने व्यापार करने में आसानी के लिए 48 विभागों में 1100 से अधिक अनुपालनों के नियामक बोझ को कम किया है। विगत 11 वर्षों में प्रदेश में 7 लाख 66 हजार सूक्ष्म लघु व मध्यम उद्योग लगे हैं तथा इनमें 39 लाख लोगों को रोजगार भी मिला है। सिंगल रूफ क्लीयरेंस सिस्टम के तहत 230 से अधिक ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आज हरियाणा निवेशकों और स्टार्टअप्स की पहली पसंद बन गया है। हरियाणा भारत में स्टार्टअप की संख्या में सातवें बड़े राज्य के रूप में उभरा है। वर्तमान में हरियाणा में 9100 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं। प्रदेश में 19 यूनिकॉर्न कंपनियां हैं। उन्होंने कहा कि अगले चरण में स्टार्टअप में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में हरियाणा राज्य स्टार्टअप नीति के तहत 22 स्टार्टअप्स को एक करोड़ 14 लाख रुपए की वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए निजी निवेशकों के सहयोग से 2 हजार करोड़ रुपए का फंड ऑफ फंड्स भी स्थापित किया जा रहा है। ए.आई. आधारित स्टार्टअप को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा ड्रोन प्रौद्योगिकी के लिए 10 करोड़ रुपए का स्टार्टअप फंड शुरू किया गया है और इसके लिए करनाल में 500 युवा किसानों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री की लगभग 28 हजार यूनिट लग चुकी हैं इसे और आगे बढ़ाने के लिए इस पर काम किया जा रहा है। एकीकृत मिनी फूड पार्क योजना पर भी ध्यान केंद्रित करते हुए इस पर 50 प्रतिशत की दर से पूंजी निवेश सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
रोजगार उपलब्ध करवाने में लघु उद्योगों की बड़ी भूमिका : केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल
इस अवसर पर केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि देश के विकास में उद्योगों का बड़ा योगदान है। लघु उद्योगों को सरकारी सहायता से गति प्रदान कर रोजगार के नए अवसर पैदा किया जा सकते हैं। केंद्र और राज्य सरकार उद्योग हितैषी नीतियों से भारत में नई औद्योगिक संस्कृति को बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि देश में वर्षों बाद जीएसटी के इतने कम स्लैब बनाए गए हैं जो कि अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है। आज विभिन्न उद्योगों में महिलाएं आगे आ रही हैं। उन्होंने बड़ी-बड़ी कंपनियों में महिलाओं की भागीदारी और उनको आत्मनिर्भर बनाने की बात पर जोर देते हुए कहा कि छोटे-छोटे उद्योगों में महिलाओं को आगे लाना होगा।
उन्होंने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए विदेशी मुद्रा के भंडारण में गति प्रदान करने के लिए एमएसएमई के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा निर्यात करना होगा। छोटे-छोटे उद्योगों को ऐसे स्थान पर बढ़ावा देना चाहिए जहां पर दूर दराज के इलाके हैं जहां छोटी-छोटी योजनाएं, छोटे-छोटे उद्योग चलाकर वहां के लोगों को रोजगार उपलब्ध करा सकते हैं। भारत सरकार द्वारा लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 22 प्रकार की योजनाएं चलाई गई हैं जिससे लोग इनका फायदा उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि एमएसएमई के माध्यम से देश के 28 करोड़ लोगों को आज रोजगार उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत का स्थान सकल घरेलू उत्पाद में चौथे स्थान पर है और आने वाले समय में जर्मनी को पीछे छोड़ तीसरा स्थान हासिल करना है।
इस मौके पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री मोहनलाल कौशिक, विधायक श्री मनमोहन भड़ाना, श्री प्रमोद विज, पूर्व सांसद श्री संजय भाटिया, लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी और विविध औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में उद्यमी गण उपस्थित रहे।
महिला कांग्रेस के स्थापना दिवस पर गृह सहायिका महिलाओं का हुआ सम्मान
बल्लभगढ़ । अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लाम्बा और हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुधा भारद्वाज के निर्देशानुसार बल्लभगढ़ के सेक्टर 64 स्थित कांग्रेस कार्यालय में महिला कांग्रेस के स्थापना दिवस के अवसर पर बल्लभगढ़ की पीसीसी डेलिगेट व वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री प्रियंका मनोज अग्रवाल के द्वारा ‘मेरी सखी’ अभियान का आगाज किया गया। इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंची महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष दीपिका यादव ने बताया की महिला कांग्रेस के इस विशेष अभियान के तहत समाज की गृह सहायिका महिलाएं जो घरों में कार्य कर परिवार का पालन करती हैं, उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
इस मौके पर उपस्थित महिलाओं को सम्बोधित करते हुए प्रियंका मनोज अग्रवाल ने कहा की ‘मेरी सखी’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह महिला सम्मान का पर्व है। जब गृह सहायिका महिलाओं को समाज में बराबरी का दर्जा और सम्मान मिलेगा, तभी महिला सशक्तिकरण का सपना साकार होगा। वास्तव में यही महिलाएं हमारे समाज और देश के विकास की सच्ची आधारशीला हैं। प्रियंका अग्रवाल ने आगे कहा की आज देश की समस्त महिलाशक्ति को महिला कांग्रेस के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देती हैं।
कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिलाओं की बराबरी, हक और सम्मान के लिए समर्पित व संघर्षशील रही है। आज़ादी की लड़ाई से लेकर अंतरिक्ष की उड़ान तक, राष्ट्र निर्माण हमारे देश की आधी आबादी ने पूरा योगदान दिया है। महिला कांग्रेस की ये ज़िम्मेदारी है कि वो सड़क से लेकर संसद तक हमारी महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष करें और महिला असुरक्षा, कार्यस्थल में भागीदारी, महँगाई, बेरोज़गारी, समाजिक शोषण, असमानता, और स्त्री द्वेषी मानसिकता के ख़िलाफ़ जागरूकता पैदा करें और देश की महिलाओं की आवाज़ बुलंद करने में अपनी सहभागिता निभाए।
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से महिला कांग्रेस महासचिव सोनू चौधरी व गजना लाम्बा, महिला कांग्रेस पलवल की जिलाध्यक्ष सविता चौधरी, सेवादल सचिव नसीमा खान, महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अनीता शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री धर्मवती, कमलेश, मोनिका मित्तल, दीप्ती गोयल, सुनीता पांचाल, सरोज भाटी, रेखा प्रधान, प्रीति सैनी सहित सैंकड़ो महिलाएं उपस्थित रहीं।
स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने के लिए हरियाणा सरकार की बड़ी पहल
चंडीगढ़। हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के दिशा—निर्देशों अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में विशेषकर फरीदाबाद, गुरुग्राम और मानेसर शहरों के लिए ठोस कचरा प्रबंधन की योजनाओं को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। इसके लिए इन शहरों के लिए शेष हरियाणा की अपेक्षा अलग से प्रस्ताव अनुरोध दस्तावेज (आरएफपी) तैयार किए जाएंगे।
श्री गोयल आज हरियाणा निवास, चंडीगढ़ में देशभर के ठोस कचरा प्रबंधन में कार्यरत 42 एजेंसियों और उनके प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
“हरियाणा में मिलेगा नया अनुभव”— विपुल गोयल
बैठक को संबोधित करते हुए श्री गोयल ने कहा कि एजेंसियों ने भले ही दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और अन्य महानगरों में कार्य करने का अनुभव हो, लेकिन हरियाणा में सफल निविदा प्रक्रिया के बाद उन्हें राज्य सरकार के साथ काम करने का एक अलग और सकारात्मक अनुभव मिलेगा।
भुगतान में नहीं होगी कोई देरी
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि परियोजनाओं के तहत किसी भी प्रकार की अदायगी में देरी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सरकार हर स्तर पर एजेंसियों के साथ हैंड होल्डिंग कर खड़ी रहेगी और उनके द्वारा दिए गए उपयोगी सुझावों को भी आगामी आरएफपी में शामिल किया जाएगा।
बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री विकास गुप्ता, महानिदेशक श्री पंकज सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
डीसी विक्रम सिंह के दिशा-निर्देशानुसार अवैध खनन पर शिकंजा, धौज क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई
फरीदाबाद। उपायुक्त विक्रम सिंह के दिशा-निर्देशन में वन विभाग की टीम ने अरावली वन क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन पर कड़ा शिकंजा कसते हुए धौज क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार सुबह तड़के टीम ने मिट्टी चोरी करते हुए एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रंगे हाथ पकड़ लिया।
वन विभाग की टीम ने मौके से मिट्टी से भरी ट्रॉली सहित ट्रैक्टर को जब्त कर लिया और चालक के खिलाफ कार्रवाई की। आरोपी पर 1 लाख 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई DFO सुरेंद्र सिंह डांगी के निर्देश पर की गई। इस दौरान रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर (RFO) रमन बामल, फॉरेस्ट गार्ड लक्ष्मण और फॉरेस्टर किरण रावत की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन को अंजाम दिया। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि धौज इलाके में मिट्टी की अवैध खुदाई की जा रही है। सूचना मिलते ही विभाग ने घेराबंदी कर आरोपी को ट्रॉली सहित पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी मौके पर ट्रॉली पूरी तरह मिट्टी से भर रहा था। टीम ने तत्काल ट्रैक्टर को जब्त किया और चालक से पूछताछ की। मामले को संबंधित धाराओं के तहत दर्ज कर लिया गया है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अरावली क्षेत्र में किसी भी प्रकार का खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। यहां से मिट्टी, पत्थर या अन्य खनिज पदार्थ निकालना कानूनन अपराध है। इसके बावजूद कुछ लोग चोरी-छिपे अवैध खनन कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
वन विभाग ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध खनन दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत वन विभाग या नजदीकी पुलिस थाने को दें।
गौरतलब है कि अरावली क्षेत्र में खनन गतिविधियों पर उच्चतम न्यायालय द्वारा भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। टीम की त्वरित कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि विभाग पर्यावरण और वन संपदा की रक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है और किसी भी कीमत पर अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पंचकूला में अश्वनी गुप्ता मेमोरियल ऑल इंडिया सब-जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट का किया शुभारंभ
पंचकूला। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि खिलाड़ियों का लक्ष्य ओलंपिक खेलों में पदक जीतना होना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2036 के ओलम्पिक खेलों में भारत को खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश सरकार ओलम्पिक खेलों की तैयारियों में अभी से लग गई है।
मुख्यमंत्री आज पंचकूला में योनेक्स-सनराइज अश्वनी गुप्ता मेमोरियल ऑल इंडिया सब-जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट 2025 के उद्घाटन समारोह में देश भर से आए खिलाड़ियों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने बैडमिंटन टूर्नामेंट के शुभारंभ की घोषणा की और अपने स्वैच्छिक कोष से स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी, पंचकूला को 11 लाख रुपये देने की घोषणा की।
इस मौके पर हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी पंचकूला के चेयरमैन श्री ज्ञानचंद गुप्ता, एंटी करप्शन ब्यूरो के महानिदेशक श्री आलोक मित्तल, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन, उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा, हरियाणा बैडमिंटन एसोसिएशन के संयुक्त सचिव श्री जितेंद्र महाजन, बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष श्री अजय कुमार सिंघानिया, पंचकूला स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी के अध्यक्ष श्री डीपी सोनी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विभिन्न राज्यों से आए करीब 2000 प्रतिभागी खिलाड़ियों का हरियाणा में स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि जीत और हार खेल का हिस्सा हैं, लेकिन आपका जज्बा और खेल भावना ही आपको महान खिलाड़ी बनाएगी। यह भी याद रखें कि आपकी मंजिल केवल एशियन जूनियर बैडमिंटन टूर्नामेंट नहीं है, बल्कि ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतना होना चाहिए।
उन्होंने हरियाणा को स्पोर्टस हब बताते हुए कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर देश व प्रदेश का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से 11 साल पहले हरियाणा में खेलों के लिए एक विजन विकसित किया जिसके अनुरूप हमने श्खेले हरियाणा-बढ़े हरियाणा के मंत्र के साथ खिलाड़ियों को प्रोत्साहन दिया है और खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को विकसित किया। चाहे खेल स्टेडियम हो, इनडोर हॉल्स हो या फिर रेजिडेंशियल स्पोर्ट्स एकेडमीज, सरकार ने प्रदेश के हर जिले में आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित की हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने खिलाड़ियों को बचपन से ही तराशने के लिए खेल नर्सरियां खोली हुई हैं। हरियाणा को श्खेलों की नर्सरीश् कहा जाता है। इन नर्सरियों में खिलाड़ियों को वित्तीय सहायता व प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इस समय प्रदेश में 1,489 खेल नर्सरियां कार्यरत हैं। इनमें 37 हजार 225 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं। इन नर्सरियों में नामांकित 8 से 14 वर्ष की आयु के खिलाड़ियों को 1500 रुपये तथा 15 से 19 वर्ष की आयु के खिलाड़ियों को 2000 रुपये प्रति माह दिये जाते हैं।
उन्होंने हरियाणा के खिलाड़ियों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि चाहे ओलंपिक खेल हों, एशियाई खेल हों या राष्ट्रमंडल खेल हों, हरियाणा के खिलाड़ियों ने हर मोर्चे पर तिरंगे को ऊंचा फहराया है। राज्य के खिलाड़ियों ने पेरिस ओलंपिक 2024 में देश द्वारा जीते गये 6 पदकों में से 5 पदक हरियाणा के खिलाड़ियों के थे। इससे पहले, टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत द्वारा जीते गए 7 पदकों में से 4 पदक हरियाणा के खिलाड़ियों ने हासिल किए। यही नहीं, एशियाई खेलों में भी हमारा प्रदर्शन बड़ा ही सराहनीय रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित रोजगार सुनिश्चित करने के लिए श्हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम 2021श् बनाये हैं। इसके तहत खेल विभाग में 550 नए पद बनाये गये। इसके अलावा, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले 224 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी है। खिलाड़ियों के लिए क्लास-वन से क्लास-थ्री तक के पदों की सीधी भर्ती में आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
श्री नायब सिंह सैनी ने बैडमिंटन के सभी खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बैडमिंटन एक ऐसा खेल है जो न केवल शारीरिक कौशल और तकनीकी दक्षता को बढ़ाता है, बल्कि मानसिक दृढ़ता, अनुशासन और समर्पण का भी प्रतीक है। बैडमिंटन गति, रणनीति और सहनशक्ति का अनूठा संगम है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने स्वयं बैडमिंटन खेलकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि यह खेल पिछले कुछ दशकों में भारत में अभूतपूर्व रूप से लोकप्रिय हुआ है। इसका श्रेय हमारे उन महान खिलाड़ियों को जाता है, जिन्होंने विश्व मंच पर भारत का नाम रोशन किया है। इनमें प्रकाश पादुकोण, पुलेला गोपीचंद, साइना नेहवाल, पी.वी. सिंधु और लक्ष्यसेन जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों ने लाखों युवाओं को इस खेल की ओर आकर्षित भी किया है।
मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों से आग्रह किया कि आप एक टीम की तरह खेले। एक-दूसरे का सहयोग करें, एक-दूसरे से सीखें, आपकी एकता ही आप सबकी सबसे बड़ी ताकत है।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी पंचकूला के चेयरमैन श्री ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने और उन्हें नशे की लत से दूर रखने के उद्देश्य से स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी पंचकूला का गठन 15 वर्ष पूर्व किया गया था। उन्होने बताया कि 15 वषों से सोसाईटी द्वारा प्रतिवर्ष जिला में कबड्डी, बैडमिंटन, क्रिकेट आदि खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। इसके अलावा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए मेडल जीतने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जाता है।
फरीदाबाद। अंकुश मिगलानी, उपाध्यक्ष व महेश जोशी, महासचिव भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी हरियाणा राज्य शाखा चंडीगढ़ से प्राप्त निर्देशानुसार एवं विक्रम सिंह, उपायुक्त एवं प्रधान जिला रेडक्रॉस सोसायटी फरीदाबाद के कुशल मार्गदर्शन व एवं सचिव बिजेंद्र सौरोत के नेतृत्व में दिनांक 09.09.25 से 13.09.25 तक के० एल० मेहता दयानन्द महिला महाविद्यालय, ऍन० आई० टी० 3, फरीदाबाद के प्रांगण में यूथ रेडक्रॉस प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया।
इस पाँच दिवसीय शिविर के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि नेहा सारन, तहसीलदार बड़खल ने शिरकत की। उन्होंने यूथ रेडक्रॉस समापन समारोह के अवसर पर विभिन्न कॉलेजों से आए प्रतिभागियों जिन्होंने विभिन्न प्रतियोगियों में स्थान हासिल किया था उनको पुरस्कार देकर सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए बताया कि यूथ रेडक्रॉस स्वयंसेवक हर कठिन समय में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। समाज में लोगों की सहायता के लिए तत्पर मौजूद रहते हैं। लोगों को समय-समय पर हर प्रकार की कुरीतियों से अवगत करवाते रहते हैं।
जिला रैड क्रॉस सोसाइटी फरीदाबाद के सचिव बिजेन्द्र सौरोत ने उपस्थित मुख्य अतिथि, कॉलेज प्रोफेसर, एवं विधार्थियों जिनके द्वारा इस शिविर में प्रशिक्षण लिया गया उनको धन्यवाद करते हुए बताया कि प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वागिण विकास के लिये रैडक्रॉस के इतिहास, यूथ रैड क्रॉस की गतिविधियों, राज्य एवं जिला स्तर पर मानवहित में संचालित गतिविधियों, प्रतिभागियों के आत्मविश्वास एवं इच्छाशक्ति को जगाने, रैडक्रॉस के चिन्ह प्रयोग एवं दुरुपयोग, राष्ट्रीय एकता, महिला सशक्तिकरण, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजन के सम्मान, नशा मुक्त भारत के सपने को साकार बनाने, संतुलित आहार, व्यक्तिगत साफ सफाई, समाज की सेवा, बेहतर स्वास्थ्य, पौधारोपण, हरित क्रांति, जल संरक्षण, 2025 तक टी0बी0 मुक्त भारत, हेपेटाइटिस बी0 व सी०, एच0आई0 वी0, सड़क सुरक्षा – जीवन रक्षा, आपदा प्रबंधन, ट्रैफिक नियमों की पालना, बेहतर स्वास्थ्य रखने आदि बारे विशेषज्ञयों के माध्यम से जागरूक किया साथ ही इस अवसर पर विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को जागरूक करते हुए बताया की हमे अपने आस पास पेड़ पौधे लगाने चाहिए जिससे वातावरण स्वास्थ्य के अनुकूल रहे एवं बीमारियों का खतरा भी कम हो हम स्वस्थ होंगे तो बीमार नहीं होंगे प्राथमिक सहायता की जरूरत भी नहीं होगी।
एम सी धीमान, शिविर निदेशक एवं रेडक्रॉस सोसायटी फरीदाबाद के प्राथमिक चिकित्सा प्रवक्ता ने पांच दिवसीय यूथ रेडक्रॉस कार्यक्रम की अंतिम दिन रूपरेखा स्पष्ट की तथा विभिन्न कॉलेजों से आए प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया एवं विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस पर अभ्यर्थियों को फर्स्ट एड थीम ” फर्स्ट एड एंड क्लाइमेट चेंज ” विषय पर जागरूक करते हुए रैडक्रॉस थीम पर निबंध लेखन प्रतियोगिता कराई गई।
मिशन जागृति संस्था, फरीदाबाद के प्रधान प्रवेश मलिक द्वारा युवाओं को संबोधित करते हुए बताया कि हमारे समाज को जागरूक करने के लिए और प्रगति के रास्ते पर आगे ले जाने के लिए युवाओं को रास्ता दिखाने के लिए यूथ रेडक्रॉस का पूरे देश में एक विशेष योगदान है। उन्होने सभी प्रतिभागियों से आहान किया कि शिविर के दौरान दी गई सभी मानव कल्याणकारी जानकारियों को सफल बनाने हेतु समाज एवं अपने साथियों को जोड़ने का प्रयास करें।
इस अवसर पर के कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ मीनू दुआ द्वारा रैडक्रॉस को मानवीय संस्था बताते हुए, रैड क्रॉस द्वारा किये जा रहे कार्यो की सराहना की तथा सभी विधार्थियों को मोटीवेट करते बताया कि सपने जरूर देखे और उनको पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करें।
पुरुषोत्तम सैनी, उप अधीक्षक जिला रेडक्रॉस सोसायटी, फरीदाबाद द्वारा बताया कि शिविर में 20 महाविद्यालयों के 100 प्रतिभागियों व 20 यूथ रेडक्रॉस काउंसलर ने हिस्सा लिया, कैंप के माध्यम से विधार्थियों कि प्रतिभा निखारने का प्रयास किया गया इसमें विधार्थियों ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया व अपने भाषण द्वारा बच्चो को प्रोत्साहित किया।
डॉ सुप्रिया ढांडा, सहायक प्रोफेसर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस का यह दिन समुदायों को जलवायु से संबंधित आपात स्थितियों, जैसे बाढ़, लू और जंगल की आग के लिए तैयार रहने की आवश्यकता पर ज़ोर देता है, जहाँ प्राथमिक उपचार का ज्ञान जीवन रक्षक साबित हो सकता है।
जिला प्रशिक्षण अधिकारी इशांक कौशिक ने बताया कि शिविर के दौरान प्रतिभागियों के मध्य निबंध, भाषण, म्यूजिकल प्रतियोगिताएं भी कराई गई। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पाने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया व फर्स्ट एड के माध्यम में आपदा से निपटने के गुर सिखाए एवं पर्यावरण बचाने हेतु सभी उपस्थित कॉलेज स्टाफ, विद्यार्थियों को शपथ दिलवाई।
रेडक्रॉस सोसाइटी के प्राथमिक चिकित्सा प्रवक्ता मनमोहन शर्मा, हिमांशु, दर्शन भाटिया और कृष्णा वर्मा के द्वारा युवाओं को प्रैक्टिकल देकर विभिन्न प्रकार के प्राथमिक चिकित्सा के गुर सिखाए एवं युवाओं को सी पी आर से सम्बंधित जानकारी देते हुए बताया कि सीपीआर का मतलब है कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन। जब कोई व्यक्ति सांस न ले पा रहा हो और बेहोश जो जाए तो सीपीआर से उसकी जान बचाई जा सकती है।हार्ट अटैक यानी दिल का दौरा पड़ने पर तो सबसे पहले और समय पर सीपीआर दे दिया जाय तो पीड़ित की जान बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इस मौके पर कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से अरविन्द शर्मा लिपिक, मनदीप, कंप्यूटर ऑपरेटर, अशोक कुमार, सेवादार युवराज, रामकिशोर व अन्य रेडक्रॉस स्टाफ व कॉलेज स्टाफ का सहयोग सराहनीय रहा।
फरीदाबाद। सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन डॉ एमपी सिंह ने बताया कि आईएमटी स्थित फायर ब्रिगेड के ट्रेनिंग सेंटर में पूरे हरियाणा से आए हुए फायर ऑफिसरों को प्राथमिक सहायता का प्रशिक्षणदेकर विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस मनाया गया ।
डॉ एमपी सिंह ने बताया कि आकस्मिक दुर्घटना के वक्त सही प्राथमिक सहायता देकर दुर्घटनाग्रस्त लोगों को बचाया जा सकता है प्राथमिक सहायता देना इंसानियत और हिम्मत का काम है । उन्होंने बताया कि जब कोई व्यक्ति श्वास न ले रहा हो और बेहोशी की हालत में हो तो उसे कोई खाद्य व पे पदार्थ नहीं देना चाहिए और अति शीघ्र सीपीआर देकर उसको खतरे में से निकालने की कोशिश करनी चाहिए। सीपीआर हमेशा जमीन पर लिटाकर दिया जाता है और जब तक लिया जाता है जब तक पेट ऊपर नीचे न करने लगे।
उन्होंने हार्टअटैक, सर्वाइकल अटैक, मिर्गी कादौरा, पानी में डूब जाना, बिजली का झटका लग जाना, जलना और झुलसना, हड्डीटूट, सांप व बिच्छू का काट लेना, तेज बुखार हो जाना, उल्टी दस्त लग जाना, तिजाव पी लेना, सल्फासकी गोली खा लेना, मिट्टी का तेल पी लेना, बिस्तर के घाव हो जाना, गनशॉट और चाकू के घाव हो जाना, पर क्या प्राथमिक सहायता करनी चाहिए और खून को कैसे रोकना चाहिए तथा नजदीकी अस्पताल को कैसे ले जाना चाहिए। उक्त सभी की विस्तृत जानकारी देकर विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस मनाया।
फरीदाबाद। हाल ही में आई बाढ़ से प्रभावित करीब 27 गांवों के लोग अब राहत महसूस कर रहे हैं। बाढ़ के दौरान जहां प्रशासन ने अपनी ओर से राहत कार्य किए, वहीं फरीदाबाद सरपंच एसोसिएशन के प्रधान सूरजपाल उर्फ़ भूरा ने चांदपुर गांव मे अपने निजी खर्चे से बाढ़ पीड़ितों के लिए भोजन, दवाइयां, भजन-कीर्तन व अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाईं।
शेल्टर होम में ठहरे सभी बाढ़ प्रभावित लोग अब अपने घरों को लौट रहे हैं। जाते समय मजदूरों और ग्रामीणों ने सरपंच सूरजपाल व भूरा का धन्यवाद किया और उन्हें मिठाई खिलाकर आशीर्वाद दिया कि उनका विकास दिन-रात दोगुना हो।
सरपंच सूरजपाल ने कहा कि इस मदद में जो भी खर्च हुआ है, उसमें एक भी रुपया सरकारी खजाने से नहीं लिया गया। उन्होंने इसे अपना सामाजिक फर्ज मानते हुए जरूरतमंदों की सहायता की।
यह उदाहरण एक बार फिर साबित करता है कि मुश्किल समय में समाज के लोग जब आगे आते हैं, तो हर आपदा को पार किया जा सकता है।
सेवा पखवाड़ा कार्यशाला में विपुल गोयल ने कार्यकर्ताओं को सेवा, आत्मनिर्भर भारत और पंच परिवर्तन का दिया संदेश
फरीदाबाद । हरियाणा के कैबिनेट मंत्री एवं फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र के विधायक विपुल गोयल ने कहा कि सेवा पखवाड़ा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भाजपा कार्यकर्ताओं का संस्कार और जीवन मंत्र है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सेवा और समर्पण की राजनीति को नया आयाम दिया है और आज हर भाजपा कार्यकर्ता “सेवा ही संगठन” की भावना के साथ जनसेवा के कार्यों में जुटा है।
विपुल गोयल शनिवार को सेक्टर-16 स्थित सागर सिनेमा कार्यालय में आयोजित फरीदाबाद विधानसभा की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यशाला सेवा पखवाड़ा (17 सितंबर से 2 अक्टूबर) के निमित्त आयोजित की गई, जिसमें जिले के सभी प्रमुख कार्यकर्ता, पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल, जिला प्रभारी नरेंद्र वत्स एवं भाजपा जिला अध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल जी ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।
अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि सेवा पखवाड़े के अंतर्गत स्वच्छता अभियान, “एक पेड़ माँ के नाम” वृक्षारोपण, रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर, युवाओं के लिए खेलकूद एवं संवाद कार्यक्रम, और गांधी जयंती पर स्वदेशी उत्पादों के प्रयोग जैसे अनेक कार्य निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान गांधी जी के स्वच्छता मंत्र और दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद दर्शन को धरातल पर उतारने का प्रयास है।
मंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश ने 75 बड़े सुधार देखे हैं जनधन योजना से लेकर आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री आवास योजना, GST सुधार, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत तक, इन सबने आम नागरिक के जीवन को आसान बनाया है और भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना दिया है।
जिला प्रभारी श्री नरेंद्र वत्स जी ने अपने संबोधन में कहा कि सेवा पखवाड़ा कार्यकर्ताओं के लिए जनता से जुड़ने और उनके बीच पार्टी की विचारधारा को पहुँचाने का उत्तम अवसर है। जिला अध्यक्ष श्री पंकज पूजन रामपाल जी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान और पंच परिवर्तन जैसे कार्यक्रम कार्यकर्ताओं के लिए स्पष्ट मार्गदर्शक हैं और इन्हें हर बूथ स्तर तक ले जाना हमारी जिम्मेदारी है।
कार्यशाला में सभी वक्ताओं ने यह संकल्प लिया कि सेवा पखवाड़ा को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जनांदोलन बनाया जाएगा।