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Tuesday, February 24, 2026
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खुले दरबार में मंत्री राजेश नागर ने बिजली संबंधित शिकायत सुनी, मौके पर ही सुनिश्चित किया अधिकारियों द्वारा एक्शन

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जनता की समस्याओं को दूर न करने और फोन न सुनने की शिकायत पर गुस्साए मंत्री

फरीदाबाद। मंत्री राजेश नागर ने आज अपने अशोका एन्क्लेव स्थित कार्यालय पर खुला दरबार आयोजित किया जिसमें स्थानीय लोगों ने बिजली निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की खुलकर शिकायत रखीं।

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लोगों ने मंत्री राजेश नागर को बताया कि उनके यहां बिजली के फॉल्ट होने पर उन्हें कई कई दिन ठीक नहीं करते हैं, ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर को बाइफरकेट नहीं करते हैं और उनके फोन भी नहीं उठाते हैं। जिससे उन्हें अपने काम धंधे से छुट्टियां लेकर इनके चक्कर लगाने पड़ते हैं। जिसपर मंत्री राजेश नागर ने मौके पर ही मौजूद बिजली अधिकारियों द्वारा एक्शन सुनिश्चित कराया। उन्होंने कहा कि आपको जिस सेवा का अवसर मिला है। उसी से आपकी रोजी चलती है और आप वही काम नहीं करोगे तो सरकार एक्शन लेगी। जनता की समस्याओं को प्राथमिकता दीजिए और उनके फोन सुनिए। नहीं तो आपके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

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खुले दरबार में पहुंचे पल्ला गांव की हरिजन बस्ती के निवासियों ने जल भराव की समस्या का निराकरण करने की मांग की। लोगों ने बताया कि समय के साथ उनकी बस्ती नीचे पड़ गई है जहां सीवर ओवरफ्लो होकर उनके घरों में घुसता है । इसका समाधान दिया जाए। नागर ने तुरंत प्रभाव से मौके का मुआयना कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
वहीं पल्ला थाने के सामने पानी और सीवर की लाइन डाले जाने, मस्जिद पुल खराब होने, संतोष नगर, अजय कॉलोनी, सूर्य विहार पार्ट 2 में नालियों की मरम्मत कराने, बाबा सूरदास कॉलोनी तिलपत, हरकेश नगर, न्यू तिलपत कॉलोनी, बांके बिहारी कॉलोनी, पोप कॉलोनी, राम सिंह नेताजी कॉलोनी, होराम कॉलोनी, हनुमत कॉलोनी आदि के लोगों ने भी खुले दरबार में अपनी बात रखीं।


इस अवसर पर मंत्री राजेश नागर ने कहा कि दरबार में आए हुए सभी मेरे स्वजन हैं। इन सबके सुख-दुख में मैं हमेशा शामिल रहता हूं। अगर इनको कोई परेशानी होती है तब भी मेरे पास आते हैं और इनको खुशी होती है तब भी यह मेरे साथ साझा करते हैं। मैंने आज यहां भी अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि रोजमर्रा के कार्यों को करने के लिए बिल्कुल भी देरी न करें और बड़े प्रोजेक्ट भी जल्द से जल्द रिपोर्ट बनाकर उन्हें अनुमति लेकर टेंडर लगाएं जिससे लोगों को परेशानी से बचाया जा सके।


इस अवसर पर विक्की भडाना, भाजपा जिला उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा, लोकेश बैसला, देवेंद्र अग्रवाल, अमित भारद्वाज, प्रेम नंबरदार, अजय प्रताप भडाना, करण गोयल, राहुल यादव, हरीश बैसला मंडल अध्यक्ष तिलपत, राजेश चौधरी आईपी मंडल अध्यक्ष, मुकेश झा सेहतपुर मंडल अध्यक्ष, उमेश भाटी आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

मनरेगा कानून में बदलाव कर मजदूरों के हकों पर कुठाराघात कर रही है मोदी सरकार : पूनम चौहान

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कांग्रेसी नेताओं ने एक दिवसीय उपवास व विरोध कार्यक्रम आयोजित कर जताया अपना विरोध

फरीदाबाद। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) कानून में बदलाव के प्रयासों के विरोध में रविवार को जिले के कांग्रेसी नेताओं ने एन.एच.-5 स्थित महात्मा गांधी पार्क में एक दिवसीय उपवास एवं प्रतीकात्मक विरोध कार्यक्रम आयोजित किया गया।  इस दौरान मनरेगा को कमजोर किए जाने के प्रयासों के खिलाफ आवाज़ बुलंद की गई और मजदूर-किसानों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया गया।

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इस मौके पर विधायक रघुबीर सिंह तेवतिया, पूर्व विधायक नीरज शर्मा, पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी लखन कुमाार सिंगला, पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी विजय प्रताप सिंह, जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलजीत कौशिक, पराग शर्मा, महिला कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुधा भारद्वाज, प्रदेशाध्या महिला सेवादल सुनीता शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष कांग्रेस सेवादल डा. पूनम चौहान, गिरीश भारद्वाज,अब्दुल गफ्फार कुरैशी, डा. एस.एल. शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता सुमित गौड़, योगेश ढींगड़ा, नितिन सिंगला, प्रियंका भारद्वाज, जगन डागर, विनोद कौशिक, संजय सोलंकी, विकास दायमा, हरीश तंवर, खुशबू खान, रचना भसीन, संजय त्यागी, एस.एस. गौड़, नसीमा खान, विशाल पाण्डे, हरजीत सिंह, हेमलता शर्मा, अजीत तोमर, राजेंद्र चपराना, अनिल शर्मा, सुंदर माहौर, गुलाब सिंह, ईशांत कथूरिया, बलजीत सिंह, ओमप्रकाश चौधरी, हरीलाल गुप्ता, भूषण कुमार, बाबूलाल रवि, अशोक रावल, गजना लाम्बा, सुनीता फागना, सविता चौधरी जिलाध्यक्ष पलवल महिला कांग्रेस, जयबीर बैंसला, देवदत्त, सूरज ढेडा इत्यादि अनेकों कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद थे।

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इस मौके पर कांग्रेस सेवादल की प्रदेशाध्यक्ष पूनम चौहान, सेवादल जिलाध्यक्ष सुनीता शर्मा व कांग्रेसजनों ने संयुक्त रुप से कहा कि नए नियम में भाजपा मजदूरों के काम करने के संवैधानिक अधिकार को छीन रही है। जबकि कांग्रेस हर परिवार को न्यूनतम 100 दिनों के काम की कानूनी गारंटी मिलती थी। हर गांव में काम की कानूनी गारंटी दी जाती थी। भाजपा के नए प्रावधान में अब पंचायत के पास कोई कानूनी गारंटी नहीं रहेगी। काम केवल मोदी सरकार द्वारा चुने गए गांवों में ही मिलेगा।

उन्होंने कहा कि पुराने नियम में पूरे साल काम की मांग कर सकते थे। कानूनी न्यूनतम मजदूरी की गारंटी दी गई थी, जब नए नियम में फसल कटाई के मौसम में काम नहीं मिलेगा। मोदी सरकार मजदूरी अपनी मर्जी से मनमाने ढंग से तय करेगी। पुराने नियम में पंचायत के माध्यम से अपने ही गांव के विकास के लिए काम मिलता था। काम में मनरेगा मेट और रोजगार सहायकों का सहयोग मिलता था। नए नियम के अनुसार अब आप कहां और क्या काम करेगें, यह मोदी सरकार अपने पसंदीदा ठेकेदारों के माध्यम से मनमाने ढंग से तय करेगी। अब किसी मेट या रोजगार सहायक का सहयोग नहीं मिलेगा। पुराने नियम में मजदूरी का 100 प्रतिशत भुगतान केन्द्र सरकार करती थी, इसलिए राज्य सरकार बिना किसी चिंता या कठिनाई के काम उपलब्ध कराती थी। नए नियम में अब राज्य सरकारों को मजदूरी का 40 प्रतिशत हिस्सा खुद देना होगा, खर्च बचाने के लिए हो सकता है, वो काम ही उपलब्ध न कराएं। कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार के इस तानाशाही फैसले का जमकर विरोध करती है और जब तक सरकार यह फैसला वापिस नहीं लेती, जब तक सडक़ से लेकर संसद तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। 

केंद्रीय बजट से हरियाणा की प्रगति का मार्ग और होगा प्रशस्तः नायब सैनी

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नई दिल्ली में केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में बजट पूर्व बैठक हुई आयोजित

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों (विधायकमंडल सहित) के वित्त मंत्रियों के साथ बजट पूर्व बैठक हुई। बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय बजट में हरियाणा से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण मांगों को रखा। इसमें कृषि, ग्रामीण विकास, मेडिकल, उद्योगों आदि में बजट आवंटन व अन्य प्रमुख मांगों को रखा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट से हरियाणा की प्रगति का मार्ग और प्रशस्त होगा। हरियाणा 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में अपना पूरा योगदान देगा।

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इस दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार भरपूर प्रयास कर रही है। हमने अपने स्तर पर काफी प्रयास किए हैं लेकिन परिणाम तक पहुंचने के लिए केन्द्रीय सहायता की जरूरत है। चिकित्सा शिक्षा को व्यापक बनाने के लिए हरियाणा हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने जा रहा है। इसके लिए भी केन्द्र प्रायोजित योजनाओं के तहत मदद की बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि हरियाणा कृषि प्रधान राज्य है व खाद्यान्न उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है। इसे भारत का ब्रेड बास्केट भी कहा जाता है। यहां सेम से 6 लाख एकड़ जमीन प्रभावित है, अतः इस ज़मीन को और ज्यादा नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय सहायता दी जानी चाहिए। वहीं कृषि के आधुनिकीकरण की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही है। डिजिटल एग्रीकल्चर, माइक्रो इरीगेशन, एग्री लॉजिस्टिक्स और वैल्यू-एडीशन पर फोकस किसान को सीधे बाजार से जोड़ा जा सकता है। एम.एस.एम.ई. के साथ एग्री प्रोसेसिंग क्लस्टर्स ग्रामीण समृद्धि का इंजन बन सकते हैं।

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एनसीआर क्षेत्र के लॉजिस्टिक्स हब के लिए केंद्रीय पूंजीनिवेश की जरूरत
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा का एनसीआर क्षेत्र लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे देश के सभी प्रमुख बाजारों से कनेक्टिविटी और माल की सप्लाई आसान व समयबद्ध हो जाएगी इसलिए हमें इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक केन्द्रीय पूंजीनिवेश की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई और स्टार्टअप्स को गति दिये बिना अर्थव्यवस्था को गति नहीं दी जा सकती। हरियाणा का स्टार्टअप्स में देश में चौथा स्थान है। हम स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए 2 हजार करोड़ रुपये का ‘फंड ऑफ फंड्स’ स्थापित करवाने जा रहे हैं। हम प्रदेश में 10 नये आई.एम.टी. विकसित करने जा रहे हैं। इससे समूचे प्रदेश में एम.एस.एम.ई. व स्टार्टअप्स को भारी प्रोत्साहन भी मिलेगा। इन आई.एम.टी. में भारी पूंजीनिवेश भी होगा। हमें इन्हें विकसित करने के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 44 लाख से अधिक लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान कर रहे हैं। हरियाणा की इस मद में भी आर्थिक सहायता बढ़ाई जाए।

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ग्रामीण विकास के कोष को बढ़ाने की रखी डिमांड
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने ग्रामीण विकास के कोष को बढ़ाने की डिमांड रखी। उन्होंने कहा कि बढ़ती बुनियादी ढांचे की जरूरतों और ग्रामीण विकास की गति को बनाए रखने के लिए आरआईडीएफ के तहत सामान्य आवंटन को अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2,000 करोड़ रुपये किया जाए। इसी तरह यूआईडीएफ के तहत अधिकतम परियोजना आकार पर 100 करोड़ रुपये की मौजूदा सीमा बड़ी परियोजनाओं के काम में बाधा बनी हुई है। इस सीमा को बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये किया जाए। उन्होंने पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता’ योजना जारी रखने के लिए केंद्रीय वित्तमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के निकट होने के कारण हरियाणा की विशेष जरूरतों को देखते हुए, हरियाणा के लिए अप्रतिबंधित आवंटन बढ़ाया जाए। साथ ही सहायता के उपयोग की शर्तों में भी उचित छूट दी जाए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सुझाव देते हुए कहा कि सबसे पहला मानव पूंजी निवेश आज समय की मांग है। शिक्षा, कौशल और स्वास्थ्य विकसित राष्ट्र की रीढ़ है। भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए एआई, सैमी कंडक्टर्स, ग्रीन टेक व बायोटेक जैसे क्षेत्रों में कौशल विकास किया जाना जरूरी है।

जीडीपी में हरियाणा का 3.7 योगदान
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा भौगोलिक रूप से एक छोटा राज्य होने के बावजूद देश की जीडीपी में 3.7 प्रतिशत योगदान कर रहा है। कर संग्रह के मामले में भी प्रदेश अग्रणी है। वहीं प्रति व्यक्ति जीएसटी संग्रहण में देश में प्रथम स्थान पर है। राष्ट्रीय स्तर पर कुल जीएसटी संग्रह में हमारा योगदान 7.32 प्रतिशत है। दिसंबर, 2025 तक देश में 5वें स्थान पर रहे हैं। हरियाणा ने इस वित्त वर्ष में शुद्ध एसजीएसटी संग्रह में 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जो 6 प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस आम बजट में हरियाणा से जुड़ी मांगों को विशेष स्थान दिया जाएगा ताकि प्रदेश और तेज गति से विकास कर सके।

तिगांव विधानसभा में विकास को लेकर मंत्री राजेश नागर का निगमायुक्त के साथ मंथन

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विकास में देरी पर मंत्री राजेश नागर ने अधिकारियों एवं ठेकेदारों पर कार्रवाई के लिए कहा

फरीदाबाद। मंत्री राजेश नागर ने आज सेक्टर 16 स्थित सर्किट हाउस में नगर निगम अधिकारियों के साथ मंथन बैठक की जिसमें उन्होंने आयुक्त धीरेंद्र खडगटा को विकास कार्यों में ढिलाई बरतने वाले ठेकेदारों एवं अधिकारियों पर कार्रवाई करने के लिए कहा।
बैठक में तिगांव विधानसभा क्षेत्र के सभी निगम पार्षद भी मौजूद रहे। मंत्री राजेश नागर ने एक-एक पार्षद से उनकी समस्याएं और मांगें जानी और निगम आयुक्त को सभी समस्याओं को जल्द से जल्द दूर करने के लिए कहा। नागर ने कहा कि सड़क, नाली, सीवर, पानी, सफाई जैसी चीजों पर प्राथमिकता से काम करें क्योंकि यह व्यक्ति की रोजमर्रा की व्यवस्थाएं हैं। इनके लिए तो शिकायत आनी ही नहीं चाहिए।

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उन्होंने आयुक्त से कहा कि देखने में आ रहा है कि विकास कार्यों में जानबूझकर ढिलाई बरती जा रही है जो कि बहुत गलत व्यवहार है। सरकार जनता की सहूलियत के लिए विकास कार्य करवा रही है ऐसे में यदि वह समय पर जनता को समर्पित नहीं होगी तो संबंधित लोग कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

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उन्होंने निगमायुक्त को ऐसे ठेकेदारों और अधिकारियों की लिस्ट बनाने के लिए कहा जिनके विकास कार्य देरी से चल रहे हैं। जिसमें दोषी मिलने वाले ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट करने और अधिकारियों को ट्रांसफर करने अथवा उनके खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए। मंत्री राजेश नागर ने बाद में कहा कि तिगांव विधानसभा क्षेत्र में पिछले दिनों एक्सईएन स्तर पर हुए तबादलों के कारण भी विकास कार्य प्रभावित हुए हैं लेकिन यह भी देखने में आ रहा है कि कुछ जगहों पर ठेकेदार भी बहुत धीमी गति से काम कर रहे हैं। लेकिन अब निगम आयुक्त ने हमें भरोसा दिलाया है कि सभी विकास कार्यों को मुस्तैदी से और समय पर पूरा करेंगे।

अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता – मुख्यमंत्री

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अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद में आयोजित बजट पूर्व परामर्श बैठक के दूसरे सत्र में किया स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ संवाद, स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने आगामी बजट को लेकर दिए अपने सुझाव

प्रदेश के सभी नागरिक मेरा परिवार और परिवार के स्वास्थ्य की रक्षा करना मेरी सबसे बड़ी जिम्मेदारी – मुख्यमंत्री

फरीदाबाद, 9 जनवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश के आम बजट को लेकर बजट पूर्व परामर्श बैठकों की श्रृंखला लगातार जारी है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित बैठक के दूसरे सत्र में स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ आगामी बजट को लेकर सार्थक संवाद किया। उन्होंने संवाद में शामिल प्रतिनिधियों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बैठक प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र के भविष्य को दिशा देने का एक सशक्त अवसर है। उन्होंने सत्र के शुभारंभ में राजा नाहर सिंह को बलिदान दिवस पर श्रद्धापूर्वक नमन किया।

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बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री विपुल गोयल, स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री श्री राजेश नागर, पूर्व मंत्री एवं बल्लभगढ़ के विधायक श्री मूलचंद शर्मा, बड़खल के विधायक श्री धनेश अदलखा, एनआईटी के विधायक श्री सतीश फागना व मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर तथा प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

विकसित भारत 2047 के संकल्प का ग्रोथ इंजन बनेगा हरियाणा

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, जिनके पास वित्त मंत्री का प्रभार भी है, ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को 2047 में विकसित बनाने का संकल्प लिया है। उस संकल्प में हरियाणा देश का ग्रोथ इंजन बनेगा। बीते माह केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने पंचकूला में हरियाणा के विजन डॉक्यूमेंट 2047 को भी लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि इस बार बजट में सभी वर्गों के सुझाव लिए गये है, जिससे यह बजट सरकार का न होकर प्रदेश के जनमानस का बजट होगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारा ध्येय

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस वर्ष स्वास्थ्य क्षेत्र को बजट-पूर्व परामर्श की प्राथमिकता में रखा गया है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य आम नागरिक के जीवन का आधार है। हरियाणा का प्रत्येक नागरिक मेरा परिवार है और इस परिवार के स्वास्थ्य की रक्षा करना मेरी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। सरकार का संकल्प है कि स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाएं केवल फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि ज़मीन पर प्रभावी रूप से दिखाई दे और अंतिम व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचे।

हेल्थ इंफ्रा, मानव संसाधन और सेवाओं को बनाया जाएगा सशक्त

मुख्यमंत्री ने कहा कि वही नीति प्रभावी होती है, जो स्वास्थ्य को सुविधा नहीं, बल्कि अधिकार के रूप में देखे। इसी दृष्टिकोण के तहत पिछले वर्ष स्वास्थ्य बजट में 8.7 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष लक्ष्य स्वास्थ्य बजट को दो अंकों की वृद्धि तक ले जाने का है, जिससे हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर, मानव संसाधन और सेवाओं को और सशक्त किया जा सके।

मौजूदा वित्त वर्ष में स्वास्थ्य क्षेत्र खर्च हुए 6 हजार 711 करोड़

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रावधानों पर अब तक 6 हजार 711 करोड़ 82 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। संकल्प पत्र के वायदे को पूरा करते हुए प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, ब्लड एनालाइज़र और डिजिटल एक्स-रे जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि जिला अस्पतालों में निजी कमरों की व्यवस्था की गई है, डे-केयर कैंसर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं तथा सभी जिला अस्पतालों और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश के सभी ब्लड बैंकों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, ताकि आपात स्थितियों में सुरक्षित और त्वरित रक्त आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

जिनके सुझाव होंगे बजट में शामिल, उन्हें बजट भाषण सुनने के लिए विधानसभा में किया जाएगा आमंत्रित

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही सुशासन की वास्तविक पहचान है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों से अगले 8–10 दिनों में और सुझाव देने तथा चैटबॉट के माध्यम से भेजने का आग्रह किया। बैठक में पहुंचे स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने आगामी बजट को लेकर अपने सुझाव दिए और विभिन्न प्रावधानों को लेकर अधिकारियों के साथ व्यापक विचार विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने सभी सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन हितधारकों के सुझाव बजट 2026-27 में शामिल किए जाएंगे, उन्हें विधानसभा में बजट भाषण सुनने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डा. राज नेहरू, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री राजीव जेटली, फरीदाबाद की मेयर श्रीमती प्रवीण जोशी तथा मैक्स हेल्थकेयर, एसएसबी हार्ट एंड मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, प्रेम हॉस्पिटल, एशियन हॉस्पिटल, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, नीमा, एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल इंडस्ट्री, इंद्रप्रस्थ अपोलो, इंडियन डेंटल एसोसिएशन, आदि संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

खेल समान अवसर और सामाजिक परिवर्तन का माध्यम : विपुल गोयल

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राष्ट्रीय फुटसल चैम्पियनशिप 2026 में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल की सहभागिता, समावेशी खेलों को बताया राष्ट्र निर्माण का मजबूत आधार

फरीदाबाद। मानव रचना शैक्षिक संस्थान परिसर में आयोजित राष्ट्रीय फुटसल चैम्पियनशिप 2026 में सहभागिता कर यह स्पष्ट हुआ कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं बल्कि समान अवसर आत्मसम्मान और सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम हैं। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि समावेशी खेल सशक्त भारत और सशक्त युवाओं के निर्माण की आधारशिला हैं।

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कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने स्पेशल ओलिंपिक्स भारत की अध्यक्ष डॉ. मल्लिका नड्डा को उनके दूरदर्शी नेतृत्व और समावेशी खेलों के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन में स्पेशल ओलिंपिक्स भारत आज एक ऐसा राष्ट्रीय मंच बन चुका है, जो दिव्यांग खिलाड़ियों को सम्मान आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है। भारत की परंपरा एकता और समानता के मूल्यों पर आधारित रही है। आज आवश्यकता है कि इन मूल्यों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और खेल सहित हर क्षेत्र में व्यवहारिक रूप से लागू किया जाए, ताकि हर व्यक्ति को अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का समान अवसर मिले। खेलों को केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित मानना उचित नहीं है। खेल अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक समावेशन का सशक्त माध्यम हैं। हर प्रकार की क्षमता रखने वाले खिलाड़ियों को खेलों में भागीदारी और सम्मान पाने का बराबर अधिकार है, और इस अधिकार को सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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इस राष्ट्रीय फुटसल चैम्पियनशिप में 19 राज्यों से आए 227 खिलाड़ी और प्रशिक्षक भाग ले रहे हैं जो इस आयोजन की व्यापकता और विश्वसनीयता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन केवल प्रतियोगिताएं नहीं बल्कि खिलाड़ियों के लिए गरिमा अवसर और उत्कृष्टता के राष्ट्रीय मंच होते हैं।

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कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने आयोजन के दौरान खिलाड़ियों के स्वास्थ्य परीक्षण और युवा नेतृत्व विकास से जुड़े प्रयासों की सराहना की।

अंत में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, स्वयंसेवकों और आयोजकों को इस सफल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि आइए हम सब मिलकर यह सुनिश्चित करें कि समावेशन भारतीय खेल संस्कृति का स्थायी स्वरूप बने।

निवेश अनुकूल नीतियों से हरियाणा वैश्विक कंपनियों की पहली पसंद बना: नायब सैनी

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हरियाणा ने जापान के साथ आर्थिक संबंध मजबूत किए, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से चंडीगढ़ में मिजुहो बैंक के एमडी ने की मुलाकात

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से आज यहां सिविल सचिवालय में जापान के मिजुहो बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं इंडिया हेड श्री रयो मुराओ के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। बैठक में हरियाणा में आर्थिक सहयोग को मजबूत करने तथा रणनीतिक निवेश के नए अवसरों की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

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चर्चा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा के विदेशी सहयोग विभाग के साथ एक एमओयू करने में रुचि व्यक्त की। इसके तहत सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में ऑटोमोबाइल विनिर्माण, शिक्षा, वित्तीय सेवाएं तथा विशेष रूप से वैश्विक स्तर पर तेजी से उभरते सेमीकंडक्टर शामिल हैं।

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प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि हरियाणा की प्रगतिशील नीतियों और मजबूत ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पारिस्थितिकी तंत्र से प्रभावित होकर मिजुहो बैंक ने अपना कार्यालय दिल्ली से गुरुग्राम स्थानांतरित किया है। उन्होंने हरियाणा में अपने परिचालन और निवेश के दायरे को और विस्तार देने के लिए राज्य सरकार से निरंतर सहयोग और समर्थन का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि हरियाणा पारदर्शी शासन, आधुनिक अवसंरचना और कुशल मानव संसाधन के साथ एक स्थिर एवं निवेशक-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर श्री नायब सिंह सैनी ने श्री रयो मुराओ को श्रीमद्भगवद्गीता की एक प्रति भेंट की।

प्रदेश सरकार ने हरियाणा में विदेशी पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए विदेश सहयोग विभाग का गठन किया, विभाग लगातार विदेशी निवेशकों से संपर्क कर प्रदेश में निवेश के लिए आकृषित करने के साथ—साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य की कूटनीति, द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय संबंधों को और मजबूत कर रहा है। विभाग ‘गो ग्लोबल अप्रोच’ के माध्यम से लगातार कार्य कर रहा है।

बैठक में मुख्यमंत्री के विदेशी सहयोग विभाग के सलाहकार श्री पवन कुमार चौधरी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

पिछले 11 वर्षों में देश ने देखा सकारात्मक परिवर्तन – नायब सैनी

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हरियाणा को शिक्षा और गवर्नेस के क्षेत्र में राष्ट्रीय मॉडल राज्य बनाने की दिशा में अहम कदम, मुख्यमंत्री ने नीव पोर्टल का किया शुभारंभ

‘ज्ञान सेतु’ के अंतर्गत स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट और विभिन्न विश्वविद्यालयों के बीच हुआ एमओयू

पंचकूला। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनकल्याण हेतु किए गए कार्यों और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन से देशवासियों को आज एक बड़ा सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की मूल जिम्मेदारी जनता के हित में कार्य करना होती है और आज देश व प्रदेश के नागरिक यह अनुभव कर रहे हैं कि यह सरकार वास्तव में उनकी अपनी सरकार है—यही सुशासन का सच्चा स्वरूप है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब लोग यह मानते थे कि केवल पाँच वर्ष पूरे करने होते हैं और फिर सरकार बदल ही जाती है, लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है। अब जनता बदलाव नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाला ठोस और परिणाममुखी कार्य चाहती है।

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मुख्यमंत्री वीरवार को पंचकूला में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों और सतत मूल्यांकन के लिए ‘नेशनल एजुकेशन इवैल्यूएशन एंड वेलिडेशन (नीव) पोर्टल’का शुभारंभ किया। साथ ही, मुख्यमंत्री की उपस्थिति में ‘ज्ञान सेतु’ पहल के अंतर्गत स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट और विभिन्न विश्वविद्यालयों के बीच एमओयू पर हस्तासक्षर किए गए।

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति डिग्री के साथ कौशल और आत्मनिर्भरता पर आधारित दूरदर्शी पहल

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज का दिन हरियाणा के शैक्षणिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा, क्योंकि आज हरियाणा के शिक्षा परिदृश्य को एक नई दिशा मिली है, जो प्रदेश के भविष्य को सशक्त आधार प्रदान करेगी। आज हुए सभी एमओयू का उद्देश्य दूरदर्शी सोच पर आधारित है, ताकि हरियाणा अपनी जड़ों से जुड़ते हुए मजबूती के साथ आगे बढ़ सके। इसी क्रम में 24 दिसंबर को केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा विज़न डॉक्यूमेंट–2047 का शुभारंभ किया गया था। यह संकल्प प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के विजन के अंतर्गत है।

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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसका उद्देश्य ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करना है जो केवल काग़ज़ी डिग्रियों तक सीमित न रहे। इस नीति के तहत शिक्षा को कौशल-आधारित बनाया गया है, ताकि युवा शिक्षित होने के साथ-साथ उसके पास ऐसे व्यावहारिक हुनर हों जो उसे आत्मनिर्भर बनाएं और सम्मानजनक आजीविका अर्जित करने में सक्षम करें। इसी सोच के अनुरूप हरियाणा को देश का ग्रोथ इंजन बनाने की बड़ी जिम्मेदारी हम सभी की है और आज हुए एमओयू का लाभ आने वाले समय में प्रदेश की जनता, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को मिलेगा।

बजट में पहली बार शोध (रिसर्च) के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में पहली बार शोध (रिसर्च) के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है। बजट तैयार करते समय हमारी यह स्पष्ट सोच थी कि विश्वविद्यालय शोध के क्षेत्र में आगे आएँ और विद्यार्थी जमीनी समस्याओं के समाधान से जुड़ें। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आज हम देख रहे हैं कि जलभराव (वॉटरलॉगिंग) एक गंभीर समस्या बन चुकी है, इसलिए एक विश्वविद्यालय इस विषय पर गहन शोध कर स्थायी समाधान सुझाए।

मोदी सरकार की जनकल्याणकारी पहलों से बदली देश-प्रदेश की तस्वीर

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले जिन मुद्दों पर कभी गंभीरता से विचार नहीं हुआ, उन्हें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ठोस सोच के साथ अमल में लाकर जनकल्याण का माध्यम बनाया। मोदी सरकार की जनकल्याणकारी पहलों से देश-प्रदेश की तस्वीर बदली है। आयुष्मान भारत–चिरायु योजना से करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिली, हर घर नल से जल योजना ने ग्रामीण महिलाओं की कठिनाइयाँ कम कीं, ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ पहल से हरियाणा में अधिकांश गांवों में 24 घंटे बिजली पहुंची और उज्ज्वला योजना से गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन मिले। इन पहलों ने बुनियादी समस्याओं का समाधान कर लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का एक स्पष्ट और दूरदर्शी विज़न है—विकसित भारत का। उन्होंने 2014 के बाद संकल्प लिया और विजन रखा कि भारत दुनिया की पाँचवीं आर्थिक शक्ति बनेगा और भारत ने इस लक्ष्य को प्राप्त भी किया। इसके बाद आज भारत दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्थां बन चुका है और तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की ओर तेजी से अग्रसर है।

उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश में एक व्यापक और स्पष्ट बदलाव दिखाई देता है, जिसकी चर्चा आमजन से लेकर हर वर्ग में हो रही है। आज किए गए एमओयू का उद्देश्य भी यही है कि विकसित भारत की परिकल्पना को विकसित हरियाणा से जोड़ते हुए आने वाले समय में प्रमुख स्तंभों को और सुदृढ़ किया जाए, जिसमें रिसर्च के क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है।

एआई प्री-बजट फीडबैक पोर्टल लॉन्च, नागरिकों के सुझावों से बनेगा जनभागीदारी वाला बजट

मुख्यमंत्री ने कहा कि गत दो दिन पहले ही एआई प्री-बजट फीडबैक पोर्टल लॉन्च किया गया है। इस पर नागरिक और विभिन्न हितधारक अपने सुझाव दे सकते हैं। विद्यार्थियों भी अच्छे और उपयोगी सुझाव दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह बजट सरकार का नहीं, बल्कि जनता का बजट है, जिसमें लोगों की भागीदारी जरूरी है। अधिक से अधिक सुझाव आएँगे तो प्रदेश के विकास के लिए बेहतर और प्रभावी निर्णय लिए जा सकेंगे।

जी राम जी योजना का उद्देश्य हर हाथ को काम और हर चेहरे पर मुस्कान : विपुल गोयल

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ग्रामीणों को मिलेगी 125 दिन के रोजगार की गारंटी : विपुल गोयल

पलवल। कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि वीबी-जीरामजी योजना स्थायी आजीविका की गारंटी है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिन का रोजगार मिलेगा और गांवों में रोजगार और आत्मनिर्भर की नई क्रांति आएगी। श्री गोयल बुधवार को पलवल स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

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विपुल गोयल ने कहा कि कांग्रेस के शासन में मनरेगा भ्रष्टाचार का केंद्र बन गई थी, लेकिन जीरामजी योजना पारदर्शी और और ग्रामीणों के लिए फायदा की योजना है। श्री गोयल ने वीबी जीरामजी योजना की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार ने ग्रामीणों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए रोजगार के दिनों की संख्या को 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मजदूरी के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी होती है तो लाभार्थी को अतिरिक्त मुआवजे का प्रावधान किया गया है। साथ ही बेरोजगारी भत्ते के नियमों को पहले से कहीं अधिक सख्त और प्रभावी बनाया गया है ताकि पात्र व्यक्तियों को उनका हक मिल सके।

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मंत्री विपुल गोयल ने कहा अब गाँव के विकास की रूपरेखा दिल्ली से नहीं बल्कि ग्राम सभा और ग्राम पंचायतों द्वारा स्वयं तैयार की जाएगी। योजना के तहत कम से कम 50 प्रतिशत कार्य सीधे ग्राम पंचायतों के माध्यम से करवाए जाएंगे। जॉब कार्ड जारी करने, परिवारों के पंजीकरण और काम के आवेदन लेने जैसी महत्वपूर्ण शक्तियां अब पूरी तरह से पंचायतों के पास होंगी।


श्री गोयल ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गाँवों में ही स्किल सेंटर और ’हाट’ (बाजार) विकसित किए जाएंगे। बुवाई या कटाई के पीक सीजन के दौरान मजदूरों की कमी न हो इसके लिए राज्य सरकार साल में अधिकतम 60 दिनों तक योजना के कार्यों को स्थगित कर सकेगी। फील्ड स्टाफ (ग्राम रोजगार सहायक, मैट और फील्ड असिस्टेंट) के बेहतर संचालन के लिए प्रशासनिक खर्च को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है।


श्री गायेल ने कहा कि भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। अब काम पर बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य होगी और कार्यों की जांच मोबाइल ऐप व सैटेलाइट के जरिए की जाएगी। इसके अतिरिक्त गाँव के नागरिकों को सोशल ऑडिट का अधिकार दिया गया है ताकि वे स्वयं विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित कर सकें।


कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि कांग्रेस के शासन में मनरेगा में जमकर भ्रष्टाचार होता था, लेकिन जीरामजी योजना पूरी तरह से पारदर्शी है। उन्होंने कहा कि जीरामजी योजना को लेकर कांग्रेस झूठ फैला रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य इस अधिनियम के माध्यम से हर ग्रामीण हाथ को काम और हर ग्रामीण चेहरे पर मुस्कान लाना है।


जिला अध्यक्ष विपिन बैंसला ने कहा कि जीरामजी योजना का मूल उद्देश्य भ्रष्टाचार-मुक्त ग्राम पंचायत, सुशासन और जनभागीदारी हैं, जिससे आत्मनिर्भर और सशक्त गाँवों का निर्माण संभव होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए गरीब, किसान और मजदूर का विकास हमेशा प्राथमिकता रहा है।


प्रेसवार्ता के दौरान जिला अध्यक्ष विपिन बैंसला, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष उषा प्रियदर्शी, एडीसी सुनीता, डीपीओ उपमा अरोड़ा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। जिला संयोजक गिर्राज डागर, सहसंयोजक जयसिंह चौहान, नरेंद्र नंबरदार, जयराम प्रजापति, पूर्व जिला अध्यक्ष चरणसिंह तेवतिया, जवाहर सिंह सोरोत, मनोज रावत, डॉक्टर हरेंद्र पाल राणा, सूरज पांडे, नितिन शर्मा मीडिया सलाहकार, जिला मीडिया प्रभारी सागर चौहान, मंडल अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता, सोनू डागर, शालिनी सैनी, भावना अहलावत, पूरन चंद्र जांगड़ा, युवा मोर्चा अध्यक्ष प्रदीप चंदीला, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी, जीत चौधरी, प्रेम सिंह राठौड़, एकता चौधरी, आशा भारद्वाज, दिनेश भाटी, प्रवीण ग्रोवर, गोपी, सोनू गुप्ता, दिनेश पांचाल, शैलेंद्र आदि प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

हरियाणा सरकार की महिला-हितैषी घोषणाएँ खोखली: कुमारी सैलजा

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आंगनबाड़ी बहनों का मानदेय महीनों से बकाया

चंडीगढ़। हरियाणा में भाजपा सरकार एक ओर लाडो लक्ष्मी योजना के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश की 43,747 आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स को उनका वैधानिक मानदेय तक समय पर नहीं दिया जा रहा। यह स्थिति सरकार के महिला-सम्मान के दावों की पोल खोलती है। यह बात सिरसा की सांसद, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री कुमारी सैलजा ने आज जारी एक बयान में कही। सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि जुलाई माह से केंद्र सरकार के हिस्से का मानदेय जारी नहीं होने के कारण आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हर महीने लगभग 3000 तक कम भुगतान मिल रहा है। इससे हजारों गरीब महिलाएं गंभीर आर्थिक संकट में फंस गई हैं।

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कुमारी सैलजा ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य निगरानी और प्रारंभिक शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें मजबूरी में उधार लेने, बच्चों की स्कूल फीस न भर पाने और घरेलू खर्च चलाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार महिलाओं के नाम पर योजनाओं का प्रचार कर सकती है, तो मेहनत करने वाली गरीब महिलाओं का हक क्यों छीना जा रहा है। यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि सामाजिक अन्याय है।

कुमारी सैलजा ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही केंद्र व राज्य सरकार मिलकर बकाया मानदेय जारी नहीं करतीं, तो कांग्रेस पार्टी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की उदासीनता के कारण आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जिसका सीधा नुकसान बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य पर पड़ेगा। कांग्रेस पार्टी आंगनबाड़ी बहनों के सम्मान, अधिकार और पूरे मानदेय के लिए मजबूती से खड़ी है।

एचपीएससी व एचटेट में गड़बडिय़ों के आरोप की हो निष्पक्ष जांच

सांसद कुमारी सैलजा ने एचपीएससी भर्ती प्रक्रिया और एचटेट परीक्षा परिणाम को लेकर सामने आए गंभीर आरोपों पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। बाहरी युवाओं को तरजीह देने, योग्य अभ्यर्थियों को वंचित करने और परीक्षा परिणामों में कथित गड़बडिय़ों ने सरकार की नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुमारी सैलजा ने मांग की कि एचपीएससी भर्तियों और एचटेट परीक्षा प्रकरण की स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी युवाओं के हक की लड़ाई सडक़ से लेकर संसद तक लड़ेगी और जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक सरकार पर दबाव बनाया जाता रहेगा।