back to top
Thursday, March 19, 2026
Home Blog Page 34

सिख म्यूजियम व गुरु रविदास म्यूजियम के कार्यों को तय समयसीमा में पूर्ण करना करें सुनिश्चित: नायब सैनी

0
DEKHO NCR
– प्रदेश में श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस का 350वाँ वर्ष भव्यता और श्रद्धा के साथ मनाया जायेगा

चंडीगढ़, 04 जून, रूपेश कुमार । हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरुओं की विरासत को संरक्षित करने तथा उनके जीवन दर्शन एवं आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कुरुक्षेत्र में बनाये जा रहे सिख म्यूजियम तथा संत शिरोमणि गुरु रविदास म्यूजियम के कार्यों को तय समयसीमा में पूर्ण किया जाना सुनिश्चित किया जाए ताकि आने वाली पीढ़ियां गुरुओं से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान दे सकें।

 

9

10

मुख्यमंत्री श्री सैनी आज यहां कुरुक्षेत्र में  बनने वाले सिख म्यूजियम और गुरु रविदास म्यूजियम के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र में सिख म्यूजियम का निर्माण इस प्रकार किया जाए कि वह सिख इतिहास, संस्कृति और गुरुओं के योगदान की सम्पूर्ण झलक प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा कि म्यूजियम में हरियाणा राज्य के उन सभी स्थलों की जानकारी अनिवार्य रूप से सम्मिलित की जाए, जहां-जहां सिख गुरुओं ने अपने चरण कमल रखे हैं, ताकि प्रदेश की जनता और विशेषकर युवा पीढ़ी को गुरुओं के आध्यात्मिक, सामाजिक और ऐतिहासिक योगदान की जानकारी प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि म्यूजियम में सिख गुरुओं द्वारा धर्म की रक्षा, न्याय और मानवीय मूल्यों की स्थापना हेतु मुगल शासकों के अत्याचारों के विरुद्ध लड़ी गई ऐतिहासिक लड़ाइयों को भी यथार्थ रूप में दर्शाया जाए, ताकि बलिदान और संघर्ष की वह गाथा सदियों तक प्रेरणास्रोत बनी रहे। उन्होंने यह सुझाव भी दिया कि सिख इतिहास के तथ्यात्मक दस्तावेजीकरण हेतु एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाए, जिसमें अनुभवी इतिहासकार, प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर तथा साहित्य अकादमी से जुड़ी विद्वान हस्तियाँ शामिल हों, जो म्यूजियम की विषयवस्तु की प्रामाणिकता और गुणवत्ता सुनिश्चित कर सकें।
 
इसी प्रकार, मुख्यमंत्री ने संत शिरोमणि गुरु रविदास म्यूजियम के भव्य निर्माण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इस म्यूजियम को न केवल स्थापत्य की दृष्टि से भव्य बनाया जाए, बल्कि इसकी विषयवस्तु भी संत रविदास जी के जीवन दर्शन, आध्यात्मिक विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने वाली होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक समिति का गठन किया जाए, जिसमें ऐसे विद्वान शामिल हों जो गुरु रविदास जी के जीवन, शिक्षाओं, आदर्शों तथा उनके द्वारा मानवता की भलाई के लिए किए गए कार्यों का गहन अध्ययन एवं अनुशीलन करते रहे हों।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस का 350वाँ वर्ष आगामी नवंबर माह में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पावन अवसर को बड़े स्तर पर भव्यता और श्रद्धा के साथ मनाने के लिए अभी से योजनाबद्ध तैयारियां आरंभ की जानी चाहिए ताकि यह कार्यक्रम न केवल ऐतिहासिक रूप से यादगार बने बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक सिख गुरुओं की अमर गाथा, त्याग और बलिदान का संदेश प्रभावशाली ढंग से पहुंच सके। प्रदेशभर में इस उपलक्ष्य में सेमिनार, यात्राएं एवं अन्य स्मृति आयोजन किए जाएं ताकि समाज को गुरुओं की शहादत एवं बलिदान की गाथा से जोड़ा जा सके।
 
बैठक में बताया गया कि सिख म्यूजियम के लिए तीन एकड़ तथा गुरु रविदास म्यूजियम के लिए पांच एकड़ भूमि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जा चुकी है। अब इन परियोजनाओं के निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने हेतु आवश्यक प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
 
बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्व कुमार सिंह, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल तथा महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यशपाल यादव,  पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के महानिदेशक अमित खत्री, एचएसवीपी के मुख्य प्रशासक चंद्रशेखर खरे, मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती, ओएसडी डॉ. प्रभलीन सिंह और कुरुक्षेत्र की उपायुक्त नेहा सिंह सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

हरियाणा सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया अनुकूल वातावरण: नायब सैनी

0
DEKHO NCR
– हरियाणा बना राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय  निवेशकों की पहली पसंद
  मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से किया आह्वान  -हरियाणा में औद्योगिक इकाइयां स्थापित कर – – – विकास गाथा में बनें भागीदार
– प्रदेश में 10 नये औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) जल्द विकसित की जाएंगी

चंडीगढ़, 04 जून, रूपेश कुमार  हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में एक अनुकूल और सुदृढ़ औद्योगिक वातावरण तैयार किया है। इसके परिणामस्वरूप हरियाणा न केवल राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उद्योगों और कंपनियों की पहली पसंद बन चुका है। मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से आग्रह किया है कि वे हरियाणा में अपनी औद्योगिक इकाइयां स्थापित कर प्रदेश की प्रगति और विकास में सक्रिय रूप से भागीदार बनें।

7

8
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मंगलवार देर सायं अपने निवास स्थान संत कबीर कुटीर पर पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पदाधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश व दिल्ली के प्रमुख उद्योगपति उपस्थित रहे।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसी भी प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए सड़क, रेल, हवाई कनेक्टिविटी एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का होना अनिवार्य है। उन्हें गर्व है कि हरियाणा में उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप ये सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। आज प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों की बड़ी कंपनियां अपनी इकाइयां स्थापित कर रही हैं, जिससे हरियाणा के औद्योगिक विकास को मजबूती मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार और उद्योगपतियों के बीच सीधे संपर्क को मजबूत करने तथा उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए सरकार ने कई सुधार लागू किए हैं। उन्होंने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम से आगे बढ़कर सिंगल रूफ सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत हर सेवा के लिए निश्चित समय सीमा निर्धारित की गई है। विभिन्न विभागों से मिलने वाली एनओसी की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिसमें कम से कम 15 दिन और अधिकतम 45 दिन का समय निर्धारित किया गया है।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उन्होंने वित मंत्री के रूप में वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तुत हरियाणा के बजट में औद्योगिक विकास और स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने के लिए अनेक घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 10 नये औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) विकसित की जाएंगी जिसकी योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा, नवोदित उद्यमियों को सहयोग देने के लिए सरकार स्टार्टअप इकोसिस्टम को बेहतर बना रही है। अनुसंधान और विकास तथा निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार फंड आफ फंड्स बना रही है।
उन्होंने कहा कि भविष्य की प्रौद्योगिकियों और नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि एक समावेशी बजट परिकल्पना को साकार करने के लिए उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों से बजट पूर्व परामर्श किया और उनके सुझाव आमंत्रित किए। इसी क्रम में उन्होंने उद्योगपतियों और स्टार्टअप्स से भी परामर्श लिया, उनके अनुभव जाने और सुझाव प्राप्त किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगपतियों और स्टार्टअप्स से मिले उत्कृष्ट सुझावों को बजट में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में हरियाणा की भागीदारी बढ़ाने के लिए नए-नए क्षेंत्रों को जोड़ने के साथ विकसित हरियाणा वर्ष 2047 के लिए प्रदेश सरकार का विजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य हरियाणा को 2047 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। इसको हासिल करने के लिए उद्योग सहित सभी क्षेत्रों की सक्रिया भागीदारी आवश्यक है।
इस मौके पर श्री नायब सिंह सैनी ने ‘हरियाणा: गेटवे टू नॉर्दर्न इंडियाज इंडस्ट्रियल ट्रांसफॉर्मेशन’ पर वाइट पेपर का तथा ‘ट्रेडिशनल क्राफ्ट ऑफ हरियाणा ऑन ग्लोबल रनवे’ का भी लोकार्पण किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित प्रमुख उद्योगपतियों से सुझाव लिए और प्रदेश सरकार की ओर से उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
इससे पूर्व, कार्यक्रम में पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष श्री हेमंत जैन तथा पंजाब चैप्टर के चेयरमैन श्री करण गिल्होत्रा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने प्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध करवाने हेतु मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरूण गुप्ता, मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव श्री तरूण भंडारी, ओएसडी श्री भारत भूषण भारती, विदेश सहयोग विभाग हरियाणा के सलाहकार श्री पवन चौधरी सहित पीएचडी चैम्बर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के पदाधिकारी और प्रमुख उद्योगपति उपस्थित रहे।

वन नेशन-वन राशन कार्ड योजना के तहत राशन वितरण में हरियाणा अग्रणी – राजेश नागर

0
DEKHO NCR
– पिछले पांच साल में अन्य राज्यों के 22,93,961 लोगों ने लिया हरियाणा में राशन 

फरीदाबाद, 04 जून, रूपेश कुमार । केंद्र सरकार की एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड योजना के तहत हरियाणा प्रदेश में पिछले करीब पांच सालों में अन्य राज्यों के 22,93,961 लाभार्थी राशन सामग्री प्राप्त कर चुके हैं। यह बात हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री राजेश नागर ने बताई। 

6

उन्होंने बताया कि वन नेशन- वन राशन कार्ड योजना के अंतर्गत लेन – देन की संख्या में हरियाणा हमेशा पहले अथवा दूसरे स्थान पर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वन नेशन – वन राशन कार्ड योजना के तहत राशन का लेन-देन हर महीने बढ़ रहा है।
नागर ने बताया कि इसी उद्देश्य से, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के कॉल सेंटर में एक टोल फ्री नंबर 14445 और  1800 -180 -2405 भी उपलब्ध है। इस नंबर पर कॉल करके राज्य के बाहर का कोई भी लाभार्थी वन नेशन-वन राशन कार्ड के तहत पूछताछ कर सकता है।
मंत्री राजेश नागर ने बताया कि एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड योजना के तहत हरियाणा में सितम्बर 2019 से लेकर अब तक अन्य प्रदेशों के कुल 22,93,961 लाभार्थियों ने राशन लिया है। हरियाणा प्रदेश ने अपने लाभार्थी नागरिकों को राशन वितरण करने में पिछले पांच सालों में अधिकतर माह अग्रणी स्थान बनाए रखा है।

निगम की ऑनलाइन ट्रांसफर पोलिसी को खुद निगम अधिकारी ही लगा रहे हैं पलीता : यूनियन

0
DEKHO NCR

फरीदाबाद, 04 जून, रूपेश कुमार । प्रदेश सरकार ने ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी में पारदर्शिता लाने के लिये प्रादेशिक कर्मचारियों हेतु विभिन्न विभिन्न विभागों में जिनमे बिजली निगम में इस ऑनलाइन ट्रांसफर पोलिसी को लागू किया जिसका प्रारूप स्पष्ट यह था कि बिना किसी सिफारिश एवं मतभेद के सरकारी महकमों में लगे हजारों कर्मचारियों को इसका फायदा हो इसी के तहत जिनमे बिजली निगम के डिवीजन एकाउंटेंड, एसडीओ, जेई फर्स्ट, एलडीसी, जेई, यूडीसी और कमर्शियल असिस्टेंट यानी सीए आदि कर्मियों के लिये इस पॉलिसी को जनवरी 2022 से वार्षिक अंकों के आधार पर कर्मचारियों के लिये लागू किया ।

04fbd03


लेकिन आज भी बिजली निगम के अधिकारी (एसडीओ, एक्सईएन, एसई सहित उच्च अधिकारी) ने अपनी मनमर्जी के चलते ना उनके ऑप्शन खोलते हैं या अपने चहेते कर्मचारी को तबादला हुए दफ्तर से पॉलिसी के तहत दूसरे दफ्तरों में ट्रांसफर होकर जाने नही देते और वह आज भी उसी पुराने दफ्तर में बखूबी काम को कर रहे हैं यानी इसका साफ मकसद यह देखने को मिलता है । ऐसे में कहीं ना कहीं ऐसे अधिकारियों की मंशा पर सवाल उठाते हुए एचएसईबी वर्कर यूनियन को शक हो रहा है जो सरकार के आदेशों और निगम प्रबंधन सहित उच्च आदेशों को ताक पर रख कर इस ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को आज भी पलीता लगा रहे हैं । जिसका विरोध एचएसईबी वर्कर यूनियन ने अपने माँग पत्र में लिखित रूप से विद्युत सदन हिसार एमडी महोदय कार्यालय को अवगत कराते हुए बताया था कि उत्तर हरियाणा और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण के सभी सर्कलों का आलम यही हो रहा है । यह गम्भीर आरोप हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर यूनियन के नेताओं ने लगाए हैं । इसी का एक उदाहरण फरवरी 2024 में कुछ कर्मचारी तबादले हुए जिनमे डिवीजन ओल्ड फरीदाबाद की सब डिवीजन वेस्ट से पूजा यूडीसी का सूरजकुंड दफ्तर में व निशा यूडीसी का ओल्ड डिवीजन से वेस्ट में दफ्तर में ऑनलाइन के तहत ट्रांसफर हुआ लेकिन जो आज भी उन्ही दफ्तरों में कार्यरत हैं । ठीक इसी प्रकार फरीदाबाद सर्कल सहित बहुत से दफ्तरों में जिनमे कर्मचारी आज भी उन्हीं पुरानी सीटों पर बैठकर अधिकारियों की मिलीभगत से काम कर रहे हैं जो ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के दायरे में आते हुए ट्रांसफर हुए थे । ऐसा कहना खुद ऐसे कर्मचारियों का है जो ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के दायरे में आते हैं जो इसका विरोध प्रकट अपनी यूनियन से कर रहे है । इसका मतलब साफ और स्पष्ट तौर पर समझा जाये तो यह कि खुद बिजली निगम के ऐसे अधिकारी जो इस ऑनलाइन तबादला नीति को सरकार एवं बिजली निगम के समक्ष ठेंगा दिखाते हुए इसे धता साबित कर पलीता लगा रहे हैं । तो फिर ऐसी ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को बिजली निगम महकमे में लाने का आखिर क्या औचित्य रह जाता है । जब बिजली निगम के अधिकारियों ने अपनी मनमानी इसी तरह से करनी है । जल्द से जल्द इसे निरस्त कर ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को रद्द करार दिया जाए । जिसकी हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर्स यूनियन घोर भत्सर्ना करती और प्रदेश सरकार सहित बिजली निगम के एमडी महोदय से व उच्च अधिकारियों से इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उन कर्मचारी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही को अमल में लाने की गुजारिश करती है अन्यथा इसके लिये जल्द आगामी दिनों में विरोध रूपी एक बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी जिसका पूरे हरियाणा प्रदेश के सर्कलों में विरोध किया जाएगा ।


प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को स्वच्छ और जलभराव मुक्त वातावरण उपलब्ध हो: डीसी

0
DEKHO NCR
– डीसी विक्रम सिंह ने किया शहर के अंडरपास व ड्रेनेज सिस्टम का निरीक्षण
– रेलवे अंडरपास में ड्रेनेज लाइन और ट्रांसफॉर्मर को मिली मंज़ूरी
– डीसी ने आमजन से की अपील नालों में कूड़ा न डालें

फरीदाबाद, 04 जून, रूपेश कुमार  जिला प्रशासन द्वारा आगामी मानसून सीजन को देखते हुए जलभराव की समस्याओं से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। उपायुक्त (डीसी) विक्रम सिंह ने बुधवार को ओल्ड फरीदाबाद अंडरपास, सेक्टर 21-ए डिस्पोजल, स्मार्ट रोड – बडख़ल और एनएचपीसी अंडरपास का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जरूरी कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण किए जाएं ताकि शहरवासियों को जलभराव जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

04fbd01
04fbd02

रेलवे अंडरपास में ड्रेनेज लाइन और ट्रांसफॉर्मर को मिली मंज़ूरी
निरीक्षण के दौरान डीसी ने विशेष रूप से ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडरपास का जायजा लिया, जहां बरसात के मौसम में सबसे अधिक जलभराव की शिकायतें आती रही हैं। उन्होंने कहा कि इस बार शहर में जलभराव की स्थिति स्पष्ट रूप से बेहतर है और सुधार साफ दिखाई दे रहे है। उन्होंने बताया कि ओल्ड अंडरपास की जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने हेतु नई ड्रेनेज लाइन डालने की अनुमति मिल गई है, जिससे वर्षा जल का तत्काल निपटान सुनिश्चित किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, ट्रांसफार्मर लगाने के लिए भी रेलवे डीआरएम से अनुमति मिल गई है, जो कि जल निकासी व्यवस्था के संचालन में सहायक होगा।

नालों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई और निरीक्षण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी

डीसी विक्रम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन द्वारा शहर के सभी प्रमुख नालों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई व निरीक्षण का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। जहां-जहां नालों में अवरोध अथवा जल निकासी में बाधा की शिकायतें प्राप्त हुई थी, वहां त्वरित कार्रवाई करते हुए ब्लॉकेज को हटाया गया है और जल प्रवाह को पूरी तरह से सुचारु बनाया गया है। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर जर्जर नालों की मरम्मत का कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर तेज़ी से किया जा रहा है, ताकि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की रुकावट न उत्पन्न हो। डीसी ने यह भी बताया कि जिन क्षेत्रों में जल निकासी प्रणाली की क्षमता अपेक्षाकृत कम पाई गई, वहां तत्काल प्रभाव से उसकी क्षमता को बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। अतिरिक्त पाइपलाइन, पंपिंग सेट्स तथा आवश्यक तकनीकी संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि अधिक वर्षा की स्थिति में भी पानी का निकास बिना किसी रुकावट के प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य इस बार शहर को जलभराव से पूरी तरह मुक्त रखना है और इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से लगातार कार्य कर रहे हैं।

प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को स्वच्छ और जलभराव मुक्त वातावरण उपलब्ध हो

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त विक्रम सिंह ने नगर निगम अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिदिन नियमित रूप से दौरा करें तथा नालों, ड्रेनेज सिस्टम और अंडरपास की सफाई व्यवस्था की सघन निगरानी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मानसून से पूर्व सभी व्यवस्थाओं की मौके पर समीक्षा अत्यंत आवश्यक है ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही से जनजीवन प्रभावित न हो। डीसी ने स्पष्ट किया कि इस बार जलभराव की समस्या को लेकर किसी भी स्तर पर कोताही को कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कहीं भी सफाई व्यवस्था में ढिलाई या उदासीनता पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने अधिकारियों से यह भी अपेक्षा जताई कि वे न केवल निरीक्षण करें, बल्कि आवश्यकतानुसार मौके पर त्वरित समाधान भी सुनिश्चित करें, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि यह समय सक्रियता और जवाबदेही का है, और प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को स्वच्छ और जलभराव मुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है।

पंपिंग सेट्स की मरम्मत व बदलाव से मजबूत होगी जल निकासी व्यवस्था

डीसी विक्रम सिंह ने बताया कि मानसून से पहले तैयारियों के तहत नगर निगम द्वारा शहर के सभी डिस्पोजल पॉइंट्स की स्थिति का मूल्यांकन किया जा रहा है और जहां-जहां आवश्यक है, वहां पंपिंग स्टेशन की क्षमता में भी वृद्धि की जा रही है। इसके अलावा, जो पंपिंग सेट्स खराब अवस्था में थे, उन्हें बदलने अथवा मरम्मत करने की कार्रवाई पूरी की जा रही है।

डीसी ने आमजन से की अपील नालों में कूड़ा न डालें

डीसी विक्रम सिंह ने आमजन से विशेष अपील की है कि वे नालियों में पॉलीथिन, घरेलू कचरा या किसी भी प्रकार का ठोस अपशिष्ट न डालें। उन्होंने कहा कि “स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखना केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि नालों में कचरा नहीं डाला जाएगा, तो जलभराव की समस्या काफी हद तक रोकी जा सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नालों की नियमित सफाई का कार्य प्रगति पर है और संबंधित अधिकारी प्रतिदिन निरीक्षण कर रहे हैं।डीसी विक्रम सिंह ने संबंधित विभागों के इंजीनियरों और अधिकारियों से कहा कि वे सभी कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी कार्य अधूरा न रहे। उन्होंने निर्देश दिया कि शहर के सभी संवेदनशील जलभराव स्थलों की पहचान कर वहाँ विशेष ध्यान दिया जाए और अतिरिक्त संसाधनों की तैनाती की जाए। जिला प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे इन कदमों से स्पष्ट है कि इस बार मानसून के दौरान फरीदाबाद में जलभराव की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। निरीक्षण के दौरान विवेक बंसल, एमसीएफ एक्सईएन ओमबीर सहित एफएमडीए, एनएचएआई, डीआईबीवीएन, एफएससीएल, मंडल रेल प्रबंधक (नई दिल्ली) और रेलवे फरीदाबाद के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहें।

कायदे कानून ताक पर रखकर दौड़ रहे हैं ओवरलोडिड व्यावसायिक वाहन

0
DEKHO NCR

फरीदाबाद,03 जून, रूपेश कुमार । पिछले कुछ समय के दौरान ओवरलोड वाहनों के पलटने से दुर्घटना होने की कई घटनाएं हो चुकी है। अत्याधिक ज्यादा वजन और वाहन के डाले से ज्यादा ऊंचाई तक सामान लादकर चलने वाले इन वाहनों को राष्ट्रीय राजमार्ग अथवा शहर की अन्य सड़कों पर कहीं भी आसानी से देखना जा सकता है। लेकिन इसके बावजूद इनकी लगाम कसने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। सडक़ों पर दौडऩे वाले ओवरलोड वाहन यातायात नियमों की धज्जियां तो उड़ा ही रहे हैं। 

FBD%205

FBD%206


साथ ही इनकी वजह से सरकार को राजस्व का नुकसान भी हो रहा है। गुरूग्राम रोड और सोहना रोड पर तेज रफ्तार से दौडऩे वाले पत्थरों से लदे ओवरलोड डंपर और हाइवे काफी ज्यादा खतरनाक साबित हो रहे हैं। इनके चालक पत्थरों को काफी उपर तक लाद लेते हैं। कई बार इन वाहनों से पत्थर गिरने से अन्य वाहन चालक घायल तक हो जाते हैं। पुलिस और आरटीए द्वारा इनके खिलाफ कभी कभार ही कार्रवाई की जाती है।

अक्सर होते रहते हैं हादसे
ओवरलोड वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं में जहां लोगों के घायल होने व मारे जाने के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। इनकी वजह से सरकारी सम्पत्ति को भी नुकसान होता रहता है।  करीब दो साल पहले बीके चौक पर मुख्य डाकघर के सामने स्टील की सीटों से लदे एक ओवरलोड कैन्टर की वजह से नाले का पुल टूट कर धंस गया था। इसके कुछ समय बाद हार्डवेयर चौक पर स्टील का ट्राला पलट गया था। इसके अलावा करीब चार साल पहले सेक्टर 25 स्थित गुरूग्राम नहर का पुल क्षतिग्रस्त होकर टूट गया था। जिस समय यह पुल टूटा था, उस समय पुल पर ओवरलोड ट्राले के साथ साथ अन्य कई ओवरलोड वाहन मौजूद थे। इसके अलावा उसी दौरान नीलम चौक पर स्टील की सीटों से लदा एक ओवरलोड कैन्टर बीच सड़क पर पलट गया था।
बेखौफ दौड़ते वाहन
आरटीए और यातायात पुलिस की लापरवाही से शहर की सड़कों पर ओवरलोड वाहनों को कहीं भी तेज रफ्तार से दौड़ते हुए कभी भी देखा जा सकता है। ज्यादातर ओवरलोड वाहनों को राष्ट्रीय राजमार्ग, बाईपास रोड, सोहना रोड, फरीदाबाद गुरुग्राम रोड, सूरजकुंड रोड और शहर की अन्य सड़कों पर किसी भी समय दौड़ते हुए आम देखा जा सकता है। इसके अलावा ओवरलोड वाहन लोगों की जान जोखिम में डाल कर शहर की अंदरूनी सड़कों पर भी हर समय दौड़ते रहते हैं। जबकि ज्यादातर प्रमुख सड़कों के साथ ही शहर के करीब सभी चौक चौराहों पर यातायात पुलिस के कर्मचारी तैनात रहते हैं। इसके अलावा पुलिस की पीसीआर वैन भी जगह जगह गश्त करती रहती है। लेकिन पुलिस की मौजूदगी में यह ओवरलोड वाहन बिना किसी रोक टोक के सड़कों पर बेधड़क होकर दौड़ते आम नजर आते हैं।
फायदे के लिए ओवरलोडिंग
कुछ व्यवसायी अपने थोड़े से लालच के लिए वाहनों पर क्षमता काफी ज्यादा वजन लाद देते है। ज्यादातर ओवरलोड वाहनों के चालक जल्दी पहुंचने के चक्कर में तेज रफ्तार से वाहनों को दौड़ाते हैं। ऐसे में यदि चालकों को अचानक ब्रेक लगानी पड़ जाए तो वाहनों का कई बार संतुलन बिगड़ जाता है। जिससे ओवरलोड वाहन बीच सड़क पर पलट जाता है। कुछ समय पहले इसी वजह से पत्थरों से लदा ओवरलोड डंपर गुरूग्राम रोड पर मांगर के पास पलट गया था। गुरूग्राम और सोहना रोड पर इस तरह के हादसे अक्सर होते रहते हैं। इन सडक़ों पर दौडऩे वाले ज्यादातर डंपर अवैध खनन के पत्थरों को ओवरलोड लाद कर दौड़ते हैं। इन वाहनों की वजह से कई बार लोगों की जान तक जा चुकी है। इसके अलावा रूप से चल रही ट्रेक्टर ट्रालियों के चालकों ने तो सभी कायदे कानून ताक पर रख दिये है।

पीपीपी मॉडल से मंडी की सफाई व्यवस्था होगी सुदृढ़ – सतीश फागना

0
DEKHO NCR
– अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस 
– विधायक सतीश फागना ने किया परनोरिका – सोशल लैब “ईको एम्पॉवर” का शुभारंभ

फरीदाबाद,03 जून, रूपेश कुमार  अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में विश्व की दूसरी स्पिरिट विक्रेता अंतर्राष्ट्रीय कंपनी एवं उसकी सीएसआर सहयोगी द सोशल लैब तथा मार्केट कमेटी फरीदाबाद की सांझेदारी में मंगलवार को मार्केट कमेटी कार्यालय में ईको एम्पॉवर कार्यक्रम का शुभारंभ एनआईटी-86 के विधायक सतीश कुमार फागना द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि के स्वागत से हुई ।

FBD%203

FBD%204


कार्यक्रम में उपस्थित मंडी के किसानों, व्यापारियों एवं मजदूरों को संबोधित करते हुए विधायक सतीश फागना ने कहा कि प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री द्वारा सफाई की महता के बारे में अनेकों बार हमने सब को जागरूक किया है। सफाई में सबसे पहली जिम्मेदारी स्वयं की आती है और इस प्रकार मंडी तथा शहर को स्वच्छ रखने में आमजन का सहयोग है। उन्होंने मंडी के आढ़तियों को अपना परिवार बताते हुए सभी से एक डस्टबीन और झाड़ू रखने की भी अपील की। कार्यक्रम में परनो-रिका की महाप्रबंधक अवंतिका सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि कंपनी अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति गंभीरता से कार्य कर रही है और इसी कड़ी में ईको एम्पॉवर कार्यक्रम है, जिसमें प्लास्टिक की रिसाइकलिंग के साथ-साथ सफाई कर्मचारियों की स्वस्थ की देखरेख भी की जाएगी। उन्होंने भी मंडी के व्यापारियों को इसमें शामिल होने की अपील की तथा कार्यक्रम के आयोजन के लिए एनआईटी-86 विधायक एवं मंडी बोर्ड के अधिकारियों का धन्यवाद किया। जिला विपणन प्रवर्तन अधिकारी फरीदाबाद विनय यादव ने बताया पर्यावरण प्रदूषण में प्लास्टिक कचरा सबसे गंभीर खतरा है। उन्होंने जानकारी दी कि किसी भी अंतर्राष्ट्रीय कंपनी द्वारा प्लास्टिक कचरे की रिसाइकलिंग का हरियाणा की मंडी में यह पहला प्रयोग है। इसलिए डबुआ मंडी के सभी हितधिकारी इसमें अपना योगदान सुनिश्चित करें ताकि यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक मंडी में लगातार जारी रहे । प्लास्टिक की रिसाइकलिंग से बनने वाले उत्पाद भी मंडी में जनता की सुविधा के लिए इस्तेमाल किए जाएगें। परनो-रिका की सीएसआर सहयोगी द सोशल लैब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी साहिल अरोड़ा बताया कि इस कार्यक्रम में प्लास्टिक कचरे की समस्या का निदान और कचरा इकठ्ठा करने वाले मेहनती साथियों के जीवन सुधारने का लक्ष्य है । जिसमें कचरा बीनने वाले साथियों का सम्मान, उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा पर ध्यान, सफाई को लेकर व्यवहारिक बदलाव एवं जनभागीदारी सम्मिलित है। इस कार्यक्रम में वो मंडी में आढ़तियों, खुदरा विक्रेताओं ,रेहड़ीवालो को डस्टबीन वितरित करेगें । सफाई कर्मचारियों के स्वस्थ्य की जांच की जाएगी तथा व्यवहारिक बदलाव हेतु नुक्कड़ नाटक भी किए जाएंगे। कार्यक्रम के समापन पर विधायक द्वारा कार्यक्रम का शुभांकर “ईको मैन” का अनावरण किया तथा प्लास्टिक कचरे से बनाई गए सामान का भी निरीक्षण किया । इसके उपरांत विधायक तथा परनो-रिका की महाप्रबंधक ने प्लास्टिक कचरा इकत्रित करने वाली गाड़ी को झंडी दिखाकर मंडी रवाना किया इसके साथ ही मंडी के आढ़तियों तथा खुदरा व्यापारियों को डस्टबीन भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता कविंन्दर फागना, मार्केट कमेटी सचिव यदुराज यादव, वार्ड पार्षद भगवान सिंह, राजेश डागर, नीरज भाटिया, टीएसल कंपनी के मैनेजर रिषभ, धर्मेंद्र फागना, मंडी के पूर्व प्रधान हर्ष आहूजा, 

 सचिव उदयवीर सैनी, बृजमोहन आहूजा, मनीष कुमार, विरेन्द्र शर्मा, देवेन्द्र ठाकुर, मनोज यादव, राजू, सुनील सहित सैकड़ों गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे ।

बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नालों एवं ड्रेनेज का व्यापक सफाई अभियान जारी: डीसी

0
DEKHO NCR
– 30 मई से जिला में चल रहा है व्यापक नाला सफाई अभियान, एचसीएस अधिकारी कर रहे हैं निगरानी
– सफाई से पहले और बाद की जिओ टैगिंग फोटो को पोर्टल पर अपलोड कर रिपोर्ट दे रहे अधिकारी

फरीदाबाद,03 जून, रूपेश कुमार । मानसून से पूर्व जलभराव की समस्या से निपटने तथा क्षेत्र में समुचित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु जिला प्रशासन सक्रिय रूप से कार्यरत है। उपायुक्त (डीसी) विक्रम सिंह के निर्देशानुसार जिला में नालों एवं ड्रेनेज सिस्टम की सफाई का कार्य निरंतर चल रहा है और प्रशासन द्वारा सफाई कार्य की निगरानी की जा रही है।

FBD%201

FBD%202

डीसी विक्रम सिंह ने बताया कि इस बार मानसून से पहले नालों की समुचित सफाई सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए क्षेत्रवार निरीक्षण किया जा रहा है और संबंधित अधिकारियों को सफाई कार्य की निगरानी एवं सत्यापन की जिम्मेदारी उठा रहे हैं। जहां-जहां से सिल्ट, कचरा, प्लास्टिक या अन्य अवरोधक सामग्री हटाई जा रही है, उन्हें निर्धारित स्थानों पर वैज्ञानिक ढंग से निस्तारित किया जा रहा है, ताकि वे दोबारा जलनिकासी में बाधा न बन सकें। उन्होंने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष सफाई दलों को तैनात किया गया है, जो आधुनिक उपकरणों की सहायता से मलबा, कचरा एवं अन्य अवरोधों को हटाकर जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त कर रहे हैं। 
डीसी ने आदेश दिया कि सफाई कार्य शुरू करने से पहले और सफाई कार्य के बाद की जिओ-टैग की गई फोटो पोर्टल पर अपलोड की जा रही है, ताकि सफाई कार्य की समीक्षा की जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्वयं मौके पर जाकर सफाई कार्य का निरीक्षण करें और यदि सफाई कार्य में कोई कमी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए तैयार रहें। 
इन नालों एवं ड्रैनो की सफाई की गई:
जिला में जलभराव की समस्या से निपटने और साफ-सफाई को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन द्वारा 30 मई से मुख्य स्थलों पर व्यापक नाला और डिस्पोजल सफाई अभियान चलाया जा रहा है। उपायुक्त विक्रम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के अंतर्गत नालों की सफाई से पहले और बाद की स्थिति की निगरानी एचसीएस स्तर के अधिकारियों द्वारा की जा रही है, जिससे कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। इसी क्रम में आज प्रतापगढ़ साइफन के पास गौछी ड्रेन, पल्ला गांव में ड्रेन और नाला, सराय ड्रेन, एनआईटी-02 क्षेत्र, एसी नगर नाला, सेक्टर-91 शिवा कॉलोनी, बड़खल विलेज नाला और बुढ़िया नाले की सफाई की गई। प्रशासन का यह अभियान मानसून से पहले जल निकासी को सुचारु बनाने और नागरिकों को जलभराव की समस्या से राहत दिलाने की दिशा में एक ठोस प्रयास है।

सामूहिक प्रयासों से बदलेगी शहर की तस्वीर : डीसी विक्रम सिंह

0
DEKHO NCR
“एक पेड माँ के नाम” कैंपेन के तहत अधिक से अधिक पौधे लगाए

– सीएसआर के तहत हरियाली बढ़ाने की पहल में आगे आए सामाजिक संस्थान और संगठन
फरीदाबाद,03 जून, रूपेश कुमार । उपायुक्त (डीसी) विक्रम सिंह ने कहा कि प्रत्येक आवासीय कॉलोनी में पार्कों, सड़कों के किनारे, खाली भूखंडों, ग्रीन बेल्ट आदि में पौधरोपण करें। साथ ही पौधों की सुरक्षा हेतु सामूहिक देखरेख की व्यवस्था की जानी चाहिए। डीसी विक्रम सिंह की अध्यक्षता में आज लघु सचिवालय के सभागार कक्ष में “एक पेड माँ के नाम” के सम्बन्ध में आगामी पौधा रोपण अभियान की रूपरेखा तैयार की गई, जिसमें सभी विभागों को उनकी भूमिका स्पष्ट रूप से दी गई और सहयोग की अपेक्षा की गई।


डीसी विक्रम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला में अधिक से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पौधारोपण सभी सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, पशुपालन विभाग की डिस्पेंसरी, कृषि विभाग के फार्म और कार्यालय परिसरों, स्कूलों, कॉलेजों, आईटीआई, विश्वविद्यालयों, नहरी विभाग की सरप्लस जमीनों और कार्यालय परिसरों में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त पीडब्ल्यूडी की गैर-वन क्षेत्र घोषित सड़कों, विश्राम गृहों, पंचायत विभाग की भूमियों, पंचायत घरों, आंगनबाड़ी केंद्रों, मार्किट कमेटी की मंडियों, सड़कों के किनारों, खेल परिसरों, मत्स्य विभाग की भूमि तथा जिले में सक्रिय एनजीओ और सभी आरडब्ल्यूए की उपलब्ध जगहों पर भी पौधारोपण सुनिश्चित किया जाएगा।
उपायुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपनी अधीनस्थ संस्थाओं और परिसरों में उपलब्ध भूमि की पहचान कर उसकी विस्तृत जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराएं, ताकि अभियान को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जा सके। 
सीएसआर के तहत हरियाली बढ़ाने की पहल में आगे आए सामाजिक संस्थान और संगठन
डीसी विक्रम सिंह ने कहा कि शहर को हरा-भरा और स्वच्छ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, विभिन्न इंडस्ट्री एसोसिएशन, यूनिवर्सिटियां, अस्पताल, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए), समाजसेवी संगठन एवं अन्य संस्थाएं अब सड़कों की ग्रीन बेल्ट एवं गोल चक्करों को गोद लेकर उनमें पौधरोपण करने और उनका रखरखाव (मेंटेनेन्स) करने के लिए आगे आ रही हैं। यह पहल कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत संचालित की जा रही है, जिससे शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और नागरिकों को स्वच्छ व हरित वातावरण प्राप्त होगा। प्रशासन द्वारा भी इस पहल को प्रोत्साहित किया जा रहा है और इच्छुक संस्थाओं को चिन्हित स्थानों पर कार्य करने की अनुमति दी जा रही है। उम्मीद है कि सामूहिक प्रयासों से शहर की तस्वीर बदलेगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर वातावरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
बैठक में एसडीएम बड़खल त्रिलोक चंद, एसडीएम फरीदाबाद अमित कुमार, एसडीएम बल्लभगढ़ मयंक भारद्वाज, सीटीएम अंकित कुमार सहित अन्य सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।

हरियाणा में 30 जून तक होगी सूरजमुखी की खरीद – राजेश नागर

0
DEKHO NCR
प्रदेश के पांच जिलों की 17 मंडियों में सूरजमुखी की खरीद हुई शुरू 

फरीदाबाद,02 जून, रूपेश कुमार । प्रदेश की 17 सरकारी मंडियों में सूरजमुखी की खरीद 30 जून तक चलेगी। यह बात हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मंत्री राजेश नागर ने बताई। नागर ने बताया कि वर्तमान में सूरजमुखी का बाजार भाव 6400-6500 रुपये प्रति क्विंटल है। जबकि सरकार द्वारा इसके लिए न्यूनतम मूल्य 7280 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। 

fbd%203

उन्होंने बताया कि इस वर्ष किसानों द्वारा 76,785 एकड़ में सूरजमुखी की बिजाई की गई है और ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पर 18166 किसानों द्वारा पंजीकरण किया गया है। उम्मीद है कि हरियाणा में इस सीजन में  44,062 मीट्रिक टन सूरजमुखी की पैदावार हो सकती है। 
मंत्री राजेश नागर ने बताया कि राज्य के पांच जिलों की 17 मंडियों में  हैफेड और हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा सूरजमुखी की खरीद की जाएगी। जिनमें अम्बाला, अम्बाला शहर, अम्बाला कैंट, शहज़ादपुर, साहा, बराड़ा में हैफेड और मुलाना में एच.डब्लू.सी, करनाल में हैफेड, कुरुक्षेत्र जिले के इस्माईलाबाद में एच.डब्लू.सी, थानेसर में हैफेड, थोल में एच.डब्लू.सी, शाहबाद में हैफेड और एच.डब्लू.सी, लाडवा में हैफेड, बबैन में हैफेड, झांसा में एच.डब्लू.सी, पंचकूला के बरवाला में हैफेड और यमुनानगर के साढौरा एच.डब्लू.सी खरीद एजेंसी द्वारा की जाएगी। 
पिछले वर्ष 2024-25 के दौरान सूरजमुखी की खरीद हैफेड खरीद एजेंसी द्वारा की गई थी। इस वर्ष राज्य की मंडियों में सूरजमुखी की खरीद 30 जून तक चलेगी।