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हरियाणा ने जापान के साथ आर्थिक संबंध मजबूत किए, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से चंडीगढ़ में मिजुहो बैंक के एमडी ने की मुलाकात
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से आज यहां सिविल सचिवालय में जापान के मिजुहो बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं इंडिया हेड श्री रयो मुराओ के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। बैठक में हरियाणा में आर्थिक सहयोग को मजबूत करने तथा रणनीतिक निवेश के नए अवसरों की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
चर्चा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा के विदेशी सहयोग विभाग के साथ एक एमओयू करने में रुचि व्यक्त की। इसके तहत सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में ऑटोमोबाइल विनिर्माण, शिक्षा, वित्तीय सेवाएं तथा विशेष रूप से वैश्विक स्तर पर तेजी से उभरते सेमीकंडक्टर शामिल हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि हरियाणा की प्रगतिशील नीतियों और मजबूत ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पारिस्थितिकी तंत्र से प्रभावित होकर मिजुहो बैंक ने अपना कार्यालय दिल्ली से गुरुग्राम स्थानांतरित किया है। उन्होंने हरियाणा में अपने परिचालन और निवेश के दायरे को और विस्तार देने के लिए राज्य सरकार से निरंतर सहयोग और समर्थन का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि हरियाणा पारदर्शी शासन, आधुनिक अवसंरचना और कुशल मानव संसाधन के साथ एक स्थिर एवं निवेशक-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर श्री नायब सिंह सैनी ने श्री रयो मुराओ को श्रीमद्भगवद्गीता की एक प्रति भेंट की।
प्रदेश सरकार ने हरियाणा में विदेशी पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए विदेश सहयोग विभाग का गठन किया, विभाग लगातार विदेशी निवेशकों से संपर्क कर प्रदेश में निवेश के लिए आकृषित करने के साथ—साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य की कूटनीति, द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय संबंधों को और मजबूत कर रहा है। विभाग ‘गो ग्लोबल अप्रोच’ के माध्यम से लगातार कार्य कर रहा है।
बैठक में मुख्यमंत्री के विदेशी सहयोग विभाग के सलाहकार श्री पवन कुमार चौधरी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
हरियाणा को शिक्षा और गवर्नेस के क्षेत्र में राष्ट्रीय मॉडल राज्य बनाने की दिशा में अहम कदम, मुख्यमंत्री ने नीव पोर्टल का किया शुभारंभ
‘ज्ञान सेतु’ के अंतर्गत स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट और विभिन्न विश्वविद्यालयों के बीच हुआ एमओयू
पंचकूला। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनकल्याण हेतु किए गए कार्यों और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन से देशवासियों को आज एक बड़ा सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की मूल जिम्मेदारी जनता के हित में कार्य करना होती है और आज देश व प्रदेश के नागरिक यह अनुभव कर रहे हैं कि यह सरकार वास्तव में उनकी अपनी सरकार है—यही सुशासन का सच्चा स्वरूप है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब लोग यह मानते थे कि केवल पाँच वर्ष पूरे करने होते हैं और फिर सरकार बदल ही जाती है, लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है। अब जनता बदलाव नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाला ठोस और परिणाममुखी कार्य चाहती है।
मुख्यमंत्री वीरवार को पंचकूला में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों और सतत मूल्यांकन के लिए ‘नेशनल एजुकेशन इवैल्यूएशन एंड वेलिडेशन (नीव) पोर्टल’का शुभारंभ किया। साथ ही, मुख्यमंत्री की उपस्थिति में ‘ज्ञान सेतु’ पहल के अंतर्गत स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट और विभिन्न विश्वविद्यालयों के बीच एमओयू पर हस्तासक्षर किए गए।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति डिग्री के साथ कौशल और आत्मनिर्भरता पर आधारित दूरदर्शी पहल
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज का दिन हरियाणा के शैक्षणिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा, क्योंकि आज हरियाणा के शिक्षा परिदृश्य को एक नई दिशा मिली है, जो प्रदेश के भविष्य को सशक्त आधार प्रदान करेगी। आज हुए सभी एमओयू का उद्देश्य दूरदर्शी सोच पर आधारित है, ताकि हरियाणा अपनी जड़ों से जुड़ते हुए मजबूती के साथ आगे बढ़ सके। इसी क्रम में 24 दिसंबर को केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा विज़न डॉक्यूमेंट–2047 का शुभारंभ किया गया था। यह संकल्प प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के विजन के अंतर्गत है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसका उद्देश्य ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करना है जो केवल काग़ज़ी डिग्रियों तक सीमित न रहे। इस नीति के तहत शिक्षा को कौशल-आधारित बनाया गया है, ताकि युवा शिक्षित होने के साथ-साथ उसके पास ऐसे व्यावहारिक हुनर हों जो उसे आत्मनिर्भर बनाएं और सम्मानजनक आजीविका अर्जित करने में सक्षम करें। इसी सोच के अनुरूप हरियाणा को देश का ग्रोथ इंजन बनाने की बड़ी जिम्मेदारी हम सभी की है और आज हुए एमओयू का लाभ आने वाले समय में प्रदेश की जनता, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को मिलेगा।
बजट में पहली बार शोध (रिसर्च) के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में पहली बार शोध (रिसर्च) के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है। बजट तैयार करते समय हमारी यह स्पष्ट सोच थी कि विश्वविद्यालय शोध के क्षेत्र में आगे आएँ और विद्यार्थी जमीनी समस्याओं के समाधान से जुड़ें। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आज हम देख रहे हैं कि जलभराव (वॉटरलॉगिंग) एक गंभीर समस्या बन चुकी है, इसलिए एक विश्वविद्यालय इस विषय पर गहन शोध कर स्थायी समाधान सुझाए।
मोदी सरकार की जनकल्याणकारी पहलों से बदली देश-प्रदेश की तस्वीर
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले जिन मुद्दों पर कभी गंभीरता से विचार नहीं हुआ, उन्हें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ठोस सोच के साथ अमल में लाकर जनकल्याण का माध्यम बनाया। मोदी सरकार की जनकल्याणकारी पहलों से देश-प्रदेश की तस्वीर बदली है। आयुष्मान भारत–चिरायु योजना से करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिली, हर घर नल से जल योजना ने ग्रामीण महिलाओं की कठिनाइयाँ कम कीं, ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ पहल से हरियाणा में अधिकांश गांवों में 24 घंटे बिजली पहुंची और उज्ज्वला योजना से गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन मिले। इन पहलों ने बुनियादी समस्याओं का समाधान कर लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का एक स्पष्ट और दूरदर्शी विज़न है—विकसित भारत का। उन्होंने 2014 के बाद संकल्प लिया और विजन रखा कि भारत दुनिया की पाँचवीं आर्थिक शक्ति बनेगा और भारत ने इस लक्ष्य को प्राप्त भी किया। इसके बाद आज भारत दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्थां बन चुका है और तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की ओर तेजी से अग्रसर है।
उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश में एक व्यापक और स्पष्ट बदलाव दिखाई देता है, जिसकी चर्चा आमजन से लेकर हर वर्ग में हो रही है। आज किए गए एमओयू का उद्देश्य भी यही है कि विकसित भारत की परिकल्पना को विकसित हरियाणा से जोड़ते हुए आने वाले समय में प्रमुख स्तंभों को और सुदृढ़ किया जाए, जिसमें रिसर्च के क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है।
एआई प्री-बजट फीडबैक पोर्टल लॉन्च, नागरिकों के सुझावों से बनेगा जनभागीदारी वाला बजट
मुख्यमंत्री ने कहा कि गत दो दिन पहले ही एआई प्री-बजट फीडबैक पोर्टल लॉन्च किया गया है। इस पर नागरिक और विभिन्न हितधारक अपने सुझाव दे सकते हैं। विद्यार्थियों भी अच्छे और उपयोगी सुझाव दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह बजट सरकार का नहीं, बल्कि जनता का बजट है, जिसमें लोगों की भागीदारी जरूरी है। अधिक से अधिक सुझाव आएँगे तो प्रदेश के विकास के लिए बेहतर और प्रभावी निर्णय लिए जा सकेंगे।
ग्रामीणों को मिलेगी 125 दिन के रोजगार की गारंटी : विपुल गोयल
पलवल। कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि वीबी-जीरामजी योजना स्थायी आजीविका की गारंटी है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिन का रोजगार मिलेगा और गांवों में रोजगार और आत्मनिर्भर की नई क्रांति आएगी। श्री गोयल बुधवार को पलवल स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
विपुल गोयल ने कहा कि कांग्रेस के शासन में मनरेगा भ्रष्टाचार का केंद्र बन गई थी, लेकिन जीरामजी योजना पारदर्शी और और ग्रामीणों के लिए फायदा की योजना है। श्री गोयल ने वीबी जीरामजी योजना की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार ने ग्रामीणों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए रोजगार के दिनों की संख्या को 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मजदूरी के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी होती है तो लाभार्थी को अतिरिक्त मुआवजे का प्रावधान किया गया है। साथ ही बेरोजगारी भत्ते के नियमों को पहले से कहीं अधिक सख्त और प्रभावी बनाया गया है ताकि पात्र व्यक्तियों को उनका हक मिल सके।
मंत्री विपुल गोयल ने कहा अब गाँव के विकास की रूपरेखा दिल्ली से नहीं बल्कि ग्राम सभा और ग्राम पंचायतों द्वारा स्वयं तैयार की जाएगी। योजना के तहत कम से कम 50 प्रतिशत कार्य सीधे ग्राम पंचायतों के माध्यम से करवाए जाएंगे। जॉब कार्ड जारी करने, परिवारों के पंजीकरण और काम के आवेदन लेने जैसी महत्वपूर्ण शक्तियां अब पूरी तरह से पंचायतों के पास होंगी।
श्री गोयल ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गाँवों में ही स्किल सेंटर और ’हाट’ (बाजार) विकसित किए जाएंगे। बुवाई या कटाई के पीक सीजन के दौरान मजदूरों की कमी न हो इसके लिए राज्य सरकार साल में अधिकतम 60 दिनों तक योजना के कार्यों को स्थगित कर सकेगी। फील्ड स्टाफ (ग्राम रोजगार सहायक, मैट और फील्ड असिस्टेंट) के बेहतर संचालन के लिए प्रशासनिक खर्च को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है।
श्री गायेल ने कहा कि भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। अब काम पर बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य होगी और कार्यों की जांच मोबाइल ऐप व सैटेलाइट के जरिए की जाएगी। इसके अतिरिक्त गाँव के नागरिकों को सोशल ऑडिट का अधिकार दिया गया है ताकि वे स्वयं विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित कर सकें।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि कांग्रेस के शासन में मनरेगा में जमकर भ्रष्टाचार होता था, लेकिन जीरामजी योजना पूरी तरह से पारदर्शी है। उन्होंने कहा कि जीरामजी योजना को लेकर कांग्रेस झूठ फैला रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य इस अधिनियम के माध्यम से हर ग्रामीण हाथ को काम और हर ग्रामीण चेहरे पर मुस्कान लाना है।
जिला अध्यक्ष विपिन बैंसला ने कहा कि जीरामजी योजना का मूल उद्देश्य भ्रष्टाचार-मुक्त ग्राम पंचायत, सुशासन और जनभागीदारी हैं, जिससे आत्मनिर्भर और सशक्त गाँवों का निर्माण संभव होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए गरीब, किसान और मजदूर का विकास हमेशा प्राथमिकता रहा है।
प्रेसवार्ता के दौरान जिला अध्यक्ष विपिन बैंसला, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष उषा प्रियदर्शी, एडीसी सुनीता, डीपीओ उपमा अरोड़ा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। जिला संयोजक गिर्राज डागर, सहसंयोजक जयसिंह चौहान, नरेंद्र नंबरदार, जयराम प्रजापति, पूर्व जिला अध्यक्ष चरणसिंह तेवतिया, जवाहर सिंह सोरोत, मनोज रावत, डॉक्टर हरेंद्र पाल राणा, सूरज पांडे, नितिन शर्मा मीडिया सलाहकार, जिला मीडिया प्रभारी सागर चौहान, मंडल अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता, सोनू डागर, शालिनी सैनी, भावना अहलावत, पूरन चंद्र जांगड़ा, युवा मोर्चा अध्यक्ष प्रदीप चंदीला, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी, जीत चौधरी, प्रेम सिंह राठौड़, एकता चौधरी, आशा भारद्वाज, दिनेश भाटी, प्रवीण ग्रोवर, गोपी, सोनू गुप्ता, दिनेश पांचाल, शैलेंद्र आदि प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
चंडीगढ़। हरियाणा में भाजपा सरकार एक ओर लाडो लक्ष्मी योजना के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश की 43,747 आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स को उनका वैधानिक मानदेय तक समय पर नहीं दिया जा रहा। यह स्थिति सरकार के महिला-सम्मान के दावों की पोल खोलती है। यह बात सिरसा की सांसद, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री कुमारी सैलजा ने आज जारी एक बयान में कही। सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि जुलाई माह से केंद्र सरकार के हिस्से का मानदेय जारी नहीं होने के कारण आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हर महीने लगभग 3000 तक कम भुगतान मिल रहा है। इससे हजारों गरीब महिलाएं गंभीर आर्थिक संकट में फंस गई हैं।
कुमारी सैलजा ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य निगरानी और प्रारंभिक शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें मजबूरी में उधार लेने, बच्चों की स्कूल फीस न भर पाने और घरेलू खर्च चलाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार महिलाओं के नाम पर योजनाओं का प्रचार कर सकती है, तो मेहनत करने वाली गरीब महिलाओं का हक क्यों छीना जा रहा है। यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि सामाजिक अन्याय है।
कुमारी सैलजा ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही केंद्र व राज्य सरकार मिलकर बकाया मानदेय जारी नहीं करतीं, तो कांग्रेस पार्टी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की उदासीनता के कारण आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जिसका सीधा नुकसान बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य पर पड़ेगा। कांग्रेस पार्टी आंगनबाड़ी बहनों के सम्मान, अधिकार और पूरे मानदेय के लिए मजबूती से खड़ी है।
एचपीएससी व एचटेट में गड़बडिय़ों के आरोप की हो निष्पक्ष जांच
सांसद कुमारी सैलजा ने एचपीएससी भर्ती प्रक्रिया और एचटेट परीक्षा परिणाम को लेकर सामने आए गंभीर आरोपों पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। बाहरी युवाओं को तरजीह देने, योग्य अभ्यर्थियों को वंचित करने और परीक्षा परिणामों में कथित गड़बडिय़ों ने सरकार की नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुमारी सैलजा ने मांग की कि एचपीएससी भर्तियों और एचटेट परीक्षा प्रकरण की स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी युवाओं के हक की लड़ाई सडक़ से लेकर संसद तक लड़ेगी और जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक सरकार पर दबाव बनाया जाता रहेगा।
हरियाणा पर्यटन विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता ने सूरजकुंड मेले का लेकर अधिकारियों के साथ की बैठक
31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक लगेगा 39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय क्राफ्ट मेला
फरीदाबाद। हरियाणा प्रदेश अपनी सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को सहेजे है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा की पावन धरा पर लगने वाला सूरजकुंड मेला हमारी सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय पटल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहा है। यह बात हरियाणा पर्यटन विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता ने कही। उन्होंने आज बुधवार को 39वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय क्राफ्ट मेले की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ राजहंस होटल सभागार में समीक्षात्मक बैठक की। गौरतलब है कि फरीदाबाद जिला में स्थित सूरजकुंड परिसर में आगामी 31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक 39वें अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट मेले का आयोजन किया जाएगा।
बैठक में हरियाणा पर्यटन विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता ने कहा कि यह हरियाणा प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर के मेले के आयोजन की जिम्मेवारी प्रभावी रूप से निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस बार 39वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय क्राफ्ट मेले में इस साल मेघालय और उत्तर प्रदेश को थीम स्टेट चुना गया है, जबकि मिस्र को पार्टनर कंट्री घोषित किया गया है। साथ ही मेले में देश-विदेश से आने वाले लोग उत्तर भारत और पूर्वोत्तर भारत के ट्रेडिशनल और अनोखे व्यंजनों का स्वाद चख सकेंगे। असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड और सिक्किम अपनी सांस्कृतिक पहचान के साथ मेले में शामिल होंगे।
हरियाणा पर्यटन विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता ने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में सूरजकुंड मेले को भव्य ढंग से मनाने के लिए सभी तैयारियां प्रभावी रूप से की जा रही हैं और 31 जनवरी से 15 फरवरी के बीच मेले के दौरान जहां हरियाणवी संस्कृति का संप्रेषण अन्य राज्यों व मिस्र देश तक पहुंचेगा वहीं वहां की संस्कृति से भी रूबरू होने का अवसर हरियाणा वासियों को मिलेगा।
अधिकारियों के साथ बातचीत में हरियाणा पर्यटन विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता द्वारा विभागीय स्तर पर सभी अधिकारियों को मेले के संदर्भ में किए जाने वाले प्रबंधों बारे आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश में आयोजित हो रहा यह सूरजकुंड मेला आज पूरे विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान कायम कर चुका है, ऐसे में हमें पूरी जिम्मेवारी के साथ मेले के सफल आयोजन में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी निर्धारित समयावधि में अपने विभाग से संबंधित सभी व्यापक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।
इस अवसर पर डीसी आयुष सिन्हा, सूरजकुंड मेला प्राधिकरण के नोडल अधिकारी एवं एडीसी सतबीर मान, डीसीपी हेडक्वार्टर अभिषेक जोरवाल, सीईओ जिला परिषद व जीएम रोडवेज शिखा, जीएम एडमिन ममता शर्मा, एसडीएम बड़खल त्रिलोक चंद, एसडीएम बल्लभगढ़ मयंक भारद्वाज, सीटीएम अंकित कुमार, पर्यटन निगम की ओर से यू.एस.भारद्वाज व हरविंद्र यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।
जी राम जी एक्ट भ्रष्टाचार मुक्त ग्रामीण रोजगार की गारंटी- नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विकसित भारत – रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) कानून, 2025 भ्रष्टाचार मुक्त ग्रामीण रोजगार की गारंटी प्रदान करता है। यह ग्रामीण रोजगार नीति अधिक गारंटी वाले कार्यदिवस, उच्च मजदूरी, पारदर्शी भुगतान और टिकाऊ संपत्तियों के निर्माण को सुनिश्चित करता है। इस नए कानून से पहले की मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार और खामियों को दूर किया गया है।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने श्रमिकों के कल्याण और गांवों के विकास में एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए विकसित भारत-जी राम जी योजना शुरू की है। यह विषय देश के करोड़ों ग्रामीण श्रमिकों, किसानों और मेहनतकश परिवारों से जुड़ा हुआ है।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, श्री रणबीर गंगवा, श्री कृष्ण कुमार बेदी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर और मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव श्री प्रवीण आत्रेय भी उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि वीबी जी-राम जी कानून का उद्देश्य उन वास्तविक श्रमिक लाभार्थियों का समर्थन करना है, जिन्हें पिछली सरकारों ने धोखा दिया था। यह अधिनियम परियोजनाओं की वास्तविक समय में निगरानी की व्यवस्था करता है, मजदूरी भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करता है। श्रमिकों को गारंटीकृत रोजगार बढ़ाकर अधिक मजदूरी देती है। ये श्रमिक अब भ्रष्ट ठेकेदारों, अधिकारियों या राजनेताओं की तिजोरियाँ भरने के लिए नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।
खामियों से भरे ढांचे में बदलते समय के साथ पुरानी प्रणालियों को परिवर्तित करना आवश्यक
मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा योजना लगभग 20 वर्ष पहले शुरू की गई थी। मनरेगा और ऐसी ही अन्य कई योजनाओं की प्रकृति ही ऐसी होती है कि इन्हें तैयार किया जाता है, पारित किया जाता है, लागू किया जाता है और इनमें सुधार भी किया जाता है। मनरेगा के अंतर्गत कई समस्याएं सामने आईं, जैसे कि श्रमिकों के बजाय मशीनों का उपयोग करना, बजट का अत्यधिक अनुमान, पहले से पूर्ण की गई परियोजनाओं को दोबारा करना, और ऐसी ही कई कमियां देखने को मिलीं, लेकिन आज सच्चाई यह है कि देश, समाज और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पिछले 20 वर्षों में मूल रूप से बदल चुके हैं। ग्रामीण गरीबी वर्ष 2011-12 में जहां 25 प्रतिशत से अधिक थी, वहीं आज यह घटकर लगभग 5 प्रतिशत से भी नीचे आ चुकी है। इसका अर्थ है कि वर्तमान केंद्र सरकार की सकारात्मक नीतियों के कारण 25 प्रतिशत से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में डिजिटल कनेक्टिविटी, बैंकिंग सेवाओं, डी.बी.टी., आधार और बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। ऐसे में एक पुराने, खामियों से भरे ढांचे को बिना सुधार के ढोते रहना न तो श्रमिकों के हित में था और न ही राष्ट्र के।
नए प्रावधानों के तहत, रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन करने से श्रमिकों की गारंटीशुदा मजदूरी को मिला बढ़ावा
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नए प्रावधानों के तहत, रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन करने से श्रमिकों की गारंटीशुदा मजदूरी को काफी बढ़ावा मिला है। इसके माध्यम से, सरकार श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास कर रही है। इससे पूरे भारत वर्ष में एक ग्रामीण अकुशल श्रमिक की वार्षिक आय में औसतन 7 हजार रुपये से अधिक की बढ़ोतरी होगी। हरियाणा में मजदूरी दर ज्यादा है, इसलिए हर श्रमिक को कम से कम 10 हजार रुपये अधिक मिलेंगे।
केंद्र सरकार ने इस वर्ष 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपये आवंटित किए
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई योजना से न केवल काम के अधिक दिन सुनिश्चित होंगे, जिससे बेहतर वेतन मिलेगा, बल्कि अनिवार्य साप्ताहिक वेतन भुगतान (अधिकतम 15 दिनों तक की देरी की अनुमति के साथ) से श्रमिकों को समय पर बढ़ा हुआ वेतन प्राप्त होगा। इससे आर्थिक स्वतंत्रता और सशक्तिकरण सुनिश्चित होगा। इसे संभव बनाने के लिए, केंद्र सरकार ने इस वर्ष 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जबकि पिछले वर्ष यह राशि 88 हजार करोड़ थी, जो उस समय तक का सबसे अधिक आवंटन था यानी पिछले रिकॉर्ड आवंटन को भी पार कर लिया गया है। इसमें अकेले केंद्र सरकार का हिस्सा 95 हजार करोड़ रुपये से अधिक होगा, जिसे सरकार आने वाले वर्षों में बढ़ाने का वादा करती है।
हरियाणा में 52 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति के श्रमिकों को तथा 65 प्रतिशत से अधिक महिला श्रमिकों को काम मिला
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत इस वर्ष हरियाणा में 52 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति के श्रमिकों को तथा 65 प्रतिशत से अधिक महिला श्रमिकों को काम मिला है। यह काम वास्तव में उन्हें मिला है। पहले तो मशीनों से काम करवा लिया जाता था और उन्हें वास्तव में काम मिलता ही नहीं था।
उन्होंने कहा कि इस कानून में कार्यों की प्रकृति को भी बदला गया है। पहले मनरेगा के तहत सीमित रोजगार दिया जाता था। अब जल सुरक्षा, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संसाधन और जलवायु परिवर्तन से निपटने वाली स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण में भी रोजगार दिया जाएगा। ग्राम पंचायतों की योजनाओं को पी.एम. गति शक्ति मास्टर प्लान से जोड़ा गया है, ताकि गांवों में होने वाला हर काम राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों के अनुरूप हो।
उन्होंने कहा कि इस योजना में अब कृषि के चरम मौसम के दौरान 60 दिनों का विराम शामिल किया गया है ताकि देश के किसान और मजदूर मिलकर काम कर सकें और मजदूरों को कृषि मौसम के दौरान उनके श्रम के लिए बाजार की उच्च दरें मिल सकें।
भ्रष्टाचार से निपटने और शोषण को रोकने के लिए किए गए तकनीकी उपाय
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार से निपटने, शोषण को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि केवल वास्तविक श्रमिकों को ही पारदर्शिता के साथ उनका हक मिले, वीबी जी- राम जी योजना में कई उपाय किए गए हैं। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और उपस्थिति से फर्जी कर्मचारियों, डुप्लिकेट जॉब कार्ड और फर्जी भुगतानों को रोका जा सकेगा। वेतन और भत्तों का सीधा, डिजिटल भुगतान इससे बिचौलियों, वेतन भुगतान में देरी और धन के दुरुपयोग की समस्या समाप्त हो जाएगी। जियो-टैगिंग और सैटेलाइट इमेजरी इस योजना के तहत बनाई गई प्रत्येक संपत्ति को जियो-टैग किया जाएगा और इसरो के भुवन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि भ्रष्ट ठेकेदारों या अधिकारियों द्वारा फर्जी परियोजनाओं का पंजीकरण न हो सके। साप्ताहिक सार्वजनिक खुलासे इससे श्रमिकों की सूची, भुगतान, प्रतिबंध और निरीक्षण सार्वजनिक रूप से दिखाई देते हैं। शिकायत रजिस्टर और ब्लॉक एवं जिला स्तर पर बहुस्तरीय शिकायत निवारण के साथ 7-दिवसीय निपटान समय सीमा अंतहीन विवादों और मुकदमों के बजाय अनियमितताओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करता है, साथ ही पूर्वाग्रह और दमन को समाप्त करता है।
उन्होंने कहा कि धन की हेराफेरी के लिए धोखे से बनाई गई फर्जी परियोजनाओं को रोकने के लिए, नए प्रावधानों को चार क्षेत्रों में बांटा जाएगा। जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संसाधन और जलवायु संरक्षण। अब, यह योजना भ्रष्टाचार का अड्डा बनने के बजाय विकास में एक वास्तविक और ठोस योगदानकर्ता के रूप में काम करेगी।
रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं : कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल
फरीदाबाद । हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और इससे समाज में संवेदनशीलता सहयोग और सेवा भाव को सशक्त आधार मिलता है। वे शनिवार को रोटरी क्लब फ़रीदाबाद ईस्ट एवं मिड टाउन द्वारा टैम्स एंड कंपनी एलएलपी चार्टर्ड अकाउंटेंट्स तथा एवांटेज के सहयोग से आयोजित रक्तदान शिविर में सहभागिता करने पहुँचे।
सेक्टर 10 डीएलएफ स्थित आयोजन स्थल पर आयोजित इस रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल के पुत्र एवं पुत्री दोनों ने स्वयं रक्तदान कर सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके इस कदम को उपस्थित जनसमूह ने सराहना और प्रेरणा के रूप में देखा।
कैबिनेट मंत्री श्री गोयल ने कहा कि जब युवा पीढ़ी सेवा कार्यों में आगे आती है तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव पड़ती है। उन्होंने कहा कि रक्तदान न केवल किसी जरूरतमंद के जीवन की रक्षा करता है बल्कि सामाजिक एकता और मानवीय मूल्यों को भी मजबूती प्रदान करता है।
मंत्री श्री गोयल ने रक्तदान शिविर के सफल आयोजन के लिए रोटरी क्लब फ़रीदाबाद ईस्ट एवं मिड टाउन, सहयोगी संस्थाओं चिकित्सकीय दल स्वयंसेवकों एवं सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे जनहितकारी आयोजन समाज को नई दिशा और प्रेरणा देते हैं। उल्लेखनीय है कि यह रक्तदान शिविर प्रातः 10:30 बजे से सायं 4:00 बजे तक चला जिसमें बड़ी संख्या में रक्तदाताओं ने भाग लेकर मानवता के इस पुनीत कार्य में अपना योगदान दिया।
गैंगरेप पीड़िता से मिलने फरीदाबाद के प्रयाग हॉस्पिटल पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह
फरीदाबाद। लिफ्ट देकर सामूहिक दुष्कर्म की पीडि़ता के परिजनों से प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेन्द्र ने मुलाकात की और पीडि़ता का हाल-चाल जाना। उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। निजी अस्पताल में भर्ती पीडि़ता के परिजनों से मिलने के बाद प्रदेशाध्यक्ष राव नरेन्द्र ने दुष्कर्म के मामले की कड़े शब्दों में निंदा की और पीडि़ता का उपचार सरकार के खर्चें पर करने एवं मामले को फास्ट टे्रक कोर्ट में चलाकर जल्द न्याय दिलवाने की मांग की है।
श्री राव ने कहा कि पीडि़त परिवार ने बताया कि किस तरह उसे कार से फैंका गया जिसके चलते उसके मुंह व दांत टूट गए तथा हाथ में गंभीर चोटें आई है, इस बर्बरता के लिए कानून आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दें। श्री राव ने कहा कि देश और प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। महिला की सुरक्षा तो दूर की बात है न ही व्यापारी सुरक्षित है और न ही आमजन। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल मानवता को शर्मसार करने वाली हैख् बल्कि राज्य में कानून-व्यवस्था की भयावह स्थिति को भी उजागर करती है। राव नरेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस मामले को लेकर सडक़ से संसद तक संघर्ष करेगी और पीडि़ता को न्याय दिलाने के लिए हर मंच पर आवाज उठाएगी। उन्होंने कहा कि नया साल की तैयारियों को लेकर पुलिस बड़े-बड़े दावे सुरक्षा व्यवस्था का दम भर रही थी, मगर इस घटना से उनके सारे के सारे दांवों की पोल खुल गई। पीडि़ता को कई घंटों तक दरिन्दे कार में लेकर घूमते रहे क्या किसी नाके पर कोई पुलिस कर्मी तैनात नहीं था जो उस कार को रोक सकता था। दिल्ली के निर्भया काण्ड के बाद दूसरी यह इस तरह की घटना है। इस तरह की घटना ने मानवता को शर्मशार कर दिया।
इस मौके पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलजीत कौशिक, विधायक रघुवीर तेवतिया, पूर्व विधायक नीरज शर्मा, पूर्व प्रत्याशी लखन सिंगला, प्रदेश प्रवक्ता सुमित गौड़, योगेश ढींगड़ा, मनोज अग्रवाल, अशोक रावल, गौरव ढींगड़ा, अब्दुल गफ्फार कुरैशी, विधान प्रताप सिंह, संजय सोलंकी, अनिल कुमार नेताजी, डालचंद डागर, प्रियंका अग्रवाल, विनोद कौशिक, डा. सौरभ शर्मा, विकास फागना, इकबाल कुरैशी, मोहसिन खान, पराग गौतम, अनुज शर्मा एडवोकेट, नरेश शर्मा, वेद प्रकाश यादव, अरूण सिंह, आशा शर्मा, शालिनी मल्होत्रा एवं कई कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
मंत्री राजेश नागर ने विकास कार्यों का जायजा ले अधिकारियों की लगाई क्लास
फरीदाबाद। हरियाणा सरकार के मंत्री राजेश नागर ने आज अपने तिगांव विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न विकास कार्यों का मौके पर निरीक्षण किया। वह अधिकारियों के साथ नीमका पर बन रहे गोल चक्कर पर पहुंचे और निर्माण कार्यों में हो रही देरी को लेकर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। मंत्री नागर ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और तय समय सीमा के भीतर काम पूरा न करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह दौरा एक दिन पहले जिला उपायुक्त आयुष सिन्हा के साथ हुई समीक्षा बैठक के बाद हुआ है।
मंत्री राजेश नागर सुबह ही एफएमडीए अधिकारियों और ठेकदारों के साथ सड़कों पर उतरे। उन्होंने क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण, चौराहों के सौंदर्यीकरण कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जब उन्होंने कुछ परियोजनाओं की प्रगति को तय समय से पीछे पाया, तो उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों की क्लास ली। उन्होंने पूछा कि आखिर बजट आवंटित होने के बावजूद काम की गति धीमी क्यों है।
मंत्री नागर ने पाया कि कुछ प्रमुख चौराहों पर सौंदर्यीकरण का काम अधर में लटका हुआ है या उनकी स्पीड धीमी है। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि चौराहे शहर की पहचान होते हैं। इनके सौंदर्यीकरण के काम में तेजी लाएं। यहाँ लाइटिंग, लैंडस्केपिंग और फव्वारों का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि जनता को एक स्वच्छ और सुंदर वातावरण मिल सके। उन्होंने बताया कि सरकार चंडीगढ़ की तर्ज पर बन रहे इन चौराहों के विकास पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है।
निरीक्षण के दौरान मंत्री राजेश नागर का सख्त रुख देखने को मिला। उन्होंने ढिलाई बरतने वाले ठेकेदारों और गैर-जिम्मेदार अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता का पैसा बहुत कीमती है और इसका सदुपयोग होना चाहिए। उन्होंने मौके पर ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट उन्हें सौंपें।
मंत्री नागर ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। यदि किसी अधिकारी ने काम में कोताही बरती या गुणवत्ता से समझौता किया, तो उसे परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए।
दौरे के दौरान मंत्री नागर ने स्थानीय निवासियों से भी मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। लोगों ने धूल-मिट्टी और अधूरे पड़े निर्माण कार्यों से होने वाली परेशानियों से उन्हें अवगत कराया। मंत्री ने आश्वासन दिया कि अगले कुछ हफ्तों में इन समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य अपने क्षेत्र को विकास के मामले में आदर्श विधानसभा बनाना है।
भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की स्मृति को समर्पित है आधुनिक लाइब्रेरी – विपुल गोयल
फरीदाबाद । कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने हरियाणा के निरंतर विकास और शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के तहत आज फरीदाबाद के सेक्टर-12 स्थित टाउन पार्क में प्रस्तावित अटल लाइब्रेरी के पुस्तकालय भवन का भव्य उद्घाटन किया यह पुस्तकालय भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की स्मृति को समर्पित है जो ज्ञान विचार और सुशासन के प्रतीक रहे हैं।
इस गरिमामय अवसर पर राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर, मंत्री राजेश नागर, नगर निगम फरीदाबाद की महापौर प्रवीन बत्रा जोशी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद्, पत्रकारगण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि अटल लाइब्रेरी केवल एक भवन नहीं बल्कि ज्ञान, आत्मनिर्भरता और समान अवसरों का सशक्त मंच है। यह पुस्तकालय उन विद्यार्थियों और युवाओं के लिए समर्पित है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं और उन्हें साकार करने का संकल्प रखते हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी की कविताएं और विचार हमें यह सिखाते हैं कि कठिन परिस्थितियों में भी संकल्प के बल पर नई शुरुआत संभव है और आज यह लाइब्रेरी उसी नई शुरुआत का प्रतीक है।
यह परियोजना केवल एक चुनावी वादे का पूरा होना नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक जिम्मेदारी थी। लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित की जा रही यह आधुनिक लाइब्रेरी फरीदाबाद के भविष्य में किया गया एक सशक्त निवेश है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संरचना केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों की आधारशिला है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी को यह दृढ़ विश्वास था कि जब तक शिक्षा समाज के अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंचेगी तब तक राष्ट्र का विकास अधूरा रहेगा। उसी विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए इस लाइब्रेरी का नाम अटल जी के नाम पर रखा गया है। अटल लाइब्रेरी को विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, जिनमें शामिल हैं, पूर्णतः वातानुकूलित रीडिंग हॉल, पुस्तकों को इश्यू कर घर ले जाने की सुविधा, व्यक्तिगत अध्ययन कक्ष (Individual Cabins), ग्रुप डिस्कशन रूम, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु अनुकूल वातावरण यह पूरा इकोसिस्टम विद्यार्थियों को एकाग्रता अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने में सहायता करेगा।
विपुल गोयल ने कहा कि यह लाइब्रेरी विशेष रूप से उन छात्रों के लिए है जो महंगी कोचिंग या निजी रीडिंग रूम का खर्च वहन नहीं कर सकते। यह समान अवसर की भावना का सशक्त उदाहरण है ताकि कोई भी विद्यार्थी केवल संसाधनों की कमी के कारण पीछे न रह जाए।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा को एक क्रांतिकारी स्वरूप दिया गया है जिसमें रटने के बजाय कौशल, रोजगार और आत्मनिर्भरता पर जोर है। इस दिशा में लाइब्रेरी शिक्षा व्यवस्था की सबसे मजबूत नींव बनती है।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने विश्वास व्यक्त किया कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में और माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी की हरियाणा सरकार अटल जी के सुशासन के संकल्पों को पूरी निष्ठा से आगे बढ़ा रही है।
जो विचार अटल जी ने दिए और जिन्हें मोदी जी ने गति दी उन्हें फरीदाबाद सहित हरियाणा के हर कोने तक पहुँचाया जाएगा।
अटल लाइब्रेरी आज केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि शिक्षित आत्मनिर्भर और विकसित फरीदाबाद की दिशा में एक निर्णायक कदम है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और विकसित भारत विकसित हरियाणा और विकसित फरीदाबाद के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।